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इंदौर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र के राजमोहल्ला इलाके में एक होमगार्ड सैनिक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह विवाद होमगार्ड सैनिक की मंगेतर से संबंधित था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक महिला यशोदा और राजेश नाम के व्यक्ति के खिलाफ मारपीट तथा अभद्र व्यवहार की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
SUNDARAM EXPRESS NEWS
इंदौर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र के राजमोहल्ला इलाके में एक होमगार्ड सैनिक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह विवाद होमगार्ड सैनिक की मंगेतर से संबंधित था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक महिला यशोदा और राजेश नाम के व्यक्ति के खिलाफ मारपीट तथा अभद्र व्यवहार की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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- इंदौर से 'प्रदेश खुलासा' के संपादकीय में भीषण गर्मी के बीच जनता की दोहरी मानसिकता पर सुलगते सवाल उठाए गए हैं। मौजूदा 45 डिग्री के रिकॉर्ड तोड़ तापमान में हर व्यक्ति पेड़ों की घनी छांव तलाश रहा है और ट्रैफिक सिग्नल पर गाड़ी रोकने से पहले पेड़ ढूंढता है। संपादकीय में कहा गया है कि धूप का सितम ऐसा है कि जिन्होंने कभी गमले तक में पानी नहीं डाला, वे भी आज सोशल मीडिया पर पेड़ों की महिमा का गुणगान कर रहे हैं। हालांकि, इसके साथ ही एक कड़वा सवाल भी उठाया गया है कि छांव चाहने वाले इन लाखों लोगों में से कितनों ने कभी अपने हाथों से एक पौधा लगाया है या उसे पानी देकर बचाया है। लेख के अनुसार, बारिश की पहली फुहार गिरते ही यह 'मौसमी पर्यावरण प्रेम' हवा हो जाएगा, और यही पेड़ लोगों को 'परेशानी' लगने लगेंगे। कोई पत्तों के गिरने से गंदगी की शिकायत करेगा, किसी को चिड़ियों से कार गंदी होने का डर सताएगा, और कोई रसूखदार अपनी दुकान का बोर्ड पेड़ की टहनियों से छिपता पाएगा। यह समाज की उस दोहरी मानसिकता को दर्शाता है कि लोगों को सिर्फ अपनी जरूरत के समय पेड़ों की छांव चाहिए होती है, जबकि बाकी समय 'विकास' के नाम पर कुल्हाड़ी तैयार रहती है। इस खोखली मानसिकता के विपरीत, 'संस्था रामराज्य स्थापना परिषद्' और 'प्रदेश खुलासा न्यूज़' पिछले डेढ़ दशक से एक मौन क्रांति चला रहे हैं। साल 2010 से हर वर्ष, ये बिना किसी सरकारी सहयोग के 400 से अधिक पौधों का रोपण करते हैं और उनकी 365 दिन निगरानी करते हैं ताकि वे सुरक्षित पेड़ बन सकें। इसी कड़ी में, प्रकृति का ऋण चुकाने और आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित कल देने के उद्देश्य से, आगामी 1 जुलाई 2026 से "एक पेड़ लगाओ, अपना जीवन बचाओ" महाअभियान का अगला चरण शुरू होने जा रहा है। इस बार टीम और अधिक व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और जन-जागृति का कार्य करेगी। 'प्रदेश खुलासा' ने इस पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा है कि एसी कमरों में बैठकर ग्लोबल वॉर्मिंग पर चिंता जताना आसान है, लेकिन जब तक व्यक्ति खुद कुदाल उठाकर मिट्टी में पौधा नहीं रोपते, उनका पर्यावरण प्रेम बेईमानी है। कंक्रीट के जंगलों में बदलते शहरों को बचाने के लिए 'काटो और बढ़ो' की नीति छोड़कर 'लगाओ और बचाओ' के मार्ग पर चलना होगा। संपादकीय ने लोगों से 1 जुलाई 2026 से शुरू हो रहे इस महाअभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया है, यह याद दिलाते हुए कि आज लगाया हुआ एक पौधा कल किसी राहगीर की जिंदगी बचा सकता है।1
- देश में नौतपा की शुरुआत हो गई है, जो साल के उन नौ दिनों को दर्शाता है जब गर्मी अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुँच जाती है। 25 मई से 2 जून 2026 तक चलने वाले इस नौतपा के दौरान, मौसम विभाग ने कई राज्यों में तापमान 45°C के पार जाने की आशंका व्यक्त करते हुए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को दोपहर की धूप से बचने की खास सलाह दी है। आसान शब्दों में, नौतपा वह अवधि होती है जब सूर्य की किरणें धरती पर अधिक सीधी और तीव्र पड़ती हैं, जिससे जमीन तेजी से गर्म होती है और लू चलने लगती है। इस समय दिन में सड़कें भी तपने लगती हैं, और रात में भी गर्म हवा का एहसास होता है। इसके परिणामस्वरूप, लोगों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा काफी बढ़ जाता है, साथ ही पानी और बिजली से संबंधित समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने इस भीषण गर्मी से बचाव के लिए कई महत्वपूर्ण सलाह दी हैं। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पानी पीने, हल्का भोजन करने और विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने का आग्रह किया है। यह अवधि नौतपा के कारण पड़ने वाली भीषण गर्मी के कहर से बचने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।1
