निरसा के जेपी हॉस्पिटल में विवाहिता की मौत से हड़कंप निरसा के मदनडीह पंचायत अंतर्गत यशपुर स्थित जेपी हॉस्पिटल यूनिट 2 एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां पिछले 20 दिनों से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही विवाहिता आंचल कुमारी की आज सुबह मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही तथा पैसे के दबाव का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका आंचल कुमारी, पिता प्रकाश रवानी और मां रूमा देवी की बेटी थी। उसका मायका राजबाड़ी, जामताड़ा में बताया जा रहा है, जबकि उसकी ससुराल पोद्दारडीह में है। परिजनों के अनुसार ससुराल में आग की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। पहले धनबाद और बोकारो में उसका इलाज चला, लेकिन हालत नाजुक होने पर करीब 20 दिन पहले उसे जेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मृतका की मां रूमा देवी ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज से ज्यादा पैसे की मांग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये जमा कर दिए गए थे, लेकिन कुछ रकम बकाया रह गई थी। उनका कहना है कि कल रात उन्होंने डॉक्टर के सामने हाथ पैर जोड़कर बेटी को देखने की गुहार लगाई, लेकिन बकाया पैसे का हवाला देकर इलाज में तत्परता नहीं दिखाई गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण ही आंचल की मौत हो गई। परिजनों ने यह भी कहा कि मरीज की नाजुक हालत का हवाला देकर उनसे कागजातों पर जबरन दस्तखत करवा लिए गए, ताकि बाद में अस्पताल अपनी जिम्मेदारी से बच सके। उनका आरोप है कि डॉक्टरों और प्रबंधन की प्राथमिकता मरीज की जान बचाने से ज्यादा पैसे की वसूली बन गई थी। मामले ने नया मोड़ तब ले लिया, जब मृतका की मां रूमा देवी ने एमपीएल ओपी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने मृतका के पति शंभू रवानी उर्फ दिनेश रवानी तथा ससुर कमल रवानी पर आंचल को जान बूझकर जलाने का आरोप लगाया है। सूचना मिलते ही एमपीएल ओपी प्रभारी सुमन कुमारी मौके पर पहुंचीं और शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद स्थित एसएन एमएम सीएच अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और शोक का माहौल बना हुआ है।
निरसा के जेपी हॉस्पिटल में विवाहिता की मौत से हड़कंप निरसा के मदनडीह पंचायत अंतर्गत यशपुर स्थित जेपी हॉस्पिटल यूनिट 2 एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां पिछले 20 दिनों से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही विवाहिता आंचल कुमारी की आज सुबह मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और
डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही तथा पैसे के दबाव का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका आंचल कुमारी, पिता प्रकाश रवानी और मां रूमा देवी की बेटी थी। उसका मायका राजबाड़ी, जामताड़ा में बताया जा रहा है, जबकि उसकी ससुराल पोद्दारडीह में है। परिजनों के अनुसार ससुराल में आग की चपेट में आने से वह गंभीर
रूप से झुलस गई थी। पहले धनबाद और बोकारो में उसका इलाज चला, लेकिन हालत नाजुक होने पर करीब 20 दिन पहले उसे जेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मृतका की मां रूमा देवी ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज से ज्यादा पैसे की मांग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अब
तक करीब डेढ़ लाख रुपये जमा कर दिए गए थे, लेकिन कुछ रकम बकाया रह गई थी। उनका कहना है कि कल रात उन्होंने डॉक्टर के सामने हाथ पैर जोड़कर बेटी को देखने की गुहार लगाई, लेकिन बकाया पैसे का हवाला देकर इलाज में तत्परता नहीं दिखाई गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर
उचित उपचार नहीं मिलने के कारण ही आंचल की मौत हो गई। परिजनों ने यह भी कहा कि मरीज की नाजुक हालत का हवाला देकर उनसे कागजातों पर जबरन दस्तखत करवा लिए गए, ताकि बाद में अस्पताल अपनी जिम्मेदारी से बच सके। उनका आरोप है कि डॉक्टरों और प्रबंधन की प्राथमिकता मरीज की जान बचाने
से ज्यादा पैसे की वसूली बन गई थी। मामले ने नया मोड़ तब ले लिया, जब मृतका की मां रूमा देवी ने एमपीएल ओपी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने मृतका के पति शंभू रवानी उर्फ दिनेश रवानी तथा ससुर कमल रवानी पर आंचल को जान बूझकर जलाने का आरोप लगाया है। सूचना
मिलते ही एमपीएल ओपी प्रभारी सुमन कुमारी मौके पर पहुंचीं और शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद स्थित एसएन एमएम सीएच अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और शोक का माहौल बना हुआ है।
