चकबंदी में गड़बड़ी का आरोप, 13 मजरे उजड़ने की आशंका विधायक को सौंपा ज्ञापन, जांच और कार्रवाई की मांग पलियाकलां। पलिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत पटिहन के 13 मजरों में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए पलिया विधायक रोमी साहनी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की मूल प्रति यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजी गयी है। ग्राम प्रधान मंजीत मौर्य समेत ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से चकबंदी विभाग पर नियमों के विपरीत चक काटे जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की विभागीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने एवं वर्षों से बसे गांवों की आबादी को उजड़ने से बचाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत पटिहन में करीब 42 वर्षों से चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2023 में धारा 52 के तहत गांव को तहसील को हस्तांतरित किया गया। ग्राम पंचायत बड़ी होने के कारण इसमें मुसाफिरनगर, इंदिरा आवास कालोनी, खुशीपुर, अंबेडकरनगर, दरेरी, नयागांव, राजाटापर एवं अतरनगर सहित कुल 13 मजरे आते हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार मुसाफिरनगर के गाटा संख्या 293, 294, 295, 296, 297, 274, 301 व 304 आदि पर वर्ष 1985 से गांव बसा हुआ है। इसी क्षेत्र में अम्बेडकरनगर का विद्या मंदिर नाम से मान्यता प्राप्त विद्यालय भी करीब 30 वर्षों से संचालित होने का दावा किया गया है। वहीं इंदिरा आवास कालोनी के गाटा संख्या 1061, 1068, 1069, 1070, 1071, 1072, 1082 व 1083 आदि पर भी वर्ष 1985 से आबादी बसी होने की बात ज्ञापन में कही गई है। इसी तरह खुशीपुर के गाटा संख्या 243 व 254 पर वर्ष 1960 से तथा दरेरी के गाटा संख्या 1108 पर करीब 40-42 वर्षों से गांव बसा होने का दावा किया गया है। 2021-22 में चक प्रदर्शित करने का आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि चकबंदी विभाग के तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों ने अंतिम अभिलेख तैयार करते समय वर्ष 2021-22 में इन गांवों की आबादी पर गलत ढंग से चक प्रदर्शित कर दिए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नियमानुसार वर्षों से बसे गांवों की आबादी पर चक प्रदर्शित नहीं किए जा सकते। आरोप है कि आबादी वाले क्षेत्रों में चक काटे जाने से ग्रामीणों के सामने अपने घर और जमीन बचाने का संकट खड़ा हो गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि चकबंदी नियमों के अनुसार नदी, नाला, बाग, सड़क और आबादी बसे गांवों के क्षेत्र को संबंधित प्रावधानों के तहत दर्ज किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करते हुए कई स्थानों पर चक बना दिए गे। गलत चकों को निरस्त कर मूल अभिलेख में दर्ज करने की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्रों में बनाए गए चकों की जांच कर उन्हें निरस्त किया जाए और गांवों की आबादी व स्कूल आदि को उनके मूल नक्शे व अभिलेख के आधार पर दर्ज किया जाए। साथ ही वर्ष 2021-22 में चकबंदी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की विभागीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में विशेष रूप से मांग की गई है कि वर्षों से बसे गांवों की आबादी का अस्तित्व सुरक्षित रखते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे ग्रामीणों को अपने घरों से उजड़ने की स्थिति का सामना न करना पड़े। ज्ञापन पर ग्राम प्रधान मंजीत मौर्य के साथ जिला पंचायत सदस्य/भाजपा पदाधिकारी श्रीकृष्ण भार्गव सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
