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पवई में झमाझम बारिश के कारण मोहल्लों में पानी भर गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसकी मुख्य वजह नगर परिषद पवई द्वारा टीचिंग ग्राउंड से आ रही नाली को भर देना है। इस कारण टीचिंग ग्राउंड से आने वाला पानी सीधा मोहल्ले में प्रवेश कर रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने नगर परिषद पवई के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से गुजारिश की है कि इस समस्या पर तुरंत ध्यान दिया जाए और पानी की उचित निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि मोहल्लों से पानी हटाया जा सके।
हबीब खान
पवई में झमाझम बारिश के कारण मोहल्लों में पानी भर गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इसकी मुख्य वजह नगर परिषद पवई द्वारा टीचिंग ग्राउंड से आ रही नाली को भर देना है। इस कारण टीचिंग ग्राउंड से आने वाला पानी सीधा मोहल्ले में प्रवेश कर रहा है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने नगर परिषद पवई के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से गुजारिश की है कि इस समस्या पर तुरंत ध्यान दिया जाए और पानी की उचित निकासी की व्यवस्था की जाए, ताकि मोहल्लों से पानी हटाया जा सके।
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- कटनी जिले में बसों के निरीक्षण अभियान के तहत की गई जांच में कुल सात बसों पर कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई इन बसों के इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) में पाई गई खामियों के कारण की गई।1
- कटनी शहर के एमजीएम हॉस्पिटल में मंगलवार को पथरी के ऑपरेशन के दौरान 24 वर्षीय युवती की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर में काफी हंगामा हुआ। मृतका के परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को निराधार बताया है, उनका कहना है कि मरीज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए। जानकारी के अनुसार, विजयराघवगढ़ निवासी फिजा बी पिछले लगभग एक वर्ष से पथरी की समस्या से पीड़ित थीं। बेहतर उपचार के लिए उन्हें सोमवार को कटनी के एमजीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आवश्यक जांचों के बाद मंगलवार को चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी, जिस पर परिजनों की सहमति के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया। मृतका के परिजन सोहेल अली का आरोप है कि ऑपरेशन शुरू होने के करीब एक घंटे बाद अस्पताल से खून की आवश्यकता बताई गई, जिसकी व्यवस्था उन्होंने लगभग 15 मिनट में कर दी। इसके कुछ समय बाद डॉक्टरों ने बताया कि मरीज की ब्लीडिंग नहीं रुक रही है और अंततः फिजा को मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि यह चिकित्सकीय लापरवाही का मामला है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इस घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने और दोष सिद्ध होने पर अस्पताल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, शव को जिला अस्पताल भेजा गया है, जहाँ दो वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ठाकुर ने भी युवती की मृत्यु की परिस्थितियों की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया है, जिसके बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, एमजीएम हॉस्पिटल के प्रबंधक संजय तिवारी ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ ने मरीज को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल खुद भी निष्पक्ष जांच चाहता है ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।2
- कटनी में पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों को नगर निगम कटनी की ओर से लगातार दूषित पानी परोसा जा रहा है। यह आरोप लगाया जा रहा है कि लोगों को केवल कटाई घाट का पानी नहीं, बल्कि किसी अन्य गढ़्ढे का दूषित पानी पिलाया जा रहा है। इस गंभीर स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं कि नगर निगम इसकी जांच क्यों नहीं कर रहा है और क्या आम जनता को ऐसे ही पानी पीना पड़ेगा। कटनी शासन प्रशासन की इस अनदेखी के कारण, कृषि उपज मंडी पहरुआ शंकरगढ़ जैसे क्षेत्रों में लोग हर रोज दूषित पानी पीने से बीमार हो रहे हैं।1
