केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने शुक्रवार को 'खेत बचाओ अभियान' के तहत करनाल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांव काछवा के ग्राम सचिवालय में आयोजित किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जहाँ उन्होंने स्थानीय किसानों और कृषि अधिकारियों से खेती में बढ़ रहे रसायनों के खतरनाक दुष्प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉल देखे और उत्पादों की जानकारी ली, साथ ही राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) का भी दौरा कर उसकी कार्यप्रणाली का जायजा लिया। मंत्री रामनाथ ठाकुर ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 1 से 30 जून तक देशभर के 100 जिलों में 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खाद के उपयोग को छोड़कर प्राकृतिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अधिक पैदावार की होड़ में रासायनिक खादों का अत्यधिक उपयोग हमारी मिट्टी और खेत को लगातार जहरीला बना रहा है, जिससे मानव शरीर विकृत हो रहा है और हम एक स्वस्थ समाज की कल्पना से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने पंजाब और हरियाणा का उदाहरण देते हुए बताया कि यह क्षेत्र कभी बेहतरीन पहलवानों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज अत्यधिक रसायनों के प्रयोग के कारण यहाँ का स्वास्थ्य स्तर लगातार गिरा है, जिसके परिणामस्वरूप कैंसर के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसका मुख्य कारण किसानों के बीच अधिक रासायनिक खाद डालने की आपसी प्रतिस्पर्धा है। मंत्री ने किसानों से इस खतरनाक प्रवृत्ति को रोकने, रासायनिक खाद का उपयोग बंद करने और प्राकृतिक खेती पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उन्होंने गोबर से बनी जैविक व प्राकृतिक खाद का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने और खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कराने का निवेदन किया, ताकि मिट्टी को जहरीला होने से बचाया जा सके, किसानों की लागत कम हो और देश के नागरिकों को स्वस्थ व रोगमुक्त जीवन प्रदान किया जा सके। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर ने प्राकृतिक खेती को समय की जरूरत बताया और रासायनिक खाद से बचकर जैविक व प्राकृतिक खाद के इस्तेमाल पर जोर दिया। एनडीआरआई के निदेशक धीर सिंह ने संस्थान द्वारा 1 से 30 जून तक चलाए जा रहे 'खेत बचाओ अभियान' के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक करने की बात कही, और बताया कि संस्थान में सीवरेज के पानी के प्रयोग से उर्वरकों के उपयोग में 50 प्रतिशत तक कमी आई है। उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद छोड़कर पारंपरिक खाद अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एडीसी डॉ. राहुल रईया, एसडीएम देवेंद्र शर्मा, कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक प्रदीप मील, डीडीए डॉ. वजीर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अपने करनाल दौरे के दौरान, केंद्रीय राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने प्रगतिशील किसान सुरेंद्र लाठर के फार्म का भी दौरा किया। उन्होंने सुरेंद्र लाठर द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक और प्राकृतिक खेती की तकनीकों का बारीकी से निरीक्षण किया और उनकी प्रशंसा की। मंत्री ने सुरेंद्र लाठर के फार्म पर स्थित देसी गाय की डेयरी और पोल्ट्री फार्म का भी अवलोकन किया, और सुरेंद्र लाठर को देश के अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन रोल मॉडल बताया, जो यह साबित कर रहे हैं कि पशुपालन और प्राकृतिक साधनों के समन्वय से खेती को सुरक्षित और अधिक मुनाफेदार बनाया जा सकता है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने शुक्रवार को 'खेत बचाओ अभियान' के तहत करनाल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांव काछवा के ग्राम सचिवालय में आयोजित किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जहाँ उन्होंने स्थानीय किसानों और कृषि अधिकारियों से खेती में बढ़ रहे रसायनों के खतरनाक