धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड के हुसैनपुर स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी के कारण छात्राओं को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगामी 1 जुलाई से नियमित कक्षाएं शुरू होने के बावजूद कॉलेज में अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है, जिससे छात्राएं इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के ही अध्ययन करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही पेयजल की किल्लत और परिवहन व्यवस्था की बदहाली ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य गुमान सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग को कई बार लिखित में सूचित करने के साथ ही अधिकारियों से मोबाइल के जरिए लगातार संपर्क किया गया है। विभाग की ओर से 5 और 6 जुलाई तक ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 13 जुलाई बीत जाने के बाद भी कॉलेज में बिजली का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। प्राचार्य लगातार विभागीय अधिकारियों के संपर्क में हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। छात्राओं के अनुसार, यह महाविद्यालय बाड़ी शहर से करीब 8 से 9 किलोमीटर दूर हुसैनपुर गांव के पास स्थित है, जहां आने-जाने के लिए परिवहन के उचित साधन नहीं हैं। अधिकांश बस चालक हुसैनपुर स्टॉप पर बसें नहीं रोकते हैं, जिससे छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कई बसों में निर्धारित से अधिक किराया वसूला जाता है और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है।
धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड के हुसैनपुर स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी के कारण छात्राओं को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगामी 1 जुलाई से नियमित कक्षाएं शुरू होने के बावजूद कॉलेज में अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है, जिससे छात्राएं इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के ही अध्ययन करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही पेयजल की किल्लत और परिवहन व्यवस्था की बदहाली ने
उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य गुमान सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग को कई बार लिखित में सूचित करने के साथ ही अधिकारियों से मोबाइल के जरिए लगातार संपर्क किया गया है। विभाग की ओर से 5 और 6 जुलाई तक ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 13 जुलाई बीत जाने के बाद भी कॉलेज में बिजली का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। प्राचार्य लगातार विभागीय अधिकारियों के संपर्क
में हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। छात्राओं के अनुसार, यह महाविद्यालय बाड़ी शहर से करीब 8 से 9 किलोमीटर दूर हुसैनपुर गांव के पास स्थित है, जहां आने-जाने के लिए परिवहन के उचित साधन नहीं हैं। अधिकांश बस चालक हुसैनपुर स्टॉप पर बसें नहीं रोकते हैं, जिससे छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कई बसों में निर्धारित से अधिक किराया वसूला जाता है और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है।
- सरमथुरा क्षेत्र में हैंड कटिंग मशीन श्रमिकों ने अपने अधिकारों की रक्षा और लगातार हो रहे आर्थिक शोषण के विरोध में एकजुट होकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। हैंड कटिंग मशीन श्रमिक संघ, सरमथुरा के बैनर तले बड़ी संख्या में श्रमिकों ने हस्ताक्षरित ज्ञापन देकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। श्रमिकों का कहना है कि वे वर्षों से ईमानदारी और मेहनत से काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उचित मजदूरी, सुरक्षा और श्रम कानूनों के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। मनमानी कटौतियों और कम भुगतान के कारण उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है, जिससे उनके परिवारों का पालन-पोषण और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। युवा नेता चरत कंचनपुरा ने श्रमिकों की प्रमुख मांगें रखते हुए कटिंग कार्य की मजदूरी प्रति कट के हिसाब से निर्धारित करने का आग्रह किया है। इसके तहत 20 एमएम कटिंग पर ₹1.50, 25 एमएम पर ₹2, 30 एमएम पर ₹2.50, 35 एमएम पर ₹3, 40 एमएम पर ₹3.50, 45 एमएम पर ₹4.50 तथा 50 एमएम पर ₹5 प्रति कट मजदूरी तय करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, श्रमिकों ने 30, 20 या 10 प्रतिशत जैसी मनमानी कटौतियों पर तत्काल रोक लगाने और किसी भी प्रकार की कटौती को श्रमिक की सहमति से अधिकतम 5 प्रतिशत तक सीमित करने की मांग रखी है। श्रमिकों ने काम छोड़ने वाले साथियों का बकाया भुगतान तुरंत करने और भुगतान में देरी या बहानेबाजी करने वाले मशीन मालिकों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से सभी मशीन मालिकों के लिए इन नियमों का पालन अनिवार्य करने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है ताकि उनका शोषण रोका जा सके। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आगामी दिनों में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा में भामाशाहों ने स्थानीय बालिका विद्यालय में वाटर कूलर भेंट किया है।1
- धौलपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा 14 और 15 जुलाई को बिना पंजीयन, बिना नंबर प्लेट तथा अवैध खनन गतिविधियों में लिप्त वाहनों के खिलाफ एक विशेष संयुक्त जांच अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि यह अभियान जिला कलक्टर निधि बी.टी. के निर्देश और माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना में चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब्त किए गए वाहनों को केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही छोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, वाहन स्वामियों से अपील की गई है कि वे बिना पंजीयन और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों का संचालन न करें। साथ ही, खनन कार्य में लगे सभी वाहनों में 15 जुलाई 2026 से पहले अनिवार्य रूप से एआईएस-140 मानक के जीपीएस/वीएलटीडी (VLTD) उपकरण लगवाकर उन्हें ऑनबोर्ड कराना होगा, ताकि किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।1