- एक हैरान कर देने वाली घटना में, एक दुकानदार को उसकी दुकान के अंदर घुसकर बेरहमी से पीटा गया। यह घटना तब हुई जब दुकानदार ने हमलावर को शराब पीने से रोका था। इस पूरे मामले का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है, जिससे इलाके के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।1
- कटनी शहर में निजी भूमि पर कथित कब्जे के प्रयास, धमकी और सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण का एक गंभीर मामला सामने आया है। जलपा देवी वार्ड निवासी रामसहाय कुशवाहा ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को लिखित शिकायत दी है, जिसमें नवाब खान, सन्नो खान सहित 20-25 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने, परिवार को सुरक्षा देने और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। शिकायत के अनुसार, मौजा मड़वारा स्थित खसरा क्रमांक 385/8, 385/9 और 385/14 की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में शिकायतकर्ता के नाम दर्ज है। रामसहाय कुशवाहा का आरोप है कि वे अपनी निजी भूमि पर वैधानिक निर्माण कार्य करा रहे हैं, लेकिन आरोपी लगातार निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं और रास्ता भी रोकने का प्रयास कर रहे हैं। उन पर जमीन बेचने का दबाव बनाया जा रहा है, और जमीन नहीं बेचने पर गंभीर परिणाम भुगतने व जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। शिकायत में 29 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे की घटना का भी जिक्र है, जब नवाब खान, सन्नो खान और उनके साथ 20-25 लोग गाटर घाट करबला के पास पहुंचे। वहां कथित तौर पर गाली-गलौज, धक्का-मुक्की की गई और शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी देते हुए कहा गया कि यदि जमीन नहीं छोड़ी गई तो उन्हें "इसी करबला में दफना दिया जाएगा"। रामसहाय कुशवाहा ने यह भी आरोप लगाया है कि पहले सरकारी भूमि पर करबला के नाम पर एक छोटा चबूतरा बनाया गया था, जिसे बाद में धीरे-धीरे बढ़ाकर कथित तौर पर सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया गया। अब उसी के बाद उनकी निजी भूमि पर भी कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने, परिवार को सुरक्षा प्रदान करने तथा निजी भूमि एवं आवागमन मार्ग पर किए जा रहे कथित अवैध हस्तक्षेप को रोकने की मांग की है। यह समाचार पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायत आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी, और आरोपियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।1
- सरकारी भूमि के सीमांकन की मांग सामने आई है। यह मांग विशेष रूप से मुक्ति धाम और एक नाले से संबंधित शासकीय भूमि के सीमांकन के लिए की गई है।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले में माधवनगर थाना क्षेत्र के भरौली गांव स्थित एएसके एग्रो दाल मिल में बुधवार दोपहर अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा इसकी चपेट में आ गया। फैक्ट्री से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था, जिसने पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्र को दहला दिया। आग के कारण परिसर में रखा कच्चा माल, तैयार दाल और अन्य सामान जलकर नष्ट हो गया, जिससे लाखों रुपये के भारी आर्थिक नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही माधवनगर थाना पुलिस और नगर निगम की फायर ब्रिगेड तुरंत मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, एक के बाद एक करीब 10 फायर टेंडर बुलाए गए और आग बुझाने का अभियान लंबे समय तक चलता रहा। दमकल दल की प्राथमिकता आग को फैक्ट्री के बाकी हिस्सों और आसपास की संपत्तियों तक फैलने से रोकना थी, जिसके लिए वे लगातार पानी की बौछार कर रहे थे। यह भी बताया गया है कि फैक्ट्री का संचालन मनीष संगतानी द्वारा किया जाता है। हालांकि, आग लगने की असली वजह अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन शॉर्ट सर्किट सहित कई संभावित कारणों की जांच की जा रही है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए, जिन्हें नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस ने क्षेत्र में घेराबंदी कर रखी थी। फायर अधिकारी शैलेंद्र दुबे के अनुसार, सूचना मिलते ही टीम को तत्काल रवाना कर दिया गया था, लेकिन आग काफी भयानक थी, जिसके कारण अतिरिक्त संसाधनों का उपयोग करना पड़ा। प्रशासन अब फैक्ट्री प्रबंधन के साथ मिलकर हुए कुल नुकसान का आकलन करेगा।1