दुष्प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉल देखे और उत्पादों की जानकारी ली, साथ ही राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) का भी दौरा कर उसकी कार्यप्रणाली का जायजा लिया। मंत्री रामनाथ ठाकुर ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 1 से 30 जून तक देशभर के 100 जिलों में 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खाद के उपयोग को छोड़कर प्राकृतिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अधिक पैदावार की होड़ में रासायनिक खादों का अत्यधिक उपयोग हमारी मिट्टी और खेत को लगातार जहरीला बना रहा है, जिससे मानव शरीर विकृत हो रहा है और हम एक स्वस्थ समाज की कल्पना से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने पंजाब और हरियाणा का उदाहरण देते हुए बताया कि यह क्षेत्र कभी बेहतरीन पहलवानों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज अत्यधिक रसायनों के प्रयोग के कारण यहाँ का स्वास्थ्य स्तर लगातार गिरा है, जिसके परिणामस्वरूप कैंसर के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसका मुख्य कारण किसानों के बीच अधिक रासायनिक खाद डालने की आपसी प्रतिस्पर्धा है। मंत्री ने किसानों से इस खतरनाक प्रवृत्ति को रोकने, रासायनिक खाद का उपयोग बंद करने और प्राकृतिक खेती पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उन्होंने गोबर से बनी जैविक व प्राकृतिक खाद का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने और खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कराने का निवेदन किया, ताकि मिट्टी को जहरीला होने से बचाया जा सके, किसानों की लागत कम हो और देश के नागरिकों को स्वस्थ व रोगमुक्त जीवन प्रदान किया जा सके। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर ने प्राकृतिक खेती को समय की जरूरत बताया और रासायनिक खाद से बचकर जैविक व प्राकृतिक खाद के इस्तेमाल पर जोर दिया। एनडीआरआई के निदेशक धीर सिंह ने संस्थान द्वारा 1 से 30 जून तक चलाए जा रहे 'खेत बचाओ अभियान' के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक करने की बात कही, और बताया कि संस्थान में सीवरेज के पानी के प्रयोग से उर्वरकों के उपयोग में 50 प्रतिशत तक कमी आई है। उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद छोड़कर पारंपरिक खाद अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एडीसी डॉ. राहुल रईया, एसडीएम देवेंद्र शर्मा, कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक प्रदीप मील, डीडीए डॉ. वजीर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अपने करनाल दौरे के दौरान, केंद्रीय राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने प्रगतिशील किसान सुरेंद्र लाठर के फार्म का भी दौरा किया। उन्होंने सुरेंद्र लाठर द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक और प्राकृतिक खेती की तकनीकों का बारीकी से निरीक्षण किया और उनकी प्रशंसा की। मंत्री ने सुरेंद्र लाठर के फार्म पर स्थित देसी गाय की डेयरी और पोल्ट्री फार्म का भी अवलोकन किया, और सुरेंद्र लाठर को देश के अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन रोल मॉडल बताया, जो यह साबित कर रहे हैं कि पशुपालन और प्राकृतिक साधनों के समन्वय से खेती को सुरक्षित और अधिक मुनाफेदार बनाया जा सकता है।
- करनाल में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम के बाद विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि प्रकृति जीवन देती है और इसका संरक्षण करना हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का जिक्र करते हुए नागरिकों से पर्यावरण के प्रति संवेदनशील होने तथा इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। विधायक आनंद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में चल रहे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान ने लोगों में पौधों के प्रति भावनात्मक जुड़ाव पैदा किया है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में प्रदेश सरकार ने वन क्षेत्र बढ़ाने, जैव विविधता संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने और जनभागीदारी के माध्यम से हरित आवरण बढ़ाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इन प्रमुख पर्यावरणीय योजनाओं में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, प्राण वायु देवता पेंशन योजना, ऑक्सीवन योजना, हर्बल पार्क योजना, नगर वन योजना, कृषि वानिकी प्रोत्साहन कार्यक्रम, जल संरक्षण एवं कैचमेंट एरिया विकास कार्यक्रम, तथा अरावली संरक्षण अभियान शामिल हैं। