नवापारा राजिम के पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री अयोध्या धाम, काशी जी और विंध्यवासिनी सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों की देव दर्शन यात्रा पूरी कर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में सनातन धर्म का प्रभाव निरंतर बढ़ता जा रहा है, जिसका प्रमाण उत्तराखंड के चारों धामों, द्वादश ज्योतिर्लिंगों, चारों दिशाओं के तीर्थों और देवी के सभी शक्तिपीठों में उमड़ता भक्ति सैलानियों का जनसमुद्र है। शास्त्री जी ने इसे देश की आर्थिक और आध्यात्मिक समृद्धि के लिए एक अत्यंत शुभ संकेत बताया। शास्त्री जी ने अपनी तीर्थ यात्रा को 'अलौकिक और स्वर्गीय सुख से भर देने वाली पावन अनुभूति' बताया, विशेषकर गोपाल गौशाला की मंगलमय गौ कथा के निर्विघ्न संपन्न होने के बाद। उन्होंने यह भी कहा कि गौ माता को कथा सुनाने का उनका शुभ संकल्प पूरा होने पर यह तीर्थ यात्रा वस्तुतः उनके प्रति आभार और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक स्वर्णिम अवसर बनी, जिसे उनके परिवार ने नहीं गंवाया। अयोध्या धाम में देव दर्शन करने और काशी के घाटों पर होने वाली गंगा मैया की त्रिवेणी संध्या आरती में शामिल होकर, शास्त्री जी ने अपने अंचल के लोगों, विशेषकर नवापारा राजिम के नगर वासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना की। उन्होंने यह भी प्रार्थना की कि जिस तरह काशी वाराणसी में गंगा जी की निर्मल जल राशि अविरल प्रवाहित हो रही है, उसी तरह उनकी महानदी महतारी का प्रवाह भी अपने पुरातन गौरव को पुनः प्राप्त करे। इस मनोरथ को पूरा करने के लिए राजिम के लोकप्रिय विधायक रोहित साहू जी और अभनपुर विधानसभा के इंद्र कुमार साहू जी को दृढ़ संकल्पित बताया गया। तीर्थ यात्राओं की महिमा का बखान करते हुए, शास्त्री जी ने कहा कि ऐसी यात्राएँ आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक शुद्धि व तृप्ति का सकारात्मक कारण होती हैं। तीर्थ स्थलों का शांत और सात्विक वातावरण मन को शांति प्रदान करता है, जबकि पुराणों और शास्त्रों के माध्यम से धामों का इतिहास जानने से सनातन धर्म और समृद्ध संस्कृति पर गौरव की अनुभूति होती है। उन्होंने यह भी बताया कि अपनी सुविधाओं को छोड़कर धामों में जाने से त्याग, सादगी और अनुशासन की सीख मिलती है, संतों व महात्माओं के दर्शन और प्रवचन से जीवन को सही दिशा मिलती है, और प्राकृतिक सौंदर्य व प्रदूषण मुक्त वातावरण से शरीर को भी लाभ होता है। धामों में किए गए स्नान, दान और ध्यान को विशेष फलदायी बताते हुए, पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री ने श्री राम लाल और काशी विश्वनाथ के दर्शन को जीवन की धन्यता बताया।
नवापारा राजिम के पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री अयोध्या धाम, काशी जी और विंध्यवासिनी सहित विभिन्न तीर्थ स्थलों की देव दर्शन यात्रा पूरी कर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश में सनातन धर्म का प्रभाव निरंतर बढ़ता जा रहा है, जिसका प्रमाण उत्तराखंड के चारों धामों, द्वादश ज्योतिर्लिंगों, चारों दिशाओं के तीर्थों और देवी के सभी शक्तिपीठों में उमड़ता भक्ति सैलानियों का जनसमुद्र है। शास्त्री जी ने इसे देश की आर्थिक और आध्यात्मिक समृद्धि के लिए एक अत्यंत शुभ संकेत बताया। शास्त्री जी ने अपनी तीर्थ यात्रा को 'अलौकिक और स्वर्गीय सुख से भर देने वाली पावन अनुभूति' बताया, विशेषकर गोपाल गौशाला की मंगलमय गौ कथा के निर्विघ्न संपन्न होने के बाद। उन्होंने यह भी कहा कि गौ माता को कथा सुनाने का उनका शुभ संकल्प पूरा होने पर यह तीर्थ यात्रा वस्तुतः उनके प्रति आभार और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक स्वर्णिम अवसर बनी, जिसे उनके परिवार ने नहीं गंवाया। अयोध्या धाम में देव दर्शन करने और काशी के घाटों पर होने वाली गंगा मैया की त्रिवेणी संध्या आरती में शामिल होकर, शास्त्री जी ने अपने अंचल के लोगों, विशेषकर नवापारा राजिम के नगर वासियों के लिए सुख, शांति और समृद्धि की मंगल कामना की। उन्होंने यह भी प्रार्थना की कि जिस तरह काशी वाराणसी में गंगा जी की निर्मल जल राशि अविरल प्रवाहित हो रही है, उसी तरह उनकी महानदी महतारी का प्रवाह भी अपने पुरातन गौरव को पुनः प्राप्त करे। इस मनोरथ को पूरा करने के लिए राजिम के लोकप्रिय विधायक रोहित साहू जी और अभनपुर विधानसभा के इंद्र कुमार साहू जी को दृढ़ संकल्पित बताया गया। तीर्थ यात्राओं की महिमा का बखान करते हुए, शास्त्री जी ने कहा कि ऐसी यात्राएँ आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक शुद्धि व तृप्ति का सकारात्मक कारण होती हैं। तीर्थ स्थलों का शांत और सात्विक वातावरण मन को शांति प्रदान करता है, जबकि पुराणों और शास्त्रों के माध्यम से धामों का इतिहास जानने से सनातन धर्म और समृद्ध संस्कृति पर गौरव की अनुभूति होती है। उन्होंने यह भी बताया कि अपनी सुविधाओं को छोड़कर धामों में जाने से त्याग, सादगी और अनुशासन की सीख मिलती है, संतों व महात्माओं के दर्शन और प्रवचन से जीवन को सही दिशा मिलती है, और प्राकृतिक सौंदर्य व प्रदूषण मुक्त वातावरण से शरीर को भी लाभ होता है। धामों में किए गए स्नान, दान और ध्यान को विशेष फलदायी बताते हुए, पं. ब्रह्मदत्त शास्त्री ने श्री राम लाल और काशी विश्वनाथ के दर्शन को जीवन की धन्यता बताया।