- निरसा के मदनडीह पंचायत अंतर्गत यशपुर स्थित जेपी हॉस्पिटल यूनिट 2 एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां पिछले 20 दिनों से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही विवाहिता आंचल कुमारी की आज सुबह मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही तथा पैसे के दबाव का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका आंचल कुमारी, पिता प्रकाश रवानी और मां रूमा देवी की बेटी थी। उसका मायका राजबाड़ी, जामताड़ा में बताया जा रहा है, जबकि उसकी ससुराल पोद्दारडीह में है। परिजनों के अनुसार ससुराल में आग की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। पहले धनबाद और बोकारो में उसका इलाज चला, लेकिन हालत नाजुक होने पर करीब 20 दिन पहले उसे जेपी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। मृतका की मां रूमा देवी ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज से ज्यादा पैसे की मांग पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये जमा कर दिए गए थे, लेकिन कुछ रकम बकाया रह गई थी। उनका कहना है कि कल रात उन्होंने डॉक्टर के सामने हाथ पैर जोड़कर बेटी को देखने की गुहार लगाई, लेकिन बकाया पैसे का हवाला देकर इलाज में तत्परता नहीं दिखाई गई। परिजनों का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण ही आंचल की मौत हो गई। परिजनों ने यह भी कहा कि मरीज की नाजुक हालत का हवाला देकर उनसे कागजातों पर जबरन दस्तखत करवा लिए गए, ताकि बाद में अस्पताल अपनी जिम्मेदारी से बच सके। उनका आरोप है कि डॉक्टरों और प्रबंधन की प्राथमिकता मरीज की जान बचाने से ज्यादा पैसे की वसूली बन गई थी। मामले ने नया मोड़ तब ले लिया, जब मृतका की मां रूमा देवी ने एमपीएल ओपी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने मृतका के पति शंभू रवानी उर्फ दिनेश रवानी तथा ससुर कमल रवानी पर आंचल को जान बूझकर जलाने का आरोप लगाया है। सूचना मिलते ही एमपीएल ओपी प्रभारी सुमन कुमारी मौके पर पहुंचीं और शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद स्थित एसएन एमएम सीएच अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के बाद इलाके में आक्रोश और शोक का माहौल बना हुआ है।7
- निरसा के मदनडीह पंचायत अंतर्गत यशपुर स्थित जेपी हॉस्पिटल यूनिट 2 एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां पिछले 20 दिनों से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही विवाहिता आंचल कुमारी की आज सुबह मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही तथा पैसे के दबाव का गंभीर आरोप लगाया है। मृतका आंचल कुमारी, पिता प्रकाश रवानी और मां रूमा देवी की बेटी थी। उसका मायका राजबाड़ी, जामताड़ा में बताया जा रहा है, जबकि उसकी ससुराल पोद्दारडीह में है।1
- झाझा नयन मोदक की रिपोर्ट 9852507403 किन्नर समाज का जबरदस्त बवाल 😡🔥 🚨 झाझा थाना में हड़कंप! 🚨 के नशे में धुत युवक पर किन्नर समाज से अभद्रता का गंभीर आरोप। गुस्साए किन्नर समाज ने झाझा थाना पहुंचकर जमकर हंगामा किया, माहौल हुआ तनावपूर्ण! पुलिस मौके पर, जांच जारी1
- Post by रियल मोशन न्यूज़1
- Post by DWIPAKSHA DARPAN1
- सभी लोग पूरे योगदान के साथ इस कलश यात्रा को सफल पूर्वक बनाने का जो काम किए हैं यहां के स्थानीय लोगों का बहुत-बहुत अच्छे से इस कलश यात्रा को सफल बना है जो भी बहुत बड़ा बात है1
- धनबाद वार्ड 19 की बदहाली पर बड़ा बयान! तबरेज खान बोले—जीत के बाद सबसे पहले #स्वास्थ्य और सामुदायिक भवन! (रिपोर्ट छोटे खान)1
- रामकृष्ण शारदा मनि शिव काली मंदिर के संस्थापक बाबा मानिक को मंदिर परिसर में दी गई समाधि। निरसा प्रखंड के जसपुर गांव स्थित श्री श्री रामकृष्ण शारदा मनि शिव काली मंदिर के संस्थापक मानिक चंद्र साधु की मृत्यु के उपरांत शुक्रवार को मंदिर परिसर में ही उन्हें समाधि दी गई। समाधि देने के अवसर पर विधायक अरुप चटर्जी समेत क्षेत्र के काफी संख्या में भक्त लोग मौजूद थे। भक्तों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद समाधि दिया। मालूम रहे कि मंगलवार की संध्या उन्हें हार्ट अटैक आया था। भक्तों एवं स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें इलाज के लिए रांची रिम्स में भर्ती कराया था जहां इलाज के दौरान गुरुवार की संध्या उनकी मृत्यु हो गई थी। गुरुवार की रात्रि ही उनका पार्थिव शरीर मंदिर परिसर लाकर आम भक्तों के दर्शन के लिए रखा गया था। शुक्रवार को पूरे वैदिक विधि विधान के साथ उन्हें समाधि दी गई। मानिक चंद्र साधु जसपुर गांव के ही निवासी थे तथा अपने सरल स्वभाव, आध्यात्मिक प्रवचनों और समाज सेवा के लिए क्षेत्र में काफी सम्मानित माने जाते थे। बचपन से ही हुए भक्ति के क्षेत्र में राम हुए थे तथा आजीवन ब्रह्मचर्य रहे। उनके प्रशासनिक से लेकर जन्म प्रतिनिधि तक शिष्य थे तथा समय-समय पर उनके आश्रम में जाकर उनसे आशीर्वाद लेते रहते थे।6