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बाराबंकी में एक चाची को घर का सोना दिखाते हुए रील्स बनाने का बड़ा शौक था, जिसका उन्हें अब भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। बताया गया है कि चाची द्वारा बनाई गई ऐसी रील्स चोरों तक पहुँच गईं, जिसके बाद आख़िर में उनके घर में चोरी हो गई। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
राम जी दीक्षित पत्रकार
बाराबंकी में एक चाची को घर का सोना दिखाते हुए रील्स बनाने का बड़ा शौक था, जिसका उन्हें अब भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। बताया गया है कि चाची द्वारा बनाई गई ऐसी रील्स चोरों तक पहुँच गईं, जिसके बाद आख़िर में उनके घर में चोरी हो गई। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।
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- बाराबंकी में नगर पालिका परिषद नवाबगंज के वार्ड बीरपटावन स्थित वर्षों से बंद पड़े 'गरीब अस्पताल' को पुनः संचालित कराने की मांग अब ज़ोर पकड़ने लगी है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष फैसल मलिक के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाधिकारी बाराबंकी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अस्पताल की उच्चस्तरीय जांच कराने और उसे तत्काल फिर से शुरू करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि यह अस्पताल गरीबों, मज़दूरों, किसानों, रिक्शा चालकों, महिलाओं और ज़रूरतमंद लोगों के उपचार के लिए स्थापित किया गया था, लेकिन कई वर्षों से बंद पड़ा है। अस्पताल के बंद होने के कारण क्षेत्र के हज़ारों परिवार स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं, जिससे उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज़ के सरकारी अस्पतालों या महंगे निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। जिलाध्यक्ष फैसल मलिक ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह मुद्दा केवल एक इमारत तक सीमित नहीं है, बल्कि हज़ारों गरीब परिवारों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने जनता की ओर से सवाल उठाया कि अस्पताल को बंद करने का आदेश किसने दिया और इतने वर्षों बाद भी इसे पुनः संचालित करने के लिए कोई प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से अस्पताल की भूमि, भवन, उपकरणों और अभिलेखों की जांच कराने के साथ ही, अस्पताल को पुनः चालू करने की एक समयबद्ध कार्ययोजना घोषित करने और चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। फैसल मलिक ने प्रशासन से तुरंत अस्पताल शुरू करने का आग्रह किया, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन द्वारा जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो जनता के सहयोग से लोकतांत्रिक तरीके से एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान मध्यांचल प्रवक्ता बल्लाम यादव, मध्यांचल महासचिव युवा अनुराग सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष देवा मोहम्मद अरशद, जिला सचिव कलीम उर्फ मुनिया, बांकी नगर अध्यक्ष मोहम्मद वसी, मोहम्मद नदीम रियान उर्फ छोटे, ज़फर अंसारी, मंडल अध्यक्ष युवा समीर यादव, विक्कू सिंह, तुलसी रावत, नसीम खान, नदीम क़ुरैशी, सनी एडवोकेट वर्मा, तुषार रावत, बाबी, रिंकू वर्मा, सुधीर यादव सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। क्षेत्रीय जनता का भी कहना है कि 'गरीब अस्पताल' के फिर से संचालित होने से हज़ारों ज़रूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाएँ उनके घर के पास ही उपलब्ध हो पाएंगी, क्योंकि स्वास्थ्य सेवा हर नागरिक का अधिकार है, सुविधा नहीं बल्कि आवश्यकता है।1
- बाराबंकी में एक चाची को घर का सोना दिखाते हुए रील्स बनाने का बड़ा शौक था, जिसका उन्हें अब भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। बताया गया है कि चाची द्वारा बनाई गई ऐसी रील्स चोरों तक पहुँच गईं, जिसके बाद आख़िर में उनके घर में चोरी हो गई। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।1
- जनपद बाराबंकी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो सीएमओ कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन करते हुए व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। बाराबंकी की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई हैं, जहां जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, मरीजों को बाहर से दवाएं और इंजेक्शन लिखे जाने की शिकायतें, तथा करोड़ों रुपये की लागत से बने ट्रॉमा सेंटर का पूरी क्षमता से संचालित न होना जैसी समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं। इन बदहाल परिस्थितियों के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर इलाज के लिए लखनऊ समेत अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया जा चुका है। वहीं, जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद आमजन को अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। युवा मंडल अध्यक्ष अयोध्या (सोनू) शर्मा की अध्यक्षता में सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया है कि लगभग 32 लाख की आबादी वाले बाराबंकी जनपद में आज तक कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो सका है। संगठन का आरोप है कि जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी ने जोर देकर कहा कि बाराबंकी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिलेवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सीएमओ ने संगठन की मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन में मुख्य रूप से सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना, हृदय रोग एवं न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति, ट्रॉमा सेंटर का पूर्ण संचालन, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती, निजी अस्पतालों की जांच और जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांगें उठाई गई हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षों से लंबित इन जनहितकारी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है, तो किसानों और आमजन को साथ लेकर एक व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश महासचिव रणवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री खालिद खान, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा, सिद्धांत सिंह, पवन शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।4
