बहुला चतुर्थी पर महिलाओं ने की पत्ति की दीर्घायु की कामना पादूकलां,,कस्बे सहित आस पास के ग्रामीण आंचल में सोमवार को बहुला चतुर्थी धुमधाम से बनाई।सुहागिन महिलाओं ने सोलह श्रृंगार से अंलकृत होकर अपने पत्ति की दीर्धायु की कामना के लिए बहुला चतुर्थी भगवान गणेशजी महाराज की पुजा अर्चना व कथा सुनकर तथा चद्रमा को अर्ग देकर अपने पत्ति से आर्शीवाद प्राप्त किया और सुहागिनें अपने पत्ति की लम्बी उम्र की कामना की और अपने परिवार की भी कुशल कामना की। मंदिर व अपने घरों के बहार आंगन में महिलायें एकजुट होकर के मंगल गीत गाती हुई बहुला चतुर्थी भगवान गणेशजी महाराज की पुजा अर्चना की। पति की लम्बी उम्र की कामना के लिए कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाने वाला व्रत करवा चौथ है। कथावाचक देवकी देवी बोहरा व सुमनदेवी उपाध्याय ने बताया कि बहुला चतुर्थी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को कहा जाता है। यह तिथि बहुला चौथ के नाम से भी जानी जाती है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। वर्ष की प्रमुख चार चतुर्थियों में से एक यह भी है। इस दिन व्रत रखकर माताएँ अपने पुत्रों की रक्षा हेतु कामना करती हैं। बहुला चतुर्थी के दिन गेहूँ एवं चावल से निर्मित वस्तुएँ भोजन में ग्रहण करना वर्जित है। गाय तथा शेर की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजन करने का विधान प्रचलित है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चन्द्रमा के उदय होने तक बहुला चतुर्थी का व्रत करने का बहुत ही महत्त्व है। विधिण्विधान से प्रथम पूजनीय भगवान गणेश की पूजा की जाती है। रात्रि में चन्द्रमा के उदय होने पर उन्हें अध्र्य दिया जाता है। कई स्थानों पर शंख में दूध,सुपारी,गंध तथा अक्षत चावल से भगवान श्रीगणेश और चतुर्थी तिथि को भी अध्र्य दिया जाता है। इस प्रकार इस संकष्ट चतुर्थी का पालन जो भी व्यक्ति करता हैए उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। व्यक्ति को मानसिक तथा शारीरिक कष्टों से छुटकारा मिलता है। जो व्यक्ति संतान के लिए व्रत नहीं रखते हैंए उन्हें संकट विघ्न तथा सभी प्रकार की बाधाएँ दूर करने के लिए इस व्रत को अवश्य करना चाहिए। रात को महिलाऐ चद्रमा को अर्ग देकर भोजन की ।
बहुला चतुर्थी पर महिलाओं ने की पत्ति की दीर्घायु की कामना पादूकलां,,कस्बे सहित आस पास के ग्रामीण आंचल में सोमवार को बहुला चतुर्थी धुमधाम से बनाई।सुहागिन महिलाओं ने सोलह श्रृंगार से अंलकृत होकर अपने पत्ति की दीर्धायु की कामना के लिए बहुला चतुर्थी भगवान गणेशजी महाराज की पुजा अर्चना व कथा सुनकर तथा चद्रमा को अर्ग देकर अपने पत्ति से आर्शीवाद प्राप्त किया और सुहागिनें अपने पत्ति की लम्बी उम्र की कामना की और अपने परिवार की भी कुशल कामना की। मंदिर व अपने घरों के बहार आंगन में महिलायें एकजुट होकर के मंगल गीत गाती हुई बहुला चतुर्थी भगवान गणेशजी महाराज की पुजा अर्चना की। पति की लम्बी उम्र की कामना के लिए कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाने वाला व्रत करवा चौथ है। कथावाचक देवकी देवी बोहरा व सुमनदेवी उपाध्याय ने बताया कि बहुला चतुर्थी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को कहा जाता है। यह तिथि बहुला चौथ के नाम से भी जानी जाती है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। वर्ष की प्रमुख चार चतुर्थियों