- दिल्ली के कोतवाली थाने में एक बच्ची को रखा गया है जो अपने माता-पिता से बिछड़ गई है। लोगों से अपील की जा रही है कि वे इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि बच्ची अपने परिवार से मिल सके। जिस किसी को भी इस बच्ची के बारे में कोई जानकारी हो, वह दिल्ली के थाना कोतवाली में संपर्क कर सकता है।1
- खरोरा स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 'योग संगम' कार्यक्रम का आयोजन बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, पालकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणजनों ने सामूहिक योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने का संकल्प लिया। प्रधान पाठक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया, जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का आधार है। उन्होंने सभी उपस्थित जनसमुदाय और विद्यार्थियों से नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही सफल जीवन की कुंजी है। इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि उगेंद्र देवांगन, पंचायत सचिव नारायण दास चेलक, रोजगार सहायक शाखा राम कोशले, अनेक गणमान्य नागरिक, पालकगण, विद्यार्थी और शिक्षक तारकेश्वर कुमार धीवर सहित कई लोगों की सक्रिय उपस्थिति रही।3
- दुर्ग पुलिस ने भिलाई स्टील प्लांट से करोड़ों का स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसते हुए कार्रवाई जारी रखी है। मुख्य आरोपी समेत तीन आरोपियों को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद 22 जून 2026 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इन आरोपियों के बैंक लॉकरों से 50 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और 3 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी के कागजात जब्त किए गए हैं। यह पूरा मामला 26 मई 2026 को तब सामने आया, जब खुर्सीपार पुलिस को मुखबिर से हथखोज स्थित ए.के. ट्रेडर्स में फ्लू डस्ट की आड़ में BSP से चोरी का लोहा ट्रकों में लादे जाने की सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके पर छापा मारकर लगभग 250 टन लोहे की प्लेट, बीम और कटिंग जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत 90 लाख रुपये है। लोडिंग और परिवहन में इस्तेमाल किए गए हाईवा, ट्रक और मशीनों को मिलाकर कुल 3.22 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी। इस मामले का मास्टरमाइंड संजय सिंह पहले फरार चल रहा था, जिसे दुर्ग पुलिस की स्पेशल टीम ने उत्तर प्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार किया था। 16 जून को गिरफ्तारी के बाद उसे 7 दिन की रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ के दौरान अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा और आकाश कुमार सिंह के नाम सामने आए, जिन्हें बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने चोरी के स्क्रैप से मिले पैसों को प्रॉपर्टी और गहनों में निवेश किया था। मुख्य आरोपी संजय सिंह के बैंक लॉकर से 50 लाख के आभूषण और 3 करोड़ की अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए हैं, जबकि आरोपी आकाश कुमार सिंह से भी प्रॉपर्टी के कागजात मिले हैं। पुलिस इन सभी संपत्तियों को कुर्क करने की कार्रवाई करेगी। आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए स्क्रैप ले जाने वाले ट्रकों पर फर्जी नंबर प्लेटें भी लगा रखी थीं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। पुलिस ने खुर्सीपार गेट से SMS-3 तक घटनास्थल का रिक्रिएशन कराकर महत्वपूर्ण सबूत भी जुटाए हैं। इस मामले में पहले 9 आरोपी जेल भेजे जा चुके थे, और अब इन तीन और गिरफ्तारियों के साथ कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 12 हो गई है। गिरफ्तार आरोपियों में संजय सिंह (48), अमित शर्मा उर्फ कैलाश शर्मा (45) और आकाश कुमार सिंह (29) शामिल हैं। दुर्ग पुलिस ने आम लोगों और उद्योगों से अपील की है कि अगर उन्हें स्क्रैप या औद्योगिक सामग्री की कोई भी अवैध खरीद-बिक्री दिखती है, तो वे तुरंत पुलिस को सूचना दें, क्योंकि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई में थाना खुर्सीपार, ACCU दुर्ग और विवेचना टीम की अहम भूमिका रही।4
