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चंबल नहर निर्माण में घोटाला उजागर, घटिया काम पर सख्त कार्रवाई,#rajasthan #baran #antanews #latestup. चंबल नहर निर्माण में घोटाला उजागर, घटिया काम पर सख्त कार्रवाई,#rajasthan #baran #antanews #latestup.

4 hrs ago
user_Etv9 national news
Etv9 national news
News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
4 hrs ago

चंबल नहर निर्माण में घोटाला उजागर, घटिया काम पर सख्त कार्रवाई,#rajasthan #baran #antanews #latestup. चंबल नहर निर्माण में घोटाला उजागर, घटिया काम पर सख्त कार्रवाई,#rajasthan #baran #antanews #latestup.

More news from राजस्थान and nearby areas
  • सचिन पायलट ने किए खाटूश्यामजी के दर्शन
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    सचिन पायलट ने किए खाटूश्यामजी के दर्शन
    user_Lokesh meena 7014875854
    Lokesh meena 7014875854
    इंद्रगढ़, बूंदी, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • सवाई माधोपुर. सरकार की स्वच्छता योजनाओं के तहत ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालय अब कई जगह सवालों के घेरे में आने लगे हैं। ऐसा ही मामला चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र की रजवाना ग्राम पंचायत के कुम्हारिया गांव से सामने आया है, जहां आंगनबाड़ी केंद्र के पास बने सामुदायिक स्वास्थ्य परिसर का नया शौचालय निर्माण पूरा होने से पहले ही कथित भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया है। करीब 3 लाख 20 हजार रुपये की लागत से बने इस शौचालय को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय अभी तक उपयोग में भी नहीं आया, लेकिन उसकी हालत पहले ही जर्जर नजर आने लगी है। शौचालय के गेट झूल रहे हैं, अंदर फर्श पर टाइल्स तक नहीं बिछाई गई हैं और पानी की व्यवस्था अधूरी छोड़ दी गई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि बाद में पानी की लाइन डालने के नाम पर नए निर्माण को ही तोड़कर पाइप डाले गए, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शौचालय शुरू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया, जो सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही के कारण घटिया निर्माण कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है और सरकारी योजनाओं का उद्देश्य अधूरा रह रहा है।लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण अधूरा था, तो शौचालय पर रंग-रोगन कर उसे तैयार दिखाने की जल्दबाजी क्यों की गई? यह मामला अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी योजनाओं की निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।
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    सवाई माधोपुर. सरकार की स्वच्छता योजनाओं के तहत ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सामुदायिक शौचालय अब कई जगह सवालों के घेरे में आने लगे हैं। ऐसा ही मामला चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र की रजवाना ग्राम पंचायत के कुम्हारिया गांव से सामने आया है, जहां आंगनबाड़ी केंद्र के पास बने सामुदायिक स्वास्थ्य परिसर का नया शौचालय निर्माण पूरा होने से पहले ही कथित भ्रष्टाचार का प्रतीक बन गया है। करीब 3 लाख 20 हजार रुपये की लागत से बने इस शौचालय को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय अभी तक उपयोग में भी नहीं आया, लेकिन उसकी हालत पहले ही जर्जर नजर आने लगी है। शौचालय के गेट झूल रहे हैं, अंदर फर्श पर टाइल्स तक नहीं बिछाई गई हैं और पानी की व्यवस्था अधूरी छोड़ दी गई है। सबसे हैरान करने वाली बात यह बताई जा रही है कि बाद में पानी की लाइन डालने के नाम पर नए निर्माण को ही तोड़कर पाइप डाले गए, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद शौचालय शुरू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया, जो सरकारी धन के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी और लापरवाही के कारण घटिया निर्माण कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है और सरकारी योजनाओं का उद्देश्य अधूरा रह रहा है।लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब निर्माण अधूरा था, तो शौचालय पर रंग-रोगन कर उसे तैयार दिखाने की जल्दबाजी क्यों की गई? यह मामला अब प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी योजनाओं की निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रहा है।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • सवाई माधोपुर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर रोड पर कुछ महीने पूर्व यूआईटी द्वारा सौंदर्यकरण के नाम पर पेड़ पौधे और लोहे की जालियां लगाई गई थी। अब सड़क के चौड़ाईकरण को लेकर जालियां को वापस तोड़कर हटाया जा रहा है। जहां लाखों रुपए खर्च करके यूआईटी ने जालियां लगाई थी। आखिर देखने की बात है कि क्यों यूआईटी ने सौंदर्यकरण के नाम पर जालियां लगाई और अब हटाई जा रही है।
