Shuru
Apke Nagar Ki App…
Ansarul Haque khan
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- सवारियों के लेकर आती जाती दिख रही NHAI की गाड़ी सवारियों से बकायदा किराया लेते वीडियो हुआ वायरल रायबरेली: NHAI की गाड़ी बनी सवारी गाड़ी सवारियों के लेकर आती जाती दिख रही NHAI की गाड़ी सवारियों से बकायदा किराया लेते वीडियो हुआ वायरल वायरल वीडियो में सवारियां रुपये देते देखी जा रही रायबरेली शहर के बरगद चौराहे का बताया जा रहा वायरल वीडियो1
- चंदौली के पचखरी में किसान यूनियन का धरना समाप्त, सिंचाई विभाग के आश्वासन पर बनी सहमति किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव1
- आशा ट्रस्ट ने हिरोशिमा दिवस पर आयोजित किया श्रद्धांजलि कार्यक्रम1
- कृष्ण मुरारी शर्मा द्वारा अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना, सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूत क्षेत्राधिकारी यातायात चन्दौली कृष्ण मुरारी शर्मा द्वारा अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना, सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूत जनपद में सड़क सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने, यातायात नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने तथा आधुनिक तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से क्षेत्राधिकारी यातायात चन्दौली कृष्ण मुरारी शर्मा द्वारा थाना क्षेत्र चन्दौली अन्तर्गत मझवार स्टेशन के सामने से अत्याधुनिक इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। उक्त इंटरसेप्टर वाहन आधुनिक स्पीड लेजर गन, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन कैमरा, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR), वीडियो रिकॉर्डिंग सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम (PA System), ब्रेथ एनालाइज़र, अल्कोहल मीटर, लाल-नीली चेतावनी बत्ती एवं हूटर सहित विभिन्न अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं। इन तकनीकों के माध्यम से यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इन इंटरसेप्टर वाहनों का उपयोग जनपद के प्रमुख मार्गों, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों, नगर क्षेत्रों तथा दुर्घटना संभावित एवं संवेदनशील स्थानों पर ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाना (Drunk & Drive), रैश एवं स्टंट ड्राइविंग, ध्वनि प्रदूषण, प्रदूषणकारी वाहनों तथा अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई हेतु किया जाएगा। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने तथा सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष यातायात प्रवर्तन एवं जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे। इंटरसेप्टर वाहनों के माध्यम से यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर आधुनिक तकनीक के जरिए प्रभावी निगरानी रखते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। *इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी यातायात चन्दौली कृष्ण मुरारी शर्मा द्वारा ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि इंटरसेप्टर वाहनों का संचालन पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं दक्षता के साथ किया जाए तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए आमजन को यातायात नियमों के पालन हेतु निरंतर जागरूक किया जाए।*1