में से एक यह भी है। इस दिन व्रत रखकर माताएँ अपने पुत्रों की रक्षा हेतु कामना करती हैं। बहुला चतुर्थी के दिन गेहूँ एवं चावल से निर्मित वस्तुएँ भोजन में ग्रहण करना वर्जित है। गाय तथा शेर की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजन करने का विधान प्रचलित है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चन्द्रमा के उदय होने तक बहुला चतुर्थी का व्रत करने का बहुत ही महत्त्व है। विधिण्विधान से प्रथम पूजनीय भगवान गणेश की पूजा की जाती है। रात्रि में चन्द्रमा के उदय होने पर उन्हें अध्र्य दिया जाता है। कई स्थानों पर शंख में दूध,सुपारी,गंध तथा अक्षत चावल से भगवान श्रीगणेश और चतुर्थी तिथि को भी अध्र्य दिया जाता है। इस प्रकार इस संकष्ट चतुर्थी का पालन जो भी व्यक्ति करता हैए उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। व्यक्ति को मानसिक तथा शारीरिक कष्टों से छुटकारा मिलता है। जो व्यक्ति संतान के लिए व्रत नहीं रखते हैंए उन्हें संकट विघ्न तथा सभी प्रकार की बाधाएँ दूर करने के लिए इस व्रत को अवश्य करना चाहिए। रात को महिलाऐ चद्रमा को अर्ग देकर भोजन की ।
- रियान बड़ी नगर पालिका के पहले चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। उपखंड अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया सहित निर्वाचन अधिकारियों ने 20 वार्डों से मिले कुल 165 नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की। इस दौरान उम्मीदवारों के दस्तावेज, वार्ड और पार्टी संबंधी जानकारी का मिलान किया गया। जांच के दौरान कई तरह की बातें सामने आईं। कुछ उम्मीदवारों ने एक ही वार्ड से एक से ज्यादा नामांकन पत्र भरे थे। वहीं, कुछ ने राजनीतिक दल के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा, लेकिन उनके पास पार्टी का अधिकृत चुनाव चिह्न या प्रत्याशी होने का प्रमाण नहीं था। यह भी पता चला कि कुछ वार्डों में पार्टी ने किसी और उम्मीदवार को चुनाव चिह्न दिया था, फिर भी दूसरे व्यक्ति ने उसी पार्टी के नाम से नामांकन भर दिया। ऐसे नामांकन पत्रों को नियमों के तहत अयोग्य घोषित किया गया। इससे कुछ प्रत्याशियों को चुनाव से बाहर होना पड़ा। प्रशासन ने जांच के दौरान यह देखा कि हर उम्मीदवार तय नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करता है या नहीं। जांच के बाद योग्य उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गई है, जिससे रियान बड़ी नगर पालिका चुनाव की तस्वीर अब और स्पष्ट हो गई है। नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और निर्दलीय प्रत्याशियों ने दावेदारी पेश की है। नामांकन जांच के बाद अब बचे हुए प्रत्याशियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के नियमों के हिसाब से कराई है। अब प्रत्याशियों को नाम वापस लेने और चुनाव चिह्न मिलने का इंतजार है। रियान बड़ी नगर पालिका के पहले चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। उपखंड अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया सहित निर्वाचन अधिकारियों ने 20 वार्डों से मिले कुल 165 नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की। इस दौरान उम्मीदवारों के दस्तावेज, वार्ड और पार्टी संबंधी जानकारी का मिलान किया गया। जांच के दौरान कई तरह की बातें सामने आईं। कुछ उम्मीदवारों ने एक ही वार्ड से एक से ज्यादा नामांकन पत्र भरे थे। वहीं, कुछ ने राजनीतिक दल के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा, लेकिन उनके पास पार्टी का अधिकृत चुनाव चिह्न या प्रत्याशी होने का प्रमाण नहीं था। यह भी पता चला कि कुछ वार्डों में पार्टी ने किसी और उम्मीदवार को चुनाव चिह्न दिया था, फिर भी दूसरे व्यक्ति ने उसी पार्टी के नाम से नामांकन भर दिया। ऐसे नामांकन पत्रों को नियमों के तहत अयोग्य घोषित किया गया। इससे कुछ प्रत्याशियों को