logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में थाना कुर्सी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली देवा रेंज की वन विभाग टीम अवैध कटान की सूचना मिलने पर एक गांव में कार्रवाई के लिए पहुंची थी। वहां मौजूद वन माफियाओं ने वन विभाग की टीम के सदस्यों के साथ अभद्रता की और उनके साथ मारपीट भी की। इस घटना के बाद, क्षेत्रीय वन अधिकारी की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

3 hrs ago
user_Journalist Manoj Shukla
Journalist Manoj Shukla
सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में थाना कुर्सी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली देवा रेंज की वन विभाग टीम अवैध कटान की सूचना मिलने पर एक गांव में कार्रवाई के लिए पहुंची थी। वहां मौजूद वन माफियाओं ने वन विभाग की टीम के सदस्यों के साथ अभद्रता की और उनके साथ मारपीट भी की। इस घटना के बाद, क्षेत्रीय वन अधिकारी की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया बलरामपुर दौरे के दौरान जिले को ₹294 करोड़ की लागत वाली 75 विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनमें सड़क निर्माण, पुल, सिंचाई व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्य प्रमुख थे। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बलरामपुर पहुंचकर इन परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनसे जिले के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और स्थानीय निवासियों के लिए नई सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध होंगे। इस दौरान, उन्होंने कई जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों में भी भाग लिया और प्रतीकात्मक रूप से बच्चों का 'अन्नप्राशन' संस्कार संपन्न कराया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बलरामपुर तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है और सरकार जिले के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अपने प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री ने शुक्रवार रात तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में विश्राम किया और शनिवार सुबह विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से मुलाकात की और वहां की स्वच्छता व सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में, मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण और पर्यावरण को बचाने का आह्वान करते हुए जोर दिया कि पर्यावरण का संरक्षण ही भविष्य की पीढ़ी के लिए जीवन का आधार है। मुख्यमंत्री के इस दो दिवसीय दौरे से बलरामपुर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता में काफी उत्साह देखा गया। प्रशासन ने उनकी यात्रा को देखते हुए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। कार्यक्रमों के बाद, मुख्यमंत्री गोंडा जिले के लिए रवाना हो गए।
    1
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया बलरामपुर दौरे के दौरान जिले को ₹294 करोड़ की लागत वाली 75 विभिन्न विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया, जिनमें सड़क निर्माण, पुल, सिंचाई व्यवस्था, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित कार्य प्रमुख थे।

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को बलरामपुर पहुंचकर इन परियोजनाओं का शिलान्यास किया, जिनसे जिले के बुनियादी ढांचे में सुधार होगा और स्थानीय निवासियों के लिए नई सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध होंगे। इस दौरान, उन्होंने कई जन-कल्याणकारी कार्यक्रमों में भी भाग लिया और प्रतीकात्मक रूप से बच्चों का 'अन्नप्राशन' संस्कार संपन्न कराया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बलरामपुर तेजी से विकास की राह पर अग्रसर है और सरकार जिले के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अपने प्रवास के दौरान, मुख्यमंत्री ने शुक्रवार रात तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी देवी मंदिर में विश्राम किया और शनिवार सुबह विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की। दर्शन के बाद उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से मुलाकात की और वहां की स्वच्छता व सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में, मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण और पर्यावरण को बचाने का आह्वान करते हुए जोर दिया कि पर्यावरण का संरक्षण ही भविष्य की पीढ़ी के लिए जीवन का आधार है।