चकबंदी में गड़बड़ी का आरोप, 13 मजरे उजड़ने की आशंका विधायक को सौंपा ज्ञापन, जांच और कार्रवाई की मांग पलियाकलां। पलिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत पटिहन के 13 मजरों में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए पलिया विधायक रोमी साहनी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की मूल प्रति यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी भेजी गयी है। ग्राम प्रधान मंजीत मौर्य समेत ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से चकबंदी विभाग पर नियमों के विपरीत चक काटे जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की विभागीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने एवं वर्षों से बसे गांवों की आबादी को उजड़ने से बचाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत पटिहन में करीब 42 वर्षों से चकबंदी की प्रक्रिया चल रही है। वर्ष 2023 में धारा 52 के तहत गांव को तहसील को हस्तांतरित किया गया। ग्राम पंचायत बड़ी होने के कारण इसमें मुसाफिरनगर, इंदिरा आवास कालोनी, खुशीपुर, अंबेडकरनगर, दरेरी, नयागांव, राजाटापर एवं अतरनगर सहित कुल 13 मजरे आते हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार मुसाफिरनगर के गाटा संख्या 293, 294, 295, 296,
297, 274, 301 व 304 आदि पर वर्ष 1985 से गांव बसा हुआ है। इसी क्षेत्र में अम्बेडकरनगर का विद्या मंदिर नाम से मान्यता प्राप्त विद्यालय भी करीब 30 वर्षों से संचालित होने का दावा किया गया है। वहीं इंदिरा आवास कालोनी के गाटा संख्या 1061, 1068, 1069, 1070, 1071, 1072, 1082 व 1083 आदि पर भी वर्ष 1985 से आबादी बसी होने की बात ज्ञापन में कही गई है। इसी तरह खुशीपुर के गाटा संख्या 243 व 254 पर वर्ष 1960 से तथा दरेरी के गाटा संख्या 1108 पर करीब 40-42 वर्षों से गांव बसा होने का दावा किया गया है। 2021-22 में चक प्रदर्शित करने का आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि चकबंदी विभाग के तत्कालीन अधिकारियों व कर्मचारियों ने अंतिम अभिलेख तैयार करते समय वर्ष 2021-22 में इन गांवों की आबादी पर गलत ढंग से चक प्रदर्शित कर दिए। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नियमानुसार वर्षों से बसे गांवों की आबादी पर चक प्रदर्शित नहीं किए जा सकते। आरोप है कि आबादी वाले क्षेत्रों में चक काटे जाने से ग्रामीणों के सामने अपने घर और जमीन बचाने का संकट खड़ा
हो गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि चकबंदी नियमों के अनुसार नदी, नाला, बाग, सड़क और आबादी बसे गांवों के क्षेत्र को संबंधित प्रावधानों के तहत दर्ज किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करते हुए कई स्थानों पर चक बना दिए गे। गलत चकों को निरस्त कर मूल अभिलेख में दर्ज करने की मांग ग्रामीणों ने मांग की है कि आबादी वाले क्षेत्रों में बनाए गए चकों की जांच कर उन्हें निरस्त किया जाए और गांवों की आबादी व स्कूल आदि को उनके मूल नक्शे व अभिलेख के आधार पर दर्ज किया जाए। साथ ही वर्ष 2021-22 में चकबंदी प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की विभागीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में विशेष रूप से मांग की गई है कि वर्षों से बसे गांवों की आबादी का अस्तित्व सुरक्षित रखते हुए ऐसी व्यवस्था की जाए, जिससे ग्रामीणों को अपने घरों से उजड़ने की स्थिति का सामना न करना पड़े। ज्ञापन पर ग्राम प्रधान मंजीत मौर्य के साथ जिला पंचायत सदस्य/भाजपा पदाधिकारी श्रीकृष्ण भार्गव सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं।
