*सौदे के विवाद में प्रताड़ना बनी मौत की वजह, सारणी पुलिस ने 24 घंटे में आरोपियों को किया गिरफ्तार* *25 लाख के मकान सौदे में बयाना लेकर मुकरने और धमकी से परेशान होकर व्यक्ति ने दी जान* बैतूल, 29 अप्रैल 2026।जिले के सारणी थाना क्षेत्र में मकान सौदे के विवाद और लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी सारणी प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। घटना का विवरण: पुलिस के अनुसार, 28 अप्रैल 2026 को थाना सारणी में मर्ग क्रमांक 27/2026 के तहत जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मृतक हंसराज पद्माकर (49 वर्ष), निवासी आजाद नगर पाथाखेड़ा की मौत संदिग्ध पाई गई। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, परिजनों के बयान और मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट से स्पष्ट हुआ कि यह आत्महत्या प्रताड़ना के कारण हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपी राजकुमार लोखंडे और उसकी पत्नी निशा लोखंडे, निवासी बडोरा (बैतूल बाजार) ने मकान विक्रय के नाम पर 25 लाख 21 हजार रुपये का सौदा किया था। आरोपियों ने 3 लाख 70 हजार रुपये बयाना लेने के बाद न तो रजिस्ट्री की और न ही रकम लौटाई। उल्टा, पैसे मांगने पर मृतक को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। इसी प्रताड़ना से आहत होकर मृतक ने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कानूनी कार्रवाई: मामले में थाना सारणी पुलिस ने अपराध क्रमांक 115/26 के तहत धारा 108, 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 29 अप्रैल को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस टीम की भूमिका: कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती, उप निरीक्षक मनोज उइके, प्रधान आरक्षक मनोज डेहरिया, आरक्षक राकेश करपे एवं महिला आरक्षक उर्मिला की अहम भूमिका रही। पुलिस की अपील: पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की आर्थिक धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ऐसे मामलों को रोका जा सके।
*सौदे के विवाद में प्रताड़ना बनी मौत की वजह, सारणी पुलिस ने 24 घंटे में आरोपियों को किया गिरफ्तार* *25 लाख के मकान सौदे में बयाना लेकर मुकरने और धमकी से परेशान होकर व्यक्ति ने दी जान* बैतूल, 29 अप्रैल 2026।जिले के सारणी थाना क्षेत्र में मकान सौदे के विवाद और लगातार मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर एक व्यक्ति द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी सारणी प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। घटना का विवरण: पुलिस के अनुसार, 28 अप्रैल 2026 को थाना सारणी में मर्ग क्रमांक 27/2026 के तहत जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मृतक हंसराज पद्माकर (49 वर्ष), निवासी आजाद नगर पाथाखेड़ा की मौत संदिग्ध पाई गई। घटनास्थल से मिले साक्ष्य, परिजनों के बयान और मृतक द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट से स्पष्ट हुआ कि यह आत्महत्या प्रताड़ना के कारण हुई है। जांच में सामने आया कि आरोपी राजकुमार लोखंडे और उसकी
पत्नी निशा लोखंडे, निवासी बडोरा (बैतूल बाजार) ने मकान विक्रय के नाम पर 25 लाख 21 हजार रुपये का सौदा किया था। आरोपियों ने 3 लाख 70 हजार रुपये बयाना लेने के बाद न तो रजिस्ट्री की और न ही रकम लौटाई। उल्टा, पैसे मांगने पर मृतक को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया। इसी प्रताड़ना से आहत होकर मृतक ने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कानूनी कार्रवाई: मामले में थाना सारणी पुलिस ने अपराध क्रमांक 115/26 के तहत धारा 108, 3(5) बीएनएस में प्रकरण दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 29 अप्रैल को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस टीम की भूमिका: कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती, उप निरीक्षक मनोज उइके, प्रधान आरक्षक मनोज डेहरिया, आरक्षक राकेश करपे एवं महिला आरक्षक उर्मिला की अहम भूमिका रही। पुलिस की अपील: पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की आर्थिक धोखाधड़ी, मानसिक प्रताड़ना या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ऐसे मामलों को रोका जा सके।
