बिहार के एक 'क्रांतिकारी' भरत तिवारी, जिन्हें 'क्रांतिवीर' बताया गया है, ने कथित तौर पर एक 'फर्जी एनकाउंटर' में हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। बताया गया है कि अपनी अंतिम घड़ी को भाँपते हुए, जब उनकी पिस्तौल में केवल एक गोली बची थी और वे "स्पेशल टास्क फोर्स" सहित दर्जनों बंदूकों से घिरे थे, तो उन्होंने भागने से इनकार कर दिया ताकि उनका क्रांतिकारी दर्जा बदनाम न हो। उन्होंने पुलिस को खुले शब्दों में "मारो मारो... मारो.. मार लीजिए...." कहते हुए ललकारा और कहा कि "ये देश मेरे बलिदान को जाया नहीं जाने देगा...." भरत तिवारी के निधन के बाद पूरे बिहार में "सैलाब" उमड़ पड़ा, और हर बच्चा यह जान गया कि वे देशवासियों के लिए जीने वाले और उन्हीं के लिए जान देने वाले एक क्रांतिकारी थे। इस घटना से "पूरा भारत जाग गया," और कई बड़े नेता व दबंग उनके घर पहुँचे, जिनमें संजय दत्त, विजय थलापति, चिराग पासवान, पवन सिंह, ज्योति सिंह, धीरेन्द्र शास्त्री, खेसारी यादव जैसे नाम शामिल हैं। उनके जनाजे में देश-विदेश से इतनी भीड़ उमड़ी कि उनका पूरा गाँव गाड़ियों से भर गया, और बाद में आयोजित "एनकाउंटर आमसभा" में भी पूरे बिहार की जनता पहुँची। इस घटना से संबंधित संदेश और "नये नये खुलासा" सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से घर-घर पहुँचे, जिसमें सारे सोशल मीडिया यूजर्स, न्यूज पेपर और कई टीवी चैनल सीधे फेसबुक पर कूद पड़े। 'आर्टिस्ट विमल कश्यप' नामक व्यक्ति ने इन वीडियो को अपने न्यूज़ चैनल पर साझा किया। सार्वजनिक रूप से "अपनी आँखों से" इस "फर्जी एनकाउंटर" को देखने के बाद "भारतवासियों का खून खोल उठा," और सभी आक्रोशित होकर सीएम सम्राट चौधरी, भोजपुर एसपी श्रीराज, जगदीशपुर एसडीएम, दरोगा माला कर और एसडीपीओ राजेश शर्मा को अपशब्द भरे वीडियो साझा करने लगे। इनमें उत्तर प्रदेश के रायबरेली से दीपक पंडित ने एसपी को धमकी दी कि वह 24 तारीख को आ रहा है और "बताएगा एनकाउंटर कैसे खेला जाता है," जिस पर एसपी ने उसे हिरासत में लेकर केस दर्ज कर लिया। वहीं, दूसरे दबंगों ने प्रशासन और सम्राट चौधरी को माँ-बहन की गालियाँ दीं और सम्राट चौधरी व उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी, यहाँ तक कि लारेंस विश्नोई की धमकी भी सम्राट चौधरी के लिए आई। सम्राट चौधरी को "अनपढ," "सातवीं फैल," और "7 खून का आरोपी" भी कहा गया, साथ ही यह भी कहा गया कि "भीख और खैरात में मिली कुर्सी पर इतना न घुर्रा, चाहे जब छीन लेंगे।" पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए विजय सिन्हा और नीतेश के बेटे निशांत यादव को चयनित किया गया है। एक 25 वर्षीय लड़की, एडवोकेट रूपम ने तो एसपी और सम्राट चौधरी को अपशब्द कहते हुए एसपी को चुनौती दी कि "तुम्हारी औकात और हिम्मत नहीं है जो मेरा बिगाड़ पाए"। पोस्ट साझा करने वाले लेखक (कश्यप) ने अपनी सुरक्षा के लिए चैनल और भारत सरकार से अपील की है कि वे इस पोस्ट में कोई दावा नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल "भरत तिवारी एनकाउंटर का व्यौरा पब्लिक को दे रहे हैं कि पब्लिक में क्या सैलाब उमड़ा है।" उनका कहना है कि वे एक "पब्लिक रिपोर्टर" हैं और जोखिम मूल वीडियो के 'ऑथर' का है। 'आर्टिस्ट विमल कश्यप' प्रोफाइल से पंजीकृत चैनल पर, भरत के "शहादत" में कश्यप ने 90 एपिसोड या 120 वीडियो पोस्ट किए हैं, और उनका अभियान 110 एपिसोड तक जारी रहेगा, जिसमें कुल 150 से अधिक वीडियो होंगे, ताकि भरत को अमर किया जा सके और न्याय की जंग जारी रखी जा सके।
