मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं दिव्यांगों को मुफ्त कानूनी सहायता का प्रावधान राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने आरंभ की है मनोन्याय योजना: कुलदीप शर्मा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने थाना परिसर में आयोजित किया जागरुकता शिविर हमीरपुर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर की लीगल सर्विसेज यूनिट फॉर मनोन्याय (एलएसयूएम) ने बुधवार को यहां थाना परिसर में विधिक जागरुकता शिविर आयोजित किया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने कहा कि आम लोगों को न्याय सुलभ बनाने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) ने कई योजनाएं आरंभ की हैं। इन योजनाओं में मुफ्त कानूनी सहायता योजना सबसे महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी वर्ग के लोग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांग, आपदा पीड़ित, अत्याचार पीड़ित, श्रमिक, किन्नर, कैदी और सालाना 3 लाख रुपये से कम आय वाले सभी वर्गों के लोग मुफ्त कानूनी सहायता योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। मानव तस्करी के शिकार लोगों, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, नशे के जाल में फंसे लोगों, किसी भी तरह के अत्याचार और तेजाब हमलों की शिकार महिलाओं की मदद के लिए भी नालसा ने योजनाएं आरंभ की हैं। इनके अलावा मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए भी नालसा ने मनोन्याय योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य मानसिक रूप से अस्वस्थ या बौद्धिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को न्याय प्रणाली तक समान पहुंच दिलाना है। कुलदीप शर्मा ने बताया कि जिला हमीरपुर में भी मनोन्याय इकाई स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से ऐसे दिव्यांगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है। इसके लिए प्रशिक्षित वकीलों का पैनल बनाया गया है जो आवश्यकता पड़ने पर मानसिक रूप से अस्वस्थ या बौद्धिक रूप से दिव्यांग लोगों के घर जाकर भी अपने सेवाएं दे सकते हैं। कुलदीप शर्मा ने बताया कि मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल है। किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित फ्रंट आफिस में जाकर पात्र लोग मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। नालसा के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर डीएसपी राजकुमार, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कालेज हमीरपुर के मनोचिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. कमल प्रकाश, डॉ. संदीप कुमार और अन्य मनोचिकित्सकों ने भी कई महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कीं। कार्यक्रम में थाना प्रभारी कुलवंत सिंह, अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा आम लोग भी उपस्थित रहे।
मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं दिव्यांगों को मुफ्त कानूनी सहायता का प्रावधान राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने आरंभ की है मनोन्याय योजना: कुलदीप शर्मा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने थाना परिसर में आयोजित किया जागरुकता शिविर हमीरपुर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर की लीगल सर्विसेज यूनिट फॉर मनोन्याय (एलएसयूएम) ने बुधवार को यहां थाना परिसर में विधिक जागरुकता शिविर आयोजित किया। शिविर की अध्यक्षता करते हुए प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने कहा कि आम लोगों को न्याय सुलभ बनाने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) ने कई योजनाएं आरंभ की हैं। इन योजनाओं में मुफ्त कानूनी सहायता योजना सबसे महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने बताया कि एससी-एसटी वर्ग के लोग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांग, आपदा पीड़ित, अत्याचार पीड़ित, श्रमिक, किन्नर, कैदी और सालाना 3 लाख रुपये से कम आय वाले सभी वर्गों के लोग
मुफ्त कानूनी सहायता योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। मानव तस्करी के शिकार लोगों, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, नशे के जाल में फंसे लोगों, किसी भी तरह के अत्याचार और तेजाब हमलों की शिकार महिलाओं की मदद के लिए भी नालसा ने योजनाएं आरंभ की हैं। इनके अलावा मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए भी नालसा ने मनोन्याय योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य मानसिक रूप से अस्वस्थ या बौद्धिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों को न्याय प्रणाली तक समान पहुंच दिलाना है। कुलदीप शर्मा ने बताया कि जिला हमीरपुर में भी मनोन्याय इकाई स्थापित की गई है, जिसके माध्यम से ऐसे दिव्यांगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जा रही है।
इसके लिए प्रशिक्षित वकीलों का पैनल बनाया गया है जो आवश्यकता पड़ने पर मानसिक रूप से अस्वस्थ या बौद्धिक रूप से दिव्यांग लोगों के घर जाकर भी अपने सेवाएं दे सकते हैं। कुलदीप शर्मा ने बताया कि मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन की प्रक्रिया बहुत ही सरल है। किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित फ्रंट आफिस में जाकर पात्र लोग मुफ्त कानूनी सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं। नालसा के हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है। इस अवसर पर डीएसपी राजकुमार, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कालेज हमीरपुर के मनोचिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. कमल प्रकाश, डॉ. संदीप कुमार और अन्य मनोचिकित्सकों ने भी कई महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कीं। कार्यक्रम में थाना प्रभारी कुलवंत सिंह, अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी तथा आम लोग भी उपस्थित रहे।
