उत्तर प्रदेश के जनपद अयोध्या में दिनांक 07.06.2026 को उत्तर प्रदेश एसटीएफ की प्रयागराज इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान ₹01 लाख का इनामी कुख्यात अपराधी भानू प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह, जो शार्प शूटर और कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में जाना जाता था, पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। गोरखपुर जनपद के थाना बेलघाट का निवासी भानू प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह को घायल अवस्था में तत्काल मेडिकल कॉलेज, अयोध्या ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस अपराधी के विरुद्ध हत्या, लूट, डकैती सहित अन्य गंभीर अपराधों के कुल 41 अभियोग पंजीकृत थे। घटनास्थल से एक कार्बाइन, एक पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस एवं खोखे बरामद किए गए। अपर पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, उत्तर प्रदेश, श्री अमिताभ यश ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि शार्प शूटर भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू मुठभेड़ में घायल होने के बाद उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश के जनपद अयोध्या में दिनांक 07.06.2026 को उत्तर प्रदेश एसटीएफ की प्रयागराज इकाई ने एक बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान ₹01 लाख का इनामी कुख्यात अपराधी भानू प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह, जो शार्प शूटर और कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में जाना जाता था, पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। गोरखपुर जनपद के थाना बेलघाट का निवासी भानू प्रताप सिंह उर्फ बबलू सिंह को घायल अवस्था में तत्काल मेडिकल कॉलेज, अयोध्या ले जाया गया, जहाँ उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस अपराधी के विरुद्ध हत्या, लूट, डकैती सहित अन्य गंभीर अपराधों के कुल 41 अभियोग पंजीकृत थे। घटनास्थल से एक कार्बाइन, एक पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस एवं खोखे बरामद किए गए। अपर पुलिस महानिदेशक, कानून एवं व्यवस्था, उत्तर प्रदेश, श्री अमिताभ यश ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि शार्प शूटर भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू मुठभेड़ में घायल होने के बाद उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित कर दिया गया।
- बाराबंकी जनपद की रामनगर तहसील अंतर्गत लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर घाघरा नदी के ऊपर स्थित संजय सेतु का मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, सोमवार सुबह करीब 10 बजे इसे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने फीता काटकर छोटे वाहनों के आवागमन का शुभारंभ किया। लगभग 1200 मीटर लंबे इस महत्वपूर्ण सेतु का मरम्मत कार्य करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से कराया गया है, जिसे निर्धारित समय पर पूरा किया गया है। मरम्मत के दौरान पुल पर यातायात पूरी तरह बंद रखा गया था, जिसके कारण लखनऊ, बाराबंकी और बहराइच सहित आसपास के जनपदों के लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा था। दो जनपदों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण सेतु के फिर से चालू होने से अब आवागमन पहले की तरह सुगम हो सकेगा, जिससे स्थानीय लोगों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इंजीनियर सुजीत ने पुष्टि की है कि सभी तकनीकी और सुरक्षा संबंधी कार्य निर्धारित समय पर पूरे हो चुके हैं। अधिकारी अनंत मौर्य और इंजीनियर सद्दाम ने भी बताया कि छोटे वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया है और यातायात व्यवस्था सामान्य बनाने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, भारी वाहनों के संचालन को लेकर अभी कुछ आवश्यक परीक्षण और औपचारिकताएं शेष हैं, जिसके चलते बड़े वाहनों का आवागमन 15 जून तक प्रतिबंधित रहेगा। उम्मीद है कि 15 जून से भारी वाहनों को भी सेतु से गुजरने की अनुमति दे दी जाएगी। पुल के शुभारंभ के अवसर पर सुपरवाइजर ऋषभ सिंह, साइट इंचार्ज लेखपाल सहित दर्जनों कर्मचारी भी मौजूद रहे।1
- मूल संदेश में परिवार के महत्व को रेखांकित किया गया है, जहाँ कहा गया है कि यदि परिवार एकजुट है तो हर कोई साथ है। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि परिवार के बिना जीवन संभव नहीं है।1
- बाराबंकी जनपद के वन रेंज रामनगर की टीम को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर एक बड़ी सफलता मिली है। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से एक संरक्षित जीव अजगर बरामद किया गया है।1
- बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र की नगर पंचायत बेलहरा के मोहल्ला भटुवामऊ में सोमवार को ग्रामीणों ने चल रहे खनन कार्य के विरोध में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि 30 मई से गाटा संख्या 586 और 594 पर हो रहे खनन के कारण भारी डंपरों के आवागमन से बेलहरा से कछुवाहनपुरवा जाने वाला कच्चा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इसी खराब सड़क के चलते सोमवार शाम को कछुवाहनपुरवा निवासी अनुपम सिंह, अपनी पत्नी और भाभी के साथ दवा लेने जाते समय मोटरसाइकिल से अनियंत्रित होकर गिर गए। हालांकि, आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत तीनों को सड़क से हटाकर उन्हें पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर की चपेट में आने से बचा लिया। इस घटना की सूचना मिलते ही हर्ष ठाकुर, शशांक सिंह, पिंटू सिंह, शिवम सिंह, सनी सिंह, तेज सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खनन कार्य का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खनन की अनुमति नियमों के विपरीत दी गई है, क्योंकि खनन स्थल से सटी आम की बाग में सैकड़ों पेड़ हैं और लगभग 100 मीटर की दूरी पर राज्यपाल उत्तर प्रदेश के नाम दर्ज भूमि भी स्थित है। इसके बावजूद भारी डंपरों का संचालन जारी है, जिससे लोगों की जान जोखिम में है। विरोध प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर मोहम्मदपुर खाला के कोतवाल अमित सिंह भदौरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराते हुए जांच तथा उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि खनन की अनुमति दी गई है, लेकिन ग्रामीणों की शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, खनन अधिकारी शैलेंद्र कुमार मौर्य ने ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि खनन स्थल के आसपास कोई बाग नहीं है और राजस्व विभाग की रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार अनुमति प्रदान की गई है।1