बिहार के एक 'क्रांतिकारी' भरत तिवारी, जिन्हें 'क्रांतिवीर' बताया गया है, ने कथित तौर पर एक 'फर्जी एनकाउंटर' में हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। बताया गया है कि अपनी अंतिम घड़ी को भाँपते हुए, जब उनकी पिस्तौल में केवल एक गोली बची थी और वे "स्पेशल टास्क फोर्स" सहित दर्जनों बंदूकों से घिरे थे, तो उन्होंने भागने से इनकार कर दिया ताकि उनका क्रांतिकारी दर्जा बदनाम न हो। उन्होंने पुलिस को खुले शब्दों में "मारो मारो... मारो.. मार लीजिए...." कहते हुए ललकारा और कहा कि "ये देश मेरे बलिदान को जाया नहीं जाने देगा...." भरत तिवारी के निधन के बाद पूरे बिहार में "सैलाब" उमड़ पड़ा, और हर बच्चा यह जान गया कि वे देशवासियों के लिए जीने वाले और उन्हीं के लिए जान देने वाले एक क्रांतिकारी थे। इस घटना से "पूरा भारत जाग गया," और कई बड़े नेता व दबंग उनके घर पहुँचे, जिनमें संजय दत्त, विजय थलापति, चिराग पासवान, पवन सिंह, ज्योति सिंह, धीरेन्द्र शास्त्री, खेसारी यादव जैसे नाम शामिल हैं। उनके जनाजे में देश-विदेश से इतनी भीड़ उमड़ी कि उनका पूरा गाँव गाड़ियों से भर गया, और बाद में आयोजित "एनकाउंटर आमसभा" में भी पूरे बिहार की जनता पहुँची। इस घटना से संबंधित संदेश और "नये नये खुलासा" सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से घर-घर पहुँचे, जिसमें सारे सोशल मीडिया यूजर्स, न्यूज पेपर और कई टीवी चैनल सीधे फेसबुक पर कूद पड़े। 'आर्टिस्ट विमल कश्यप' नामक व्यक्ति ने इन वीडियो को अपने न्यूज़ चैनल पर साझा किया। सार्वजनिक रूप से "अपनी आँखों से" इस "फर्जी एनकाउंटर" को देखने के बाद "भारतवासियों का खून खोल उठा," और सभी आक्रोशित होकर सीएम सम्राट चौधरी, भोजपुर एसपी श्रीराज, जगदीशपुर एसडीएम, दरोगा माला कर और एसडीपीओ राजेश शर्मा को अपशब्द भरे वीडियो साझा करने लगे। इनमें उत्तर प्रदेश
के रायबरेली से दीपक पंडित ने एसपी को धमकी दी कि वह 24 तारीख को आ रहा है और "बताएगा एनकाउंटर कैसे खेला जाता है," जिस पर एसपी ने उसे हिरासत में लेकर केस दर्ज कर लिया। वहीं, दूसरे दबंगों ने प्रशासन और सम्राट चौधरी को माँ-बहन की गालियाँ दीं और सम्राट चौधरी व उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी, यहाँ तक कि लारेंस विश्नोई की धमकी भी सम्राट चौधरी के लिए आई। सम्राट चौधरी को "अनपढ," "सातवीं फैल," और "7 खून का आरोपी" भी कहा गया, साथ ही यह भी कहा गया कि "भीख और खैरात में मिली कुर्सी पर इतना न घुर्रा, चाहे जब छीन लेंगे।" पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए विजय सिन्हा और नीतेश के बेटे निशांत यादव को चयनित किया गया है। एक 25 वर्षीय लड़की, एडवोकेट रूपम ने तो एसपी और सम्राट चौधरी को अपशब्द कहते हुए एसपी को चुनौती दी कि "तुम्हारी औकात और हिम्मत नहीं है जो मेरा बिगाड़ पाए"। पोस्ट साझा करने वाले लेखक (कश्यप) ने अपनी सुरक्षा के लिए चैनल और भारत सरकार से अपील की है कि वे इस पोस्ट में कोई दावा नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल "भरत तिवारी एनकाउंटर का व्यौरा पब्लिक को दे रहे हैं कि पब्लिक में क्या सैलाब उमड़ा है।" उनका कहना है कि वे एक "पब्लिक रिपोर्टर" हैं और जोखिम मूल वीडियो के 'ऑथर' का है। 'आर्टिस्ट विमल कश्यप' प्रोफाइल से पंजीकृत चैनल पर, भरत के "शहादत" में कश्यप ने 90 एपिसोड या 120 वीडियो पोस्ट किए हैं, और उनका अभियान 110 एपिसोड तक जारी रहेगा, जिसमें कुल 150 से अधिक वीडियो होंगे, ताकि भरत को अमर किया जा सके और न्याय की जंग जारी रखी जा सके।
- Vimal Kashyapधौलपुर, धौलपुर, राजस्थानयानि एडवोकेट रूपम से पूछा- तुम्हें डर नहीं लगता सम्राट चौधरी से जो उसके लिए अपशब्द बोलती रहती हो... तो उसने जवाब दिया- डरने को तो मैं किसी के बाप से नहीं डरती.. और फिर सम्राट चौधरी सीएम बाद में है पहले तो एक आम नागरिक है !51 min ago