- *डीजल में पानी मिलने की शिकायत से नौगांव में मचा हड़कंप उपभोक्ताओं में आक्रोश* *डीजल में पानी मिलने की शिकायत से नौगांव में मचा हड़कंप उपभोक्ताओं में आक्रोश* जनपद लखीमपुर खीरी। थाना मझगई क्षेत्र के अंतर्गत नौगांव स्थित पेट्रोल पंप को लेकर उपभोक्ताओं की ओर से गंभीर शिकायत सामने आई है। लोगों का आरोप है कि पेट्रोल पंप से डीजल लेने के बाद उसमें पानी मिला हुआ पाया गया जिससे वाहन चालकों में नाराजगी और चिंता का माहौल है ग्राहकों का कहना है कि मेहनत की कमाई से खरीदा गया ईंधन यदि वाहन के लिए परेशानी का कारण बन जाए तो सवाल उठना स्वाभाविक है। तेल चाहिए था सफर को आसान बनाने के लिए मगर पानी की शिकायत ने राह में सवाल खड़े कर दिए शिकायत करने वाले उपभोक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर डीजल के नमूने की अधिकृत लैब से जांच कराने की मांग की है ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। साथ ही संबंधित अधिकारियों से जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठ रही है मामले में पेट्रोल पंप संचालक का पक्ष तथा संबंधित विभाग की आधिकारिक पुष्टि/जांच रिपोर्ट सामने आना अभी बाकी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डीजल में पानी की मिलावट की शिकायत कितनी सही है। रिपोर्ट: संदेश राज1
- लखीमपुर तेज बारिश के बाद गिरा पेड़ सेठ घाट रोड हुई जाम बारिश के बाद गिरे पेड़ की वजह से लोगों का आवागमन हुआ बंद पुलिस चौकी तक जाने के लिए लोगों को घूम कर जाना पड़ रहा है1
- जलभराव से पीड़ित परिवारों ने सड़क पे किया प्रदर्शन एक मां की पुकार ,क्या सुनेगी सरकार ❓ Lakhimpur Kheri dewkali road Gandhinagar shubham shrivtastava1
- लखीमपुर खीरी — कुंभी चीनी मिल की मालकिन अवंतिका सरावगी की किसानों से अपील कुंभी चीनी मिल की मालकिन अवंतिका सरावगी ने किसानों से खेतों में गिरे हुए गन्ने को उठाकर बांधने की अपील की है, उन्होंने कहा कि किसान गिरे हुए गन्ने को व्यवस्थित कर बांध दें, ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके और गन्ने की कटाई एवं आपूर्ति में आसानी हो1
- चैन छिनैती के मामले का 48 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा तीन अभियुक्त गिरफ्तार, आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी दर्ज हैं कई मुकदमें पलियाकलां-खीरी। कोतवाली पलिया क्षेत्र के पटिहन में महिला से चेन छिनैती के मामले का पुलिस ने घटना के 48 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। खीरी की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत पलिया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बता दें कि बीते दिन शुक्रवार को पटिहन क्षेत्र में महिला से चेन छिनैती की घटना घटित हुई थी, जिस सम्बन्ध में पलिया कोतवाली में सम्बंधित धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके बाद से पुलिस ने तेजी से आरोपितों की तलाश शुरू कर दी थी। आज रविवार को सुबह करीब 7 बजकर 28 मिनट पर पुलिस टीम ने मानफार्म जाने वाले रास्ते से पलिया के मोहल्ला नयी बस्ती ढाकिन निवासी शिवा पुत्र प्रेमचंद, पवन पुत्र रामरतन एवं जिला कुशीनगर के थाना हनुमानगंज के ग्राम खण्ड्रडा एवं हाल पता पलिया नगर के मोहल्ला ढाकिन नयी बस्ती निवासी अमरनाथ पुत्र भरत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपितों के पास से घटना में प्रयुक्त काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल संख्या यूपी-31-सीसी-5333 के अलावा महिला से छीनी गई सोने की चेन, तीन मोबाइल फोन, 590 रुपये भारतीय एवं दस रुपये नेपाली बरामद किए हैं। प्रभारी निरीक्षक शिवाजी दुबे ने बताया कि शिवा और पवन पर महिला से चेन छिनैती करने एवं अमरनाथ पर छिनैती का माल खरीदने का आरोप है। मामले में बीएनएस की धारा 304(2) के तहत दर्ज मुकदमें में बरामदगी के आधार पर बीएनएस की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई है। घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल को एमवी एक्ट की धारा 207 के तहत सीज किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शिवा