चुनाव से बाहर होना पड़ा। प्रशासन ने जांच के दौरान यह देखा कि हर उम्मीदवार तय नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करता है या नहीं। जांच के बाद योग्य उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गई है, जिससे रियान बड़ी नगर पालिका चुनाव की तस्वीर अब और स्पष्ट हो गई है। नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और निर्दलीय प्रत्याशियों ने दावेदारी पेश की है। नामांकन जांच के बाद अब बचे हुए प्रत्याशियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के नियमों के हिसाब से कराई है। अब प्रत्याशियों को नाम वापस लेने और चुनाव चिह्न मिलने का इंतजार है।1
- BJP को वोट नहीं देने की खाई थी सौगंध! अब उन्हीं चेहरों को BJP ने दे दिया टिकट? बीकानेर नगर निगम चुनाव में टिकट को लेकर चर्चाएं तेज। देखिए वीडियो और बताइए—इनमें से कौन-कौन BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रहा है? #Bikaner #BikanerNews #BJP #BJPNews #NagarNigamElection #BikanerNagarNigam #RajasthanPolitics #BikanerPolitics #Election2026 #PoliticalNews #BreakingNews #SSSONews1
- अजमेर - अवैध बांग्लादेशियों पर 25वीं कार्रवाई, 2 और डिटेन, कुल 59* अजमेर SP हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देशन में STF ने दरगाह बाजार से पति-पत्नी को पकड़ा। हलीमा खातून (61) और पति रबीउल इस्लाम (61) + बेटा रबीउल इस्लाम (43) निवासी मदापुर, बांग्लादेश। तीनों बॉर्डर पार कर अजमेर में रह रहे थे, कबाड़ा बीनकर गुजर-बसर कर रहे थे। पूछताछ में खुद को बांग्लादेशी होना कबूला। ये जिले में 25वीं कार्रवाई है, अब तक 59 बांग्लादेशी डिटेन। टीम प्रभारी हर्षित शर्मा RPS व दरगाह SHO दिनेश जीवनानी की कार्रवाई।1
- रूपनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कोटड़ी निवासी हिस्ट्रीशीटर प्रवीण उर्फ प्रेमा खटीक को रूपनगढ़ थाना पुलिस ने एक साल से फरार चलने के बाद किया गिरफ्तार अब बांदरसिंदरी थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट सहित कुल 22 आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। रूपनगढ़ (अजमेर) पुलिस द्वारा आरोपी को पकड़ने के बाद बांदरसिंदरी थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार। आरोपी बांदरसिंदरी थाना क्षेत्र के पाटन गांव में चोरी के मामले में वांछित था। पाटन गांव में दो स्थानों से लोहे के सरिए चोरी करने का आरोप आरोपी पर है। बांदरसिंदरी थाना पुलिस ने आरोपी प्रवीण उर्फ प्रेमा खटीक निवासी कोटड़ी को किशनगढ़ न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेजने के आदेश दिए। आरोपी के खिलाफ बांदरसिंदरी, आदर्शनगर, मकराना, परबतसर, गोकुलपुरा, कृष्णगंज और नांवा थाना क्षेत्रों में भी मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। रूपनगढ़ पुलिस की गिरफ्तारी के बाद बांदरसिंदरी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- मसूरी-देहरादून मार्ग पर कुदरत का कहर, भूस्खलन से फिर थमी रफ्तार पानी वाले बैंड के पास सड़क का हिस्सा धंसा, दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें; लगातार बारिश से बढ़ी मुश्किलें देहरादून/मसूरी। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मंगलवार तड़के मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास भारी भूस्खलन होने से सड़क पर मलबा और बोल्डर आ गए तथा सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भूस्खलन की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से मलबा गिरने की आशंका बनी रहने के कारण मार्ग को सुचारू करने में भी चुनौती सामने आई। इससे पहले भी गलोगीधार सहित मसूरी-देहरादून मार्ग के कई संवेदनशील हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सोमवार रात मार्ग को मलबा हटाकर खोला गया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद पानी वाले बैंड के पास फिर हालात बिगड़ गए। बारिश ने बढ़ाई चिंता— लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग संवेदनशील स्थानों पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों से भी मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मसूरी-देहरादून मार्ग पर बार-बार हो रहे भूस्खलन ने सड़क की सुरक्षा और स्थायी समाधान को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर स्थायी सुरक्षा इंतजाम किए जाने की जरूरत है, ताकि बारिश के दौरान बार-बार यातायात बाधित न हो। देहरादून/मसूरी। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मंगलवार तड़के मसूरी-देहरादून मुख्य मार्ग पर पानी वाले बैंड के पास भारी भूस्खलन होने से सड़क पर मलबा और बोल्डर आ गए तथा सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। भूस्खलन की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग की टीम जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से मलबा गिरने की आशंका बनी रहने के कारण मार्ग को सुचारू करने में भी चुनौती सामने आई। इससे पहले भी गलोगीधार सहित मसूरी-देहरादून मार्ग के कई संवेदनशील हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सोमवार रात मार्ग को मलबा हटाकर खोला गया था, लेकिन कुछ ही घंटों बाद पानी वाले बैंड के पास फिर हालात बिगड़ गए। बारिश ने बढ़ाई चिंता— लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग संवेदनशील स्थानों पर नजर बनाए हुए हैं। यात्रियों से भी मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। मसूरी-देहरादून मार्ग पर बार-बार हो रहे भूस्खलन ने सड़क की सुरक्षा और स्थायी समाधान को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि संवेदनशील स्थानों पर स्थायी सुरक्षा इंतजाम किए जाने की जरूरत है, ताकि बारिश के दौरान बार-बार यातायात बाधित न हो।1
- पीसांगन नगर निकाय चुनाव में बढी सरगर्मियां, 267 नामांकन पत्र हुए जमा, भाजपा ,कांग्रेस सहित लोकतांत्रिक पार्टी ने किऐ अपने उम्मीदवारों की घोषणा पीसांगन नगर निकाय चुनाव में अंतिम दिन 267 नामांकन पत्र हुए जमा, राष्ट्रीय पार्टियों ने अपने प्रत्याशी की घोषित मांगलियावास: पीसांगन नगर निकाय चुनाव में नामांकन जमा करने के आज अंतिम दिन कुल 267 आवेदन पत्र रिटर्निंग अधिकारी पीसांगन उपखंड अधिकारी मोहनलाल चौधरी और सहायक रिटर्निग अधिकारी तहसीलदार पीसांगन अमित जिंन्दोलिया के समक्ष पेश किए गए। नामांकन जमा करने के लिए आज सुबह से ही उपखंड कार्यालय के पास उम्मीदवारों की भीड़ जमा होने आरंभ हो गई थी जो देर शाम तक थी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए डिप्टी पुलिस पीसांगन सौरभ गुप्ता और थाना अधिकारी पीसांगन पारुल यादव सहित पुलिस जाप्ता मौजूद था। दोपहर 2:00 बजे बाद भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय कांग्रेस सहित लोकतांत्रिक पार्टी के सिंबल का इंतजार उम्मीदवार करने लगे। दोपहर करीब 3:00 बजे के आसपास तीनों ही पार्टियों के पदाधिकारी ने उपखंड अधिकारी को अपने उम्मीदवारों की सूची सौंप दी। पीसांगन में 25 वार्ड के चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने वार्ड नंबर 1 से किरण कुमावत, दो से मुन्नालाल, तीन से रमेश चंद चार से लीला देवी 5 से फरजाना बानो छ से सुनीता सात से गोविंद लखन 