भिण्ड में कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों, सीएम मॉनिट प्रकरणों और विधानसभा प्रश्नों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के राज्य स्तरीय लाडली बहना सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए जिला अधिकारियों को बधाई दी। इसके साथ ही, बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और आगामी बैठकों में सभी एसडीएम को अपने अधीनस्थ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 50 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों को संतुष्टिपूर्वक बंद कराने के निर्देश दिए ताकि जिले की प्रगति बढ़ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण और नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों का प्रोफाइल पोर्टल पर अपडेट रखा जाए ताकि कोई भी शिकायत 'नॉन अटेंडेंट' न रहे। शिक्षा, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, सहकारिता, पशुपालन, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, लोक स्वास्थ्य और श्रम जैसे विभागों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पेंशन-स्वत्वों और हितग्राही भुगतान से संबंधित शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने को कहा। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कलेक्टर ने सीमांकन और नामांतरण के समय सीमा बाह्य लंबित मामलों का अगले तीन दिनों में प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि नकल और आय प्रमाण पत्र जैसे मामले समय सीमा से बाहर नहीं होने चाहिए, अन्यथा जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, पंचायतों और नगरीय निकायों को अभियान चलाकर शत-प्रतिशत समग्र आईडी बनाने, विधानसभा प्रश्नों के सटीक व पूर्ण उत्तर भेजने और सीएम मॉनिट प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से मौजूद रहे।
भिण्ड में कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों, सीएम मॉनिट प्रकरणों और विधानसभा प्रश्नों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के राज्य स्तरीय लाडली बहना सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए जिला अधिकारियों को बधाई दी। इसके साथ ही, बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और आगामी बैठकों में सभी एसडीएम को अपने अधीनस्थ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 50 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों को संतुष्टिपूर्वक बंद कराने के निर्देश दिए ताकि जिले की प्रगति बढ़ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण और नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों का प्रोफाइल पोर्टल पर अपडेट रखा जाए ताकि कोई भी शिकायत 'नॉन अटेंडेंट' न रहे। शिक्षा, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, सहकारिता, पशुपालन, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, लोक स्वास्थ्य और श्रम जैसे विभागों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पेंशन-स्वत्वों और हितग्राही भुगतान से संबंधित शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने को कहा। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कलेक्टर ने सीमांकन और नामांतरण के समय सीमा बाह्य लंबित मामलों का अगले तीन दिनों में प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि नकल और आय प्रमाण पत्र जैसे मामले समय सीमा से बाहर नहीं होने चाहिए, अन्यथा जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, पंचायतों और नगरीय निकायों को अभियान चलाकर शत-प्रतिशत समग्र आईडी बनाने, विधानसभा प्रश्नों के सटीक व पूर्ण उत्तर भेजने और सीएम मॉनिट प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से मौजूद रहे।
- भिण्ड में कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामलों, सीएम मॉनिट प्रकरणों और विधानसभा प्रश्नों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के राज्य स्तरीय लाडली बहना सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए जिला अधिकारियों को बधाई दी। इसके साथ ही, बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और आगामी बैठकों में सभी एसडीएम को अपने अधीनस्थ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने 50 दिनों से अधिक लंबित शिकायतों को संतुष्टिपूर्वक बंद कराने के निर्देश दिए ताकि जिले की प्रगति बढ़ सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण और नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों का प्रोफाइल पोर्टल पर अपडेट रखा जाए ताकि कोई भी शिकायत 'नॉन अटेंडेंट' न रहे। शिक्षा, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, सहकारिता, पशुपालन, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, लोक स्वास्थ्य और श्रम जैसे विभागों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पेंशन-स्वत्वों और हितग्राही भुगतान से संबंधित शिकायतों का शीघ्र निराकरण करने को कहा। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कलेक्टर ने सीमांकन और नामांतरण के समय सीमा बाह्य लंबित मामलों का अगले तीन दिनों में प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कड़ी चेतावनी दी कि नकल और आय प्रमाण पत्र जैसे मामले समय सीमा से बाहर नहीं होने चाहिए, अन्यथा जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, पंचायतों और नगरीय निकायों को अभियान चलाकर शत-प्रतिशत समग्र आईडी बनाने, विधानसभा प्रश्नों के सटीक व पूर्ण उत्तर भेजने और सीएम मॉनिट प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से मौजूद रहे।1
