कोरबा:-नकटिखार बायपास पर दर्दनाक हादसा, दंपत्ति की मौके पर मौत। मंगलवार सुबह नकटिखार बायपास मार्ग के पास हुए भीषण सड़क हादसे में बालको नगर निवासी दंपत्ति की मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।जानकारी के अनुसार, बहरुराम रात्रे अपनी पत्नी के साथ गोढ़ी गांव में आयोजित एक दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान कचन्दा नाला के पास एक तेज रफ्तार भारी वाहन ने उनकी दुपहिया को जोरदार टक्कर मार दी।हादसा इतना भीषण था कि बहरुराम रात्रे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 संजीवनी एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अज्ञात वाहन चालक की तलाश जारी है।
कोरबा:-नकटिखार बायपास पर दर्दनाक हादसा, दंपत्ति की मौके पर मौत। मंगलवार सुबह नकटिखार बायपास मार्ग के पास हुए भीषण सड़क हादसे में बालको नगर निवासी दंपत्ति की मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।जानकारी के अनुसार, बहरुराम रात्रे अपनी पत्नी के साथ गोढ़ी गांव में आयोजित एक दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान कचन्दा नाला के पास एक तेज रफ्तार भारी वाहन ने उनकी दुपहिया को जोरदार टक्कर मार दी।हादसा इतना भीषण था कि बहरुराम रात्रे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 संजीवनी एंबुलेंस को सूचना दी, लेकिन एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही उन्होंने भी दम तोड़ दिया। घटना के बाद इलाके में मातम का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अज्ञात वाहन चालक की तलाश जारी है।
- कोरबा में अचानक बदले मौसम ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। तेज आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश के बीच कुसमुंडा क्षेत्र में एक बड़ा हादसा हो गया, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। कुसमुंडा अंतर्गत प्रेम नगर कपाटमुड़ा मार्ग पर संतोष वर्मा द्वारा मकान का निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी दौरान मकान की तीसरी मंजिल पर बनी नई दीवार तेज आंधी-तूफान में अचानक भरभराकर गिर गई।गिरी हुई दीवार सीधे पड़ोसी अजय धनवार के घर पर जा गिरी, जिससे घर का छप्पर टूट गया और ईंटों का मलबा अंदर सो रहे अजय धनवार, उनकी पत्नी और बच्चे पर गिर पड़ा। हादसे के समय तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और भयावह दृश्य देख सन्न रह गए। मोहल्लेवासियों की तत्परता से तीनों घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया और तत्काल कोरबा के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।1
- Post by SK Kashyapपत्रकार रींवापार1
- आज का लाइव दर्शन बाबा बैद्यनाथ धाम ।1
- जिले में लगातार गिर रहा भू जल स्तर नदी. नालों. खदानों. तालाब. जैसे पानी के प्राकृतिक स्त्रोतों को राखड़ भर कर किया जा रहा बंद जिले के अधिकारी व पर्यावरण विभाग के अधिकारी कार्यालय में बैठ कर AC के ले रहे मजे जिले में बने पर्यावरण समिति के सदस्य केवल नाम के जान कर बने बैठे है अनजान।1
- good नाइट frainds गीत वही andaj naya1
- बिलासपुर/मस्तूरी के पचपेड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर उजागर हुई है। लगातार शिकायतों के बाद भाजपा प्रदेश महामंत्री चंद्र प्रकाश सूर्या ने जनप्रतिनिधियों के साथ औचक निरीक्षण किया, जिसमें गंभीर लापरवाही सामने आई। अस्पताल में 15 स्टाफ तैनात होने के बावजूद दोपहर 3 बजे के बाद अधिकांश कर्मचारी अनुपस्थित मिले, जबकि ड्यूटी समय शाम 5 बजे तक है। मरीजों ने बताया कि यह समस्या रोज की है और कई बार बिना इलाज लौटना पड़ता है। निरीक्षण के दौरान एक स्वास्थ्य कर्मी ने भी स्वीकार किया कि समय से पहले स्टाफ का चले जाना आम बात है। केंद्र में 4-5 दिनों से पानी की सुविधा भी ठप है। वर्षों से जमे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होने से स्थिति और बिगड़ रही है। जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताते हुए शासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।3
- बिलासपुर में सुशासन त्योहार को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों की अहम बैठक ली। बैठक में तय किया गया कि अगले 40 दिनों में जिलेभर में 31 शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां अलग-अलग स्थानों पर आम जनता की समस्याएं सुनी और समाधान किया जाएगा। भीषण गर्मी को देखते हुए पानी की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी विभागों को पूरी तैयारी रखने की चेतावनी दी और कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। शिविरों की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।1
- कोरबा के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कार्बन फैक्ट्री में सोमवार दोपहर एक टैंक फट गया। इस घटना से मौके पर हड़कंप मच गया, हालांकि प्लांट के अंदर काम कर रहे कर्मचारी बाल-बाल बच गए और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। यह फैक्ट्री कार्बन बनाने का काम करती है। इसमें बाहर से टैंकरों के माध्यम से तरल पदार्थ लाकर टैंकों में रखा जाता है, जहां कार्बन तैयार किया जाता है। टैंक फटने के समय फैक्ट्री में कई महिला और पुरुष कर्मचारी मौजूद थे। टैंक फटने के बाद गर्म हार्ड पीच फैक्ट्री के अंदर फैल गया, जो बेहद गर्म था और किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था।1