Shuru
Apke Nagar Ki App…
ज्वाला प्रसाद
More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- भदोही में सवर्ण समाज के युवाओं का गुस्सा उग्र हो गया! 😡 UGC कानून को “काला कानून” बताते हुए सैकड़ों युवाओं ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कानून को तुरंत वापस लेने की मांग की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। देखिए पूरी खबर और जानिए क्यों भदोही के युवाओं ने अपनी आवाज़ बुलंद की। 🔥 सब्सक्राइब करें और बेल आइकन दबाएँ ताकि ऐसी ताज़ा खबरें आपको तुरंत मिलती रहें!#BhadohiNews #UGCProtest #SavarnaProtest #KalaKanoon #YouthProtest #EducationNews #IndiaNews #ProtestNews #BreakingNews #BhadohiUpdates1
- gajab taskar pakda hai1
- दारू के नशे में दबंगई: खेत में खड़ी गेहूं की फसल ट्रैक्टर से जुतवाई, गोली मारने की धमकी वाराणसी। बड़ागांव थाना क्षेत्र से किसान की खड़ी फसल को जबरन नष्ट करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि नशे में धुत एक व्यक्ति ने ट्रैक्टर मंगवाकर पड़ोसी के खेत में खड़ी गेहूं की फसल जोतवा दी और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। ग्राम अनेई, पोस्ट अनेई निवासी विनीत शुक्ला पुत्र भृगुनाथ शुक्ला ने इस संबंध में बड़ागांव थाने में लिखित तहरीर दी है। पीड़ित किसान के अनुसार उसकी आराजी संख्या 529 में गेहूं की फसल खड़ी थी। बीते 24 जनवरी 2026 की शाम पड़ोसी जितेंद्र सिंह पुत्र शिवनाथ सिंह शराब के नशे में वहां पहुंचा और जबरन ट्रैक्टर बुलाकर फसल जुतवाने लगा। किसान विनीत शुक्ला ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी ने गाली-गलौच शुरू कर दी और कहा कि “यहां से चले जाओ, नहीं तो गोली मार दूंगा।” अचानक उपजे तनाव और जान का खतरा देखते हुए पीड़ित किसी तरह वहां से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहा। घटना के बाद किसान ने अगले दिन 25 जनवरी को थाना बड़ागांव पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने अपनी तहरीर के साथ खतौनी और मौके की छायाप्रति भी पुलिस को सौंपी है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 352 (शांति भंग), धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और धारा 324(4) (संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। बड़ागांव थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के अनुसार एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच की जा रही है।1
- Post by Comediyan___0011
- वाराणसी की ख़ास ख़बर समय सच्चाई का उजागर कर रहा है लेकिन फर्जी तरीके से सिर्फ़ फ़साने का दौर चल रहा है नाम किसी का, काम किसी का एंटी करप्शन की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल एंटी करप्शन टीम पर दबाव में फर्जी कार्रवाई करने का आरोप लगा है। चौकी प्रभारी काशी विद्यापीठ और उनके लेखक को बिना किसी रिकवरी या बरामदगी के जबरन उठा ले जाने का मामला सामने आया है। मौजूद वीडियो में साफ़ दिखाई दे रहा है कि एंटी करप्शन टीम के सदस्य बैरिक के अंदर जाकर किसी अन्य सिपाही के बिस्तर के पास रखे वाटर कूलर के बगल से पैसे निकालते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि वह बिस्तर न तो चौकी प्रभारी का है और न ही लेखक का। वीडियो के अवलोकन में यह भी स्पष्ट है कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के पास से कोई पैसा बरामद नहीं हुआ, इसके बावजूद चौकी प्रभारी और लेखक को पकड़कर ले जाया गया। पूरा घटनाक्रम पूर्व नियोजित, संयोजित और जबरदस्ती की कार्रवाई जैसा प्रतीत हो रहा है,जहां नाम किसी का, काम किसी का और फँसाया गया किसी और को। मामले ने एंटी करप्शन टीम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब मांग उठ रही है कि वीडियो साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच हो और निर्दोषों पर कोई गलत कार्रवाई न की जाए।1