- भोजपुर जिले के गरीब दलितों के मसीहा और क्रांतिवीर भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर देशवासियों में भारी आक्रोश है। देश सेवा के लिए महज 20 साल की उम्र में अपना पिंडदान करने वाले भरत तिवारी ने अपना पूरा जीवन गरीबों के लिए न्यौछावर कर दिया था। उनके इस त्याग की तुलना फिल्म स्टार ममता कुलकर्णी के पिंडदान से भी की जा रही है, जिन्होंने महाकुंभ 2024 में प्रयागराज संगम तट पर पिंडदान कर किन्नर महामंडलेश्वर ममतामयी माई ममता नंदगिरी महाराज का रूप धारण किया था। सोशल मीडिया पर रिपोर्टर कश्यप लगातार भरत तिवारी की सच्चाई उजागर कर लोगों को जागृत कर रहे हैं, जिससे उनके फेसबुक फॉलोअर्स की संख्या 5 हजार से बढ़कर ढाई लाख से ऊपर हो गई है और लोग उन्हें मसीहा मान रहे हैं। इस एनकाउंटर के पीछे भ्रष्टाचार और बड़ी प्रशासनिक साजिश है। भोजपुर जिले के शाहपुर, आरा, बिलोटी, जगदीशपुर और जवनिया के गरीबों के घर निर्माण के लिए जारी ₹1000 करोड़ और ₹1400 करोड़ के फंड को जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार ने डकार लिया। भरत तिवारी ने जब इस भ्रष्टाचार का विरोध करते हुए एसडीएम से सीधे पंगा लिया, तो एसडीएम ने उन्हें एनकाउंटर की धमकी दी। इसके बाद, फेसबुक पर की गई टिप्पणियों से नाराज होकर सम्राट चौधरी के आदेश पर पटना से एसटीएफ (STF) कमांडो बुलाकर उनका एनकाउंटर करा दिया गया, जबकि भरत तिवारी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और न ही वह कोई खतरनाक मुजरिम थे। इस साजिश में अब सम्राट चौधरी, एसपी, एसडीपीओ, एसएचओ, डीजीपी और एसडीएम बुरी तरह फंस गए हैं और अदालत से सजा मिलने के डर से रामनाम की माला जप रहे हैं। घटना के बाद पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने और मामले को दबाने की कोशिशें की जा रही हैं। रिपोर्टर आशा झा के अनुसार, एसपी श्रीराज ने रात के अंधेरे में भरत के घर जाकर उनकी मां को मीडिया में बयान न देने और भाई चंदन तिवारी को एफआईआर वापस लेने की धमकी दी है। इस धमकी के बावजूद चंदन तिवारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं और मीडिया को बयान दे रहे हैं। इससे पहले, भरत को पकड़ने में लापरवाही बरतने के आरोप में 16 जून को 5 पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया था। इस संघर्ष में मुस्लिम समुदाय भी भरत के साथ खड़ा है, जहां शहबाज आलम नामक युवक ने दोषियों के घरों पर बुलडोजर चलाने और उनकी संपत्ति जब्त कर पीड़ित परिवार को सौंपने की मांग की है।2
- मुरैना के जौरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम एरोली में कुंवारी नदी पर चल रहे पुल निर्माण कार्य में बिल्कुल ही घटिया क्वालिटी की निर्माण सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि निर्माण एजेंसी द्वारा जो कार्य कराया जा रहा है, उसमें इसी नदी से निकले हुए रेता का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिस निर्माण कंपनी द्वारा यह पुल बनाया जा रहा है, उसके द्वारा उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता बिल्कुल घटिया है।1
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा क्षेत्र में किसानों के साथ कथित रूप से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित किसानों का आरोप है कि क्षेत्र के नाहिला रोड स्थित एक आढ़त के संचालक ने उनसे गेहूं और सरसों की फसल तो खरीद ली, लेकिन बिना भुगतान किए ही आढ़त बंद कर वहां से फरार हो गया। इस घटना से आक्रोशित होकर पीड़ित किसानों ने सोमवार को उपखंड अधिकारी सुशीला मीणा को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, नाहिला रोड स्थित दौजीराम लहचौरिया के मकान में संचालित इस आढ़त का संचालक अशोक जैन (पुत्र संतोष जैन) है, जो शमशाबाद (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। किसानों का आरोप है कि अशोक जैन ने क्षेत्र के कई गांवों के किसानों से फसलें खरीदीं और बिना पैसे दिए भाग गया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस धोखाधड़ी में राजाखेड़ा के स्थानीय व्यापारी प्रवीण जैन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। किसानों के अनुसार, प्रवीण जैन ने अशोक जैन को अपना करीबी रिश्तेदार बताकर उन्हें उसके साथ व्यापार करने की सलाह दी थी और खुद भुगतान की जिम्मेदारी लेने का भरोसा दिलाया था। इसी वजह से किसानों ने सौंपे गए ज्ञापन में प्रवीण जैन का नाम भी शामिल कर जांच की मांग की है। इस पूरे प्रकरण से राजाखेड़ा क्षेत्र के दर्जनों किसानों का करोड़ों रुपये का भुगतान बकाया फंसा हुआ है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल जांच शुरू कर बकाया राशि की वसूली करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र ही कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो वे राजाखेड़ा थाने में सामूहिक रूप से एफआईआर दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही पीड़ित किसान कृषि उपज मंडी समिति और जिला कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाएंगे। घटना को लेकर पूरे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश फैला हुआ है।2