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    सवाई माधोपुर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर रोड पर कुछ महीने पूर्व यूआईटी द्वारा सौंदर्यकरण के नाम पर पेड़ पौधे और लोहे की जालियां लगाई गई थी। अब सड़क के चौड़ाईकरण को लेकर जालियां को वापस तोड़कर हटाया जा रहा है। जहां लाखों रुपए खर्च करके यूआईटी ने जालियां लगाई थी। आखिर देखने की बात है कि क्यों यूआईटी ने सौंदर्यकरण के नाम पर जालियां लगाई और अब हटाई जा रही है।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    11 hrs ago
  • कोटा संभाग के बारा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 22 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान रोहित सुमन पुत्र सत्यनारायण के रूप में हुई है, जो पताशे का ठेला लगाकर अपना जीवन यापन करता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई, हालांकि मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, जिससे मामला संदिग्ध माना जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और मौत के असली कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
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    कोटा संभाग के बारा जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 22 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान रोहित सुमन पुत्र सत्यनारायण के रूप में हुई है, जो पताशे का ठेला लगाकर अपना जीवन यापन करता था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई, हालांकि मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं, जिससे मामला संदिग्ध माना जा रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाया।
पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और मौत के असली कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • कोटा | नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (महिला आरक्षण बिल) को शीघ्र लागू कराने की मांग को लेकर आज कोटा शहर में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा एवं प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह के निर्देशानुसार महिला कांग्रेस कोटा शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम के नेतृत्व में पोस्टकार्ड अभियान चलाया गया । अभियान के तहत महिलाओं ने प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड लिखकर महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग उठाई। इस दौरान महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया और उन्होंने नारे लगाए— “महिला विरोधी PM को ख़त लिख कर माँगिए अपना हक़” “महिला आरक्षण लागू करो — आज करो, अभी करो” “आधी आबादी, पूरा हक़” “अब नहीं तो कभी नहीं” महिलाओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर महिला आरक्षण बिल को टाल रही है, जो देश की आधी आबादी के अधिकारों के साथ अन्याय है। महिला कांग्रेस कोटा शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम ने कहा कि अब महिलाओं को सिर्फ आश्वासन नहीं, उनका अधिकार चाहिए। देश की आधी आबादी को लंबे समय तक नजरअंदाज करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिला आरक्षण बिल को लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है, और यदि इसमें और देरी की गई तो महिला कांग्रेस सड़कों से लेकर संसद तक संघर्ष को और तेज़ करेगी। महिलाएं अब चुप नहीं बैठेंगी—अपना हक लेकर रहेंगी। इस अभियान में शगुफ्ता पठान, लक्ष्मी वर्मा, शशि प्रभा, नसरीन खानम , विमला मीणा, संतोष शर्मा, पूजा नागरवाल, शबनम खान, शबनम अंसारी, अलिना पठान, विमला बाई सहित बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहीं। अंत में सभी महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जब तक महिला आरक्षण बिल लागू नहीं होगा, तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
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    कोटा |
नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (महिला आरक्षण बिल) को शीघ्र लागू कराने की मांग को लेकर आज कोटा शहर में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा एवं प्रदेशाध्यक्ष सारिका सिंह के निर्देशानुसार महिला कांग्रेस कोटा शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम के नेतृत्व में पोस्टकार्ड अभियान चलाया गया ।
अभियान के तहत महिलाओं ने प्रधानमंत्री को पोस्टकार्ड लिखकर महिला आरक्षण बिल को तुरंत लागू करने की मांग उठाई। इस दौरान महिलाओं का आक्रोश खुलकर सामने आया और उन्होंने नारे लगाए—