8 से डॉक्टर अंकित कुमावत 9 से मोना 10 से गजरा चौधरी 11 से शिवराज गुर्जर 12 से देवराज गुर्जर 13 से प्रियंका 14 से संदीप 15 से मुकेश 16 से संतोष कुमारी 17 से धीरज शर्मा 18 से अजीत कुमार जैन 19 से रमेश चंद्र वर्मा 20 से सुनीता 21 से दिनेश शर्मा 22 से कुलदीप कुमावत 23 से सुरेश से विनोद कुमार और 25 से सुरेश कुमावत को टिकट दिया गया है। इसी प्रकार लोकतांत्रिक पार्टी ने वार्ड नंबर 5 से सादिक बनो 6 से रेखा 8 से फिरोज चंदेल 10 से सुरेंद्र सिंह 17 से निहाल गोयल और 25 से प्रदीप कुमावत को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसी प्रकार कांग्रेस ने वार्ड नंबर 1 से चंद्रकांता दो से दिनेश चंद 3 से उगमचंद कुमावत चार से पूजा 5 से रुकया बानो 6 से सुमन 7 से अरविंद मेघवाल आठ से सगीर अहमद नो से प्रियंका गोरी 10 से शेष करण 11 से हाबु गुर्जर, 12 से सुरेश 13 से विमल 14 से सतीश कुमार 15 से कंचन 16 से सुमित्रा 17 से मनोज 18 से राजेश्वर 19 से मनोहर 20 से साधु 21 से प्रदीप कुमावत 22 से शुभम वैष्णव 23 गौरव 24 से मगनीराम और 25 से जवरी लाल को अपना उम्मीदवार बनायाहै।4
- रियान बड़ी नगर पालिका के पहले चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। उपखंड अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया सहित निर्वाचन अधिकारियों ने 20 वार्डों से मिले कुल 165 नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की। इस दौरान उम्मीदवारों के दस्तावेज, वार्ड और पार्टी संबंधी जानकारी का मिलान किया गया। जांच के दौरान कई तरह की बातें सामने आईं। कुछ उम्मीदवारों ने एक ही वार्ड से एक से ज्यादा नामांकन पत्र भरे थे। वहीं, कुछ ने राजनीतिक दल के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा, लेकिन उनके पास पार्टी का अधिकृत चुनाव चिह्न या प्रत्याशी होने का प्रमाण नहीं था। यह भी पता चला कि कुछ वार्डों में पार्टी ने किसी और उम्मीदवार को चुनाव चिह्न दिया था, फिर भी दूसरे व्यक्ति ने उसी पार्टी के नाम से नामांकन भर दिया। ऐसे नामांकन पत्रों को नियमों के तहत अयोग्य घोषित किया गया। इससे कुछ प्रत्याशियों को चुनाव से बाहर होना पड़ा। प्रशासन ने जांच के दौरान यह देखा कि हर उम्मीदवार तय नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करता है या नहीं। जांच के बाद योग्य उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गई है, जिससे रियान बड़ी नगर पालिका चुनाव की तस्वीर अब और स्पष्ट हो गई है। नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और निर्दलीय प्रत्याशियों ने दावेदारी पेश की है। नामांकन जांच के बाद अब बचे हुए प्रत्याशियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के नियमों के हिसाब से कराई है। अब प्रत्याशियों को नाम वापस लेने और चुनाव चिह्न मिलने का इंतजार है। रियान बड़ी नगर पालिका के पहले चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। उपखंड अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया सहित निर्वाचन अधिकारियों ने 20 वार्डों से मिले कुल 165 नामांकन पत्रों की बारीकी से जांच की। इस दौरान उम्मीदवारों के दस्तावेज, वार्ड और पार्टी संबंधी जानकारी का मिलान किया गया। जांच के दौरान कई तरह की बातें सामने आईं। कुछ उम्मीदवारों ने एक ही वार्ड से एक से ज्यादा नामांकन पत्र भरे थे। वहीं, कुछ ने राजनीतिक दल के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भरा, लेकिन उनके पास पार्टी का अधिकृत चुनाव चिह्न या प्रत्याशी होने का प्रमाण नहीं था। यह भी पता चला कि कुछ वार्डों में पार्टी ने किसी और उम्मीदवार को