जतारा तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत किटाखेरा के सरपंच ने रजिस्ट्रार अधिकारी पर रजिस्ट्री के नाम पर 16 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और किसानों को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। सरपंच ने पूरे मामले की शिकायत टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से करते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरपंच के अनुसार, ग्राम पंचायत किटाखेरा की 32 आर भूमि की रजिस्ट्री कराई जानी थी, जो मुख्य सड़क से लगभग 300 से 400 फीट अंदर स्थित है। जब रजिस्ट्री लेखक ने दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत किए, तो रजिस्ट्रार ने सड़क पर स्थित भूमि के आधार पर ही रजिस्ट्री करने की बात कही। सरपंच के स्थल निरीक्षण के आग्रह को भी रजिस्ट्रार ने यह कहते हुए टाल दिया कि भूमि की तरमीम नहीं हुई है। आरोप है कि बाद में रजिस्ट्री लेखक ने फोन कर बताया कि रजिस्ट्रार 16 हजार रुपये की मांग कर रही हैं। इसके बाद रजिस्ट्री की राशि लगभग 1.35 लाख रुपये से घटकर 93 हजार रुपये में पूरी हो गई। सरपंच ने रजिस्ट्रार से हुई बातचीत का वीडियो पास में होने का भी दावा किया है। इसके अलावा, सरपंच ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई रजिस्ट्री लेखक भी संबंधित अधिकारी के कार्य व्यवहार से परेशान हैं। रोजाना 5 से 10 रजिस्ट्रियां टीकमगढ़ भेजी जाती हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है और लोगों को कथित रूप से दबाव में लेकर अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। सरपंच ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सत्यता सामने लाई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित रजिस्ट्रार को जतारा से हटाया जाए।
जतारा तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत किटाखेरा के सरपंच ने रजिस्ट्रार अधिकारी पर रजिस्ट्री के नाम पर 16 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और किसानों को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। सरपंच ने पूरे मामले की शिकायत टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से करते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरपंच के अनुसार, ग्राम पंचायत किटाखेरा की 32 आर भूमि की रजिस्ट्री कराई जानी थी, जो मुख्य सड़क से लगभग 300 से 400 फीट अंदर स्थित है। जब रजिस्ट्री लेखक ने दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत किए, तो रजिस्ट्रार ने सड़क पर स्थित भूमि के आधार पर ही रजिस्ट्री करने की बात कही। सरपंच के स्थल निरीक्षण के आग्रह को भी रजिस्ट्रार ने यह कहते हुए टाल दिया कि भूमि की तरमीम नहीं हुई है। आरोप है कि बाद में रजिस्ट्री लेखक ने फोन कर बताया कि रजिस्ट्रार 16 हजार रुपये की मांग कर रही हैं। इसके बाद रजिस्ट्री की राशि लगभग 1.35 लाख रुपये से घटकर 93 हजार रुपये में पूरी हो गई। सरपंच ने रजिस्ट्रार से हुई बातचीत का वीडियो पास में होने का भी दावा किया है। इसके अलावा, सरपंच ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई रजिस्ट्री लेखक भी संबंधित अधिकारी के कार्य व्यवहार से परेशान हैं। रोजाना 5 से 10 रजिस्ट्रियां टीकमगढ़ भेजी जाती हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है और लोगों को कथित रूप से दबाव में लेकर अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। सरपंच ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सत्यता सामने लाई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित रजिस्ट्रार को जतारा से हटाया जाए।
- जतारा तहसील के रजिस्ट्री कार्यालय में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत किटाखेरा के सरपंच ने रजिस्ट्रार अधिकारी पर रजिस्ट्री के नाम पर 16 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और किसानों को परेशान करने के आरोप लगाए हैं। सरपंच ने पूरे मामले की शिकायत टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय से करते हुए निष्पक्ष जांच और संबंधित अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। सरपंच के अनुसार, ग्राम पंचायत किटाखेरा की 32 आर भूमि की रजिस्ट्री कराई जानी थी, जो मुख्य सड़क से लगभग 300 से 400 फीट अंदर स्थित है। जब रजिस्ट्री लेखक ने दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्रार के समक्ष प्रस्तुत किए, तो रजिस्ट्रार ने सड़क पर स्थित भूमि के आधार पर ही रजिस्ट्री करने की बात कही। सरपंच के स्थल निरीक्षण के आग्रह को भी रजिस्ट्रार ने यह कहते हुए टाल दिया कि भूमि की तरमीम नहीं हुई है। आरोप है कि बाद में रजिस्ट्री लेखक ने फोन कर बताया कि रजिस्ट्रार 16 हजार रुपये की मांग कर रही हैं। इसके बाद रजिस्ट्री की राशि लगभग 1.35 लाख रुपये से घटकर 93 हजार रुपये में पूरी हो गई। सरपंच ने रजिस्ट्रार से हुई बातचीत का वीडियो पास में होने का भी दावा किया है। इसके अलावा, सरपंच ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कई रजिस्ट्री लेखक भी संबंधित अधिकारी के कार्य व्यवहार से परेशान हैं। रोजाना 5 से 10 रजिस्ट्रियां टीकमगढ़ भेजी जाती हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है और लोगों को कथित रूप से दबाव में लेकर अतिरिक्त राशि वसूली जाती है। सरपंच ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सत्यता सामने लाई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित रजिस्ट्रार को जतारा से हटाया जाए।1
