भोजपुर जिले के गरीब दलितों के मसीहा और क्रांतिवीर भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर देशवासियों में भारी आक्रोश है। देश सेवा के लिए महज 20 साल की उम्र में अपना पिंडदान करने वाले भरत तिवारी ने अपना पूरा जीवन गरीबों के लिए न्यौछावर कर दिया था। उनके इस त्याग की तुलना फिल्म स्टार ममता कुलकर्णी के पिंडदान से भी की जा रही है, जिन्होंने महाकुंभ 2024 में प्रयागराज संगम तट पर पिंडदान कर किन्नर महामंडलेश्वर ममतामयी माई ममता नंदगिरी महाराज का रूप धारण किया था। सोशल मीडिया पर रिपोर्टर कश्यप लगातार भरत तिवारी की सच्चाई उजागर कर लोगों को जागृत कर रहे हैं, जिससे उनके फेसबुक फॉलोअर्स की संख्या 5 हजार से बढ़कर ढाई लाख से ऊपर हो गई है और लोग उन्हें मसीहा मान रहे हैं। इस एनकाउंटर के पीछे भ्रष्टाचार और बड़ी प्रशासनिक साजिश है। भोजपुर जिले के शाहपुर, आरा, बिलोटी, जगदीशपुर और जवनिया के गरीबों के घर निर्माण के लिए जारी ₹1000 करोड़ और ₹1400 करोड़ के फंड को जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार ने डकार लिया। भरत तिवारी ने जब इस भ्रष्टाचार का विरोध करते हुए एसडीएम से सीधे पंगा लिया, तो एसडीएम ने उन्हें एनकाउंटर की धमकी दी। इसके बाद, फेसबुक पर की गई टिप्पणियों से नाराज होकर सम्राट चौधरी के आदेश पर पटना से एसटीएफ (STF) कमांडो बुलाकर उनका एनकाउंटर करा दिया गया, जबकि भरत तिवारी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और न ही वह कोई खतरनाक मुजरिम थे। इस साजिश में अब सम्राट चौधरी, एसपी, एसडीपीओ, एसएचओ, डीजीपी और एसडीएम बुरी तरह फंस गए हैं और अदालत से सजा मिलने के डर से रामनाम की माला जप रहे हैं। घटना के बाद पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने और मामले को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं। रिपोर्टर आशा झा के अनुसार, एसपी श्रीराज ने रात के अंधेरे में भरत के घर जाकर उनकी मां को मीडिया में बयान न देने और भाई चंदन तिवारी को एफआईआर वापस लेने की धमकी दी है। इस धमकी के बावजूद चंदन तिवारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं और मीडिया को बयान दे रहे हैं। इससे पहले, भरत को पकड़ने में लापरवाही बरतने के आरोप में 16 जून को 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया था। इस संघर्ष में मुस्लिम समुदाय भी भरत के साथ खड़ा है, जहां शहबाज आलम नामक युवक ने दोषियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और उनकी संपत्ति जब्त कर पीड़ित परिवार को सौंपने की मांग की है।
भोजपुर जिले के गरीब दलितों के मसीहा और क्रांतिवीर भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर देशवासियों में भारी आक्रोश है। देश सेवा के लिए महज 20 साल की उम्र में अपना पिंडदान करने वाले भरत तिवारी ने अपना पूरा जीवन गरीबों के लिए न्यौछावर कर दिया था। उनके इस त्याग की तुलना फिल्म स्टार ममता कुलकर्णी के पिंडदान से भी की जा रही है, जिन्होंने महाकुंभ 2024 में प्रयागराज संगम तट पर पिंडदान कर किन्नर महामंडलेश्वर ममतामयी माई ममता नंदगिरी महाराज का रूप धारण किया था। सोशल मीडिया पर रिपोर्टर कश्यप लगातार भरत तिवारी की सच्चाई उजागर कर लोगों को जागृत कर रहे हैं, जिससे उनके फेसबुक फॉलोअर्स की संख्या 5 हजार से बढ़कर ढाई लाख से ऊपर हो गई है और लोग उन्हें मसीहा मान रहे हैं। इस एनकाउंटर के पीछे भ्रष्टाचार और बड़ी प्रशासनिक साजिश है। भोजपुर जिले के शाहपुर, आरा, बिलोटी, जगदीशपुर और जवनिया के गरीबों के घर निर्माण के लिए जारी ₹1000 करोड़ और ₹1400 करोड़ के फंड को जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार ने डकार लिया। भरत तिवारी ने जब इस भ्रष्टाचार का विरोध करते हुए एसडीएम से सीधे पंगा लिया, तो एसडीएम ने उन्हें एनकाउंटर की धमकी दी। इसके बाद, फेसबुक पर की गई
