बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र की नगर पंचायत बेलहरा के मोहल्ला भटुवामऊ में सोमवार को ग्रामीणों ने चल रहे खनन कार्य के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 30 मई से गाटा संख्या 586 और 594 पर हो रहे खनन के कारण भारी डंपरों के आवागमन से बेलहरा से कछुवाहनपुरवा जाने वाला कच्चा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसी खराब सड़क के चलते सोमवार शाम को कछुवाहनपुरवा निवासी अनुपम सिंह, अपनी पत्नी और भाभी के साथ दवा लेने जाते समय मोटरसाइकिल से अनियंत्रित होकर गिर गए। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को सड़क से हटाकर उन्हें पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से बचा लिया। इस घटना की सूचना मिलते ही हर्ष ठाकुर, शशांक सिंह, पिंटू सिंह, शिवम सिंह, सनी सिंह, तेज सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खनन कार्य का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन की अनुमति नियमों के विपरीत दी गई है, क्योंकि खनन स्थल से सटी आम की बाग में सैकड़ों पेड़ हैं और लगभग 100 मीटर की दूरी पर राज्यपाल उत्तर प्रदेश के नाम दर्ज भूमि भी स्थित है। इसके बावजूद भारी डंपरों का संचालन जारी है, जिससे लोगों की जान जोखिम में है। विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर मोहम्मदपुर खाला के कोतवाल अमित सिंह भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराते हुए जांच तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि खनन की अनुमति दी गई है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार मौर्य ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि खनन स्थल के आसपास कोई बाग नहीं है और राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अनुमति प्रदान की गई है।
बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र की नगर पंचायत बेलहरा के मोहल्ला भटुवामऊ में सोमवार को ग्रामीणों ने चल रहे खनन कार्य के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 30 मई से गाटा संख्या 586 और 594 पर हो रहे खनन के कारण भारी डंपरों के आवागमन से बेलहरा से कछुवाहनपुरवा जाने वाला कच्चा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसी खराब सड़क के चलते सोमवार शाम को कछुवाहनपुरवा निवासी अनुपम सिंह, अपनी पत्नी और भाभी के साथ दवा लेने जाते समय मोटरसाइकिल से अनियंत्रित होकर गिर गए। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को सड़क से हटाकर उन्हें पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से बचा लिया। इस घटना की सूचना मिलते ही हर्ष ठाकुर, शशांक सिंह, पिंटू सिंह, शिवम सिंह, सनी सिंह, तेज सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खनन कार्य का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन की अनुमति नियमों के विपरीत दी गई है, क्योंकि खनन स्थल से सटी आम की बाग में सैकड़ों पेड़ हैं और लगभग 100 मीटर की दूरी पर राज्यपाल उत्तर प्रदेश के नाम दर्ज भूमि भी स्थित है। इसके बावजूद भारी डंपरों का संचालन जारी है, जिससे लोगों की जान जोखिम में है। विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर मोहम्मदपुर खाला के कोतवाल अमित सिंह भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराते हुए जांच तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि खनन की अनुमति दी गई है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार मौर्य ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि खनन स्थल के आसपास कोई बाग नहीं है और राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अनुमति प्रदान की गई है।
- महमूदाबाद जनता सीतापुर के अंतर्गत ग्राम सहजानी में बदहाल स्थिति बनी हुई है। गांव में नाली टूटी हुई है और सड़क का बड़ा है, जिसके कारण पूरा सहजनी गांव कचरे के ढेर से बुरी तरह प्रभावित है और इसका हाल बेहाल है। इस गंभीर बदहाली के बावजूद, महमूदाबाद नगरपालिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है। इस स्थिति पर ध्यान आकर्षित करने और अधिकारियों को कार्रवाई के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से, इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की गई है।1
- बाराबंकी से ब्यूरो पत्रकार रामजी दीक्षित की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत गांधी परिवार की कसीदे गढ़ते नजर आए और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। गहलोत ने दावा किया कि सोनिया गांधी उन्हें अध्यक्ष बना रही थीं, और ऐसी स्थिति में वह भला कैसे मना कर सकते थे। उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ “षड्यंत्र हुआ” और वे “बदनाम हो गए।” गहलोत के मुताबिक, ऐसी स्थितियाँ पैदा कर दी गईं जिससे लोगों को यह लगने लगा कि अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बने रहना था और कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना था, जिसके कारण “रिवोल्ट” हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया बलरामपुर दौरे के दौरान जिले को ₹294 करोड़ की लागत वाली 75 विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनमें सड़क निर्माण, पुल, सिंचाई व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्य प्रमुख थे। