पीरनिगाह मंदिर के प्रबंधन को लेकर बसोली के ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी, पंचायत को संचालन सौंपने और मंदिर की चाबियां लौटाने की मांग ऊना। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीरनिगाह मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर बसोली गांव के ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने एमसी पार्क ऊना में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान करवाने की मांग उठाई। ग्रामीण बलवंत सिंह ने कहा कि पीरनिगाह मंदिर का बसोली गांव और स्थानीय पंचायत से वर्षों पुराना संबंध रहा है। पहले मंदिर का संचालन पंचायत के माध्यम से किया जाता था और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही थीं। ऐसे ेमें मंदिर का प्रबंधन दोबारा स्थानीय पंचायत को सौंपा जाए और मंदिर की चाबियां पंचायत को वापस दी जाएं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। यह प्रदर्शन गांव के अधिकारों और धार्मिक स्थल के स्थानीय स्तर पर प्रबंधन को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि वे मामले को लंबा कानूनी विवाद बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका प्रयास है कि प्रशासनिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाकर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए। उन्होंने जिला प्रशासन और उपायुक्त ऊना से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंनेे चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।
पीरनिगाह मंदिर के प्रबंधन को लेकर बसोली के ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी, पंचायत को संचालन सौंपने और मंदिर की चाबियां लौटाने की मांग ऊना। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीरनिगाह मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर बसोली गांव के ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने एमसी पार्क ऊना में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान करवाने की मांग उठाई। ग्रामीण बलवंत सिंह ने कहा कि पीरनिगाह मंदिर का बसोली गांव और स्थानीय पंचायत से वर्षों पुराना संबंध रहा है। पहले मंदिर का संचालन पंचायत के माध्यम से किया जाता था और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही थीं। ऐसे ेमें मंदिर का प्रबंधन दोबारा स्थानीय पंचायत को सौंपा जाए और मंदिर की चाबियां
पंचायत को वापस दी जाएं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। यह प्रदर्शन गांव के अधिकारों और धार्मिक स्थल के स्थानीय स्तर पर प्रबंधन को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि वे मामले को लंबा कानूनी विवाद बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका प्रयास है कि प्रशासनिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाकर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए। उन्होंने जिला प्रशासन और उपायुक्त ऊना से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंनेे चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।
- पीरनिगाह मंदिर के प्रबंधन को लेकर बसोली के ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी, पंचायत को संचालन सौंपने और मंदिर की चाबियां लौटाने की मांग ऊना। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पीरनिगाह मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर बसोली गांव के ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन बुधवार को भी जारी रहा। ग्रामीणों ने एमसी पार्क ऊना में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर धरना दिया और प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान करवाने की मांग उठाई। ग्रामीण बलवंत सिंह ने कहा कि पीरनिगाह मंदिर का बसोली गांव और स्थानीय पंचायत से वर्षों पुराना संबंध रहा है। पहले मंदिर का संचालन पंचायत के माध्यम से किया जाता था और व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही थीं। ऐसे ेमें मंदिर का प्रबंधन दोबारा स्थानीय पंचायत को सौंपा जाए और मंदिर की चाबियां पंचायत को वापस दी जाएं। उन्होंने कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। यह प्रदर्शन गांव के अधिकारों और धार्मिक स्थल के स्थानीय स्तर पर प्रबंधन को लेकर किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि वे मामले को लंबा कानूनी विवाद बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका प्रयास है कि प्रशासनिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाकर मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए। उन्होंने जिला प्रशासन और उपायुक्त ऊना से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंनेे चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती, तब तक वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।2