“महिला विरोधी PM को ख़त लिख कर माँगिए अपना हक़”
“महिला आरक्षण लागू करो — आज करो, अभी करो”
“आधी आबादी, पूरा हक़”
“अब नहीं तो कभी नहीं”
महिलाओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर महिला आरक्षण बिल को टाल रही है, जो देश की आधी आबादी के अधिकारों के साथ अन्याय है।
महिला कांग्रेस कोटा शहर जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम ने कहा कि अब महिलाओं को सिर्फ आश्वासन नहीं, उनका अधिकार चाहिए। देश की आधी आबादी को लंबे समय तक नजरअंदाज करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिला आरक्षण बिल को लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है, और यदि इसमें और देरी की गई तो महिला कांग्रेस सड़कों से लेकर संसद तक संघर्ष को और तेज़ करेगी। महिलाएं अब चुप नहीं बैठेंगी—अपना हक लेकर रहेंगी।
इस अभियान में शगुफ्ता पठान, लक्ष्मी वर्मा, शशि प्रभा, नसरीन खानम , विमला मीणा, संतोष शर्मा, पूजा नागरवाल, शबनम खान, शबनम अंसारी, अलिना पठान, विमला बाई सहित बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
अंत में सभी महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि जब तक महिला आरक्षण बिल लागू नहीं होगा, तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ पब्लिक एप का ताजा अपडेट। स्पीकर ओम बिरला ने आज अपने पार्लियामेंट ऑफिस में जनसुनवाई की सैकड़ो कोटा बूंदी के लोगों ने अपनी प्रतिवेदना दी और उन्हें उन्होंने टीवी निदान करने के लिए अपने हस्ताक्षरों से अपने कि निजी सहायक मनीष उपाध्याय को दी अखबार नवीसो से विभाग बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब में कोटा आता हूं मेरे प्राणों से प्यारी जनता मतदाता कार्यकर्ता की समस्या सुनता हूं निदान करता हूं। जनगणना के प्रश्न पर कहां की जनगणना होना चाहिए और हर व्यक्ति को अपने परिवार की पूरी जानकारी देना चाहिए। राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल रमेश गांधी ने जब यह प्रश्न पूछा कि आप जब सांसद थे शिक्षा मंत्री के पीछे आप थैला उठा कर धूमतेथे। और शिक्षा मंत्री ने आपको 5 वर्ष चक्कर कटवाए समय ने करवट ली और आज आप स्पीकर है। और वही शिक्षा मंत्री आपके पीछे-पीछे घूमते हैं। स्पीकर ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता जी 30 अप्रैल को सेवानिवृत हुए। और 1 में मजदूर दिवस को उन्हें लोकसभा मंत्रालय से पुनः स्पीकर ओम बिरला काओएसडी नियुक्त किया गया। उनकी पुनः नियुक्ति पर डॉक्टर बद्री गोचर वरिष्ठ भाजपा नेता एव गुज़र गौड़ समाज के अध्यक्ष विशाल शर्मा राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल हेड रमेश गांधी ने उन्हें हार्दिक बधाई दी। और स्पीकर ओम बिरला जी का आभार व्यक्त किया है।
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    राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ पब्लिक एप का ताजा अपडेट।
स्पीकर ओम बिरला ने आज अपने पार्लियामेंट ऑफिस में जनसुनवाई की सैकड़ो कोटा बूंदी के लोगों ने अपनी प्रतिवेदना दी और उन्हें उन्होंने टीवी निदान करने के लिए अपने हस्ताक्षरों से अपने कि निजी सहायक मनीष उपाध्याय को दी
अखबार नवीसो से विभाग बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जब-जब में कोटा आता हूं मेरे प्राणों से प्यारी जनता मतदाता कार्यकर्ता की समस्या सुनता हूं निदान करता हूं। जनगणना के प्रश्न पर कहां की जनगणना होना चाहिए और हर व्यक्ति को अपने परिवार की पूरी जानकारी देना चाहिए। 
राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल रमेश गांधी ने जब यह प्रश्न पूछा कि आप जब सांसद थे शिक्षा मंत्री के पीछे आप थैला उठा कर धूमतेथे।
और शिक्षा मंत्री ने आपको 5 वर्ष चक्कर कटवाए समय ने करवट ली और आज आप स्पीकर है। और वही शिक्षा मंत्री आपके पीछे-पीछे घूमते हैं।
स्पीकर ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता जी 30 अप्रैल को सेवानिवृत हुए।
और 1 में मजदूर दिवस को उन्हें लोकसभा मंत्रालय से पुनः स्पीकर ओम बिरला काओएसडी नियुक्त किया गया। उनकी पुनः नियुक्ति पर डॉक्टर बद्री गोचर वरिष्ठ भाजपा नेता एव गुज़र गौड़ समाज के अध्यक्ष विशाल शर्मा राजस्थान ब्रेकिंग न्यूज़ चैनल हेड रमेश गांधी ने उन्हें हार्दिक बधाई दी। और स्पीकर ओम बिरला जी का आभार व्यक्त किया है।
    user_Ramesh Gandhi
    Ramesh Gandhi
    Media house लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • रामदेवरा रामसरोवर में नहाते वक्त डूबा 15 वर्षीय किशोर, दर्दनाक मौत,#rajasthan #jaiselmer #pokaran.
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    रामदेवरा रामसरोवर में नहाते वक्त डूबा 15 वर्षीय किशोर, दर्दनाक मौत,#rajasthan #jaiselmer #pokaran.