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बलरामपुर पहुंचकर इन परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनसे जिले के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और स्थानीय निवासियों के लिए नई सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध होंगे। इस दौरान, उन्होंने कई जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों में भी भाग लिया और प्रतीकात्मक रूप से बच्चों का 'अन्नप्राशन' संस्कार संपन्न कराया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बलरामपुर तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है और सरकार जिले के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपने प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री ने शुक्रवार रात तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में विश्राम किया और शनिवार सुबह विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से मुलाकात की और वहां की स्वच्छता व सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में, मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण और पर्यावरण को बचाने का आह्वान करते हुए जोर दिया कि पर्यावरण का संरक्षण ही भविष्य की पीढ़ी के लिए जीवन का आधार है। मुख्यमंत्री के इस दो दिवसीय दौरे से बलरामपुर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता में काफी उत्साह देखा गया। प्रशासन ने उनकी यात्रा को देखते हुए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। कार्यक्रमों के बाद, मुख्यमंत्री गोंडा जिले के लिए रवाना हो गए।1
- जनपद बाराबंकी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो सीएमओ कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन करते हुए व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। बाराबंकी की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई हैं, जहां जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, मरीजों को बाहर से दवाएं और इंजेक्शन लिखे जाने की शिकायतें, तथा करोड़ों रुपये की लागत से बने ट्रॉमा सेंटर का पूरी क्षमता से संचालित न होना जैसी समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं। इन बदहाल परिस्थितियों के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर इलाज के लिए लखनऊ समेत अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया जा चुका है। वहीं, जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद आमजन को अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। युवा मंडल अध्यक्ष अयोध्या (सोनू) शर्मा की अध्यक्षता में सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया है कि लगभग 32 लाख की आबादी वाले बाराबंकी जनपद में आज तक कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो सका है। संगठन का आरोप है कि जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी ने जोर देकर कहा कि बाराबंकी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिलेवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सीएमओ ने संगठन की मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन में मुख्य रूप से सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना, हृदय रोग एवं न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति, ट्रॉमा सेंटर का पूर्ण संचालन, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती, निजी अस्पतालों की जांच और जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांगें उठाई गई हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षों से लंबित इन जनहितकारी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है, तो किसानों और आमजन को साथ लेकर एक व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश महासचिव रणवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री खालिद खान, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा, सिद्धांत सिंह, पवन शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।4
- बाराबंकी नगर कोतवाली के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला कटरा बारादरी में हज़रत शहीद मर्द बाबा का सालाना उर्स मुबारक भव्य तरीके से उद्घाटित किया गया। इस मुबारक मौके पर एक आल इंडिया मुशायरे का भी आयोजन किया गया है।1
- बाराबंकी के रामनगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की नगर इकाई का पुनर्गठन समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। संगठन के चुनाव अधिकारी डॉ. आजाद प्रताप सिंह की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में असिस्टेंट प्रोफेसर गरिमा श्रीवास्तव को नगर अध्यक्ष और निखिल पांडे को नगर मंत्री चुना गया। पुनर्गठन के दौरान आलोक राय एवं शिवम अवस्थी को नगर उपाध्यक्ष बनाया गया, जबकि नैंसी मिश्रा, चमन मिश्रा, शिवम सोनी, अर्जुन मिश्रा सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी विभिन्न दायित्व सौंपे गए। अनन्या मौर्या को राष्ट्रीय कला मंच संयोजक, संस्कार गुप्ता को खेलो भारत संयोजक, आलोक मिश्रा को नगर एसएफडी संयोजक, अमन यादव को नगर मीडिया संयोजक, आदित्य राजपूत को नगर सोशल मीडिया संयोजक, संत कुमार शर्मा को नगर आंदोलन संयोजक और सुयश सिंह को नगर कार्यकारिणी सदस्य चुना गया। अंश पांडे, वैभव सिंह और अनुभव सिंह को भी संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिलीं। इस अवसर पर विभाग संगठन मंत्री आकाश शुक्ला, जिला संयोजक योगेश सिंह, पूर्व अध्यक्ष विश्वेश मिश्र और पूर्व नगर मंत्री विकास सिंह विभु सहित बड़ी संख्या में परिषद के कार्यकर्ता, महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान, रामनगर विधानसभा क्षेत्र 267 से भारतीय जनता पार्टी के संभावित प्रत्याशी एवं समाजसेवी शिव प्रकाश अवस्थी उर्फ राहुल ने नवनियुक्त नगर मंत्री निखिल पांडे सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने नवगठित नगर इकाई को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थी परिषद युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। समारोह के बाद, सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल लोधेश्वर महादेवा धाम पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन कर संगठन की उन्नति और समाज कल्याण की कामना की। आयोजन के सफल संपन्न होने पर कार्यकर्ताओं ने नवगठित टीम के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।1
