भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा-माले का दो दिवसीय 14वां जिला सम्मेलन 28 जून 2026 को झारखंड के गिरिडीह स्थित मधुवन में धूमधाम से शुरू हो गया। 'कॉमरेड लालधन महतो मंच' (कॉमरेड महेंद्र सिंह सभागार, कॉ. ए. केशव नगर) पर आयोजित इस सम्मेलन की शुरुआत पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा शहीदों को याद करते हुए लाल झंडे और वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर निरसा के लोकप्रिय विधायक अरूप चटर्जी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए मज़दूरों और स्थानीय जनता के अधिकारों की लड़ाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि एक मजबूत संगठन ही प्रशासन को बात सुनने और सरकार को जनता के हकों को पूरा करने के लिए बाध्य कर सकता है। विधायक अरूप चटर्जी ने क्षेत्र में स्थापित फैक्ट्रियों और उद्योगों में मज़दूरों की दुर्दशा पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय मज़दूरों का बड़े पैमाने पर शोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि यदि कोई मज़दूर न्यूनतम मजदूरी, ईएसआई और पीएफ जैसे अपने कानूनी अधिकारों की मांग करता है, तो प्रबंधन द्वारा उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है। अरूप चटर्जी ने हुंकार भरते हुए स्पष्ट किया कि भाकपा-माले मज़दूरों के इस दमन के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करेगी। सम्मेलन के पहले दिन गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मज़दूरों, किसानों और विशेषकर महिलाओं ने शिरकत की। मंच पर भाकपा-माले के कई शीर्ष और वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें बिहार के सांसद सुदामा प्रसाद, विधायक अरूप चटर्जी और चन्द्रदेव महतो, पूर्व विधायक बिनोद सिंह व राज कुमार यादव, तथा वरिष्ठ नेता हलधर महतो प्रमुख थे। सभी उपस्थित सम्मानित अतिथियों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर सांप्रदायिक व फासीवादी ताकतों को ध्वस्त करने तथा संविधान व जन-अधिकारों की रक्षा करने का साझा संकल्प लिया। यह महत्वपूर्ण जिला सम्मेलन 29 जून तक जारी रहेगा, जिसमें आगामी आंदोलनों और संघर्षों के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा-माले का दो दिवसीय 14वां जिला सम्मेलन 28 जून 2026 को झारखंड के गिरिडीह स्थित मधुवन में धूमधाम से शुरू हो गया। 'कॉमरेड लालधन महतो मंच' (कॉमरेड महेंद्र सिंह सभागार, कॉ. ए. केशव नगर) पर आयोजित इस सम्मेलन की शुरुआत पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा शहीदों को याद करते हुए लाल झंडे और वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर निरसा के लोकप्रिय विधायक अरूप चटर्जी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए मज़दूरों और स्थानीय जनता के अधिकारों की लड़ाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि एक मजबूत संगठन ही प्रशासन को बात सुनने और सरकार को जनता के हकों को पूरा करने के लिए बाध्य कर सकता है। विधायक अरूप चटर्जी ने क्षेत्र में स्थापित फैक्ट्रियों और उद्योगों में मज़दूरों की दुर्दशा पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय मज़दूरों का बड़े पैमाने पर शोषण हो रहा है।
उन्होंने बताया कि यदि कोई मज़दूर न्यूनतम मजदूरी, ईएसआई और पीएफ जैसे अपने कानूनी अधिकारों की मांग करता है, तो प्रबंधन द्वारा उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है। अरूप चटर्जी ने हुंकार भरते हुए स्पष्ट किया कि भाकपा-माले मज़दूरों के इस दमन के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करेगी। सम्मेलन के पहले दिन गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मज़दूरों, किसानों और विशेषकर महिलाओं ने शिरकत की। मंच पर भाकपा-माले के कई शीर्ष और वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें बिहार के सांसद सुदामा प्रसाद, विधायक अरूप चटर्जी और चन्द्रदेव महतो, पूर्व विधायक बिनोद सिंह व राज कुमार यादव, तथा वरिष्ठ नेता हलधर महतो प्रमुख थे। सभी उपस्थित सम्मानित अतिथियों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर सांप्रदायिक व फासीवादी ताकतों को ध्वस्त करने तथा संविधान व जन-अधिकारों की रक्षा करने का साझा संकल्प लिया। यह महत्वपूर्ण जिला सम्मेलन 29 जून तक जारी रहेगा, जिसमें आगामी आंदोलनों और संघर्षों के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
- भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा-माले का दो दिवसीय 14वां जिला सम्मेलन 28 जून 2026 को झारखंड के गिरिडीह स्थित मधुवन में धूमधाम से शुरू हो गया। 'कॉमरेड लालधन महतो मंच' (कॉमरेड महेंद्र सिंह सभागार, कॉ. ए. केशव नगर) पर आयोजित इस सम्मेलन की शुरुआत पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा शहीदों को याद करते हुए लाल झंडे और वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर निरसा के लोकप्रिय विधायक अरूप चटर्जी ने जनसमूह को संबोधित करते हुए मज़दूरों और स्थानीय जनता के अधिकारों की लड़ाई पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने की सबसे बड़ी जरूरत है, क्योंकि एक मजबूत संगठन ही प्रशासन को बात सुनने और सरकार को जनता के हकों को पूरा करने के लिए बाध्य कर सकता है। विधायक अरूप चटर्जी ने क्षेत्र में स्थापित फैक्ट्रियों और उद्योगों में मज़दूरों की दुर्दशा पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय मज़दूरों का बड़े पैमाने पर शोषण हो रहा है। उन्होंने बताया कि यदि कोई मज़दूर न्यूनतम मजदूरी, ईएसआई और पीएफ जैसे अपने कानूनी अधिकारों की मांग करता है, तो प्रबंधन द्वारा उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है। अरूप चटर्जी ने हुंकार भरते हुए स्पष्ट किया कि भाकपा-माले मज़दूरों के इस दमन के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करेगी। सम्मेलन के पहले दिन गिरिडीह और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मज़दूरों, किसानों और विशेषकर महिलाओं ने शिरकत की। मंच पर भाकपा-माले के कई शीर्ष और वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें बिहार के सांसद सुदामा प्रसाद, विधायक अरूप चटर्जी और चन्द्रदेव महतो, पूर्व विधायक बिनोद सिंह व राज कुमार यादव, तथा वरिष्ठ नेता हलधर महतो प्रमुख थे। सभी उपस्थित सम्मानित अतिथियों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर सांप्रदायिक व फासीवादी ताकतों को ध्वस्त करने तथा संविधान व जन-अधिकारों की रक्षा करने का साझा संकल्प लिया। यह महत्वपूर्ण जिला सम्मेलन 29 जून तक जारी रहेगा, जिसमें आगामी आंदोलनों और संघर्षों के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।2