- “धारा 163 लोकतंत्र की हत्या” | अविनाश मेनन ने प्रशासन को घेरा | पीरनिगाह मंदिर का चार्ज पंचायत को देने की मांग “धारा 163 लोकतंत्र की हत्या” | अविनाश मेनन ने प्रशासन को घेरा | पीरनिगाह मंदिर का चार्ज पंचायत को देने की मांग1
- जागरुक और जिम्मेदार उपभोक्ता बने हर नागरिक चलोखर में आयोजित उपभोक्ता जागरुकता शिविर में एसडीएम ने की अपील खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने किया आयोजन हमीरपुर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने बुधवार को गांव चलोखर में एक दिवसीय उपभोक्ता जागरुकता शिविर का आयोजन किया। एसडीएम हमीरपुर संजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में ग्राम पंचायत टिब्बी तथा ग्राम पंचायत देई का नौण के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर एसडीएम ने कहा कि हर व्यक्ति को एक उपभोक्ता के रूप में अपने अधिकारों के प्रति जागरुक रहना चाहिए तथा किसी भी वस्तु या सेवा की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी या अनियमितता की तुरंत शिकायत करनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे जिम्मेदार नागरिक बनकर अपने अधिकारों की जानकारी रखें तथा अपने कर्तव्यों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। जागरुक एवं जिम्मेदार उपभोक्ता ही स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे पहले, जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) आंचल कुमारी ने ग्रामीणों को उपभोक्ता अधिकारों एवं उनके संरक्षण से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है, इसलिए उसका अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरुक रहना आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों को खरीददारी करते समय पक्का बिल अथवा रसीद लेने तथा उस उत्पाद के मूल्य, मात्रा, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि तथा गुणवत्ता संबंधी विवरण की जांच करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी वस्तु या सेवा में कमी अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली जैसी स्थिति में उपभोक्ता उचित शिकायत निवारण व्यवस्था का सहारा ले सकते हैं। राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के टॉल फ्री नंबर 1915 पर भी शिकायत की जा सकती है। रसोई गैस की बुकिंग से संबंधित समस्या की शिकायत अब व्हाट्सऐप नंबर 75888-88824 पर भी की जा सकती है। शिविर के दौरान विधिक माप विज्ञान के सहायक नियंत्रक प्रवीण कुमार ने उपभोक्ताओं को वस्तुओं की सही मात्रा, निर्धारित मूल्य तथा पैकेट पर अंकित आवश्यक विवरणों की जांच करने के लिए जागरुक किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अभिषेक ठाकुर ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने ग्रामीणों को सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य पदार्थों के चयन, खाद्य वस्तुओं के लेबल की जांच तथा खाद्य पदार्थों की खरीदारी के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में अवगत करवाया। शिविर में बीडीसी सदस्य राम शर्मा, दोनों पंचायतों के अन्य जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।1
- बैंकिंग न्यूज़: डागडा खड्ड वार्ड 1 बना मुसीबत का कारण, प्रसाद खाने आए आवारा गाय(पशु )रगड़ो के हमले का शिकार --- प्रागपुर /गरली 26 अगस्त विकास खंड प्रागपुर के बणी पंचायत में स्थित डगडा खड्ड के वार्ड 1 क्षेत्र में कचरे की समस्या अब जानवरों की जान पर सवाल बन गया है। एतिहासिक चानो सिद्ध मंदिर का गुड़ युक्त प्रसाद और चढ़ावे का सामान खुले में फेंके जाने के कारण स्थानीय लोगों के पशु और आवारा पशु( गाय) खड्ड की तरफ खिंचे चले आ रहे हैं। रगड़ो ने किए आवारा पशु जख्मी मीठे की गंध के कारण पशु प्रसाद खाने खड्ड में पहुंच रहे हैं। इसी दौरान रगड़ो ने पालतू पशुओं पर आवारा पशुओं