- बाराबंकी में एक चाची को घर का सोना दिखाते हुए रील्स बनाने का बड़ा शौक था, जिसका उन्हें अब भारी खामियाजा भुगतना पड़ा है। बताया गया है कि चाची द्वारा बनाई गई ऐसी रील्स चोरों तक पहुँच गईं, जिसके बाद आख़िर में उनके घर में चोरी हो गई। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रही है।1
- जनपद बाराबंकी में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. रंजन गौतम को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो सीएमओ कार्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन करते हुए व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। बाराबंकी की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई हैं, जहां जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी, मरीजों को बाहर से दवाएं और इंजेक्शन लिखे जाने की शिकायतें, तथा करोड़ों रुपये की लागत से बने ट्रॉमा सेंटर का पूरी क्षमता से संचालित न होना जैसी समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं। इन बदहाल परिस्थितियों के कारण गंभीर मरीजों को अक्सर इलाज के लिए लखनऊ समेत अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा जिला अस्पताल का निरीक्षण किया जा चुका है। वहीं, जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश राही ने भी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद आमजन को अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। युवा मंडल अध्यक्ष अयोध्या (सोनू) शर्मा की अध्यक्षता में सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया है कि लगभग 32 लाख की आबादी वाले बाराबंकी जनपद में आज तक कोई सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थापित नहीं हो सका है। संगठन का आरोप है कि जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए दूसरे जिलों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भानु) के राष्ट्रीय महासचिव आशु चौधरी ने जोर देकर कहा कि बाराबंकी में सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना से जिलेवासियों को उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, साथ ही युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि सीएमओ ने संगठन की मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन में मुख्य रूप से सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थापना, हृदय रोग एवं न्यूरोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति, ट्रॉमा सेंटर का पूर्ण संचालन, सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती, निजी अस्पतालों की जांच और जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांगें उठाई गई हैं। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि वर्षों से लंबित इन जनहितकारी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती है, तो किसानों और आमजन को साथ लेकर एक व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा। इस मौके पर प्रदेश महासचिव रणवीर सिंह, प्रदेश महामंत्री खालिद खान, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा, सिद्धांत सिंह, पवन शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान उपस्थित रहे।4
- समाजवादी पार्टी के गढ़ कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश के सैफई में शनिवार को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का भव्य आगमन हुआ। उनके पहुंचने पर सैफई का माहौल पूरी तरह से भक्तिमय हो गया और यह राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र भी बन गया। इस दौरान समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और मैनपुरी की सांसद डिंपल यादव के साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने स्वयं शंकराचार्य की अगवानी की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनकी आरती उतारी गई और पुष्प वर्षा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। अपने प्रवास के दौरान, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने एक बार फिर गाय को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने की अपनी पुरजोर मांग दोहराई। उन्होंने इस विषय को केवल एक धार्मिक मुद्दा न बताते हुए, इसे सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का विषय बताया। इसी संदर्भ में, उन्होंने सरकार से गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए कड़े कानून लागू करने का आग्रह किया। शंकराचार्य के इस दौरे ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इसे एक धार्मिक यात्रा के रूप में देखे जाने के बावजूद, सपा नेतृत्व की सक्रिय भागीदारी ने इसे विशेष महत्व दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से शंकराचार्य के आगमन पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने सनातन संस्कृति और भविष्य के संकेतों को लेकर अपनी बात रखी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस आयोजन के जरिए समाजवादी पार्टी ने सनातन परंपराओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है, जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विमर्श पैदा हो सकता है।2
- बाराबंकी जनपद के थाना जैदपुर क्षेत्र अंतर्गत हरियाली पर वन माफियाओं का आतंक लगातार जारी है। इन वन माफियाओं ने क्षेत्र में एक हरे-भरे आम के पेड़ को काटकर पूरी तरह से नष्ट कर दिया है।1
- बाराबंकी से ब्यूरो पत्रकार रामजी दीक्षित की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत गांधी परिवार की कसीदे गढ़ते नजर आए और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। गहलोत ने दावा किया कि सोनिया गांधी उन्हें अध्यक्ष बना रही थीं, और ऐसी स्थिति में वह भला कैसे मना कर सकते थे। उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ “षड्यंत्र हुआ” और वे “बदनाम हो गए।” गहलोत के मुताबिक, ऐसी स्थितियाँ पैदा कर दी गईं जिससे लोगों को यह लगने लगा कि अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बने रहना था और कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनना था, जिसके कारण “रिवोल्ट” हुआ।1