धौलपुर के सरमथुरा नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित जनजाति बहुल डोलरेपुरा गाँव की लगातार हो रही उपेक्षा और भेदभाव को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। गाँव की इस बदहाली के खिलाफ सीधे मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि नगर पालिका के नक्शे में डोलरेपुरा गाँव के लिए सड़क मार्ग तक दर्ज नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, गाँव के श्मशान घाट के विकास कार्यों को अधूरा छोड़ने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, श्मशान घाट का हैंडपंप खराब पड़ा है, चारदीवारी पर गेट नहीं लगाया गया है, टीन शेड और शोक संतप्त परिवारों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके साथ ही भूमि का समतलीकरण भी नहीं हुआ है और श्मशान घाट तक सुरक्षित ग्रेवल सड़क का निर्माण तक नहीं कराया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यदि इन सभी अधूरे कार्यों को कागजों में पूरा दर्शाकर भुगतान उठा लिया गया है, तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बेहद गंभीर मामला है, जिसकी स्वतंत्र जांच होनी जरूरी है। मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराते हुए सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही, दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायत में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच के दौरान जातीय आधार पर भेदभाव करने या अधिकारों से वंचित रखने के तथ्य साबित होते हैं, तो लागू कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों की जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकालता है।
धौलपुर के सरमथुरा नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित जनजाति बहुल डोलरेपुरा गाँव की लगातार हो रही उपेक्षा और भेदभाव को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। गाँव की इस बदहाली के खिलाफ सीधे मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि नगर पालिका के नक्शे में डोलरेपुरा गाँव के लिए सड़क मार्ग तक दर्ज नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, गाँव के श्मशान घाट के विकास कार्यों को अधूरा छोड़ने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, श्मशान घाट का हैंडपंप खराब पड़ा है, चारदीवारी पर गेट नहीं लगाया गया है, टीन शेड और शोक संतप्त परिवारों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके साथ ही भूमि का समतलीकरण भी नहीं हुआ है और श्मशान घाट तक सुरक्षित ग्रेवल सड़क का निर्माण तक नहीं कराया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यदि इन सभी अधूरे कार्यों को कागजों में पूरा दर्शाकर भुगतान उठा लिया गया है, तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बेहद गंभीर मामला है, जिसकी स्वतंत्र जांच होनी जरूरी है। मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराते हुए सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही, दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायत में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच के दौरान जातीय आधार पर भेदभाव करने या अधिकारों से वंचित रखने के तथ्य साबित होते हैं, तो लागू कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों की जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकालता है।
- राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा में आम आदमी पार्टी के अनुसूचित जनजाति (ST) जिला अध्यक्ष भरत सिंह मीणा ने ग्राम पंचायत पवेनी के नाम पर किए गए ऐनीकट निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले में सरकारी धन के दुरुपयोग की विस्तृत शिकायत राजस्थान के मुख्यमंत्री और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत के अनुसार, अभिलेखों में ऐनीकट का निर्माण ग्राम पंचायत पवेनी के ग्राम मोठीयापुरा के नाम पर दर्शाया गया है, जबकि वास्तव में यह निर्माण ग्राम पंचायत क्षेत्र में न होकर सरमथुरा नगर पालिका क्षेत्र में नियमों और वित्तीय प्रावधानों के विपरीत किया गया है। भरत सिंह मीणा ने दावा किया कि स्थल निरीक्षण के दौरान ऐनीकट की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। निर्माण में बड़े-बड़े पत्थरों का उपयोग कर ऊपर से केवल सीमेंट का प्लास्टर किया गया था, जिससे ऐनीकट पहली ही बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया और बाद में केवल औपचारिक मरम्मत कर मिट्टी भरने का कार्य किया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत पवेनी के क्षेत्र से बाहर निर्माण होने के कारण इस अनुसूचित जनजाति बहुल ग्राम पंचायत के लोगों को रोजगार एवं विकास योजनाओं का उचित लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने इस पूरे मामले में अधिकारियों, अभियंताओं और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसके तहत निर्माण स्थल, तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका (एमबी), भुगतान, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तथा सभी अभिलेखों की स्वतंत्र जांच व प्रयोगशाला परीक्षण कराकर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई गई है।1