- इंदौर में लगातार बढ़ते धोखाधड़ी के मामलों के बीच, क्राइम ब्रांच को कुछ महिलाओं से शिकायतें मिली थीं। पुलिस ने जांच के बाद प्रकरण दर्ज किया, जिसमें खुलासा हुआ कि क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश के बहाने 9 से अधिक महिलाओं से करीब ढाई करोड़ रुपये की ठगी की गई है। इस मामले में मुख्य आरोपी हरप्रीत कौर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसके चार अन्य साथी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक, ये फरार आरोपी दूसरे जिलों के रहने वाले हैं और उनकी तलाश में टीमें भेज दी गई हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी पहले किटी पार्टियां आयोजित करते थे, जिनमें बड़े घरों की महिलाओं को बुलाया जाता था। वहाँ उन्हें कम समय में पैसा दोगुना-तीन गुना करने का लालच दिया जाता था, जिसके चलते कई महिलाओं ने बड़ी रकम निवेश कर दी। जब उन्हें पैसा वापस नहीं मिला, तब उन्होंने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- इंदौर में एक कैब कंपनी पर कर्मचारियों और ड्राइवरों का भारी गुस्सा फूटा है, जिस पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी, वेतन रोकने और भुगतान नहीं करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत ने भी कर्मचारियों और ड्राइवरों के समर्थन में आवाज़ उठाई है। इन आरोपों के चलते, कुल 90 ड्राइवरों, 70 वाहन मालिकों और निवेशकों ने एकजुट होकर लसूडिया थाना पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।1
- दसवीं और बारहवीं कक्षा के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को सराहते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र, पदक और पट्टिका देकर नवाजा गया।1
- इंदौर जिले के बिजवाड़ गाँव के पास बने एक नए बायपास को लेकर जनता ने सवाल उठाए हैं। लोग इस संबंध में स्पष्ट जवाब की माँग कर रहे हैं।1
- इंदौर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र के राजमोहल्ला इलाके में एक होमगार्ड सैनिक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह विवाद होमगार्ड सैनिक की मंगेतर से संबंधित था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक महिला यशोदा और राजेश नाम के व्यक्ति के खिलाफ मारपीट तथा अभद्र व्यवहार की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल, पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।1
- मध्य प्रदेश के इंदौर के पालदा क्षेत्र में गंभीर जल संकट को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। स्थिति की गंभीरता को व्यक्त करते हुए, एक पार्षद पुलिस अधिकारियों के पैरों में गिर गए और रोते हुए उनसे गुहार लगाई। पार्षद ने भावुक होकर कहा, "साहब, जनता प्यासी है, पानी दिला दो", जो इलाके में पानी की किल्लत और जनता की परेशानी को दर्शाता है।1
- इंदौर कलेक्ट्रेट में 25 मई को वृद्धजनों के लिए एक विशेष शिविर आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण करना और उन्हें एक ही स्थान पर विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराना था। यह शिविर जनसुनवाई के दौरान वृद्धजनों से लगातार प्राप्त हो रही समस्याओं, जिनमें पारिवारिक विवाद, भरण-पोषण संबंधी प्रकरण, सामाजिक उपेक्षा, पेंशन और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं प्रमुख थीं, के मद्देनजर आयोजित किया गया था। कलेक्टर श्री शिवम वर्मा ने निर्देश दिए थे कि शिविर का आयोजन प्रभावी, सुव्यवस्थित और परिणाममूलक हो, ताकि अधिक से अधिक वृद्धजन इसका लाभ प्राप्त कर सकें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया था। शिविर में भरण-पोषण अधिनियम के तहत आने वाले मामलों का निराकरण किया गया और पारिवारिक विवादों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाने की विशेष व्यवस्था की गई। प्रशासन का प्रयास था कि संबंधित परिवारजनों और बच्चों को भी बुलाया जाए, ताकि माता-पिता के सम्मान और सामाजिक मूल्यों को ध्यान में रखते हुए सौहार्दपूर्ण समाधान निकाला जा सके। इसके अतिरिक्त, वृद्धजनों की पेंशन संबंधी समस्याओं के निराकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य परीक्षण हेतु एक हेल्थ कैंप भी लगाया गया। शिविर सुबह 11 बजे से प्रारंभ हुआ। प्रशासन का उद्देश्य है कि वृद्धजन एक ही छत के नीचे विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ ले सकें।1