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मुरैना के जौरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम एरोली में कुंवारी नदी पर चल रहे पुल निर्माण कार्य में बिल्कुल ही घटिया क्वालिटी की निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा जो कार्य कराया जा रहा है, उसमें इसी नदी से निकले हुए रेता का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिस निर्माण कंपनी द्वारा यह पुल बनाया जा रहा है, उसके द्वारा उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता बिल्कुल घटिया है।
Mahesh singh
मुरैना के जौरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम एरोली में कुंवारी नदी पर चल रहे पुल निर्माण कार्य में बिल्कुल ही घटिया क्वालिटी की निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा जो कार्य कराया जा रहा है, उसमें इसी नदी से निकले हुए रेता का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिस निर्माण कंपनी द्वारा यह पुल बनाया जा रहा है, उसके द्वारा उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता बिल्कुल घटिया है।
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- मुरैना के जौरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम एरोली में कुंवारी नदी पर चल रहे पुल निर्माण कार्य में बिल्कुल ही घटिया क्वालिटी की निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा जो कार्य कराया जा रहा है, उसमें इसी नदी से निकले हुए रेता का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिस निर्माण कंपनी द्वारा यह पुल बनाया जा रहा है, उसके द्वारा उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता बिल्कुल घटिया है।1
- भिण्ड में कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों, सीएम मॉनिट प्रकरणों और विधानसभा प्रश्नों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के राज्य स्तरीय लाडली बहना सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए जिला अधिकारियों को बधाई दी। इसके साथ ही, बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और आगामी बैठकों में सभी एसडीएम को अपने अधीनस्थ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 50 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों को संतुष्टिपूर्वक बंद कराने के निर्देश दिए ताकि जिले की प्रगति बढ़ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण और नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों का प्रोफाइल पोर्टल पर अपडेट रखा जाए ताकि कोई भी शिकायत 'नॉन अटेंडेंट' न रहे। शिक्षा, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, सहकारिता, पशुपालन, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, लोक स्वास्थ्य और श्रम जैसे विभागों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पेंशन-स्वत्वों और हितग्राही भुगतान से संबंधित शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने को कहा। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कलेक्टर ने सीमांकन और नामांतरण के समय सीमा बाह्य लंबित मामलों का अगले तीन दिनों में प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि नकल और आय प्रमाण पत्र जैसे मामले समय सीमा से बाहर नहीं होने चाहिए, अन्यथा जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, पंचायतों और नगरीय निकायों को अभियान चलाकर शत-प्रतिशत समग्र आईडी बनाने, विधानसभा प्रश्नों के सटीक व पूर्ण उत्तर भेजने और सीएम मॉनिट प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से मौजूद रहे।1
- धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड के हुसैनपुर स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी के कारण छात्राओं को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगामी 1 जुलाई से नियमित कक्षाएं शुरू होने के बावजूद कॉलेज में अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है, जिससे छात्राएं इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के ही अध्ययन करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही पेयजल की किल्लत और परिवहन व्यवस्था की बदहाली ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य गुमान सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग को कई बार लिखित में सूचित करने के साथ ही अधिकारियों से मोबाइल के जरिए लगातार संपर्क किया गया है। विभाग की ओर से 5 और 6 जुलाई तक ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 13 जुलाई बीत जाने के बाद भी कॉलेज में बिजली का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। प्राचार्य लगातार विभागीय अधिकारियों के संपर्क में हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। छात्राओं के अनुसार, यह महाविद्यालय बाड़ी शहर से करीब 8 से 9 किलोमीटर दूर हुसैनपुर गांव के पास स्थित है, जहां आने-जाने के लिए परिवहन के उचित साधन नहीं हैं। अधिकांश बस चालक हुसैनपुर स्टॉप पर बसें नहीं रोकते हैं, जिससे छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कई बसों में निर्धारित से अधिक किराया वसूला जाता है और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है।3