टिप्पणियों से नाराज होकर सम्राट चौधरी के आदेश पर पटना से एसटीएफ (STF) कमांडो बुलाकर उनका एनकाउंटर करा दिया गया, जबकि भरत तिवारी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और न ही वह कोई खतरनाक मुजरिम थे। इस साजिश में अब सम्राट चौधरी, एसपी, एसडीपीओ, एसएचओ, डीजीपी और एसडीएम बुरी तरह फंस गए हैं और अदालत से सजा मिलने के डर से रामनाम की माला जप रहे हैं। घटना के बाद पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने और मामले को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं। रिपोर्टर आशा झा के अनुसार, एसपी श्रीराज ने रात के अंधेरे में भरत के घर जाकर उनकी मां को मीडिया में बयान न देने और भाई चंदन तिवारी को एफआईआर वापस लेने की धमकी दी है। इस धमकी के बावजूद चंदन तिवारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं और मीडिया को बयान दे रहे हैं। इससे पहले, भरत को पकड़ने में लापरवाही बरतने के आरोप में 16 जून को 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया था। इस संघर्ष में मुस्लिम समुदाय भी भरत के साथ खड़ा है, जहां शहबाज आलम नामक युवक ने दोषियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और उनकी संपत्ति जब्त कर पीड़ित परिवार को सौंपने की मांग की है।
- Vimal Kashyapधौलपुर, धौलपुर, राजस्थान💥दूसरा- भरततिवारी की मौत का कारण बना उसका मोबाइल... उस मोबाइल में SDM जगदीशपुर का १४०० करोड़ का घोटाला एवं अन्य सीक्रेट लोड थे... इस कारण एनकाउंटर के बाद भरत का मोबाइल पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया और घर वालों को न दें, उनसे कह दिया- फोरेंसिक जांच पर गया है, जबकि वो मोबाइल से सबूत मिटाने पर लगे हुए थे !!1 hr ago
- Vimal Kashyapधौलपुर, धौलपुर, राजस्थान💥आपने वो फिल्म इंडस्ट्री वाले देखे होंगे जो अपना मनपसंद नाम रख लेते थे जैसे- कुलभूषण पंडित बन गये- राजकुमार.. उसी तरह- राकेशकुमार बन गये सम्राट चौधरी.. अपना दहाड़ लोवो लगाकर... जबकि राजकुमार 1940-50 में बम्बई थाने का SI था, फिल्मों में शौक था इसलिए नौकरी छोड़कर- किस किसको सलूट मारुंगा...बन गये फिल्म स्टार राजकुमार...1 hr ago
- भोजपुर जिले के गरीब दलितों के मसीहा और क्रांतिवीर भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर देशवासियों में भारी आक्रोश है। देश सेवा के लिए महज 20 साल की उम्र में अपना पिंडदान करने वाले भरत तिवारी ने अपना पूरा जीवन गरीबों के लिए न्यौछावर कर दिया था। उनके इस त्याग की तुलना फिल्म स्टार ममता कुलकर्णी के पिंडदान से भी की जा रही है, जिन्होंने महाकुंभ 2024 में प्रयागराज संगम तट पर पिंडदान कर किन्नर महामंडलेश्वर ममतामयी माई ममता नंदगिरी महाराज का रूप धारण किया था। सोशल मीडिया पर रिपोर्टर कश्यप लगातार भरत तिवारी की सच्चाई उजागर कर लोगों को जागृत कर रहे हैं, जिससे उनके फेसबुक फॉलोअर्स की संख्या 5 हजार से बढ़कर ढाई लाख से ऊपर हो गई है और लोग उन्हें मसीहा मान रहे हैं। इस एनकाउंटर के पीछे भ्रष्टाचार और बड़ी प्रशासनिक साजिश है। भोजपुर जिले के शाहपुर, आरा, बिलोटी, जगदीशपुर और जवनिया के गरीबों के घर निर्माण के लिए जारी ₹1000 करोड़ और ₹1400 करोड़ के फंड को जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार ने डकार लिया। भरत तिवारी ने जब इस भ्रष्टाचार का विरोध करते हुए एसडीएम से सीधे पंगा लिया, तो एसडीएम ने उन्हें एनकाउंटर की धमकी दी। इसके बाद, फेसबुक पर की गई टिप्पणियों से नाराज होकर सम्राट चौधरी के आदेश पर पटना से एसटीएफ (STF) कमांडो बुलाकर उनका एनकाउंटर करा दिया गया, जबकि भरत तिवारी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और न ही वह कोई खतरनाक मुजरिम थे। इस साजिश में अब सम्राट चौधरी, एसपी, एसडीपीओ, एसएचओ, डीजीपी और एसडीएम बुरी तरह फंस गए हैं और अदालत से सजा मिलने के डर से रामनाम की माला जप रहे हैं। घटना के बाद पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने और मामले को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं। रिपोर्टर