मुख्यमंत्री के इस दो दिवसीय दौरे से बलरामपुर के स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनता में काफी उत्साह देखा गया। प्रशासन ने उनकी यात्रा को देखते हुए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। कार्यक्रमों के बाद, मुख्यमंत्री गोंडा जिले के लिए रवाना हो गए।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील अंतर्गत लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघरा नदी के ऊपर स्थित संजय सेतु का मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, सोमवार सुबह करीब 10 बजे इसे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने फीता काटकर छोटे वाहनों के आवागमन का शुभारंभ किया। लगभग 1200 मीटर लंबे इस महत्वपूर्ण सेतु का मरम्मत कार्य करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है, जिसे निर्धारित समय पर पूरा किया गया है। मरम्मत के दौरान पुल पर यातायात पूरी तरह बंद रखा गया था, जिसके कारण लखनऊ, बाराबंकी और बहराइच सहित आसपास के जनपदों के लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। दो जनपदों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण सेतु के फिर से चालू होने से अब आवागमन पहले की तरह सुगम हो सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने पुष्टि की है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कार्य निर्धारित समय पर पूरे हो चुके हैं। अधिकारी अनंत मौर्य और इंजीनियर सद्दाम ने भी बताया कि छोटे वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है और यातायात व्यवस्था सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, भारी वाहनों के संचालन को लेकर अभी कुछ आवश्यक परीक्षण और औपचारिकताएं शेष हैं, जिसके चलते बड़े वाहनों का आवागमन 15 जून तक प्रतिबंधित रहेगा। उम्मीद है कि 15 जून से भारी वाहनों को भी सेतु से गुजरने की अनुमति दे दी जाएगी। पुल के शुभारंभ के अवसर पर सुपरवाइजर ऋषभ सिंह, साइट इंचार्ज लेखपाल सहित दर्जनों कर्मचारी भी मौजूद रहे।
    1
    बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील अंतर्गत लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघरा नदी के ऊपर स्थित संजय सेतु का मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, सोमवार सुबह करीब 10 बजे इसे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने फीता काटकर छोटे वाहनों के आवागमन का शुभारंभ किया। लगभग 1200 मीटर लंबे इस महत्वपूर्ण सेतु का मरम्मत कार्य करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है, जिसे निर्धारित समय पर पूरा किया गया है।

मरम्मत के दौरान पुल पर यातायात पूरी तरह बंद रखा गया था, जिसके कारण लखनऊ, बाराबंकी और बहराइच सहित आसपास के जनपदों के लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। दो जनपदों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण सेतु के फिर से चालू होने से अब आवागमन पहले की तरह सुगम हो सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने पुष्टि की है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कार्य निर्धारित समय पर पूरे हो चुके हैं। अधिकारी अनंत मौर्य और इंजीनियर सद्दाम ने भी बताया कि छोटे वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है और यातायात व्यवस्था सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं।