- मंडी टैक्स बिना चुकाएं खंडवा से राजनन्दगांव जा रहा सोयाबीन भरा 16 चक्का ट्रक पकड़ाया। मुलताई। कृषि उपज मंडी समिति के कर्मचारियों द्वारा नागपुर रोड चिचंडा के पास चेकिंग के दौरान एक 16 चक्का ट्रक क्रमांक एम पी 12 जेड एफ 9440 कों रोका, जिसमे सोयाबीन भरा था। ट्रक चालक से मंडी टैक्स से सम्बंधित कागजात पूछे जाने पर चालक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। इस स्थिति मे मंडी कर्मचारियों नें ट्रक कों जप्त कर मंडी परिसर लाया, बताया जा रहा है कि खंडवा से ट्रक मे सोयाबीन भर कर महाराष्ट्र के रास्ते राजनन्दगांव छत्तीसगढ़ ले जाया जा रहा था। मंडी सचिव शीला खातरकार के अनुसार उक्त मामले मे पांच गुना मंडी टैक्स वसूली की कार्यवाही की जाएंगी। उपरोक्त कार्यवाही मे प्रभारी मंडी निरीक्षक डी. पी. नर्रे और चंपा तुमडाम की अहम भूमिका रही।1
- Post by Manohar agrval Agrawal1
- पांढुर्णा:-सौसर के सिविल अस्पताल में जारी स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच आज हालात और ज्यादा गंभीर हो गए, जब कर्मचारियों और चिकित्सा अधिकारियों ने जोरदार आंदोलन किया। अस्पताल परिसर और आसपास के क्षेत्र में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। आंदोलन के दौरान नारेबाजी की गई और लंबित मांगों पर तुरंत कार्रवाई की मांग उठाई गई। यह पूरा विवाद BMO पद से डॉ. योगेश शुक्ला को हटाने की मांग को लेकर चल रहा है, जिस पर अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। 📑 आवेदन और घटनाक्रम स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए आवेदन में बताया कि— 8 अप्रैल को कलेक्टर को ज्ञापन देकर BMO बदलने की मांग की गई थी। 16 अप्रैल को सामूहिक अवकाश और 17-18 अप्रैल को हड़ताल की गई। 18 अप्रैल को 7 दिन में कार्रवाई के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित की गई। 24 अप्रैल को फिर ज्ञापन देकर 28 अप्रैल तक कार्रवाई की मांग रखी गई। लेकिन तय समय सीमा तक कोई निर्णय नहीं होने पर 29 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई, जिसके साथ ही आज आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। 🏥 मरीजों पर असर हड़ताल और आंदोलन के कारण अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है। 🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजा बोढे ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ❗ निष्कर्ष आज हुए आंदोलन ने यह साफ कर दिया है कि स्वास्थ्य कर्मचारी अब पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। ऐसे में अब देखना होगा कि प्रशासन इस बढ़ते विवाद को कैसे सुलझाता है और जनता को राहत कब मिलती है।2
- इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने मंदिर परिसर में शोभायमान, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भेंट की गई 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' का अवलोकन भी किया।*1
- जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा। ग्राम पंचायत डूंगरिया नंबर पांच (पनारा) में इन दिनों पानी की भारी किल्लत और साफ-सफाई की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए रोजाना संघर्ष करना पड़ रहा है, वहीं गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि नलों में नियमित पानी सप्लाई नहीं हो रही है, जिसके चलते उन्हें दूर-दराज के स्रोतों से पानी लाना पड़ता है। खासकर महिलाओं और बच्चों को इस समस्या का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर, गांव में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियों की सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे मच्छरों और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां फैल सकती हैं। ग्रामीणों ने कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। 👉 ग्रामीणों की मांग: नियमित और पर्याप्त पानी सप्लाई सुनिश्चित की जाए गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त की जाए नालियों की नियमित सफाई कराई जाए अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब तक ध्यान देता है और ग्रामीणों को राहत मिलती है।1
- आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने आज काशी विश्वनाथ धाम में बाबा श्री विश्वनाथ जी के दर्शन-पूजन किए। *इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री जी ने मंदिर परिसर में शोभायमान, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भेंट की गई 'विक्रमादित्य वैदिक घड़ी' का अवलोकन भी किया।*1
- बैतूल।पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मुलताई श्री एस.के. सिंह के मार्गदर्शन में थाना आमला पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के प्रयास के गंभीर प्रकरण में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। 🔹*घटना का संक्षिप्त विवरण* दिनांक 28.04.2026 को थाना आमला में एक नाबालिग पीड़िता द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 13.04.2026 को आरोपी ने उसे अपने घर बुलाकर उसके साथ गलत कार्य करने का प्रयास किया। प्रकरण की रिपोर्ट पर थाना *आमला में अपराध क्रमांक 140/26 धारा 65(2), 64(2)(एम) बीएनएस तथा धारा 5(एल), 5(एम), 6 पॉक्सो एक्ट* के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। (नाबालिग पीड़िता की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी गई है।) 🔹 *पुलिस कार्यवाही* मामले की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए थाना आमला पुलिस द्वारा तत्काल आरोपी की तलाश प्रारंभ की गई। तकनीकी साक्ष्यों एवं सतत प्रयासों के आधार पर आरोपी को 24 घंटे के भीतर अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसके द्वारा अपराध करना स्वीकार किया गया। तत्पश्चात विधिवत कार्रवाई करते हुए *आरोपी सुनील पिता किशोर देवड़े, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम उमरिया, थाना आमला को* गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय आमला में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में उपजेल मुलताई भेजा गया। 🔹 *सराहनीय भूमिका* उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी आमला निरीक्षक मुकेश ठाकुर, सउनि रामेश्वर सिंह, आरक्षक तिलक कोड़ापे, नागेन्द्र सिंह, अनिरुद्ध यादव तथा साइबर सेल बैतूल के आरक्षक बलराम राजपूत, दीपेन्द्र सिंह, नितिन चौहान की सराहनीय भूमिका रही। 🔹 *पुलिस अधीक्षक की अपील* पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि विशेषकर बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी तत्काल नजदीकी थाना या डायल 100 पर दें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को जागरूक करें एवं उनकी सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें। साथ ही यह भी आश्वस्त किया गया कि ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की जाएगी।2
- Post by M. Afsar khan1
- पांढुर्णा:-— कार्रवाई न होने से बढ़ा आक्रोश, मरीजों को भारी परेशानी । सौसर के सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच आज जोरदार आंदोलन देखने को मिला, जिससे क्षेत्र का माहौल और गर्मा गया। अस्पताल परिसर में कर्मचारियों और चिकित्सा अधिकारियों ने प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। इस आंदोलन का मुख्य कारण BMO पद से डॉ. योगेश शुक्ला को हटाने की मांग है, जिस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए गए आवेदन में बताया गया कि 8 अप्रैल 2026 को कलेक्टर को ज्ञापन देकर यह मांग रखी गई थी। इसके बाद 16 अप्रैल को सामूहिक अवकाश और 17-18 अप्रैल को हड़ताल की गई थी। 18 अप्रैल को 7 दिनों में कार्रवाई के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई थी, लेकिन तय समय में कोई निर्णय नहीं लिया गया। इसके विरोध में 24 अप्रैल को फिर ज्ञापन सौंपकर 28 अप्रैल तक कार्रवाई की मांग की गई थी। चेतावनी के अनुसार कार्रवाई न होने पर 29 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी गई, जो अब आंदोलन का रूप ले चुकी है। हड़ताल और आंदोलन के कारण अस्पताल में इलाज ठप हो गया है। ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।1