आशा झा के अनुसार, एसपी श्रीराज ने रात के अंधेरे में भरत के घर जाकर उनकी मां को मीडिया में बयान न देने और भाई चंदन तिवारी को एफआईआर वापस लेने की धमकी दी है। इस धमकी के बावजूद चंदन तिवारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं और मीडिया को बयान दे रहे हैं। इससे पहले, भरत को पकड़ने में लापरवाही बरतने के आरोप में 16 जून को 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया था। इस संघर्ष में मुस्लिम समुदाय भी भरत के साथ खड़ा है, जहां शहबाज आलम नामक युवक ने दोषियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और उनकी संपत्ति जब्त कर पीड़ित परिवार को सौंपने की मांग की है।2
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा क्षेत्र में किसानों के साथ कथित रूप से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित किसानों का आरोप है कि क्षेत्र के नाहिला रोड स्थित एक आढ़त के संचालक ने उनसे गेहूं और सरसों की फसल तो खरीद ली, लेकिन बिना भुगतान किए ही आढ़त बंद कर वहां से फरार हो गया। इस घटना से आक्रोशित होकर पीड़ित किसानों ने सोमवार को उपखंड अधिकारी सुशीला मीणा को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, नाहिला रोड स्थित दौजीराम लहचौरिया के मकान में संचालित इस आढ़त का संचालक अशोक जैन (पुत्र संतोष जैन) है, जो शमशाबाद (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। किसानों का आरोप है कि अशोक जैन ने क्षेत्र के कई गांवों के किसानों से फसलें खरीदीं और बिना पैसे दिए भाग गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस धोखाधड़ी में राजाखेड़ा के स्थानीय व्यापारी प्रवीण जैन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। किसानों के अनुसार, प्रवीण जैन ने अशोक जैन को अपना करीबी रिश्तेदार बताकर उन्हें उसके साथ व्यापार करने की सलाह दी थी और खुद भुगतान की जिम्मेदारी लेने का भरोसा दिलाया था। इसी वजह से किसानों ने सौंपे गए ज्ञापन में प्रवीण जैन का नाम भी शामिल कर जांच की मांग की है। इस पूरे प्रकरण से राजाखेड़ा क्षेत्र के दर्जनों किसानों का करोड़ों रुपये का भुगतान बकाया फंसा हुआ है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल जांच शुरू कर बकाया राशि की वसूली करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र ही कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे राजाखेड़ा थाने में सामूहिक रूप से एफआईआर दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही पीड़ित किसान कृषि उपज मंडी समिति और जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाएंगे। घटना को लेकर पूरे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश फैला हुआ है।2
- धौलपुर में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के बाद उसके पुत्र आशाराम गुर्जर की पगड़ी रस्म के दौरान अचानक माहौल गरमा गया। परिवार और गुर्जर समाज की विभिन्न मांगों पर प्रशासन के साथ सहमति नहीं बनने से नाराज होकर बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने पंचायत स्थल से बाड़ी उपखंड की ओर कूच कर दिया। इस कार्यक्रम में जगन गुर्जर के पुत्र आशाराम गुर्जर के साथ गुर्जर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र सिंह भाटी (नोएडा), प्रहलाद खटाना, हाकिम सिंह बैंसला सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। लोगों के कूच करने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट हो गया। जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने खुद मोर्चा संभालते हुए गजपुरा चौराहे पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, डीएसटी टीम और कई थाना क्षेत्रों की पुलिस तैनात की गई। इसके बाद रुधेरा भारत निर्माण केंद्र पर प्रशासन की ओर से वार्ता की तैयारी की गई और 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया। दोनों पक्षों के बीच हुई विस्तृत