- जामताड़ा में 30 जून को मनाए जाने वाले हूल दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में पहुँच चुकी हैं, जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता आनंद टुडू ने सभी व्यवस्थाएँ पूरी होने की घोषणा की है। उन्होंने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में बताया कि सिद्धू-कान्हू प्रतिमा स्थल की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई और अन्य आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 9 बजे छात्र-छात्राओं की प्रभात फेरी से होगी, जिसके बाद जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सिद्धू-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। दोपहर 2 बजे, झामुमो जिला कार्यालय से गाजे-बाजे के साथ एक भव्य जुलूस निकाला जाएगा, जो सिद्धू-कान्हू चौक पहुंचेगा और इसमें हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। माल्यार्पण और झंडोत्तोलन के उपरांत गांधी मैदान में आदिवासी संस्कृति पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। पूरे जिले में हूल दिवस को लेकर उत्साह का माहौल है और आयोजकों ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी कर ली है।1
- झारखंड के जामताड़ा जिले में एक अज्ञात शव सड़ी-गली अवस्था में बरामद हुआ है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।1
- क्षेत्र की सड़कों पर बारिश के दौरान पानी जमा हो जाने से स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस जलभराव के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है, जिससे यातायात में लगातार बाधाएं आ रही हैं और दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि वे इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दें। मांग की गई है कि सड़कों की मरम्मत करवाई जाए और जल्द से जल्द उचित जल निकासी (नाली) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- झारखंड के धनबाद स्थित ईवीएम वेयरहाउस की हाल ही में त्रैमासिक समीक्षा की गई है। इस समीक्षा के दौरान, वेयरहाउस में रखी गई सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) और उनकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से दुरुस्त पाई गई हैं, जिससे उनकी अखंडता सुनिश्चित होती है।1
- पचरुखी के मेले में एक जलपरी आई है, जिसके आगमन को लेकर उत्सुकता का माहौल है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द आएं और इस जलपरी को देखने का अनुभव करें।1
- झारखंड के निरसा प्रखंड के पांड्रा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई, जिसमें 'दो बूंद जिंदगी की' के साथ पोलियो मुक्त भारत का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद सदस्य श्रीमती दीपाली रुहीदास, प्रखंड प्रमुख श्रीमती आशा देवी और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मृणाल श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर किया। इस अवसर पर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मृणाल श्रीवास्तव ने बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक अभिभावक से अपील की। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को हर पल्स पोलियो अभियान में पोलियो की खुराक अवश्य पिलाना प्रत्येक अभिभावक की जिम्मेदारी है, क्योंकि पोलियो से बचाव का यह एकमात्र प्रभावी उपाय है। कार्यक्रम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी चिकित्सक, एएनएम, सहिया और स्वास्थ्यकर्मी सहित अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की और अभियान को सफल बनाने का संकल्प लेते हुए लोगों से अपने बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी जानकारी दी कि अभियान के दौरान जो बच्चे किसी कारणवश पोलियो बूथ या स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे, उन्हें घर-घर जाकर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इस व्यापक कार्य के लिए 53 सुपरवाइजर, 273 पोलियो टीमें, 546 दलकर्मी और 15 ट्रांजिट बूथ तैनात किए गए हैं। ये टीमें घर-घर पहुंचने के साथ-साथ बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी, ताकि कोई भी बच्चा इस जीवनरक्षक दवा से वंचित न रह जाए। विभाग ने सभी अभिभावकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अपने 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाने की मार्मिक अपील की है। निरसा में 'हर बच्चा, हर बार – पोलियो की दो बूंद' के संकल्प के साथ इस राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत उत्साहपूर्वक की गई है।7
- धनबाद की जलान फैक्ट्री में काम करते समय सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एक कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। इस हादसे में आज़ाद नगर लाल भवन के पास रहने वाले 50 वर्षीय अकरम खान एक मशीन की चपेट में आ गए। घायल अकरम खान पिछले लगभग 20 वर्षों से फैक्ट्री में काम कर रहे हैं और उनके करीबी नौशाद ने बताया कि वह एक 'फाइटर' के रूप में कार्यरत थे। नौशाद के अनुसार, हादसे के वक्त अकरम खान मशीन के बेल्ट के पास कुछ काम कर रहे थे। इसी दौरान, किसी अन्य व्यक्ति ने मशीन का स्विच ऑन कर दिया, जिससे बेल्ट तेज़ी से घूमने लगा और अकरम खान उसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद उन्हें तत्काल इलाज के लिए अशर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।1