- टीकमगढ़ के नन्ही टेहरी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पर सोमवार को पीडीएस राशन वितरण शुरू होते ही गेहूं की पहली बोरी में किसी जानवर के सिर की हड्डी निकलने से उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया। लोगों ने राशन लेने से इनकार करते हुए इसका कड़ा विरोध जताया और मामले की सूचना खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को दी। मौके पर पहुंचे कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी (जेएसओ) सार्थक तिवारी ने सतर्कता बरतते हुए अन्य बोरियों की जांच कराई। हालांकि, दूसरी बोरियों में हड्डियां नहीं मिलीं, लेकिन उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को देखते हुए दुकान को तुरंत सील कर गेहूं वितरण पर रोक लगा दी गई। जांच में सामने आया है कि वितरण के लिए आया यह करीब 163 क्विंटल गेहूं विदिशा जिले के संकल्प वेयरहाउस से टीकमगढ़ भेजा गया था, जिस पर सेवा सहकारी समिति पठानी का नाम दर्ज है। जेएसओ ने बताया कि इसकी सूचना प्रभारी नागरिक आपूर्ति निगम अधिकारी को दे दी गई है और इस पूरी खेप को वापस भेजकर नया गेहूं मंगवाया जाएगा। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि बोरी के अंदर हड्डी आखिर कैसे पहुंची। टीकमगढ़ में बाहर से खराब गेहूं भेजे जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले दमोह जिले से आई 6265 बोरियों में भी जीवित कीड़े, घुन और सड़ा-गला गेहूं मिला था, जिसे बड़ोराघाट वेयरहाउस से वापस लौटा दिया गया था। दमोह से करीब 15 दिनों में 8700 मीट्रिक टन गेहूं आया था, जिसमें भारी मिलावट पाए जाने के बाद सरकारी खरीद और भंडारण व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे थे।1
- बमीठा थाना क्षेत्र के ग्राम कोंडा में हुए गोलीकांड मामले में अब बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान सामने आया है। इस मामले में उनके छोटे भाई शालिग्राम गर्ग पर गोली चलाने का आरोप लगा है। धीरेंद्र शास्त्री ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कहा है कि कानून सबके लिए बराबर है और किसी को भी इससे ऊपर नहीं माना जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर उनके भाई से कोई गलती हुई है, तो पुलिस को निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। उनके अनुसार, परिवार की छवि से बढ़कर देश का कानून और न्याय है, और धाम व परिवार कानून का सम्मान करते हुए प्रशासन को पूरा सहयोग देंगे। यह विवाद ग्राम कोंडा में जमीनी रंजिश के चलते हुई फायरिंग से जुड़ा है, जिसमें मोतीलाल कुशवाहा नामक व्यक्ति घायल हुआ था। घायल मोतीलाल ने आरोप लगाया था कि शालिग्राम गर्ग ने उन पर 3-4 राउंड फायर किए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बयानों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- टीकमगढ़ जिले के खरगापुर थाना अंतर्गत देरी चौकी पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशन में नशे के विरुद्ध एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया है। इस अभियान के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को सचेत किया जा रहा है। इसके तहत युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को एक स्वस्थ, सुरक्षित और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में देरी पुलिस चौकी प्रभारी संदीप सोनी और समस्त पुलिस बल ने देरी के मुख्य बाजार सहित चौकी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में नशा मुक्त समाज जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस टीम ने नागरिकों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में बेहद सरल और व्यावहारिक उदाहरण देकर विस्तार से समझाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल नशे के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाकर एक स्थायी सामाजिक परिवर्तन लाना है। टीकमगढ़ पुलिस इस मुहिम के जरिए "नशामुक्ति युवा, सुरक्षित समाज, सशक्त भविष्य" के संदेश को मजबूत कर रही है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के ग्राम कोड़ा में हुए गोलीकांड को लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री महाराज ने अपना बयान दिया है।1
- टीकमगढ़ के जतारा तहसील कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर अनुपस्थिति के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार सुबह लगभग 11:30 बजे जतारा एसडीएम कोर्ट में बदहाली का ऐसा नजारा देखने को मिला, जहां अपनी सीट पर न तो कोई अधिकारी मौजूद था और न ही कोई बाबू उपस्थित मिला। पूरे कार्यालय में केवल एक चपरासी ही अपनी ड्यूटी पर उपस्थित था। इस लापरवाही के कारण अपने जरूरी कामों के लिए दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। समय पर अधिकारियों और कर्मचारियों के न पहुंचने से नामांतरण, बंटवारा, राजस्व संबंधी कार्य और अन्य प्रशासनिक मामले बुरी तरह प्रभावित हुए, जिससे वहां मौजूद लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तहसील कार्यालय में समय पर अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित न होने से आम जनता का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कार्यालय की नियमित निगरानी की जाए और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि जतारा तहसील की इस बदहाल व्यवस्था में आखिर कब सुधार आएगा और आम जनता को समय पर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।3
- सत्ता पक्ष द्वारा दिए जा रहे संरक्षण के बीच दिनदहाड़े एक बड़ा गोलीकांड सामने आया है। नरेंद्र मोदी के छोटे भाई बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिगराम गर्ग ने जमीनी विवाद को लेकर कोड़ा गांव के निवासी मोतीलाल कुशवाहा के पेट में गोली मार दी है, जिससे उनकी हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। इस सनसनीखेज वारदात को लेकर तीखे सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर आरोपियों को इतना बड़ा राजनीतिक संरक्षण क्यों मिल रहा है। छतरपुर एसपी से सीधा सवाल पूछा जा रहा है कि क्या अभी भी कट्टे को टॉर्च ही बताया जाता रहेगा या फिर इस मामले में कोई ठोस और सख्त कार्रवाई की जाएगी।2