चर्चा के बाद प्रशासन ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कई मांगों पर सहमति जताई। इसके तहत पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने का निर्णय लिया। साथ ही, जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को दो दिन के भीतर जेल ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कराने और परिवार द्वारा आवेदन दिए जाने पर मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा में जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग करने पर सहमति बनी। इस सकारात्मक आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन और कूच समाप्त करने की घोषणा की, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकल गया।4
- धौलपुर जिले के बाड़ी उपखंड के हुसैनपुर स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय के नवनिर्मित भवन में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी के कारण छात्राओं को भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आगामी 1 जुलाई से नियमित कक्षाएं शुरू होने के बावजूद कॉलेज में अब तक बिजली का कनेक्शन नहीं हो पाया है, जिससे छात्राएं इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के ही अध्ययन करने को मजबूर हैं। इसके साथ ही पेयजल की किल्लत और परिवहन व्यवस्था की बदहाली ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य गुमान सिंह ने बताया कि विद्युत विभाग को कई बार लिखित में सूचित करने के साथ ही अधिकारियों से मोबाइल के जरिए लगातार संपर्क किया गया है। विभाग की ओर से 5 और 6 जुलाई तक ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली आपूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 13 जुलाई बीत जाने के बाद भी कॉलेज में बिजली का कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। प्राचार्य लगातार विभागीय अधिकारियों के संपर्क में हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। छात्राओं के अनुसार, यह महाविद्यालय बाड़ी शहर से करीब 8 से 9 किलोमीटर दूर हुसैनपुर गांव के पास स्थित है, जहां आने-जाने के लिए परिवहन के उचित साधन नहीं हैं। अधिकांश बस चालक हुसैनपुर स्टॉप पर बसें नहीं रोकते हैं, जिससे छात्राओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, कई बसों में निर्धारित से अधिक किराया वसूला जाता है और छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता है।3
- भिण्ड में कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों, सीएम मॉनिट प्रकरणों और विधानसभा प्रश्नों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के राज्य स्तरीय लाडली बहना सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए जिला अधिकारियों को बधाई दी। इसके साथ ही, बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और आगामी बैठकों में सभी एसडीएम को अपने अधीनस्थ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 50 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों को संतुष्टिपूर्वक बंद कराने के निर्देश दिए ताकि जिले की प्रगति बढ़ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण और नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों का प्रोफाइल पोर्टल पर अपडेट रखा जाए ताकि कोई भी शिकायत 'नॉन अटेंडेंट' न रहे। शिक्षा, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, सहकारिता, पशुपालन, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, लोक स्वास्थ्य और श्रम जैसे विभागों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पेंशन-स्वत्वों और हितग्राही भुगतान से संबंधित शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने को कहा। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कलेक्टर ने सीमांकन और नामांतरण के समय सीमा बाह्य लंबित मामलों का अगले तीन दिनों में प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि नकल और आय प्रमाण पत्र जैसे मामले समय सीमा से बाहर नहीं होने चाहिए, अन्यथा जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, पंचायतों और नगरीय निकायों को अभियान चलाकर शत-प्रतिशत समग्र आईडी बनाने, विधानसभा प्रश्नों के सटीक व पूर्ण उत्तर भेजने और सीएम मॉनिट प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से मौजूद रहे।1