- जनपद बाराबंकी की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की माँग करते हुए भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो सीएमओ कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएँ लगातार सवालों के घेरे में रही हैं, जहाँ कभी जिला अस्पताल में बाहर की दवाएँ और इंजेक्शन लिखे जाने के आरोप लगते हैं, तो कभी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी चर्चा का विषय बनती है। करोड़ों रुपये की लागत से बना ट्रॉमा सेंटर भी अब तक पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पाया है, जिसके कारण गंभीर मरीजों को अक्सर लखनऊ रेफर करना पड़ता है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया है, और जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने भी सुधार के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद लोगों की शिकायतें अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। युवा मंडल अध्यक्ष अयोध्या (सोनू) शर्मा की अध्यक्षता में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि लगभग 32 लाख की आबादी वाले बाराबंकी जिले में आज तक कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो सका है। भाकियू (भानु) ने सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना, हृदय रोग एवं न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति, ट्रॉमा सेंटर को पूर्ण रूप से संचालित करने, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती, निजी अस्पतालों की जाँच तथा जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की प्रमुख माँगें रखी हैं। राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से न केवल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर भी पैदा होंगे। सीएमओ ने संगठन को आश्वासन दिया है कि उनकी माँगों को शासन स्तर पर भेजा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। भाकियू (भानु) ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षों से लंबित इन जनहित की माँगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान प्रदेश महासचिव रणवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री खालिद खान, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।4
- समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के सैफई में शनिवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य आगमन हुआ। उनके पहुंचने पर सैफई का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और यह राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र भी बन गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने स्वयं शंकराचार्य की अगवानी की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने प्रवास के दौरान, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की अपनी पुरजोर मांग दोहराई। उन्होंने इस विषय को केवल एक धार्मिक मुद्दा न बताते हुए, इसे सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का विषय बताया। इसी संदर्भ में, उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए कड़े कानून लागू करने का आग्रह किया। शंकराचार्य के इस दौरे ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इसे एक धार्मिक यात्रा के रूप में देखे जाने के बावजूद, सपा नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी ने इसे विशेष महत्व दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शंकराचार्य के आगमन पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने सनातन संस्कृति और भविष्य के संकेतों को लेकर अपनी बात रखी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आयोजन के जरिए समाजवादी पार्टी ने सनातन परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है, जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विमर्श पैदा हो सकता है।2
- बाराबंकी जिले के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के टेंरा दौलतपुर गांव में एक युवक की तालाब में डूबने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, टेंरा दौलतपुर निवासी लगभग 30 वर्षीय राजन पुत्र दिनेश सोमवार सुबह करीब 10 बजे दवा लेने के लिए घर से निकले थे। परिजन के मुताबिक, राजन काफी समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज जारी था। जब राजन काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान गांव के तालाब किनारे उनकी साइकिल खड़ी मिली और बाद में उनका शव तालाब में मुंह के बल पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। शव मिलने की सूचना गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए, और परिवार में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि राजन की शादी लगभग छह साल पहले निशु से हुई थी, और उनके परिवार में पत्नी तथा दो छोटी बेटियां हैं। युवक की असमय मृत्यु से उनकी पत्नी, मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, तथा उनका कहना है कि मौत के स्पष्ट कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।1