हालांकि, भारी वाहनों के संचालन को लेकर अभी कुछ आवश्यक परीक्षण और औपचारिकताएं शेष हैं, जिसके चलते बड़े वाहनों का आवागमन 15 जून तक प्रतिबंधित रहेगा। उम्मीद है कि 15 जून से भारी वाहनों को भी सेतु से गुजरने की अनुमति दे दी जाएगी। पुल के शुभारंभ के अवसर पर सुपरवाइजर ऋषभ सिंह, साइट इंचार्ज लेखपाल सहित दर्जनों कर्मचारी भी मौजूद रहे।
    user_Krishna Kumar
    Krishna Kumar
    Advertising Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • मूल संदेश में परिवार के महत्व को रेखांकित किया गया है, जहाँ कहा गया है कि यदि परिवार एकजुट है तो हर कोई साथ है। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि परिवार के बिना जीवन संभव नहीं है।
    1
    मूल संदेश में परिवार के महत्व को रेखांकित किया गया है, जहाँ कहा गया है कि यदि परिवार एकजुट है तो हर कोई साथ है। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि परिवार के बिना जीवन संभव नहीं है।
    user_Arbind Kumar
    Arbind Kumar
    Ramnagar, Barabanki•
    22 hrs ago
  • बाराबंकी में एक चाची को घर का सोना दिखाते हुए रील्स बनाने का बड़ा शौक था, जिसका उन्हें अब भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। बताया गया है कि चाची द्वारा बनाई गई ऐसी रील्स चोरों तक पहुँच गईं, जिसके बाद आख़िर में उनके घर में चोरी हो गई। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
    1
    बाराबंकी में एक चाची को घर का सोना दिखाते हुए रील्स बनाने का बड़ा शौक था, जिसका उन्हें अब भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। बताया गया है कि चाची द्वारा बनाई गई ऐसी रील्स चोरों तक पहुँच गईं, जिसके बाद आख़िर में उनके घर में चोरी हो गई। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जनपद बाराबंकी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो सीएमओ कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन करते हुए व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। बाराबंकी की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई हैं, जहां जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, मरीजों को बाहर से दवाएं और इंजेक्शन लिखे जाने की शिकायतें, तथा करोड़ों रुपये की लागत से बने ट्रॉमा सेंटर का पूरी क्षमता से संचालित न होना जैसी समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं। इन बदहाल परिस्थितियों के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर इलाज के लिए लखनऊ समेत अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया जा चुका है। वहीं, जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद आमजन को अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। युवा मंडल अध्यक्ष अयोध्या (सोनू) शर्मा की अध्यक्षता में सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया है कि लगभग 32 लाख की आबादी वाले बाराबंकी जनपद में आज तक कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो सका है। संगठन का आरोप है कि जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी ने जोर देकर कहा कि बाराबंकी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिलेवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सीएमओ ने संगठन की मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन में मुख्य रूप से सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना, हृदय रोग एवं न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति, ट्रॉमा सेंटर का पूर्ण संचालन, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती, निजी अस्पतालों की जांच और जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांगें उठाई गई हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षों से लंबित इन जनहितकारी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है, तो किसानों और आमजन को साथ लेकर एक व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश महासचिव रणवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री खालिद खान, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा, सिद्धांत सिंह, पवन शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।
    4
    जनपद बाराबंकी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो सीएमओ कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन करते हुए व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा।

बाराबंकी की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई हैं, जहां जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, मरीजों को बाहर से दवाएं और इंजेक्शन लिखे जाने की शिकायतें, तथा करोड़ों रुपये की लागत से बने ट्रॉमा सेंटर का पूरी क्षमता से संचालित न होना जैसी समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं। इन बदहाल परिस्थितियों के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर इलाज के लिए लखनऊ समेत अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया जा चुका है। वहीं, जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद आमजन को अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।

युवा मंडल अध्यक्ष अयोध्या (सोनू) शर्मा की अध्यक्षता में सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया है कि लगभग 32 लाख की आबादी वाले बाराबंकी जनपद में आज तक कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो सका है। संगठन का आरोप है कि जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी ने जोर देकर कहा कि बाराबंकी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिलेवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सीएमओ ने संगठन की मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया है।