- भोजपुर जिले के गरीब दलितों के मसीहा और क्रांतिवीर भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर देशवासियों में भारी आक्रोश है। देश सेवा के लिए महज 20 साल की उम्र में अपना पिंडदान करने वाले भरत तिवारी ने अपना पूरा जीवन गरीबों के लिए न्यौछावर कर दिया था। उनके इस त्याग की तुलना फिल्म स्टार ममता कुलकर्णी के पिंडदान से भी की जा रही है, जिन्होंने महाकुंभ 2024 में प्रयागराज संगम तट पर पिंडदान कर किन्नर महामंडलेश्वर ममतामयी माई ममता नंदगिरी महाराज का रूप धारण किया था। सोशल मीडिया पर रिपोर्टर कश्यप लगातार भरत तिवारी की सच्चाई उजागर कर लोगों को जागृत कर रहे हैं, जिससे उनके फेसबुक फॉलोअर्स की संख्या 5 हजार से बढ़कर ढाई लाख से ऊपर हो गई है और लोग उन्हें मसीहा मान रहे हैं। इस एनकाउंटर के पीछे भ्रष्टाचार और बड़ी प्रशासनिक साजिश है। भोजपुर जिले के शाहपुर, आरा, बिलोटी, जगदीशपुर और जवनिया के गरीबों के घर निर्माण के लिए जारी ₹1000 करोड़ और ₹1400 करोड़ के फंड को जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार ने डकार लिया। भरत तिवारी ने जब इस भ्रष्टाचार का विरोध करते हुए एसडीएम से सीधे पंगा लिया, तो एसडीएम ने उन्हें एनकाउंटर की धमकी दी। इसके बाद, फेसबुक पर की गई टिप्पणियों से नाराज होकर सम्राट चौधरी के आदेश पर पटना से एसटीएफ (STF) कमांडो बुलाकर उनका एनकाउंटर करा दिया गया, जबकि भरत तिवारी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और न ही वह कोई खतरनाक मुजरिम थे। इस साजिश में अब सम्राट चौधरी, एसपी, एसडीपीओ, एसएचओ, डीजीपी और एसडीएम बुरी तरह फंस गए हैं और अदालत से सजा मिलने के डर से रामनाम की माला जप रहे हैं। घटना के बाद पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने और मामले को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं। रिपोर्टर आशा झा के अनुसार, एसपी श्रीराज ने रात के अंधेरे में भरत के घर जाकर उनकी मां को मीडिया में बयान न देने और भाई चंदन तिवारी को एफआईआर वापस लेने की धमकी दी है। इस धमकी के बावजूद चंदन तिवारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं और मीडिया को बयान दे रहे हैं। इससे पहले, भरत को पकड़ने में लापरवाही बरतने के आरोप में 16 जून को 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया था। इस संघर्ष में मुस्लिम समुदाय भी भरत के साथ खड़ा है, जहां शहबाज आलम नामक युवक ने दोषियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और उनकी संपत्ति जब्त कर पीड़ित परिवार को सौंपने की मांग की है।2
- धौलपुर के सरमथुरा में हैंड कटिंग मशीन श्रमिकों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।1
- धौलपुर जिले के सरमथुरा स्थित पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्राओं के हितार्थ अग्रवाल समाज द्वारा एक वाटर कूलर भेंट किया गया है। यह वाटर कूलर समाजसेवी सुरेश जिंदल द्वारा प्रदान किया गया है, जिसे सरमथुरा अग्रवाल समाज के ब्लॉक अध्यक्ष संजय अग्रवाल के सान्निध्य में विद्यालय को सौंपा गया। इस अवसर पर विद्यालय पहुँचे समाजसेवी सुरेश जिंदल, ब्रजमोहन जिंदल, ब्रजेश जिंदल और जगमोहन गर्ग का विद्यालय परिवार द्वारा माल्यार्पण और पगड़ी पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने छात्राओं को लक्ष्मी स्वरूपा बताते हुए उन्हें शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर और संस्कारवान बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज सदैव प्रतिबद्ध है और उन्होंने आगे भी विद्यालय के विकास कार्यों में हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश मीणा ने अग्रवाल समाज, संजय अग्रवाल, समाजसेवी सुरेश जिंदल और उनके सहयोगियों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के कार्मिक भगवान दास, रंजीत मीना, अमृत लाल, मोहन सिकरवार, नवनीत प्रिय त्रिपाठी सहित समस्त विद्यालय परिवार ने इस पुनीत कार्य के लिए भामाशाहों का सम्मान और आभार प्रकट किया।3
- धौलपुर के सरमथुरा में अग्रवाल समाज के भामाशाहों ने राजकीय पीएम श्री बालिका विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के लिए वाटर कूलर लगवाया है। इस वाटर कूलर का उद्घाटन अग्रवाल समाज के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने किया।1
- जौरा के सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के समय पर नहीं पहुंचने के कारण एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसान कांग्रेस कमेटी के ब्लॉक अध्यक्ष दीपक यादव ने अस्पताल प्रबंधन और प्रभारी बीएमओ पर घोर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दीपक यादव के अनुसार, वह 13 जुलाई 2026 की सुबह करीब 9:40 बजे एक मरीज को लेकर सिविल अस्पताल पहुंचे थे, जहां अधिकांश डॉक्टरों के कक्ष खाली पड़े थे। उस समय अस्पताल में केवल डॉ. कुशविंदर सिकरवार ही अपने कक्ष में मौजूद थे, जबकि अन्य डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ नदारद थे। इसके बाद उन्होंने प्रभारी बीएमओ डॉ. अनुभा महेश्वरी को फोन कर स्थिति की जानकारी दी, जिसके लगभग एक घंटे बाद डॉक्टर अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की अव्यवस्थाओं को उजागर करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि जनरल वार्ड में कई बेड बिना चादर के मिले, जिससे मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। उनका कहना है कि प्रभारी बीएमओ के पास जौरा और पहाड़गढ़ दोनों जगहों का प्रभार होने के कारण व्यवस्थाएं पूरी तरह चौपट हो रही हैं और डॉक्टरों की मनमानी बढ़ती जा रही है। इस मामले में जब प्रभारी बीएमओ डॉ. अनुभा महेश्वरी से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी। डॉक्टरों की इस लेट-लतीफी और बदहाली से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिसे लेकर अब स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।1