चुनाव चिह्न दिया था, फिर भी दूसरे व्यक्ति ने उसी पार्टी के नाम से नामांकन भर दिया। ऐसे नामांकन पत्रों को नियमों के तहत अयोग्य घोषित किया गया। इससे कुछ प्रत्याशियों को चुनाव से बाहर होना पड़ा। प्रशासन ने जांच के दौरान यह देखा कि हर उम्मीदवार तय नियमों और पात्रता की शर्तों को पूरा करता है या नहीं। जांच के बाद योग्य उम्मीदवारों की स्थिति साफ हो गई है, जिससे रियान बड़ी नगर पालिका चुनाव की तस्वीर अब और स्पष्ट हो गई है। नगर पालिका के 20 वार्डों में भाजपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) और निर्दलीय प्रत्याशियों ने दावेदारी पेश की है। नामांकन जांच के बाद अब बचे हुए प्रत्याशियों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के नियमों के हिसाब से कराई है। अब प्रत्याशियों को नाम वापस लेने और चुनाव चिह्न मिलने का इंतजार है।1
- अजमेर - 4.50 लाख की साइबर ठगी मामले में हुए 4 गिरफ्तार..... कृष्णगंज थाना पुलिस ने 17 अगस्त को दर्ज धोखाधड़ी मामले में दिल्ली से 4 आरोपियों को दबोचा - सूर्यांशु, विकास, अमृतराज और आसिफ। SP हर्षवर्धन अग्रवाल के निर्देशन में थानाधिकारी अरविन्द सिंह की टीम ने ट्रेस कर कार्रवाई की।1
- रूपनगढ़ में अतिक्रमण का बढ़ता कहर: नालों को भी नहीं बख्शा, पानी की निकासी पर लगा ‘ब्रेक’! नालों के ऊपर तक बना लिए कब्जे, बरसात में जलभराव का बढ़ा खतरा — प्रशासन की अनदेखी पर उठ रहे सवाल रूपनगढ़। कस्बे में बढ़ते अतिक्रमण ने अब आमजन की परेशानियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं। हालात यह हैं कि अतिक्रमणकारियों ने सार्वजनिक नालों और पानी की निकासी के रास्तों तक को नहीं बख्शा। कई स्थानों पर नालों के ऊपर या आसपास अतिक्रमण कर रास्तों को संकरा कर दिया गया है, वहीं कहीं-कहीं पानी की प्राकृतिक निकासी तक बाधित होने की स्थिति सामने आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले और जल निकासी व्यवस्था किसी एक व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे कस्बे की सार्वजनिक सुविधा है। इसके बावजूद यदि नालों पर निर्माण अथवा कब्जे होते रहे तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। बारिश के दौरान पानी की निकासी बाधित होने से सड़कों और आसपास के इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। पानी की निकासी रुकी तो बढ़ेगी परेशानी नालों के ऊपर अतिक्रमण होने से सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका है। यदि समय रहते नालों को अतिक्रमण मुक्त नहीं किया गया और उनकी नियमित सफाई नहीं हुई तो बरसात के दिनों में गंदा पानी सड़कों पर फैलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि कस्बे में सार्वजनिक नालों, नालियों और जल निकासी मार्गों का सर्वे करवाकर उनकी स्थिति स्पष्ट की जाए तथा जहां भी नियम विरुद्ध अतिक्रमण पाया जाए, वहां निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। प्रशासन से सवाल—कब जागेगा जिम्मेदार महकमा? लोगों का कहना है कि अतिक्रमण धीरे-धीरे बढ़ता रहता है और समय रहते कार्रवाई नहीं होने पर बाद में उसे हटाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्रशासन को किसी शिकायत या बड़े जलभराव का इंतजार करने के बजाय पहले से ही नालों और जल निकासी मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। रूपनगढ़वासियों ने प्रशासन से अपील की है कि सार्वजनिक नालों एवं जल निकासी व्यवस्था की मौके पर जांच करवाई जाए और आमजन के हित में आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में जलभराव जैसी समस्या से कस्बेवासियों को राहत मिल सके।2