पर हमला कर उन्हें बुरी तरह जख्मी कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके 2-3 पशु घायल हो चुके हैं। और मन्दिर के परिसर श्रद्धालूओं द्वारा मीठा युक्त गुड़ प्रशाद चढ़ावा खुले में खड्ड में फैंका जा रहा सरासर ग़लत है जब कि इसी रास्ते से ग्रामीण अपने घरो के लिए आने जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है 25 अगस्त 2026 को ली गई तस्वीरों में खड्ड के किनारे प्लास्टिक, प्रसाद की थैलियां और कचरे के ढेर साफ देखे जा सकते हैं। सबसे बड़ी हैरानी: बणी पंचायत खामोश ग्रामीणों ने कई बार पंचायत को शिकायत दी, लेकिन अब तक न सफाई हुई न ही कोई ठोस कदम उठाया गया। ग्रामीणों में रोष है कि धार्मिक भावनाएं आहत होने के साथ-साथ अब पशुओं की जान भी खतरे में है। एक ग्रामीण ने कहा: _"मंदिर का प्रसाद कूड़े में और कूड़ा खड्ड में। अब तो हमारे पशु भी सुरक्षित नहीं हैं। पंचायत कब जागेगी?"_ कांगड़ा उपायुक्त प्रशासन से मांग . वार्ड 1 में तुरंत सफाई अभियान चलाया जाए मंदिर कमेटी प्रसाद निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था करे खुले में कचरा फेंकने और आवारा पशुओं पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए जाएं स्थानीय लोगों ने DC कांगड़ा और SDM देहरा से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। कहा कि पंचायत को साफ सफ़ाई करवाई जाए। फोटो , विडियो ---3
- 🙏🙏🌹🌹🌹🌹 Jay Ho Ganpati Bappa morya 🌹🌹🌹🌹🌹🙏🙏1
- दधोल में कार और ट्रक में जोरदार टक्कर,जाली नम्बर प्लेट लगाकर भरे हुए थे ट्रक में गौवंस भराड़ी,25 अगस्त (राकेश): नेशनल हाईवे 103 शिमला-मटौर पर दधोल स्कूल के गेट के सामने सड़क पर कार और ट्रक में जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार चालक राज कुमार को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कार का भी काफी नुकसान है। कार चालक राज कुमार ने बताया कि वह मंगलवार शाम के समय घुमारवीं की तरफ से आ रहे थे और डंगार की ओर जा रहे थे। उसी दौरान हमीरपुर की तरफ से एक तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार क्षतिग्रस्त हो गई और चालक को गंभीर चोटें आईं। वही भराड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक की जांच की तो ट्रक में 9 गौवंश क्रूरता के साथ भरे हुए थे। हादसे के बाद ट्रक में सवार दोनों व्यक्ति मौके से फरार हो गए। वहीं, ट्रक की तलाशी के दौरान उसमें दो नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं। जिसमे असली नम्बर प्लेट ट्रक के अंदर थी वही जाली नम्बर प्लेट लगाकर यह गौवंश ट्रक में ले जाया जा रहा था।3
- पुराने गेट पर ताला, मरीज परेशान; बीएमओ और विधायक से गेट खुलवाने की मांग सुजानपुर सुजानपुर सिविल अस्पताल के तीन गेटों में से लंबे समय से इस्तेमाल हो रहे पुराने गेट को अचानक बंद कर दिया गया है। लोगों की सुरक्षा के लिए नाली पर लोहे का जाला भी लगाया गया था। अब गेट बंद होने से मरीज, बुजुर्ग और बच्चे परेशान हैं। लोगों ने बीएमओ और विधायक से गेट खुलवाने की मांग की है।1
- फीस वृद्धि को लेकर कॉलेज में फिर हुआ हंगामा, छात्रों ने किया प्रिंसिपल और कमेटी का घेराव, प्रिंसिपल ने फिर बुलाई कॉलेज में पुलिस, पुलिस को शिकायत सौंप उठाई जांच की मांग ऊना के पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में फीस वृद्धि को लेकर चल रहा विवाद मंगलवार को एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया। पिछले 13 दिनों से क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे एबीवीपी कार्यकर्ताओं और कॉलेज प्रशासन के बीच फीस कटौती को लेकर जमकर खींचतान हुई। सेल्फ फाइनेंस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया गया। कॉलेज प्रबंधन के अनुसार समिति ने फीस में अधिकतम 20 प्रतिशत कटौती का प्रस्ताव रखा, जबकि एबीवीपी 50 प्रतिशत फीस कम करने की मांग पर अड़ी रही। बैठक के बाद बाहर निकल रहे समिति सदस्यों के साथ धक्का-मुक्की और प्रिंसिपल कार्यालय का दरवाजा बंद करने के आरोप भी कॉलेज प्रशासन ने लगाए हैं। वहीं, एबीवीपी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि छात्रों ने किसी का दरवाजा बंद या लॉक नहीं किया। संगठन का दावा है कि उसके 13 दिन के आंदोलन के बाद कॉलेज प्रशासन को फीस में 20 प्रतिशत कटौती का निर्णय लेना पड़ा। विवाद के बीच कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को शिकायत दी है।1