छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सोमवार सुबह नेशनल हाईवे बायपास रोड पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने कहर बरपाया, जिससे एक भीषण सड़क हादसे में तीन बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। महाना फैब्रिकेशन के पास हुई इस घटना में एक घायल के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि दो अन्य के पैरों में फ्रैक्चर की जानकारी मिली है। यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, सुबह लगभग 9 बजे एक तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर ने पहले सड़क पर चल रहे एक ट्रक के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मारी। इस टक्कर के बाद चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, और अनियंत्रित ट्रैक्टर ने सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल तथा बगल से गुजर रही दूसरी मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। अंततः, ट्रैक्टर डिवाइडर से टकराकर रुका। इस हादसे में अमरनाथ साहू के सिर में गंभीर चोट लगी है, वहीं चंद्रशेखर सिदार और पूरन के पैरों में गंभीर चोटें और फ्रैक्चर आए हैं। घायलों की उम्र 22 से 30 वर्ष के बीच बताई गई है। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चंद्रशेखर सिदार को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जबकि, अमरनाथ साहू और पूरन को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। दिनदहाड़े हुए इस हादसे ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का मुख्य कारण ट्रैक्टर चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही को ही माना जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सोमवार सुबह नेशनल हाईवे बायपास रोड पर एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने कहर बरपाया, जिससे एक भीषण सड़क हादसे में तीन बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। महाना फैब्रिकेशन के पास हुई इस घटना में एक घायल के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि दो अन्य के पैरों में फ्रैक्चर की जानकारी मिली है। यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, सुबह लगभग 9 बजे एक तेज गति से आ रहे ट्रैक्टर ने पहले सड़क पर चल रहे एक ट्रक के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मारी। इस टक्कर के बाद चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा, और अनियंत्रित ट्रैक्टर ने सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल तथा बगल से गुजर रही दूसरी मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। अंततः, ट्रैक्टर डिवाइडर से टकराकर रुका। इस हादसे में अमरनाथ साहू के सिर में गंभीर चोट लगी है, वहीं चंद्रशेखर सिदार और पूरन के पैरों में गंभीर चोटें और फ्रैक्चर आए हैं। घायलों की उम्र 22 से 30 वर्ष के बीच बताई गई है। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चंद्रशेखर सिदार को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जबकि, अमरनाथ साहू और पूरन को उपचार के बाद घर भेज दिया गया है। दिनदहाड़े हुए इस हादसे ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का मुख्य कारण ट्रैक्टर चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही को ही माना जा रहा है। पुलिस ने घटनास्थल से सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- धर्मजयगढ़ के गांधी चौक में आज शाम लगभग 6 बजे महात्मा गांधी की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया। इस अवसर पर नगर में भारी उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहाँ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह की विशेष बात यह रही कि कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता एक साथ एक मंच पर उपस्थित होकर इस कार्यक्रम में सहभागी बने, जिससे क्षेत्र में सौहार्द एवं सामाजिक एकता का संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें याद किया गया, जिसके बाद प्रतिमा का अनावरण हुआ। इस समारोह में कांग्रेस के मंडल अध्यक्ष सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। वहीं, भाजपा की ओर से नगर अध्यक्ष अनिल सरकार और उपाध्यक्ष टारजन भारती के साथ पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उपस्थित जनों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।2
- ट्रक चालकों को निशाना बनाने वाले एक लूट गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में गिरोह के पाँच आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।1
- चांपा में थाना चौक अब ‘अखाड़ा और मयखाना’ में तब्दील हो चुका है। इस स्थिति के कारण चांपा पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- बोईदा के एक लड़के को साहू पान ठेला को लाइक करने पर एक उपहार प्राप्त हुआ है।1
- विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिक के बीच हुए विवाद के संबंध में एक नया अपडेट सामने आया है। इस अपडेट में अब तक की गई कार्रवाई और थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले लोगों के बारे में जानकारी दी गई है।1
- कर्नाटक की राजनीति में 3 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी.के. शिवकुमार ने राज्य के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। इस शपथ ग्रहण के साथ ही उनका वर्षों पुराना राजनीतिक संघर्ष और एक व्यक्तिगत संकल्प पूरा हो गया। दरअसल, वर्ष 2019 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद डी.के. शिवकुमार ने यह प्रण लिया था कि जब तक वे मुख्यमंत्री नहीं बन जाते, तब तक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे। लगभग सात वर्षों तक इस संकल्प का पालन करने के बाद, मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही उनका यह प्रण भी पूर्ण हो गया। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत करने वाले शिवकुमार वर्ष 1989 में पहली बार विधायक चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत करने, चुनावी रणनीति तैयार करने और पार्टी नेताओं को एकजुट रखने में अहम भूमिका निभाई, जिस कारण उन्हें कांग्रेस का "ट्रबलशूटर" भी कहा जाता है। साल 2019 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तारी और तिहाड़ जेल में बिताए गए दिनों के बाद भी शिवकुमार ने हार नहीं मानी और राजनीति में दमदार वापसी करते हुए अपनी संगठनात्मक क्षमता के बल पर पार्टी में मजबूत स्थान बनाए रखा। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद डी.के. शिवकुमार ने इस उपलब्धि को जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की मेहनत और लंबे संघर्ष की जीत बताया। उनके समर्थकों ने भी इसे धैर्य, संकल्प और राजनीतिक प्रतिबद्धता का एक उत्कृष्ट उदाहरण करार दिया। तिहाड़ जेल से मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का डी.के. शिवकुमार का यह सफर भारतीय राजनीति की चर्चित संघर्ष गाथाओं में शुमार हो गया है, जो दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयासों से बड़े से बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देता है।3
- धर्मजयगढ़ क्षेत्र के अंबेटिकरा स्थित मांड नदी में छलांग लगाने वाले एक युवक का शव लगभग 22 घंटे की सघन तलाश के बाद बरामद कर लिया गया है। घटना के बाद से ही पुलिस और बचाव दल लगातार युवक की खोज में जुटे हुए थे। मिली जानकारी के अनुसार, हाटी गांव का निवासी जयसिंह अगरिया, जिसकी उम्र लगभग 23-24 वर्ष थी, बीते दिन अपने दोस्तों के साथ अंबेटिकरा आया था। यहीं पर वह अपने साथियों के साथ नदी में नहाने गया। बताया जा रहा है कि जयसिंह ने पुल के ऊपर से वीडियो बनाते हुए नदी में छलांग लगाई, जिसके बाद वह पानी में लापता हो गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ था। युवक के लापता होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और खोजबीन शुरू की गई, जिसमें एनडीआरएफ की टीम ने भी नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। काफी मशक्कत के बाद, लगभग 22 घंटे की तलाश के पश्चात, युवक का शव नदी से बरामद कर लिया गया। फिलहाल पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है। इस दुखद घटना के बाद परिजनों और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।4
- कोरबा जिला अस्पताल में हुई लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की मौत के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया। इस घटना से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल के सामने प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के बाद, कांग्रेसियों ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- 70 वर्षीय पुरुषोत्तम खुटे और 35 वर्षीय गोहरिन बाई की निर्मम तरीके से सिर कुचलकर हत्या कर दी गई है।1