पुलिस कंट्रोल रूम मंडला में मासिक अपराध समीक्षा बैठक हुई आयोजित मंडला जिले से कानून व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस विभाग ने अपराधों पर सख्ती और बेहतर नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति बनाई है। गुरुवार को शाम 4 बजे पुलिस कंट्रोल रूम मंडला में मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलेभर की कानून व्यवस्था, लंबित प्रकरणों और विशेष अभियानों की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने की। इस दौरान उन्होंने जिले के लंबित महिला एवं पुरुष मर्ग प्रकरणों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों, गंभीर अपराधों, लंबित चालान, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लंबित विवेचनाओं की विस्तार से समीक्षा की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि लंबित अपराधों का त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को न्याय समय पर मिल सके। बैठक में 26 अप्रैल से संचालित विशेष हेलमेट अनिवार्यता अभियान की भी समीक्षा की गई। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लगातार वाहन चेकिंग, यातायात जागरूकता अभियान और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई, ताकि लोग यातायात नियमों का पालन करें और हादसों में कमी आए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने NDPS एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने, महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ विवेचना करने और साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस बैठक में एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा, एसडीओपी बिछिया सौरभ तिवारी, एसडीओपी नैनपुर मनीष राज, एसडीओपी निवास पी.एस. वालरे सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
पुलिस कंट्रोल रूम मंडला में मासिक अपराध समीक्षा बैठक हुई आयोजित मंडला जिले से कानून व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस विभाग ने अपराधों पर सख्ती और बेहतर नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति बनाई है। गुरुवार को शाम 4 बजे पुलिस कंट्रोल रूम मंडला में मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिलेभर की कानून व्यवस्था, लंबित प्रकरणों और विशेष अभियानों की गहन समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने की। इस दौरान उन्होंने जिले के लंबित महिला एवं पुरुष मर्ग प्रकरणों, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों, गंभीर अपराधों, लंबित चालान, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लंबित विवेचनाओं की विस्तार से समीक्षा की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए कि लंबित अपराधों का त्वरित, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को न्याय समय पर मिल सके। बैठक में 26 अप्रैल से संचालित विशेष हेलमेट अनिवार्यता अभियान की भी समीक्षा की गई। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लगातार वाहन चेकिंग, यातायात जागरूकता अभियान और बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल न देने के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की बात कही गई, ताकि लोग यातायात नियमों का पालन करें और हादसों में कमी आए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने NDPS एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने, महिला एवं बाल अपराधों में संवेदनशीलता के साथ विवेचना करने और साइबर अपराधों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इस बैठक में एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा, एसडीओपी बिछिया सौरभ तिवारी, एसडीओपी नैनपुर मनीष राज, एसडीओपी निवास पी.एस. वालरे सहित जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
- Post by Salim khan1
- मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व में जहां बाघों की लगातार हो रही मौतों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां बाघिन के आखिरी बचे शावक की भी मौत की सूचना सामने आई थी । इससे पहले इसी क्षेत्र में तीन शावकों की मौत हो चुकी थी, और बाद में उनकी मां बाघिन ने भी दम तोड़ दिया था। अब इस पूरे बाघ परिवार के खत्म हो जाने से वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि बीते एक साल के दौरान कान्हा टाइगर रिजर्व में करीब 15 से 20 बाघों की मौत हो चुकी है। हर बार अलग-अलग कारण—जैसे टेरिटरी विवाद, बीमारी, भूख या शिकार—बताकर मामलों को शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन अब इन घटनाओं की संख्या ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को शाम 4:30 बजे बाघिन के आखिरी बचे शावक की मौत के बाद डॉक्टर के द्वारा पोस्टमार्टम कर बाघिन का अंतिम संस्कार कर दिया गया।1
- बस ऑपरेटरों की मनमानी: आम आदमी पार्टी ने स्टिंग ऑपरेशन कर उजागर किया अवैध वसूली का खेल मंडला में परिवहन विभाग की चुप्पी पर आप का अल्टीमेटम, ज्यादा किराया वसूलने पर आंदोलन की चेतावनी मंडला। जिले में बस संचालकों द्वारा यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) मंडला ने इस भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए एक गुप्त वीडियो (स्टिंग ऑपरेशन) जारी किया है, जिसमें अवैध वसूली और परिवहन नियमों के उल्लंघन के पुख्ता प्रमाण दिए गए हैं। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। 'आप' ने जिला प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस वीडियो साक्ष्य के बाद भी दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे जनहित में उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी परिवहन विभाग की होगी।1
- Post by Govardhan kushwaha1
- मौत से पहले....कान्हा सरही जॉन आमाही नाला मैं पांच टाइगर लास्ट बार 29 मार्च 2026 को देखा गया था मॉर्निंग सफारी में1
- Post by प्रशांत पटैल1
- घुघुरी /डिजिटल इंडिया के ई पोर्टल फेल ! किसानों की आय दुगुनी करने का शिगूफा फेल किसान परेशान बेहाल मजबूरी में 20/21/22 सो रुपया में गेहूं बेचने को मजबूर। आज मेरे औचक निरीक्षण से किसानों ने अपनी पीड़ा बताया। ई पोर्टल के बहाने सरकार की नियत उजागर हुई। अधिकारी मौन कुछ बताने की स्थिति में नहीं? हमारी मांग है ई पोर्टल की जगह पर्ची और मैनुअल खरीदी रिकॉर्ड रखा जाए ! सीमांत बड़े किसानों के भेद की बजाय सभी की गेहूं msp पर लिया जाए 3) सभी की गेहूं खरीदी जायेगी इसके लिए समय बढ़ाकर डर खत्म करे ताकि किसान फ़सल को कम दामों में न बेचे1
- मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व में लगातार हो रही बाघों की मौत को लेकर अब पत्रकारों में भी गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजकर 15 मिनट पर जिले के समस्त पत्रकार एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मध्य प्रदेश शासन के वन मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने ज्ञापन के माध्यम से कान्हा टाइगर रिजर्व में लगातार सामने आ रही बाघों की मौत की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक सामान्य घटना नहीं, बल्कि वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि एक के बाद एक बाघों की मौत होना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करता है। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि कहीं न कहीं निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन में लापरवाही सामने आ रही है, जिसके चलते राष्ट्रीय धरोहर माने जाने वाले बाघों की जान जा रही है। पत्रकारों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि बाघों की मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। इस मौके पर जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के पत्रकार उपस्थित रहे।1