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • लाखेरी मॉल की झोपड़ियों में गेहूं की नोलाइयों में आग लगने की घटना सामने आई सूचना पर लाखेरी नगर पालिका की दमकल तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया इस दौरान फायरमैन हरिओम भारती मनीष सैनी मृणाल शर्मा एवं ड्राइवर रंजीत जी मौके पर उपस्थित रहे जिन्होंने सफलतापूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
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    लाखेरी
मॉल की झोपड़ियों में गेहूं की नोलाइयों में आग लगने की घटना सामने आई
सूचना पर लाखेरी नगर पालिका की दमकल तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया
इस दौरान फायरमैन हरिओम भारती मनीष सैनी मृणाल शर्मा एवं ड्राइवर रंजीत जी मौके पर उपस्थित रहे
जिन्होंने सफलतापूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
    user_Lokesh meena 7014875854
    Lokesh meena 7014875854
    इंद्रगढ़, बूंदी, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • चौथ का बरवाड़ा। विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बने पंचायत समिति भवन में लोकार्पण के महज 2 साल 11 माह बाद ही छत और दीवारों में दरारें पड़ने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है। हालत यह है कि भवन के अंदर कई कमरों की दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं और छतों पर भी क्रैक पड़ चुके हैं। जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 में चौथ का बरवाड़ा को पंचायत समिति का दर्जा मिलने के बाद शुरुआत में राजकीय विद्यालय के खाली पड़े नेहरू ब्लॉक भवन में पंचायत समिति कार्यालय संचालित किया गया था। करीब आठ वर्षों तक अस्थायी व्यवस्था में काम चलने के बाद वर्ष 2023 में सवाई माधोपुर मार्ग की ओर नया पंचायत समिति भवन बनकर तैयार हुआ और बड़े उत्साह के साथ इसका लोकार्पण किया गया। उम्मीद थी कि नया भवन क्षेत्र के प्रशासनिक कार्यों को मजबूती देगा, लेकिन निर्माण के कुछ ही वर्षों में सामने आई दरारों ने पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस कक्ष में पंचायत समिति के मुखिया विकास अधिकारी बैठते हैं, वहां भी दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। अन्य कमरों और छतों पर भी जगह-जगह क्रैक दिखाई दे रहे हैं। इससे कर्मचारियों और आमजन में भवन की मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा है कि निर्माण के दौरान ठेकेदार ने मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि अधिकारियों ने दरारों वाली बिल्डिंग को हैंडओवर लेकर संचालन कैसे शुरू कर दिया। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है। हाल ही में उपखंड अधिकारी जोगेंद्र सिंह ने पंचायत समिति भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन में पड़ी दरारों को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। हालांकि, सवाल अब भी बरकरार है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद इतनी जल्दी भवन की यह स्थिति क्यों बनी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह मामला बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पंचायत समिति भवन में आई दरारें केवल दीवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गहरी दरार का संकेत भी दे रही हैं।
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    चौथ का बरवाड़ा। विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बने पंचायत समिति भवन में लोकार्पण के महज 2 साल 11 माह बाद ही छत और दीवारों में दरारें पड़ने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग गया है। हालत यह है कि भवन के अंदर कई कमरों की दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं और छतों पर भी क्रैक पड़ चुके हैं।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2015 में चौथ का बरवाड़ा को पंचायत समिति का दर्जा मिलने के बाद शुरुआत में राजकीय विद्यालय के खाली पड़े नेहरू ब्लॉक भवन में पंचायत समिति कार्यालय संचालित किया गया था। करीब आठ वर्षों तक अस्थायी व्यवस्था में काम चलने के बाद वर्ष 2023 में सवाई माधोपुर मार्ग की ओर नया पंचायत समिति भवन बनकर तैयार हुआ और बड़े उत्साह के साथ इसका लोकार्पण किया गया। उम्मीद थी कि नया भवन क्षेत्र के प्रशासनिक कार्यों को मजबूती देगा, लेकिन निर्माण के कुछ ही वर्षों में सामने आई दरारों ने पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिस कक्ष में पंचायत समिति के मुखिया विकास अधिकारी बैठते हैं, वहां भी दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। अन्य कमरों और छतों पर भी जगह-जगह क्रैक दिखाई दे रहे हैं। इससे कर्मचारियों और आमजन में भवन की मजबूती को लेकर चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा है कि निर्माण के दौरान ठेकेदार ने मानकों के अनुरूप कार्य नहीं किया। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि अधिकारियों ने दरारों वाली बिल्डिंग को हैंडओवर लेकर संचालन कैसे शुरू कर दिया। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है।
हाल ही में उपखंड अधिकारी जोगेंद्र सिंह ने पंचायत समिति भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन में पड़ी दरारों को लेकर नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। हालांकि, सवाल अब भी बरकरार है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद इतनी जल्दी भवन की यह स्थिति क्यों बनी।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो यह मामला बड़े नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पंचायत समिति भवन में आई दरारें केवल दीवारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गहरी दरार का संकेत भी दे रही हैं।
    user_Irfan Rajasthan patrika
    Irfan Rajasthan patrika
    Local News Reporter चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    10 hrs ago
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