- 🔥 कोडीन कफ सिरप तस्करी का काला राज खुला! शुभम जायसवाल का 'दाहिना हाथ' विकास सिंह नर्वे नेपाल बॉर्डर पर दबोचा! 😱 #कोडीनतस्करी #UPSTF #वाराणसीक्राइम #DrugTrafficking #VaranasiPolice #IndoNepalBorder #CoughSyrupSmuggling #CrimeNews #ViralNews1
- प्रयागराज जिले के यमुनानगर थाना नैनी अंतर्गत ददरी तालुका नैनी नौगवां डांडी निवासी विजय पटेल पुत्र लाल जी पटेल द्वारा आरोप लगाते हुए बताया गया कि मेरी बहन साधना की शादी विगत 1 वर्ष पहले 7 मार्च 2025 को थाना मेजा अंतर्गत कठौली निवासी सतीश पटेल पुत्र श्याम सुंदर पटेल प्रयागराज के साथ गाजे बाजे धूमधाम के साथ विधिवत रीति रीवाज से शादी संपन्न हुई थी। और साधना की विदाई ससुराल जाने के लिए विधि विधान से कर दिया गया था। ससुराल जाने के बाद कुछ दिनों तक खुशहाली का जीवन बहन साधना ने व्यतीत किया। कुछ दिनों बाद उसके ससुराल वालों द्वारा उलाहना देते हुए साधना से दहेज कम मिलने की बात करते हुए मारपीट शुरू कर दिया। कुछ दिनों सहन करने के बाद दिए जा रहे उलाहना और मारपीट को सहन करने से हताश साधना अपने मायके वालों को सूचित करते हुए उक्त घटना की जानकारी दे दिया। जिससे मायके वालों ने साधना के ससुराल पक्ष के परिजनों से उक्त बातों को पूछते हुए समझाया गया। बावजूद इसके भी आपसी तालमेल नहीं बन पाया जिससे मृतक के परिजनों द्वारा मौत से पहले भी इलाकाई थाने में एक तहरीर दिया था, जिस पर ससुराल वालों ने अपने गुनाह को स्वीकार करते हुए सुलह समझौता आपस में कर लिया गया। कुछ दिनों बीतने के बाद पुनः पुरानी रवैये को अपनाते हुए मृतक साधना को प्रताड़ित किया जाने लगा। बावजूद उसके भी दहेज की आपूर्ति नहीं होने के कारण साधना के परिजनों के आरोपानुसार ससुराल पक्ष ने परिजनों के साथ मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। और आपस में मिलकर बगल से जा रही रेलवे लाइन पर परिजनों ने उसे रख दिया सुबह मायके वालों को सूचित कर दिया गया सूचना पाकर परिजनों द्वारा रोते बिलखते हुए मृतक साधना के ससुराल जा पहुंचे और इलाकाई पुलिस थाना मेजा को सूचित किया गया जिस पर थाना पुलिस मेजा मौके पर पहुंचकर लिखा पढ़ी करते हुए लाश को चीर घर जिला अस्पताल स्वरुपरानी प्रयागराज भेज दिया गया। और परिजनों द्वारा दी गई प्रथम सूचना रिपोर्ट को दर्ज कर पुलिस द्वारा विधिवत कार्यवाही शुरू की गई।1
- यूजीसी मुद्दे पर सवालों से असहज दिखे पिंडरा विधायक, विरोध को बताया संभावित षड्यंत्र पिंडरा (वाराणसी)। पिंडरा से भाजपा विधायक अवधेश सिंह ने यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) से जुड़े मुद्दे पर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर इसे एक “संभावित षड्यंत्र” करार दिया है। यह बयान उन्होंने पिंडरा महोत्सव के आयोजन को लेकर पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। महोत्सव से संबंधित जानकारी साझा करते समय पत्रकारों द्वारा जब यूजीसी से जुड़े हालिया विवाद और विरोध प्रदर्शनों पर सवाल पूछा गया, तो विधायक अवधेश सिंह ने पहले यूजीसी के पक्ष में तर्क रखते हुए अपनी बात रखी। इसके बाद उन्होंने कहा कि देशभर में जिस तरह से एक साथ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, उसके पीछे किसी संगठित साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, लगातार सवाल पूछे जाने पर बातचीत के दौरान माहौल कुछ असहज होता दिखाई दिया। इसी बीच विधायक को अपने सहयोगियों से यह कहते हुए भी सुना गया कि “पत्रकारों को चाय-नाश्ता कराइए भाई।” इस टिप्पणी को लेकर मौके पर मौजूद पत्रकारों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर देश के कई हिस्सों में छात्र संगठनों और शिक्षकों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न शैक्षणिक नीतियों और बदलावों को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। वहीं, सत्तापक्ष से जुड़े नेताओं का कहना है कि इन आंदोलनों के पीछे वास्तविक शैक्षणिक हितों के बजाय राजनीतिक उद्देश्य भी हो सकते हैं। इस पूरे मामले में विधायक अवधेश सिंह का बयान सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। बाइट — अवधेश सिंह, भाजपा विधायक, पिंडरा1