- भरत अपनी जीवनी से जुड़ी हर पोस्ट फेसबुक पर साझा करते थे, जहाँ उन्होंने कई पोस्टों के ज़रिए एक "क्रांतिकारी युद्ध" के बारे में समझाया था। अब, ढाई साल पहले, 26 दिसंबर-24 को, भरत ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक ख़बर शेयर की थी। इस ख़बर में उन्होंने "प्रशासन जंग" और एक "एनकाउंटर" का उल्लेख किया था। एक वीडियो में समझाया गया है कि भरत अपनी फेसबुक पोस्ट्स में क्या लिखता रहता था, जिसका एपिसोड नंबर 0A-91 है।1
- धौलपुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित कोटला मोहल्ले में 7 जुलाई को हुई फायरिंग और पथराव की घटना के संबंध में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और वृत्ताधिकारी कृष्णराज जांगिड के पर्यवेक्षण में कोतवाली थाना प्रभारी उप निरीक्षक वीरेन्द्र मीना ने यह कार्रवाई की, जिसके बाद मामले में आगे की पूछताछ और अनुसंधान जारी है। यह घटना 8 जुलाई को अब्दुल हमीद कॉलोनी, कोटला मोहल्ला निवासी रहीसा पत्नी कल्ला कुरैशी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर सामने आई। रहीसा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 7 जुलाई की सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच, सोहिल, अबरार, मुन्ना, अलीम, सलीम, अनीस, शाहरुख, रिजवान, आस मोहम्मद, इमरान और चांदबाबू सहित कई अन्य लोग हथियारों से लैस होकर उनके घर और गली में घुस आए। आरोप के अनुसार, सोहिल और उसके एक साथी ने अकरम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, जिसमें वह बाल-बाल बच गया। इसके अतिरिक्त, शिकायत में बताया गया कि आरोपियों ने घर पर पथराव भी किया, जिससे निशा नामक महिला की हाथ की उंगली में चोट आई। उन्होंने घर के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो कार का पिछला शीशा भी तोड़ दिया और वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया। मोहल्ले के लोगों के इकट्ठा होने पर, सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान सोहिल, अलीम, आस मोहम्मद, रिजवान और सोहिब नामक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। गुरुवार को इन सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय के आदेशानुसार, अलीम, आस मोहम्मद और सोहिल को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, जबकि रिजवान और सोहिब को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से घटना के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है और इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश एवं अनुसंधान जारी है।2
- धौलपुर जिले में गुरुवार को महिला अधिकारिता विभाग द्वारा निर्भया योजना के तहत संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के सदस्य सचिव महोदय के निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) संजीव मागो के मार्गदर्शन में सचिव एडीजे रेखा यादव द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान, सचिव यादव ने सेंटर में महिलाओं एवं बालिकाओं को प्रदान की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रकरणों के निष्पादन की स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर में संधारित विभिन्न अभिलेखों, जिनमें आगंतुक पंजी, केस रजिस्टर, परामर्श रजिस्टर और चिकित्सा सहायता से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं, की गहनता से जांच की। इसके अतिरिक्त, सचिव ने आपातकालीन चिकित्सा सहायता, विधिक परामर्श, निःशुल्क अधिवक्ता सुविधा, अस्थायी आश्रय, पुलिस समन्वय और एफआईआर सहायता जैसी उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए, सचिव ने सख्त निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए और पीड़ित महिला/बालिका को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सेंटर में स्वच्छता, सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। काउंसलिंग