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि करनाल को स्वच्छ और हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करना उनकी प्राथमिकताओं में है, जिसके लिए शहर और गांवों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाए जा रहे हैं। जगमोहन आनंद ने लोगों से अपील की कि हर नागरिक कम से कम एक पौधा लगाए और सिर्फ लगाने तक सीमित न रहे, बल्कि उसके पेड़ बनने तक उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाए। उन्होंने कहा कि हमारी आज की छोटी सी कोशिश हमारे बच्चों को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य देगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने व्यापारिक संगठनों, युवाओं और गृहणियों से दैनिक जीवन में सिंगल-यूज प्लास्टिक का पूरी तरह से बहिष्कार कर जूट या कपड़े के थैलों का उपयोग करने का आग्रह किया। पानी की हर बूंद को कीमती बताते हुए विधायक ने जोर दिया कि पर्यावरण दिवस केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पानी बचाना और जल स्रोतों को साफ रखना भी इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अंत में कहा कि ‘हरित हरियाणा’ का सपना सरकार और जनसहयोग से ही साकार होगा।1
- केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर बुधवार, 05 जून को करनाल के अपने प्रवास पर हरियाणा केश कला बोर्ड के चेयरमैन यशपाल ठाकुर के निवास स्थान पर पहुँचे। यहाँ सैन समाज के सदस्यों और भाजपा नेताओं ने केंद्रीय मंत्री का जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि भाजपा सरकार अंत्योदय योजना के तहत काम कर रही है। उन्होंने यशपाल ठाकुर को चेयरमैन बनाए जाने को इस नीति का एक जीता-जागता उदाहरण बताया। रामनाथ ठाकुर ने अपने पिता, बिहार के मुख्यमंत्री रहे कर्पूरी ठाकुर का भी जिक्र किया, जिन्होंने हमेशा दलितों और पिछड़ों की राजनीति की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि न तो उनके पिता का और न ही उनका अपना कोई मकान था। रामनाथ ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने उनके पिता को भारतरत्न से अलंकृत कर ईमानदार राजनीति का सम्मान किया है। कार्यक्रम के दौरान, चेयरमैन यशपाल ठाकुर ने अपने निवास पर केंद्रीय मंत्री के आगमन को अपने लिए गौरव का क्षण बताया और कहा कि वह आज धन्य हो गए हैं। इस मौके पर जिला परिषद के चेयरमैन प्रतिनिधि सोहन सिंह राणा, केश कला बोर्ड के वाइस चेयरमैन नरेश कुमार, अनिल गुप्ता, जिला प्रधान प्रवीण लाठर, पार्षद मदन गुर्जर, भूपेंद्र नौतना, सुधीर यादव, अनिल राहड़ा सहित सैन समाज के प्रदेश भर से आए प्रतिनिधि उपस्थित थे।1
- हरियाणा के करनाल और पानीपत जिलों के बाजारों में ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए जा रहे चालानों को लेकर व्यापारियों में गहरी नाराजगी है। यह पूरा मामला व्यापारियों की इसी नाराजगी और इसके समाधान के लिए पुलिस प्रशासन के साथ हुई बातचीत से संबंधित है।1
- शामली के झिंझाना थाना परिसर में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सीओ हेमंत कुमार और थाना प्रभारी ने मिलकर पौधे लगाए, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक पहल है।1
- सोनीपत से मिली जानकारी के अनुसार, संत रामपाल जी महाराज पर सम्मानों की लगातार बौछार हो रही है। बताया गया है कि विश्व भर में संत रामपाल जी के प्रति लोगों का क्रेज लगातार बढ़ता जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के शामली जिले के बुंटा गांव में एक ट्रांसफार्मर की दयनीय और खराब हालत सामने आई है। पोस्ट में बताया गया है कि यह ट्रांसफार्मर की वर्तमान स्थिति है।1
- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने शुक्रवार को 'खेत बचाओ अभियान' के तहत करनाल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गांव काछवा के ग्राम सचिवालय में आयोजित किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जहाँ उन्होंने स्थानीय किसानों और कृषि अधिकारियों से खेती में बढ़ रहे रसायनों के खतरनाक दुष्प्रभावों पर चर्चा की। उन्होंने प्रगतिशील किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉल देखे और उत्पादों की जानकारी ली, साथ ही राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) का भी दौरा कर उसकी कार्यप्रणाली का जायजा लिया। मंत्री रामनाथ ठाकुर ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 1 से 30 जून तक देशभर के 100 जिलों में 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खाद के उपयोग को छोड़कर प्राकृतिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अधिक पैदावार की होड़ में रासायनिक खादों का अत्यधिक उपयोग हमारी मिट्टी और खेत को लगातार जहरीला बना रहा है, जिससे मानव शरीर विकृत हो रहा है और हम एक स्वस्थ समाज की कल्पना से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने पंजाब और हरियाणा का उदाहरण देते हुए बताया कि यह क्षेत्र कभी बेहतरीन पहलवानों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज अत्यधिक रसायनों के प्रयोग के कारण यहाँ का स्वास्थ्य स्तर लगातार गिरा है, जिसके परिणामस्वरूप कैंसर के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसका मुख्य कारण किसानों के बीच अधिक रासायनिक खाद डालने की आपसी प्रतिस्पर्धा है। मंत्री ने किसानों से इस खतरनाक प्रवृत्ति को रोकने, रासायनिक खाद का उपयोग बंद करने और प्राकृतिक खेती पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उन्होंने गोबर से बनी जैविक व प्राकृतिक खाद का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने और खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कराने का निवेदन किया, ताकि मिट्टी को जहरीला होने से बचाया जा सके, किसानों की लागत कम हो और देश के नागरिकों को स्वस्थ व रोगमुक्त जीवन प्रदान किया जा सके। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन लाठर ने प्राकृतिक खेती को समय की जरूरत बताया और रासायनिक खाद से बचकर जैविक व प्राकृतिक खाद के इस्तेमाल पर जोर दिया। एनडीआरआई के निदेशक धीर सिंह ने संस्थान द्वारा 1 से 30 जून तक चलाए जा रहे 'खेत बचाओ अभियान' के तहत किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में जागरूक करने की बात कही, और बताया कि संस्थान में सीवरेज के पानी के प्रयोग से उर्वरकों के उपयोग में 50 प्रतिशत तक कमी आई है। उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद छोड़कर पारंपरिक खाद अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एडीसी डॉ. राहुल रईया, एसडीएम देवेंद्र शर्मा, कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक प्रदीप मील, डीडीए डॉ. वजीर सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अपने करनाल दौरे के दौरान, केंद्रीय राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने प्रगतिशील किसान सुरेंद्र लाठर के फार्म का भी दौरा किया। उन्होंने सुरेंद्र लाठर द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक और प्राकृतिक खेती की तकनीकों का बारीकी से निरीक्षण किया और उनकी प्रशंसा की। मंत्री ने सुरेंद्र लाठर के फार्म पर स्थित देसी गाय की डेयरी और पोल्ट्री फार्म का भी अवलोकन किया, और सुरेंद्र लाठर को देश के अन्य किसानों के लिए एक बेहतरीन रोल मॉडल बताया, जो यह साबित कर रहे हैं कि पशुपालन और प्राकृतिक साधनों के समन्वय से खेती को सुरक्षित और अधिक मुनाफेदार बनाया जा सकता है।1
- शामली में एक प्लाई से भरा ट्रक संगम नदी में पलट गया। इस घटना में ट्रक नदी में जा गिरा, जिसके कारण पुल भी टूट गया। ट्रक प्लाई से भरा होने के चलते अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे नदी में जा गिरा। हादसे के बाद ड्राइवर को भी बहुत मुश्किल से बाहर निकाला जा सका, जिससे उसकी जान आफत में आ गई थी।2