- धौलपुर जिले में सामने आए एक दूसरे वीडियो में एक लड़का भरत तिवारी के प्रति जहर उगल रहा है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक युवा ने कहा कि यदि वह भरत तिवारी के बारे में नहीं जानता, तो उसे अपना कमेंट बॉक्स खोलकर पढ़ लेना चाहिए, जिससे उसे पता चल जाएगा कि भरत तिवारी कौन था। इस वीडियो के कमेंट बॉक्स में सभी यूजर्स ने उस लड़के को जमकर खरी-खोटी सुनाई है और कसकर जूते मारे हैं। कमेंट्स में एक यूजर ने लिखा है, "इस छछूंदर को बताओ भरत तिवारी कौन था"। इसी घटनाक्रम में (एपिसोड- 0A-139) मुल्लाजी का एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि भरत तिवारी के साथ पूरा मुसलमान समुदाय खड़ा है। मुल्लाजी ने मांग की है कि भरत तिवारी के गांव का नाम "भरतपुर" रख दिया जाए। इसके लिए वे सरकार को चिट्ठी लिखकर गुहार लगाएंगे और अगर जरूरत पड़ गई, तो वे आमरण अनशन भी करेंगे।2
- धौलपुर में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के बाद उसके पुत्र आशाराम गुर्जर की पगड़ी रस्म के दौरान अचानक माहौल गरमा गया। परिवार और गुर्जर समाज की विभिन्न मांगों पर प्रशासन के साथ सहमति नहीं बनने से नाराज होकर बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने पंचायत स्थल से बाड़ी उपखंड की ओर कूच कर दिया। इस कार्यक्रम में जगन गुर्जर के पुत्र आशाराम गुर्जर के साथ गुर्जर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र सिंह भाटी (नोएडा), प्रहलाद खटाना, हाकिम सिंह बैंसला सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। लोगों के कूच करने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट हो गया। जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने खुद मोर्चा संभालते हुए गजपुरा चौराहे पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, डीएसटी टीम और कई थाना क्षेत्रों की पुलिस तैनात की गई। इसके बाद रुधेरा भारत निर्माण केंद्र पर प्रशासन की ओर से वार्ता की तैयारी की गई और 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया। दोनों पक्षों के बीच हुई विस्तृत चर्चा के बाद प्रशासन ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कई मांगों पर सहमति जताई। इसके तहत पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने का निर्णय लिया। साथ ही, जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को दो दिन के भीतर जेल ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कराने और परिवार द्वारा आवेदन दिए जाने पर मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा में जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग करने पर सहमति बनी। इस सकारात्मक आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन और कूच समाप्त करने की घोषणा की, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकल गया।4
- मुरैना के जौरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम एरोली में कुंवारी नदी पर चल रहे पुल निर्माण कार्य में बिल्कुल ही घटिया क्वालिटी की निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा जो कार्य कराया जा रहा है, उसमें इसी नदी से निकले हुए रेता का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिस निर्माण कंपनी द्वारा यह पुल बनाया जा रहा है, उसके द्वारा उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता बिल्कुल घटिया है।1
- चिराग पासवान अब भरत तिवारी का केस लड़ने जा रहे हैं और इसके जरिए वे सभी भ्रष्टाचारियों की बैंड बजाने की तैयारी में हैं। इसी बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी के खिलाफ एक बड़ा बयान दिया है। तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया है कि जो खुद अपराधी है और जिस पर 7-7 हत्याओं का आरोप है, अगर वैसा अपराधी ही मुख्यमंत्री बन गया तो क्या वह बिहार पुलिस को भी अपराधी नहीं बना देगा? इस बयान के साथ ही जनता से यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि क्या तेजस्वी यादव ने कुछ भी गलत बोला है। दूसरी तरफ, चिराग पासवान ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि हथियार कहां से आया और कहां से नहीं आया, यह अलग बात है, लेकिन जिस तरह से गोली चलाई गई है और सरेंडर करने के बाद भी गोली मारना किसी भी तरह से उचित नहीं है।2
- अमरनाथ यात्रा के दौरान आयोजित भंडारे में एक बेहद शानदार नजारा देखने को मिल रहा है। इस भंडारे की भव्यता और व्यवस्था ऐसी है कि यह आयोजन बिल्कुल किसी 5-स्टार शादी जैसा लग रहा है।1
- जौरा के सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के समय पर नहीं पहुंचने के कारण एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसान कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष दीपक यादव ने अस्पताल प्रबंधन और प्रभारी बीएमओ पर घोर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दीपक यादव के अनुसार, वह 13 जुलाई 2026 की सुबह करीब 9:40 बजे एक मरीज को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे थे, जहां अधिकांश डॉक्टरों के कक्ष खाली पड़े थे। उस समय अस्पताल में केवल डॉ. कुशविंदर सिकरवार ही अपने कक्ष में मौजूद थे, जबकि अन्य डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नदारद थे। इसके बाद उन्होंने प्रभारी बीएमओ डॉ. अनुभा महेश्वरी को फोन कर स्थिति की जानकारी दी, जिसके लगभग एक घंटे बाद डॉक्टर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की अव्यवस्थाओं को उजागर करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल वार्ड में कई बेड बिना चादर के मिले, जिससे मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। उनका कहना है कि प्रभारी बीएमओ के पास जौरा और पहाड़गढ़ दोनों जगहों का प्रभार होने के कारण व्यवस्थाएं पूरी तरह चौपट हो रही हैं और डॉक्टरों की मनमानी बढ़ती जा रही है। इस मामले में जब प्रभारी बीएमओ डॉ. अनुभा महेश्वरी से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी। डॉक्टरों की इस लेट-लतीफी और बदहाली से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसे लेकर अब स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।1