- बाराबंकी नगर कोतवाली के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला कटरा बारादरी में हज़रत शहीद मर्द बाबा का सालाना उर्स मुबारक भव्य तरीके से उद्घाटित किया गया। इस मुबारक मौके पर एक आल इंडिया मुशायरे का भी आयोजन किया गया है।1
- जनपद बाराबंकी की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की माँग करते हुए भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी माँगें पूरी नहीं हुईं, तो सीएमओ कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किया जाएगा। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएँ लगातार सवालों के घेरे में रही हैं, जहाँ कभी जिला अस्पताल में बाहर की दवाएँ और इंजेक्शन लिखे जाने के आरोप लगते हैं, तो कभी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी चर्चा का विषय बनती है। करोड़ों रुपये की लागत से बना ट्रॉमा सेंटर भी अब तक पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पाया है, जिसके कारण गंभीर मरीजों को अक्सर लखनऊ रेफर करना पड़ता है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया है, और जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने भी सुधार के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद लोगों की शिकायतें अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं। युवा मंडल अध्यक्ष अयोध्या (सोनू) शर्मा की अध्यक्षता में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि लगभग 32 लाख की आबादी वाले बाराबंकी जिले में आज तक कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो सका है। भाकियू (भानु) ने सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना, हृदय रोग एवं न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति, ट्रॉमा सेंटर को पूर्ण रूप से संचालित करने, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती, निजी अस्पतालों की जाँच तथा जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की प्रमुख माँगें रखी हैं। राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना से न केवल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ मिलेंगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर भी पैदा होंगे। सीएमओ ने संगठन को आश्वासन दिया है कि उनकी माँगों को शासन स्तर पर भेजा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। भाकियू (भानु) ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षों से लंबित इन जनहित की माँगों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे व्यापक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान प्रदेश महासचिव रणवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री खालिद खान, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।4
- जनपद बाराबंकी के ग्राम पंचायत सुरसंडा मखदूम मियां में एक शानदार डबल विकेट लाइव क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। इस भव्य आयोजन में आसपास के क्षेत्रों से कुल 16 टीमों ने भाग लिया, जहाँ खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल प्रदर्शन से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। कई कड़े मुकाबलों के बाद, सुरसंडा की दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई। मैच के दौरान खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट बल्लेबाजी और खेल भावना का प्रदर्शन किया। रानू खान और दानिश की शानदार बल्लेबाजी ने दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं, वहीं दूसरी टीम के आफताब खान और सलमान खान ने भी अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। इस टूर्नामेंट को सफलतापूर्वक आयोजित करने में कमेटी सदस्यों छोटू चौधरी, मोनू खान, पत्रकार शाहिद हुसैन, सानू, बादशाह खान, सद्दाम खान और अब्दुल्ला समेत अन्य लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी मौजूद रहे, जिन्होंने इस खेल आयोजन को लेकर क्षेत्र में खासा उत्साह दिखाया। स्थानीय लोगों ने टूर्नामेंट के जिम्मेदार और अनुशासित आयोजन की सराहना की, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों को कोई असुविधा नहीं हुई।2
- बाराबंकी से ब्यूरो पत्रकार रामजी दीक्षित की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत गांधी परिवार की कसीदे गढ़ते नजर आए और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। गहलोत ने दावा किया कि सोनिया गांधी उन्हें अध्यक्ष बना रही थीं, और ऐसी स्थिति में वह भला कैसे मना कर सकते थे। उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ “षड्यंत्र हुआ” और वे “बदनाम हो गए।” गहलोत के मुताबिक, ऐसी स्थितियाँ पैदा कर दी गईं जिससे लोगों को यह लगने लगा कि अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बने रहना था और कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना था, जिसके कारण “रिवोल्ट” हुआ।1
- बाराबंकी जिले के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के टेंरा दौलतपुर गांव में एक युवक की तालाब में डूबने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, टेंरा दौलतपुर निवासी लगभग 30 वर्षीय राजन पुत्र दिनेश सोमवार सुबह करीब 10 बजे दवा लेने के लिए घर से निकले थे। परिजन के मुताबिक, राजन काफी समय से बीमार चल रहे थे और उनका इलाज जारी था। जब राजन काफी देर तक घर नहीं लौटे, तो परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान गांव के तालाब किनारे उनकी साइकिल खड़ी मिली और बाद में उनका शव तालाब में मुंह के बल पानी में तैरता हुआ दिखाई दिया। शव मिलने की सूचना गांव में फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए, और परिवार में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि राजन की शादी लगभग छह साल पहले निशु से हुई थी, और उनके परिवार में पत्नी तथा दो छोटी बेटियां हैं। युवक की असमय मृत्यु से उनकी पत्नी, मां और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, और पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा है, तथा उनका कहना है कि मौत के स्पष्ट कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।1