- आज ग्राम अल्दा और देवरी में प्रस्तावित आयरल फैक्ट्री के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तिल्दा थाने का घेराव कर एक विशाल रैली निकाली। इस रैली में क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए और फैक्ट्री की स्थापना से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों के समर्थन में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, बलौदाबाजार के वरिष्ठ कांग्रेस नेता व छाया विधायक शैलेश नितिन त्रिवेदी, और कवर्धा के किसान नेता तुकाराम चंद्रवंशी भी मौजूद रहे। इन नेताओं ने ग्रामीणों की मांगों का समर्थन करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि ग्राम अल्दा और देवरी में फैक्ट्री स्थापित करने के लिए कथित तौर पर फर्जी NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) जारी किया गया है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि फर्जी NOC जारी करने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, साथ ही उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। रैली के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।2
- अजयगढ़ वीडियो वायरल ज्यादा से ज्यादा वीडियो वायरल करने वाली2
- धमतरी जिले में स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़ी और अत्यंत उत्साहजनक खबर सामने आई है। ट्रैप कैमरे में एक बाघिन की तस्वीरें और वीडियो कैद होने से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में नई उम्मीद की लहर दौड़ गई है, जिसे 'जंगल की महारानी' की 'रॉयल एंट्री' के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से बाघों की वापसी का इंतजार कर रहे इस टाइगर रिजर्व में बाघिन की इस मौजूदगी को संरक्षण और आवास सुधार के प्रयासों की सफलता का प्रमाण माना जा रहा है। वन विभाग का मानना है कि यह एक सकारात्मक संकेत है, जो यह दर्शाता है कि आने वाले समय में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व एक बार फिर मध्य भारत के प्रमुख बाघ परिदृश्यों में अपनी महत्वपूर्ण पहचान बना सकता है।2
- खैरागढ़ न्यायालय ने आर्म्स एक्ट के एक मामले में आरोपी धनेश्वर उर्फ दादू मानिकपुरी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने उसे दो वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 200 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह जानकारी सोमवार, 22 जून को दोपहर 1 बजे मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी धनेश्वर उर्फ दादू मानिकपुरी को 5 जनवरी, 2026 को धरमपुरा क्षेत्र में धारदार बटनदार चाकू लेकर लोगों को डराने-धमकाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से करीब 9.5 इंच लंबा बटनदार चाकू बरामद किया गया। इस मामले में थाना खैरागढ़ में आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। प्रकरण की विवेचना सब इंस्पेक्टर कोमल मिंज ने की थी, जबकि अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र ध्रुव ने न्यायालय में अभियोजन पक्ष रखा। विवेचना के बाद न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, खैरागढ़ ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।1
- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ गुटखा खरीदने के लिए पाँच रुपए न देने पर एक बेटे ने अपनी माँ को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। यह घटना थाना डभरा क्षेत्र के भेड़िकोना गाँव की है। आरोपी लखन माली (25 वर्ष) ने 14 जून की रात 7 से 8 बजे के बीच अपनी माँ तिहारिन बाई से विमल गुटखा के लिए पाँच रुपए माँगे थे। जब माँ तिहारिन बाई ने रुपए न होने की बात कहकर मना किया, तो आरोपी बेटे लखन माली ने उनसे विवाद करना शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि लखन ने पहले अपनी माँ के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की, और फिर गुस्से में आकर पत्थर से उनके सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घटना के बाद आरोपी की पत्नी ने गंभीर रूप से घायल अपनी सास को अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घेराबंदी कर आरोपी लखन माली को पकड़ लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने माँ से गुटखा के लिए पाँच रुपए माँगने और रुपए न मिलने पर गुस्से में पत्थर से हमला कर हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और मामले में आगे की जाँच कार्रवाई की जा रही है।1