- हनुमानगढ़ में जिला स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित 'पंच गौरव भटनेर उत्सव-2026' के तहत अबोहर रोड स्थित गोशाला सेवा समिति में 'कामधेनु' गौपूजन, संत समागम एवं संत सम्मान समारोह श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ आयोजित किया गया। शनिवार को हुए इस कार्यक्रम में गौसंरक्षण, गोसेवा और गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लेते हुए समाज को विशेष संदेश दिया गया। समारोह के दौरान जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट उम्मेदीलाल मीणा, गोशाला सेवा समिति के अध्यक्ष इंदर हिसारिया, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप तथा कृषि विपणन विभाग के उपनिदेशक विष्णुदत्त शर्मा ने संत दयानन्द सरस्वती, सुभाष गिरी महाराज, संत परमात्मानंद एवं संत कृष्णानंद का माल्यार्पण और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। इस अवसर पर जिला कलक्टर ने गौसंरक्षण को सामाजिक दायित्व बताते हुए लोगों से जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ और पुण्यतिथि जैसे पारिवारिक अवसरों पर गोशालाओं में सहयोग करने की अपील की। वहीं, संतजनों ने भी अपने प्रवचनों में गौसेवा को मानव सेवा के समान पुण्यदायी कार्य बताते हुए समाज से आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान पशुपालन विभाग द्वारा बीमार एवं निराश्रित गौवंश के लिए एक विशेष पशु चिकित्सा शिविर भी आयोजित किया गया। इस शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर कृमिनाशक दवाएं दीं और बांझपन सहित विभिन्न रोगों का उपचार किया। इसके साथ ही पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. आनंद स्वरूप ने गोशालाओं को मिलने वाले सरकारी अनुदान और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. राकेश गांधी, डॉ. भूपेश सुथार सहित विभाग के कई अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
- मध्य प्रदेश से एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ एक ही परिवार के 14 बेटों का सामूहिक विवाह एक ही मंडप से एक साथ संपन्न हुआ। इस विवाह समारोह के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जहाँ दूल्हे ट्रैक्टर पर बैठकर एक साथ दिखाई दिए और उनकी वधुएं भी ट्रैक्टर पर ही बैठकर विवाह स्थल तक पहुंचीं। एक ही मंडप से एक साथ हुए इस अनोखे विवाह की हर तरफ चर्चा हो रही है।1
- धौलपुर जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा 14 और 15 जुलाई को बिना पंजीयन, बिना नंबर प्लेट तथा अवैध खनन गतिविधियों में लिप्त वाहनों के खिलाफ एक विशेष संयुक्त जांच अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला परिवहन अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि यह अभियान जिला कलक्टर निधि बी.टी. के निर्देश और माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना में चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब्त किए गए वाहनों को केवल सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही छोड़ा जाएगा। इसके साथ ही, वाहन स्वामियों से अपील की गई है कि वे बिना पंजीयन और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों का संचालन न करें। साथ ही, खनन कार्य में लगे सभी वाहनों में 15 जुलाई 2026 से पहले अनिवार्य रूप से एआईएस-140 मानक के जीपीएस/वीएलटीडी (VLTD) उपकरण लगवाकर उन्हें ऑनबोर्ड कराना होगा, ताकि किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।1