Shuru
Apke Nagar Ki App…
बाराबंकी से ब्यूरो पत्रकार रामजी दीक्षित की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत गांधी परिवार की कसीदे गढ़ते नजर आए और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। गहलोत ने दावा किया कि सोनिया गांधी उन्हें अध्यक्ष बना रही थीं, और ऐसी स्थिति में वह भला कैसे मना कर सकते थे। उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ “षड्यंत्र हुआ” और वे “बदनाम हो गए।” गहलोत के मुताबिक, ऐसी स्थितियाँ पैदा कर दी गईं जिससे लोगों को यह लगने लगा कि अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बने रहना था और कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना था, जिसके कारण “रिवोल्ट” हुआ।
राम जी दीक्षित पत्रकार
बाराबंकी से ब्यूरो पत्रकार रामजी दीक्षित की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत गांधी परिवार की कसीदे गढ़ते नजर आए और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। गहलोत ने दावा किया कि सोनिया गांधी उन्हें अध्यक्ष बना रही थीं, और ऐसी स्थिति में वह भला कैसे मना कर सकते थे। उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ “षड्यंत्र हुआ” और वे “बदनाम हो गए।” गहलोत के मुताबिक, ऐसी स्थितियाँ पैदा कर दी गईं जिससे लोगों को यह लगने लगा कि अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बने रहना था और कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना था, जिसके कारण “रिवोल्ट” हुआ।
More news from Lucknow and nearby areas
- राजधानी लखनऊ के थाना बन्थरा पुलिस ने एक नाबालिग बालिका के साथ गलत काम करने के आरोपी उसके सगे मामा को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस संबंध में डीसीपी साउथ द्वारा भी एक बाइट दी गई।1
- लखनऊ जिले के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के बसौहा गांव में 8 जून 2026 को रात करीब 12:30 बजे 30 वर्षीय रणजीत कोरी, जो छोटेलाल कोरी के पुत्र थे, ने पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के संबंध में जब परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई, तो उन्होंने बताया कि रणजीत अपनी पत्नी के साथ अकेले रहते थे और उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे। परिजनों ने यह भी बताया कि रणजीत शराब पीने के भी आदी थे, और उन्हें आत्महत्या के पीछे का कोई अन्य कारण ज्ञात नहीं है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पंचायतनामा और फील्ड यूनिट की कार्यवाही जारी है। क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर, श्री सुनील कुमार सिंह, ने इस प्रकरण के बारे में बयान दिया है। मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है और पुलिस द्वारा अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- लखनऊ से लेखिका और कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति को जनहित सर्व समाज सेवा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। यह जानकारी जनहित सर्व समाज सेवा द्वारा दी गई।1
- अमेठी जिले की एक बेटी ने लेफ्टिनेंट का पद हासिल किया है, जिससे पूरे जिले में खुशी का माहौल है। इस उपलब्धि के बाद से स्थानीय लोगों में उत्साह और गर्व देखा जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के जनपद अयोध्या में दिनांक 07.06.2026 को उत्तर प्रदेश एसटीएफ की प्रयागराज इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान ₹01 लाख का इनामी कुख्यात अपराधी भानू प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह, जो शार्प शूटर और कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में जाना जाता था, पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। गोरखपुर जनपद के थाना बेलघाट का निवासी भानू प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह को घायल अवस्था में तत्काल मेडिकल कॉलेज, अयोध्या ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस अपराधी के विरुद्ध हत्या, लूट, डकैती सहित अन्य गंभीर अपराधों के कुल 41 अभियोग पंजीकृत थे। घटनास्थल से एक कार्बाइन, एक पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस एवं खोखे बरामद किए गए। अपर पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, उत्तर प्रदेश, श्री अमिताभ यश ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि शार्प शूटर भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू मुठभेड़ में घायल होने के बाद उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित कर दिया गया।1
- बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र की नगर पंचायत बेलहरा के मोहल्ला भटुवामऊ में सोमवार को ग्रामीणों ने चल रहे खनन कार्य के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 30 मई से गाटा संख्या 586 और 594 पर हो रहे खनन के कारण भारी डंपरों के आवागमन से बेलहरा से कछुवाहनपुरवा जाने वाला कच्चा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसी खराब सड़क के चलते सोमवार शाम को कछुवाहनपुरवा निवासी अनुपम सिंह, अपनी पत्नी और भाभी के साथ दवा लेने जाते समय मोटरसाइकिल से अनियंत्रित होकर गिर गए। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को सड़क से हटाकर उन्हें पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से बचा लिया। इस घटना की सूचना मिलते ही हर्ष ठाकुर, शशांक सिंह, पिंटू सिंह, शिवम सिंह, सनी सिंह, तेज सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खनन कार्य का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन की अनुमति नियमों के विपरीत दी गई है, क्योंकि खनन स्थल से सटी आम की बाग में सैकड़ों पेड़ हैं और लगभग 100 मीटर की दूरी पर राज्यपाल उत्तर प्रदेश के नाम दर्ज भूमि भी स्थित है। इसके बावजूद भारी डंपरों का संचालन जारी है, जिससे लोगों की जान जोखिम में है। विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर मोहम्मदपुर खाला के कोतवाल अमित सिंह भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराते हुए जांच तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि खनन की अनुमति दी गई है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार मौर्य ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि खनन स्थल के आसपास कोई बाग नहीं है और राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अनुमति प्रदान की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में थाना कुर्सी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली देवा रेंज की वन विभाग टीम अवैध कटान की सूचना मिलने पर एक गांव में कार्रवाई के लिए पहुंची थी। वहां मौजूद वन माफियाओं ने वन विभाग की टीम के सदस्यों के साथ अभद्रता की और उनके साथ मारपीट भी की। इस घटना के बाद, क्षेत्रीय वन अधिकारी की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।1
- उत्तर प्रदेश से आज दिन भर की खास खबरें प्रस्तुत की गई हैं।1
- वाराणसी में छात्राओं की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जहाँ स्कूल से लौट रही एक छात्रा को सरेआम स्कूटी पर खींचने की कोशिश की गई। इस दुस्साहसिक घटना के दौरान आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। वायरल हो रहे एक वीडियो के अनुसार, कुछ युवकों ने छात्रा को जबरन स्कूटी पर बैठाने का प्रयास किया। छात्रा के विरोध करने और शोर मचाने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसके बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की घटनाएँ महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ बढ़ा रही हैं। इस मामले में पुलिस जाँच में जुटी है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। घटना के बाद से सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं, और लोगों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1