- करौली के गांव खीप का पूरा में भाजपा मंडल खेड़ा जमालपुर के शक्ति केंद्र की मासिक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक मंडल अध्यक्ष गीता देवी जाट के निर्देशानुसार हुई, जिसकी अध्यक्षता मंडल उपाध्यक्ष रामदयाल सैन ने की। बैठक के मुख्य वक्ता शिव सिंह डागुर ने रविवार दोपहर 1:00 बजे कार्यकर्ताओं को पंडित दीनदयाल उपाध्याय डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यकर्ता घर बैठे पार्टी का इतिहास, उसकी विचारधारा और नीतियों का अध्ययन करने के साथ ही संगठनात्मक प्रशिक्षण भी हासिल कर सकेंगे। बैठक में सह-वक्ता और मंडल महामंत्री रामप्रकाश डागुर ने कार्यकर्ताओं से कहा कि उनकी प्राथमिकता केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने नियमित जनसंपर्क, संवाद और संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। इस अवसर पर अल्पसंख्यक मोर्चा मंडल अध्यक्ष और शक्ति केंद्र प्रभारी सलीम अली, शक्ति केंद्र संयोजक रामकिशोर सेन, बूथ अध्यक्ष राजेश डागुर, सुनीता देवी, अजय राज और मंडल मीडिया संयोजक नाहर सिंह डागुर सहित भाजपा के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- राजस्थान के सरकारी कॉलेजों में बीए, बीएससी और बीकॉम की खाली सीटों पर ऑफलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया चल रही है।1
- करौली जिले के सभी राजकीय स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस प्लस का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंची गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच, परामर्श और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध करवाई गईं। सीएमएचओ डॉ सतीश चंद मीणा ने मंडरायल में आयोजित पीएम-एसएमए प्लस पर प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच, रक्तचाप और हीमोग्लोबिन जांच सहित विभिन्न आवश्यक परीक्षण किए गए। जिन गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर कम पाया गया, उन्हें फेरिक कार्बाॅक्सी माल्टोज (एफसीएम) इंजेक्शन लगाया गया। चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने महिलाओं को नियमित जांच, संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड के सेवन, टीकाकरण और संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया। आरसीएचओ डॉ दीपका मीणा ने बताया कि इस विशेष दिवस पर कुल 2535 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई और 105 से अधिक महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन लगाया गया। डीपीओ आशुतोष पांडे ने इस अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर स्वास्थ्य सेवाएं देकर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है।4
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल पर आज एक बेहद खूबसूरत और खुशी भरा मिलन हुआ, जहां कुवैत से आए एक भाई और श्योपुर के अन्य भाई चाय पीने पहुंचे। इन सभी मेहमानों से मिलकर, बातचीत करके और उनका स्नेह पाकर दुकान संचालक बेहद आनंदित हुए। उन्होंने कहा कि ग्राहकों का यही प्यार और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, और वे हमेशा इसी तरह प्रेम, अपनेपन और सेवा के साथ सभी का स्वागत करते रहेंगे। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर की ओर से सभी भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं और भविष्य में भी इसी तरह का स्नेह और सहयोग बनाए रखने की कामना की गई है।1
- धौलपुर के सरमथुरा नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अनुसूचित जनजाति बहुल डोलरेपुरा गाँव की लगातार हो रही उपेक्षा और भेदभाव को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। गाँव की इस बदहाली के खिलाफ सीधे मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में दावा किया गया है कि नगर पालिका के नक्शे में डोलरेपुरा गाँव के लिए सड़क मार्ग तक दर्ज नहीं किया गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, गाँव के श्मशान घाट के विकास कार्यों को अधूरा छोड़ने के भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, श्मशान घाट का हैंडपंप खराब पड़ा है, चारदीवारी पर गेट नहीं लगाया गया है, टीन शेड और शोक संतप्त परिवारों के बैठने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इसके साथ ही भूमि का समतलीकरण भी नहीं हुआ है और श्मशान घाट तक सुरक्षित ग्रेवल सड़क का निर्माण तक नहीं कराया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यदि इन सभी अधूरे कार्यों को कागजों में पूरा दर्शाकर भुगतान उठा लिया गया है, तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बेहद गंभीर मामला है, जिसकी स्वतंत्र जांच होनी जरूरी है। मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराते हुए सभी विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही, दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। शिकायत में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच के दौरान जातीय आधार पर भेदभाव करने या अधिकारों से वंचित रखने के तथ्य साबित होते हैं, तो लागू कानूनों के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अब यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इन गंभीर आरोपों की जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकालता है।1
- मुरैना जिले के वीरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम लीलधा में अपनी पट्टे की जमीन का सीमांकन कराने के लिए वीरपुर तहसील कार्यालय के कई चक्कर लगाने के बाद भी न्याय न मिलने से परेशान होकर एक महिला ऊंचे टावर पर चढ़ गई। महिला के टावर पर चढ़ने की खबर मिलते ही प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंच गया है। पीड़िता का आरोप है कि वीरपुर हल्का पटवारी द्वारा उसकी पट्टे की जमीन पर पैसा लेकर अवैध मकान बनवा दिए गए हैं। टावर पर चढ़ी महिला अपनी जिद पर अड़ी हुई है और उसका स्पष्ट कहना है कि जब तक उसकी पट्टे की जमीन का सीमांकन कर अवैध कब्जा नहीं हटाया जाएगा, तब तक वह टावर से नीचे नहीं उतरेगी। इस समय मौके पर बीरपुर थाना स्टाफ सहित 4 पटवारियों की टीम मौजूद है। अब देखना यह होगा कि वीरपुर के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी महिला को टावर से सुरक्षित नीचे उतारने में सफल हो पाते हैं या नहीं।1