कक्ष और अस्थायी निवास कक्ष का अवलोकन करते हुए, उन्होंने कहा कि पीड़िताओं की गरिमा और निजता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। निरीक्षण के समय सेंटर में उपस्थित चार बालिकाओं और एक महिला से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया। उनसे उनके प्रकरणों के बारे में जानकारी ली गई और उन्हें गलत कार्य न करने तथा अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही, उन्हें अपने घरवालों से मिलकर रहने की सीख दी गई तथा उनके विधिक अधिकारों के साथ-साथ नालसा और रालसा योजनाओं की भी जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान वन स्टॉप सेंटर प्रबंधक शिप्रा पचौरी और प्राधिकरण के स्टेनो राहुल डंडौतिया भी उपस्थित रहे।3
- धौलपुर पुलिस, पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में, अपराधियों और असामाजिक तत्वों की धरपकड़ के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों का निर्वहन करते हुए पीड़ितों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर तत्पर है। इसी क्रम में आज अभय कमांड के माध्यम से थाना कोतवाली धौलपुर पुलिस को सूचना मिली कि मुरैना से अहमदाबाद जा रहा एक व्यक्ति चम्बल पुल के समीप चलती ट्रेन से गिर गया है। इस हादसे में उसके हाथ एवं पैरों में गंभीर चोटें आई थीं और वह घटनास्थल पर घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। सूचना मिलते ही थाना कोतवाली के थानाधिकारी वीरेन्द्र मीणा के सुपरविजन और हैड कांस्टेबल श्री असलम के नेतृत्व में एक पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। रास्ता दुर्गम होने के कारण पुलिस वाहन को जेल फाटक के पास खड़ा करना पड़ा, जिसके बाद पुलिस टीम ने घायल व्यक्ति तक पहुंचने के लिए लगभग 3 किलोमीटर पैदल यात्रा की। घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए, टीम के कांस्टेबल रामपाल, देवेन्द्र, हिमांशु और चालक कांस्टेबल राजेश कुमार ने तुरंत इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मौके पर उपलब्ध लकड़ियों से एक वैकल्पिक स्ट्रेचर तैयार किया। घायल को उस स्ट्रेचर पर त्वरित सुरक्षित लिटाकर, पुलिस टीम उसे पैदल ही वापस पुलिस वाहन तक लाई। इसके बाद, उसे तत्काल धौलपुर के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। घायल की पहचान प्रमोद पुत्र रामप्रकाश, जाति बाल्मीकि, निवासी कचनौदा, थाना दिमनी, जिला मुरैना (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। प्रमोद ने बताया कि वह मुरैना से अहमदाबाद जाने के लिए ट्रेन में सफर कर रहा था और यात्रा के दौरान असावधानीवश ट्रेन से नीचे गिर गया। कुछ देर बाद वहां से गुजर रहे एक व्यक्ति ने उसे घायल अवस्था में देखकर अभय कमांड को इसकी सूचना दी, जिसके बाद धौलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसका सफल रेस्क्यू कर समय पर अस्पताल पहुंचाया। धौलपुर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ संकट की घड़ी में आमजन की सहायता के लिए भी पूर्ण संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है।2
- बाड़ी में भारत विकास परिषद का 63वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर परिषद ने जानकारी दी कि उनका काम हर जिले में चल रहा है और देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया गया।2
- हुलासीपुरा गांव में तालाब की सफाई को लेकर स्थानीय ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव का तालाब पूरी तरह भर चुका है, लेकिन अभी तक उसकी सफाई नहीं हुई है। इस समस्या के समाधान के लिए कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।4