- धौलपुर में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के बाद उसके पुत्र आशाराम गुर्जर की पगड़ी रस्म के दौरान अचानक माहौल गरमा गया। परिवार और गुर्जर समाज की विभिन्न मांगों पर प्रशासन के साथ सहमति नहीं बनने से नाराज होकर बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने पंचायत स्थल से बाड़ी उपखंड की ओर कूच कर दिया। इस कार्यक्रम में जगन गुर्जर के पुत्र आशाराम गुर्जर के साथ गुर्जर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र सिंह भाटी (नोएडा), प्रहलाद खटाना, हाकिम सिंह बैंसला सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। लोगों के कूच करने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट हो गया। जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने खुद मोर्चा संभालते हुए गजपुरा चौराहे पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, डीएसटी टीम और कई थाना क्षेत्रों की पुलिस तैनात की गई। इसके बाद रुधेरा भारत निर्माण केंद्र पर प्रशासन की ओर से वार्ता की तैयारी की गई और 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया गया। दोनों पक्षों के बीच हुई विस्तृत चर्चा के बाद प्रशासन ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कई मांगों पर सहमति जताई। इसके तहत पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाना प्रभारी को लाइन हाजिर करने का निर्णय लिया। साथ ही, जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को दो दिन के भीतर जेल ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू कराने और परिवार द्वारा आवेदन दिए जाने पर मामले की सीबीआई जांच की अनुशंसा में जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग करने पर सहमति बनी। इस सकारात्मक आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन और कूच समाप्त करने की घोषणा की, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकल गया।4
- मुरैना के अंबाह में विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल के सेवा सप्ताह के अंतर्गत रविवार को सरस्वती प्रांगण में एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित इस शिविर का शुभारंभ आमंत्रित अतिथियों और चिकित्सकों की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। शिविर के दौरान क्षेत्र के 200 से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया, जिसमें अधिकांश मरीजों में कैल्शियम की कमी पाई गई। जांच के बाद चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं और उन्हें कैल्शियम युक्त संतुलित आहार लेने, नियमित व्यायाम करने तथा समय-समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच कराते रहने की सलाह दी। शिविर में मरीजों को निःशुल्क चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयों का वितरण भी किया गया, जिसका बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने लाभ उठाया। यह पूरा आयोजन अत्यंत शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।1
- मुरैना के अम्बाह में शासकीय माध्यमिक किला विद्यालय की रसोई घर की छत के ऊपर विद्युत कर्मचारियों की सांठगांठ से अवैध बिजली कनेक्शन फिर से जुड़ गए हैं, जिससे स्कूली बच्चों के जीवन पर भारी संकट मंडरा रहा है। हाल ही में काटे गए इन कनेक्शनों को दोबारा जोड़ दिए जाने से एक भीषण दुर्घटना की आशंका साफ दिखाई दे रही है। शहर को रोशन करने वाले विभाग की इस तरह की लापरवाही किसी बड़े हादसे को खुला निमंत्रण दे रही है। इस गंभीर मुद्दे को कुछ समय पहले ही 'पुष्पांजलि टुडे' ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद बिजली विभाग के डी.जी.एम. साहब ने त्वरित कार्रवाई की थी। हालांकि, एक सप्ताह भी पूरा नहीं हुआ और विद्यालय की रसोई की छत पर फिर से अवैध केबल नजर आने लगे हैं। इस स्थिति पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि आखिर यह भ्रष्टाचार कब थमेगा? क्या अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए इंसानी जिंदगी की कोई कीमत नहीं बची है? मासिक मानदेय मिलने के बावजूद कर्मचारियों को कालाबाजारी की ऐसी लत लग गई है कि वे स्कूली बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं।2
- भिण्ड में कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों की कार्यप्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्यों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन प्रकरण, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित मामले, सीएम मॉनिट प्रकरण और विधानसभा प्रश्नों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के राज्य स्तरीय लाडली बहना सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए जिला अधिकारियों को बधाई दी। साथ ही, बैठक से अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और आगामी बैठकों में सभी एसडीएम को उनके अधीनस्थ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन के तहत ग्रेडिंग माह और 50 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अधिक से अधिक शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक समाधान कर उन्हें बंद कराया जाए ताकि जिले की प्रगति बढ़ सके। स्थानांतरण और नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों के सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर प्रोफाइल को अपडेट रखने के निर्देश दिए गए ताकि कोई भी शिकायत बिना अटेंड किए न रहे। शिक्षा, परिवहन, महिला एवं बाल विकास, सहकारिता, पशुपालन, ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, लोक स्वास्थ्य और श्रम जैसे विभागों की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए पेंशन-स्वत्वों तथा हितग्राही भुगतान से संबंधित शिकायतों का भी शीघ्र निराकरण करने को कहा गया। लोक सेवा गारंटी अधिनियम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सीमांकन और नामांतरण के समय सीमा से बाहर हो चुके मामलों का अगले तीन दिनों में प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि नकल और आय प्रमाण पत्र जैसे प्रकरण समय सीमा से बाहर नहीं होने चाहिए, अन्यथा जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, पंचायतों और नगरीय निकायों को अभियान चलाकर शत-प्रतिशत जनसंख्या के समग्र आईडी बनाने तथा विधानसभा प्रश्नों के सही व पूरे उत्तर शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए। इस बैठक में सीईओ जिला पंचायत भिण्ड, अपर कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी व्यक्तिगत और वर्चुअल रूप से उपस्थित रहे।1