ज्ञापन में मुख्य रूप से सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना, हृदय रोग एवं न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति, ट्रॉमा सेंटर का पूर्ण संचालन, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती, निजी अस्पतालों की जांच और जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांगें उठाई गई हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षों से लंबित इन जनहितकारी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है, तो किसानों और आमजन को साथ लेकर एक व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश महासचिव रणवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री खालिद खान, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा, सिद्धांत सिंह, पवन शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।
    user_Anil Kumar Journalist
    Anil Kumar Journalist
    Media company नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बाराबंकी नगर कोतवाली के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला कटरा बारादरी में हज़रत शहीद मर्द बाबा का सालाना उर्स मुबारक भव्य तरीके से उद्घाटित किया गया। इस मुबारक मौके पर एक आल इंडिया मुशायरे का भी आयोजन किया गया है।
    1
    बाराबंकी नगर कोतवाली के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला कटरा बारादरी में हज़रत शहीद मर्द बाबा का सालाना उर्स मुबारक भव्य तरीके से उद्घाटित किया गया। इस मुबारक मौके पर एक आल इंडिया मुशायरे का भी आयोजन किया गया है।
    user_Suhail Ahmad Ansari
    Suhail Ahmad Ansari
    Local News Reporter नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • बाराबंकी जनपद के थाना जैदपुर क्षेत्र अंतर्गत हरियाली पर वन माफियाओं का आतंक लगातार जारी है। इन वन माफियाओं ने क्षेत्र में एक हरे-भरे आम के पेड़ को काटकर पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।
    1
    बाराबंकी जनपद के थाना जैदपुर क्षेत्र अंतर्गत हरियाली पर वन माफियाओं का आतंक लगातार जारी है। इन वन माफियाओं ने क्षेत्र में एक हरे-भरे आम के पेड़ को काटकर पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।
    user_Journalist Manoj Shukla
    Journalist Manoj Shukla
    सिरौली गौसपुर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के सैफई में शनिवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य आगमन हुआ। उनके पहुंचने पर सैफई का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और यह राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र भी बन गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने स्वयं शंकराचार्य की अगवानी की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने प्रवास के दौरान, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की अपनी पुरजोर मांग दोहराई। उन्होंने इस विषय को केवल एक धार्मिक मुद्दा न बताते हुए, इसे सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का विषय बताया। इसी संदर्भ में, उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए कड़े कानून लागू करने का आग्रह किया। शंकराचार्य के इस दौरे ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इसे एक धार्मिक यात्रा के रूप में देखे जाने के बावजूद, सपा नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी ने इसे विशेष महत्व दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शंकराचार्य के आगमन पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने सनातन संस्कृति और भविष्य के संकेतों को लेकर अपनी बात रखी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आयोजन के जरिए समाजवादी पार्टी ने सनातन परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है, जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विमर्श पैदा हो सकता है।
    2
    समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के सैफई में शनिवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य आगमन हुआ। उनके पहुंचने पर सैफई का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और यह राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र भी बन गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने स्वयं शंकराचार्य की अगवानी की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

अपने प्रवास के दौरान, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की अपनी पुरजोर मांग दोहराई। उन्होंने इस विषय को केवल एक धार्मिक मुद्दा न बताते हुए, इसे सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का विषय बताया। इसी संदर्भ में, उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए कड़े कानून लागू करने का आग्रह किया।

शंकराचार्य के इस दौरे ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इसे एक धार्मिक यात्रा के रूप में देखे जाने के बावजूद, सपा नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी ने इसे विशेष महत्व दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शंकराचार्य के आगमन पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने सनातन संस्कृति और भविष्य के संकेतों को लेकर अपनी बात रखी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आयोजन के जरिए समाजवादी पार्टी ने सनातन परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है, जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विमर्श पैदा हो सकता है।
    user_रामानंद सागर
    रामानंद सागर
    Photographer रामनगर, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बाराबंकी से ब्यूरो पत्रकार रामजी दीक्षित की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत गांधी परिवार की कसीदे गढ़ते नजर आए और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। गहलोत ने दावा किया कि सोनिया गांधी उन्हें अध्यक्ष बना रही थीं, और ऐसी स्थिति में वह भला कैसे मना कर सकते थे। उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ “षड्यंत्र हुआ” और वे “बदनाम हो गए।” गहलोत के मुताबिक, ऐसी स्थितियाँ पैदा कर दी गईं जिससे लोगों को यह लगने लगा कि अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बने रहना था और कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना था, जिसके कारण “रिवोल्ट” हुआ।
    1
    बाराबंकी से ब्यूरो पत्रकार रामजी दीक्षित की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत गांधी परिवार की कसीदे गढ़ते नजर आए और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। गहलोत ने दावा किया कि सोनिया गांधी उन्हें अध्यक्ष बना रही थीं, और ऐसी स्थिति में वह भला कैसे मना कर सकते थे।

उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ “षड्यंत्र हुआ” और वे “बदनाम हो गए।” गहलोत के मुताबिक, ऐसी स्थितियाँ पैदा कर दी गईं जिससे लोगों को यह लगने लगा कि अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बने रहना था और कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना था, जिसके कारण “रिवोल्ट” हुआ।
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.