- मोरैना ज़िले के एक गाँव में सड़क निर्माण के कार्य में ठेकेदार द्वारा दोबारा खराब सामग्री का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। शिकायत है कि सड़क की गुणवत्ता को ध्यान में न रखते हुए, ठेकेदार द्वारा फिर से निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है।1
- बिहार के एक 'क्रांतिकारी' भरत तिवारी, जिन्हें 'क्रांतिवीर' बताया गया है, ने कथित तौर पर एक 'फर्जी एनकाउंटर' में हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। बताया गया है कि अपनी अंतिम घड़ी को भाँपते हुए, जब उनकी पिस्तौल में केवल एक गोली बची थी और वे "स्पेशल टास्क फोर्स" सहित दर्जनों बंदूकों से घिरे थे, तो उन्होंने भागने से इनकार कर दिया ताकि उनका क्रांतिकारी दर्जा बदनाम न हो। उन्होंने पुलिस को खुले शब्दों में "मारो मारो... मारो.. मार लीजिए...." कहते हुए ललकारा और कहा कि "ये देश मेरे बलिदान को जाया नहीं जाने देगा...." भरत तिवारी के निधन के बाद पूरे बिहार में "सैलाब" उमड़ पड़ा, और हर बच्चा यह जान गया कि वे देशवासियों के लिए जीने वाले और उन्हीं के लिए जान देने वाले एक क्रांतिकारी थे। इस घटना से "पूरा भारत जाग गया," और कई बड़े नेता व दबंग उनके घर पहुँचे, जिनमें संजय दत्त, विजय थलापति, चिराग पासवान, पवन सिंह, ज्योति सिंह, धीरेन्द्र शास्त्री, खेसारी यादव जैसे नाम शामिल हैं। उनके जनाजे में देश-विदेश से इतनी भीड़ उमड़ी कि उनका पूरा गाँव गाड़ियों से भर गया, और बाद में आयोजित "एनकाउंटर आमसभा" में भी पूरे बिहार की जनता पहुँची। इस घटना से संबंधित संदेश और "नये नये खुलासा" सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से घर-घर पहुँचे, जिसमें सारे सोशल मीडिया यूजर्स, न्यूज पेपर और कई टीवी चैनल सीधे फेसबुक पर कूद पड़े। 'आर्टिस्ट विमल कश्यप' नामक व्यक्ति ने इन वीडियो को अपने न्यूज़ चैनल पर साझा किया। सार्वजनिक रूप से "अपनी आँखों से" इस "फर्जी एनकाउंटर" को देखने के बाद "भारतवासियों का खून खोल उठा," और सभी आक्रोशित होकर सीएम सम्राट चौधरी, भोजपुर एसपी श्रीराज, जगदीशपुर एसडीएम, दरोगा माला कर और एसडीपीओ राजेश शर्मा को अपशब्द भरे वीडियो साझा करने लगे। इनमें उत्तर प्रदेश के रायबरेली से दीपक पंडित ने एसपी को धमकी दी कि वह 24 तारीख को आ रहा है और "बताएगा एनकाउंटर कैसे खेला जाता है," जिस पर एसपी ने उसे हिरासत में लेकर केस दर्ज कर लिया। वहीं, दूसरे दबंगों ने प्रशासन और सम्राट चौधरी को माँ-बहन की गालियाँ दीं और सम्राट चौधरी व उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी, यहाँ तक कि लारेंस विश्नोई की धमकी भी सम्राट चौधरी के लिए आई। सम्राट चौधरी को "अनपढ," "सातवीं फैल," और "7 खून का आरोपी" भी कहा गया, साथ ही यह भी कहा गया कि "भीख और खैरात में मिली कुर्सी पर इतना न घुर्रा, चाहे जब छीन लेंगे।" पोस्ट में यह भी दावा किया गया है कि बिहार के मुख्यमंत्री पद के लिए विजय सिन्हा और नीतेश के बेटे निशांत यादव को चयनित किया गया है। एक 25 वर्षीय लड़की, एडवोकेट रूपम ने तो एसपी और सम्राट चौधरी को अपशब्द कहते हुए एसपी को चुनौती दी कि "तुम्हारी औकात और हिम्मत नहीं है जो मेरा बिगाड़ पाए"। पोस्ट साझा करने वाले लेखक (कश्यप) ने अपनी सुरक्षा के लिए चैनल और भारत सरकार से अपील की है कि वे इस पोस्ट में कोई दावा नहीं कर रहे हैं, बल्कि केवल "भरत तिवारी एनकाउंटर का व्यौरा पब्लिक को दे रहे हैं कि पब्लिक में क्या सैलाब उमड़ा है।" उनका कहना है कि वे एक "पब्लिक रिपोर्टर" हैं और जोखिम मूल वीडियो के 'ऑथर' का है। 'आर्टिस्ट विमल कश्यप' प्रोफाइल से पंजीकृत चैनल पर, भरत के "शहादत" में कश्यप ने 90 एपिसोड या 120 वीडियो पोस्ट किए हैं, और उनका अभियान 110 एपिसोड तक जारी रहेगा, जिसमें कुल 150 से अधिक वीडियो होंगे, ताकि भरत को अमर किया जा सके और न्याय की जंग जारी रखी जा सके।2