जनपद महोबा में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने 10 जुलाई 2026 को थाना कुलपहाड़ क्षेत्र में सघन पैदल गश्त की। इस दौरान क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़ अनुरुद्ध कुमार, प्रभारी निरीक्षक अवधेश मिश्रा और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक ने गोंदी तिराहा, बस स्टैंड, मुख्य बाजार, सराफा मार्केट और बाजार वार्ड जैसे संवेदनशील इलाकों का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता की जांच की। गश्त के दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और आमजन से सीधे संवाद कर सुरक्षा संबंधी फीडबैक लिया। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि महोबा पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि क्षेत्र में नियमित गश्त जारी रखें, संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखें और हर सूचना पर निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई करें। महोबा पुलिस का लक्ष्य जनपद में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना है ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
जनपद महोबा में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने 10 जुलाई 2026 को थाना कुलपहाड़ क्षेत्र में सघन पैदल गश्त की। इस दौरान क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़ अनुरुद्ध कुमार, प्रभारी निरीक्षक अवधेश मिश्रा और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक ने गोंदी तिराहा, बस स्टैंड, मुख्य बाजार, सराफा मार्केट और बाजार वार्ड जैसे संवेदनशील इलाकों का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता की जांच की। गश्त के दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और आमजन से सीधे संवाद कर सुरक्षा संबंधी फीडबैक लिया। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि महोबा पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि क्षेत्र में नियमित गश्त जारी रखें, संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखें और हर सूचना पर निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई करें। महोबा पुलिस का लक्ष्य जनपद में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना है ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
- जनपद महोबा में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह ने 10 जुलाई 2026 को थाना कुलपहाड़ क्षेत्र में सघन पैदल गश्त की। इस दौरान क्षेत्राधिकारी कुलपहाड़ अनुरुद्ध कुमार, प्रभारी निरीक्षक अवधेश मिश्रा और भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस अधीक्षक ने गोंदी तिराहा, बस स्टैंड, मुख्य बाजार, सराफा मार्केट और बाजार वार्ड जैसे संवेदनशील इलाकों का दौरा कर सुरक्षा तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सतर्कता की जांच की। गश्त के दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय दुकानदारों, व्यापारियों और आमजन से सीधे संवाद कर सुरक्षा संबंधी फीडबैक लिया। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि महोबा पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए गए कि क्षेत्र में नियमित गश्त जारी रखें, संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखें और हर सूचना पर निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई करें। महोबा पुलिस का लक्ष्य जनपद में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना है ताकि अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।1
- महोबा जिले के चरखारी विकास खण्ड अंतर्गत गौरहरी गांव में हुई मूसलाधार बारिश ने स्थानीय किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बेमौसम या भारी बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलों के नुकसान की आशंका को लेकर किसानों की नींद उड़ गई है।1
- महोबा जिले के कुलपहाड़ थाना क्षेत्र स्थित बुधौरा गांव में ग्राम प्रधान और उसके साथियों पर एक युवक के साथ मारपीट करने और फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि घासीराम नामक युवक को घर से बुलाकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से निशाना बनाया गया। इस दौरान जान से मारने की नीयत से की गई फायरिंग में एक गोली युवक के पैर को छूती हुई निकल गई, जिसके बाद घायल को उपचार के लिए पहले सीएचसी बेलाताल और फिर जिला चिकित्सालय महोबा रेफर किया गया। पीड़ित परिवार ने कुलपहाड़ पुलिस पर मामले में कोई कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि थाने में तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने अब तक कोई कदम नहीं उठाया है, जिसके चलते उन्हें न्याय की गुहार लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। फिलहाल इस मामले पर पुलिस का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।1
- महोबा जिले के कुलपहाड़ थाना क्षेत्र के बुधौरा गांव में ग्राम प्रधान देवसिंह और उसके साथियों पर एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट करने और फायरिंग करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित परिवार के अनुसार, आरोपी ग्राम प्रधान ने गांव निवासी घासीराम को घर से बाहर बुलाकर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला किया। इस दौरान जान से मारने की नियत से तमंचे से फायर भी किया गया, जिससे पीड़ित का पैर जख्मी हो गया। शोर सुनकर जब ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंचे, तो आरोपी धमकी देते हुए फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायल को एंबुलेंस से बेलाताल स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहाँ से गंभीर हालत देखते हुए उसे महोबा जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। फिलहाल पीड़ित का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीड़ित परिवार ने कुलपहाड़ थाना पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि जब वे लिखित तहरीर लेकर थाने पहुंचे, तो पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें फटकार लगाकर वापस भेज दिया। इस उपेक्षा से व्यथित होकर पीड़ित पक्ष ने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई है। पुलिस की ओर से इस मामले में फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।4
- उत्तर प्रदेश के महोबा जिले का अयोध्या धाम से जुड़ाव सामने आया है।1
- छतरपुर में 10 जुलाई को दोपहर करीब 12:00 बजे जिला स्वास्थ्य समिति और महिला बाल विकास विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने स्वास्थ्य सेवाओं में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की संभावित प्रसव तिथि से 15 दिन पहले से ही नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए और इस कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। कुपी और देवरा की एएनएम पर पंजीयन में लापरवाही, बिजावर और गौरिहार के बीएमओ पर हाई रिस्क महिलाओं के प्रबंधन में कमी, तथा नौगांव और ईशानगर के बीएमओ पर डिलेवरी अपडेट न होने के कारण वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, प्रथम प्रसव के बाद घर जाकर फॉलोअप न करने वाली आशा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने हरपालपुर के एक डॉक्टर की संविदा समाप्त करने और देवरा एसएमओ के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित करने को भी कहा है। यू-विन पोर्टल पर टीकाकरण, टीबी कार्यक्रम, एमएलसी, बच्चों के पंजीयन, चाइल्ड डेथ रिव्यू और एनसीडी स्क्रीनिंग में लापरवाही के चलते संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और वेतन कटौती के आदेश दिए गए हैं। बैठक में जननी सुरक्षा योजना के लंबित भुगतान, ब्लड कैंप के आयोजन और 14 जुलाई से 31 अगस्त तक प्रस्तावित दस्तक अभियान एवं स्टॉप डायरिया कैंपेन की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले की गहन समीक्षा और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।1
- महोबा के जिला चिकित्सालय के आकस्मिक चिकित्सा अनुभाग के बाहर की एक तस्वीर ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को उजागर कर दिया है। यहाँ एक बीमार मरीज को अंदर ले जाने के लिए न तो स्ट्रेचर उपलब्ध था और न ही कोई स्वास्थ्य कर्मी मौके पर मौजूद था। अस्पताल की इस पंगु व्यवस्था को लेकर आम लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस स्थिति के बाद अब सवाल उठाए जा रहे हैं कि स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने का दावा करने वाले जिम्मेदार अधिकारी आखिर कहां हैं।1