- कलम की धार से | अयोध्या "जिला अस्पताल इमरजेंसी में जानलेवा खेल" डबल ड्यूटी का रोस्टर, सिंगल डॉक्टर की ड्यूटी - मरीज भगवान भरोसे अयोध्या। जिला अस्पताल की इमरजेंसी ओपीडी में इन दिनों एक अजीब और खतरनाक खेल चल रहा है। कागज पर डबल डॉक्टर, धरातल पर सिंगल डॉक्टर। नतीजा - सैकड़ों मरीज भगवान भरोसे। क्या है खेल प्रशासन ने मरीजों की भीड़ देखकर हाल ही में 10 ईएमओ की तैनाती की। रोस्टर में इमरजेंसी में 2-2 डॉक्टरों की ड्यूटी लगने लगी। सुनने में अच्छा लगा। लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। गुरुवार को भी इमरजेंसी में सिर्फ डॉ. असलम बेग ही ड्यूटी पर मिले। साथ वाले डॉक्टर की कुर्सी खाली थी। मरीज और तीमारदार इंतजार करते रहे। अस्पताल स्टाफ और मरीजों का कहना है - ये एक दिन की बात नहीं। कई शिफ्टों से यही हो रहा है। रोस्टर में दो नाम, हाजिरी एक की। प्रशासन का जवाब पूछने पर अधिकारियों ने कहा - _"रोस्टर के अनुसार दोनों की ड्यूटी लगती है। अगर कोई नदारद है तो जांच होगी।"_ जांच होगी? कब? जब कोई मरीज देर से इलाज न मिलने से...? क्यों खतरनाक है ये जिला अस्पताल की इमरजेंसी में lरोज सैकड़ों मरीज आते हैं। एक्सीडेंट, हार्ट अटैक, प्रसव, जहर - सब यहीं आते हैं। यहां 1 मिनट की देरी भी जान ले सकती है। एक डॉक्टर 24 घंटे अकेले कैसे संभालेगा? थकान, दबाव, भीड़ - गलती की संभावना 10 गुना बढ़ जाती है कलम की धार - तीखी प्रतिक्रिया ये लापरवाही नहीं, अपराध है। सरकार ने 10 ईएमओ दिए। वेतन भी दिया। रोस्टर भी बना। फिर ड्यूटी कौन खा रहा है? दो सवाल सीधे सीएमओ और जिलाधिकारी से 1. बायोमेट्रिक कहां है? इमरजेंसी में आने-जाने का रिकॉर्ड क्यों नहीं? जो डॉक्टर साइन करके गायब हो जाता है, उस पर कार्रवाई कब? 2. मॉनिटरिंग कौन करेगा? प्रभारी, सीएमएस, नोडल - सबकी जिम्मेदारी है। हर शिफ्ट में औचक निरीक्षण क्यों नहीं? "जांच करेंगे" वाला जवाब अब नहीं चलेगा। इमरजेंसी प्रयोगशाला नहीं है कि जांच पूरी होने तक मरीज रुक जाए। जो डॉक्टर ड्यूटी से गायब है, उसका उस दिन का वेतन काटो, नोटिस दो, निलंबन करो। 2-4 पर सख्ती होगी तो बाकी 8 लाइन पर आ जाएंगे। मरीज टैक्स देता है, वोट देता है। उसे इमरजेंसी में खाली कुर्सी देखने के लिए नहीं भेजा जाता। प्रशासन से मांग तुरंत 3 शिफ्ट की अटेंडेंस शीट सार्वजनिक करें। सीसीटीवी फुटेज चेक करें। और 15 दिन तक डीएम/सीएमओ खुद औचक निरीक्षण करें। वरना अगली खबर "इमरजेंसी में डॉक्टर न मिलने से मौत" की होगी। और उसकी जिम्मेदारी पूरे सिस्टम की होगी। जिला अस्पताल बचाइए। मरीज बचाइए। खेल बंद कीजिए।3
- सहयोग शिविर में महिलाओं ने उठाई आवाज, बोलीं— ग्राम संलथुआ में खुलेआम बिक रही शराब, प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई चेनारी (रोहतास), 6 अगस्त। चेनारी प्रखंड के ग्राम पंचायत डिहरिया में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने अवैध शराब बिक्री के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। महिलाओं ने अधिकारियों के समक्ष शिकायत करते हुए कहा कि पंचायत के अंतर्गत ग्राम संथुआ में खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है, लेकिन संबंधित प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। महिलाओं का आरोप था कि कई बार मौखिक शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि गांव में अवैध शराब की बिक्री से परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है तथा सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल छापेमारी कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। सहयोग शिविर में महिलाओं ने उठाई आवाज, बोलीं— ग्राम संथुआ में खुलेआम बिक रही शराब, प्रशासन नहीं कर रहा कार्रवाई चेनारी (रोहतास), 6 अगस्त। चेनारी प्रखंड के ग्राम पंचायत डिहरिया में आयोजित सहयोग शिविर के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने अवैध शराब बिक्री के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। महिलाओं ने अधिकारियों के समक्ष शिकायत करते हुए कहा कि पंचायत के अंतर्गत ग्राम संलथुआ में खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है, लेकिन संबंधित प्रशासन द्वारा अब तक कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। महिलाओं का आरोप था कि कई बार मौखिक शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि गांव में अवैध शराब की बिक्री से परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है तथा सामाजिक वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल छापेमारी कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।2