- जागरुक और जिम्मेदार उपभोक्ता बने हर नागरिक चलोखर में आयोजित उपभोक्ता जागरुकता शिविर में एसडीएम ने की अपील खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने किया आयोजन हमीरपुर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने बुधवार को गांव चलोखर में एक दिवसीय उपभोक्ता जागरुकता शिविर का आयोजन किया। एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में ग्राम पंचायत टिब्बी तथा ग्राम पंचायत देई का नौण के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर एसडीएम ने कहा कि हर व्यक्ति को एक उपभोक्ता के रूप में अपने अधिकारों के प्रति जागरुक रहना चाहिए तथा किसी भी वस्तु या सेवा की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी या अनियमितता की तुरंत शिकायत करनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे जिम्मेदार नागरिक बनकर अपने अधिकारों की जानकारी रखें तथा अपने कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। जागरुक एवं जिम्मेदार उपभोक्ता ही स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे पहले, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) आंचल कुमारी ने ग्रामीणों को उपभोक्ता अधिकारों एवं उनके संरक्षण से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है, इसलिए उसका अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरुक रहना आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों को खरीददारी करते समय पक्का बिल अथवा रसीद लेने तथा उस उत्पाद के मूल्य, मात्रा, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि तथा गुणवत्ता संबंधी विवरण की जांच करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी वस्तु या सेवा में कमी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली जैसी स्थिति में उपभोक्ता उचित शिकायत निवारण व्यवस्था का सहारा ले सकते हैं। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टॉल फ्री नंबर 1915 पर भी शिकायत की जा सकती है। रसोई गैस की बुकिंग से संबंधित समस्या की शिकायत अब व्हाट्सऐप नंबर 75888-88824 पर भी की जा सकती है। शिविर के दौरान विधिक माप विज्ञान के सहायक नियंत्रक प्रवीण कुमार ने उपभोक्ताओं को वस्तुओं की सही मात्रा, निर्धारित मूल्य तथा पैकेट पर अंकित आवश्यक विवरणों की जांच करने के लिए जागरुक किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अभिषेक ठाकुर ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने ग्रामीणों को सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थों के चयन, खाद्य वस्तुओं के लेबल की जांच तथा खाद्य पदार्थों की खरीदारी के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में अवगत करवाया। शिविर में बीडीसी सदस्य राम शर्मा, दोनों पंचायतों के अन्य जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।1
- 🙏🙏🌹🌹🌹🌹 Jay Ho Ganpati Bappa morya 🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏1
- सुजानपुर सुजानपुर उपमंडल अधिकारी ने महाविद्यालय के छात्र छात्राओं के साथ पौधे लगाए। ओम मंडल अधिकारी ने कहा कि यह पेड़ मैदान के चारों तरफ लगाए जाएंगे,ताकि मैदान में आने वाले लोगों और राहगीरों को छाया मिल सके। उन्होंने कहा कि लोगों से भी अपील की जाएगी कि मैदान में पशुओं को ना आने दे। पेड़ों को बचाने के लिए बचाव के तरीके भी अपनाया जाएंगे।1
- बिजली का खंबा जो टूटा हुआ है उसे हटाया जाए और दूसरा लगाया जाए बिजली का खंबा यहां से हटाया जाए है और साथ में हमारा घर है बच्चे नीचे जाते हैं साइकिल चलाते हैं पानी भर के ले जाते हैं यहां कल को कोई दुर्घटना हो गई तो इसका जिम्मेवार कौन होगा इसकी कंप्लेंट 2 साल से ऊपर हो गए बट कोई सुनवाई नहीं3
- ऊना कॉलेज में 14 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म | फीस में 20% कटौती, ABVP ने मनाया जश्न | Una College News ऊना कॉलेज में 14 दिन बाद भूख हड़ताल खत्म | फीस में 20% कटौती, ABVP ने मनाया जश्न | Una College News1
- पीरनिगाह मंदिर के प्रबंधन को लेकर बसोली के ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी, पंचायत को संचालन सौंपने और मंदिर की चाबियां लौटाने की मांग ऊना। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीरनिगाह मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर बसोली गांव के ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने एमसी पार्क ऊना में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान करवाने की मांग उठाई। ग्रामीण बलवंत सिंह ने कहा कि पीरनिगाह मंदिर का बसोली गांव और स्थानीय पंचायत से वर्षों पुराना संबंध रहा है। पहले मंदिर का संचालन पंचायत के माध्यम से किया जाता था और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही थीं। ऐसे ेमें मंदिर का प्रबंधन दोबारा स्थानीय पंचायत को सौंपा जाए और मंदिर की चाबियां पंचायत को वापस दी जाएं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। यह प्रदर्शन गांव के अधिकारों और धार्मिक स्थल के स्थानीय स्तर पर प्रबंधन को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि वे मामले को लंबा कानूनी विवाद बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका प्रयास है कि प्रशासनिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाकर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए। उन्होंने जिला प्रशासन और उपायुक्त ऊना से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंनेे चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।2
- वेस्टीज स्पेशल टूर होटल क्लार्क आगरा और आगरा फोर्ट आज ही बिजनेस का जानकारी के लिए मुझे कॉल करें 98161 33991 राजकुमार आपका बिजनेस कोच बिलासपुर हिमाचल प्रदेश दोस्तों वेस्टीज से मिला हमें घूमने का मौका यहां इस बिजनेस का खासियत है आज ही इस बिजनेस के बारे में जानकारी ली और आज ही स्टार्ट करें 9816133991 आपका बिजनेस कोच राजकुमार बिलासपुर हिमाचल प्रदेश4
- ऊना जिला परिषद की बैठक में उठीं जनसमस्याएं | सदस्यों ने सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे उठाए ऊना जिला परिषद की बैठक में उठीं जनसमस्याएं | सदस्यों ने सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे उठाए1