के विरुद्ध पलिया और गौरीफंटा थानों के अलावा बरेली के बारादरी थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, मारपीट, धमकी, गैंगस्टर एक्ट एवं बीएनएस की धाराओं में दर्ज मामले शामिल हैं। पवन के विरुद्ध भी पलिया और भीरा थाने में पूर्व में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। तीनों अभियुक्तों को आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक झारिया सिंह, हेड कांस्टेबल जयप्रकाश यादव, अनुज कुमार, कांस्टेबल अतुल त्रिपाठी, लक्की सिंह एवं कृष्ण मुरारी शामिल रहे।3
- 84 करोड़ कि लगत से बना ओवर ब्रिज कि सड़क धंसी, बिना उद्घाटन चालू हुआ ब्रिज, सड़क पर बना गहरा गड्ढा; राहगीरों की जान पर मंडराया खतरा हल्की जंप के बाद धंसी सड़क ने उठाए गंभीर सवाल, रातोंरात भर दिया गया गड्ढा लखीमपुर खीरी। NH 730 पर गोला रेलवे क्रॉसिंग पर बने ओवर ब्रिज में भ्रष्टाचार की पोल लगातार परत दर परत खुलती चली जा रही है ओवर ब्रिज को बिना किसी उद्घाटन और अनियमिताओं के वजूद उसे चालू कर दिया गया इसके लिए जिला प्रशासन ने भी आंखे बंद कर लीं 84 करोड़ की लागत से बना ओवर ब्रिज पर सड़क धसने से एक बड़ा गढ़ा बन गया जिससे लोगों की जान का खतरा बन गया था ओवर ब्रिज की सड़क पर हल्की जंप भी आ चुकी है उसके बाद सड़क के धसने से ब्रिज की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल उठता है वहीं भारी वनों के लिए बड़ा खतरा नजर आ रहा है वहीं राहगीरों के जान के खतरा बना हुआ है जब की कुछ लोगों ने मौके पर पहुंच कर रातों रात गड्ढा भर दिया जिससे कोई किसी को नुकसान ना हो। मगर ओवर ब्रिज की कार्यदाई संस्था पर बड़ा सवाल उठ रहा है।1
- श्री चिराग पासवान जी प्रयागराज एयरपोर्ट पर हुआ जोर दार स्वागत मैं अपने युवा साथियों की बात सुनने यहां आया था। बिहार में युवा आयोग के गठन को सफल कर पाए। देश की सबसे बड़ी आबादी युवाओं की है। राष्ट्रीय स्तर पर भी एक युवा आयोग हो, इसकी भी हम पहल कर रहे है। 2027 में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है इसमें कोई संदेह नहीं है।1
- लखीमपुर खीरी:रहमतपुर गांव में मौत बनकर टूटी दीवार,पति पत्नी और बेटे सहित तीन की मौत *नीमगांव थाना क्षेत्र के रहमतपुर गांव में मौत बनकर टूटी दीवार, पति-पत्नी एवं बेटे समेत एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत* *नीमगांव खीरी,26 सितंबर 2026।* लखीमपुर खीरी जनपद में लगातार भारी बारिश के कारण कमजोर हुई कच्ची दीवार भर भरा कर गिर गई जिसमें घर के अंदर सो रहे परिवार के तीन लोग दब कर मर गए। घटना लखीमपुर खीरी जनपद के नीमगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहमतपुर गांव की है जहां विगत रात भारी बारिश के चलते मिट्टी की कच्ची दीवार भर भरा कर गिर गई जिसमें छप्पर के नीचे सो रहे एक परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मृतकों में मोहन कश्यप पुत्र साधू कश्यप उम्र 50 वर्ष, कविता कश्यप पत्नी मोहन उम्र 45 वर्ष तथा नानू कश्यप पुत्र मोहन उम्र 8 वर्ष अपने कच्चे घर में सो रहे थे। सुबह करीब 3:30 बजे मिट्टी की दीवार भर भरा कर अचानक गिर गई जिसके नीचे तीनों दब गए। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर के आसपास के ग्रामीण सहायता के लिए दौड़े तथा मलबा हटाने लगे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। तीनों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत की खबर से गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के ग्रामीण भी घटना से स्तब्ध हैं। सूचना पर पहुँची पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। लगातार बारिश के बीच हुई इस घटना ने कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कमजोर और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।1