चतरपुरा गाँव के रैगरों के मोहल्ले में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिला है। पानी की गंभीर किल्लत से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि मोहल्ले में पानी की लाइन बिछाए जाने के बावजूद आज तक कई घरों में एक बूंद पानी तक नहीं पहुंचा है, जिसके कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की इस समस्या के चलते सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है, क्योंकि घरेलू कामों के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गांव की छात्रा गायत्री मौर्य ने बताया कि कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन लगभग 700 से 800 मीटर दूर जाकर पानी भरना पड़ता है। वहाँ भी उन्हें शुद्ध पानी नहीं मिल पाता और वे फ्लोराइड युक्त पानी लेने को मजबूर हैं। पानी भरने में लगने वाले समय के कारण उन्हें कई बार कॉलेज पहुँचने में भी देरी हो जाती है। 75 वर्षीय बुजुर्ग रामपाल रातावाल ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव में भी उन्हें पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को समस्या से अवगत करवाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पूरण मल, राहुल मौर्य, नवनीत खोरवाल, रोहित मौर्य, विपुल सेठिया, गायत्री मौर्य, तीजा देवी, धमली देवी, आशा देवी, मीरा देवी, हेमलता देवी, विध्या देवी, निशू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
चतरपुरा गाँव के रैगरों के मोहल्ले में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिला है। पानी की गंभीर किल्लत से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि मोहल्ले में पानी की लाइन बिछाए जाने के बावजूद आज तक कई घरों में एक बूंद पानी तक नहीं पहुंचा है, जिसके कारण उन्हें
रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की इस समस्या के चलते सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है, क्योंकि घरेलू कामों के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गांव की छात्रा गायत्री मौर्य ने बताया कि कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन लगभग 700 से 800 मीटर दूर जाकर पानी भरना पड़ता है।
वहाँ भी उन्हें शुद्ध पानी नहीं मिल पाता और वे फ्लोराइड युक्त पानी लेने को मजबूर हैं। पानी भरने में लगने वाले समय के कारण उन्हें कई बार कॉलेज पहुँचने में भी देरी हो जाती है। 75 वर्षीय बुजुर्ग रामपाल रातावाल ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव में भी उन्हें पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को
समस्या से अवगत करवाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पूरण मल, राहुल मौर्य, नवनीत खोरवाल, रोहित मौर्य, विपुल सेठिया, गायत्री मौर्य, तीजा देवी, धमली देवी, आशा देवी, मीरा देवी, हेमलता देवी, विध्या देवी, निशू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
- प्रतापगढ़ के मोहल्ला भरला बाज़ार में कई घरों में नलों में पानी नहीं आ रहा है। स्थानीय निवासियों ने अपनी निजी लागत पर अपनी पाइपलाइनों को ठीक भी करवाया है, लेकिन इसके बावजूद भी उनके घरों में पानी की आपूर्ति बाधित है। क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है।1
- अलवर के लोहिया तिवारा स्थित केंद्रीय राजकीय अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 6 बजे से ही मरीजों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं, लेकिन शाम तक भी उनका नंबर नहीं आता। खासतौर पर गरीब और मजदूर तबके के लोग इलाज कराने आते हैं, जिन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। शिकायत है कि यह अस्पताल केवल नाम का ही रह गया है, जहाँ कोई उचित सुविधा नहीं है और डॉक्टर भी लापरवाही बरतते हैं।4
- राजस्थान के खैरथल स्थित वार्ड 31 में एक पागल कुत्ते के उत्पात ने क्षेत्र में दहशत का माहौल बना दिया है। इस घटना ने नगर परिषद की बड़ी लापरवाही को स्पष्ट रूप से उजागर किया है, जिससे स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत काली पहाड़ी के दांतली अंतर्गत जोगियों ढाणी में देर रात आए तूफान के कारण एक मकान की दीवार गिर गई, जिससे हजारों रुपए का नुकसान हो गया। यह घटना शंकर लाल योगी पुत्र मुन्नालाल योगी के घर पर हुई। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार दिनभर मजदूरी करके अपना गुजारा चलाता है। गनीमत यह रही कि जिस समय दीवार गिरी, उसके पास कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल ग्राम विकास अधिकारी अभिषेक मीणा और पटवारी जगदीश प्रसाद जाट को दी। सूचना मिलने पर अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। ग्रामीणों ने अब प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए सहायता राशि की मांग की है।1
- रविवार को नौगांवा थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया। दिनभर चली इस सघन जांच के दौरान, नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यह अभियान राजस्थान पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत वाहनों पर पद, जाति या नाम लिखी पट्टियां लगाने और काली फिल्म का उपयोग करने वालों के विरुद्ध विशेष रूप से कड़ा रुख अपनाया जा रहा है।3
- अलवर, राजस्थान के रामगढ़ में बने उप जिला अस्पताल की सुविधाओं पर सवाल उठे हैं। पत्रकार महेंद्र सिंह सोनवाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह अस्पताल ऐसी कोई भी योजना या सुविधा नहीं दे रहा है जिसके लिए एक उप जिला अस्पताल को जाना जाता है, बल्कि यहाँ केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) जैसी सुविधाएँ ही मिल रही हैं। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। कुछ समय पहले एक डिलीवरी के दौरान बच्चे की माँ की मृत्यु हो गई, जबकि बच्चा सुरक्षित बच गया। इस घटना के लिए कमलेश चौधरी और लापरवाही करने वाले नर्सिंग अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया गया है।1
- बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के कायसा गांव में सोमवार को भाजपा नेता डॉ. मोहित जसवंत यादव ने विभिन्न विकास एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों में भाग लिया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देना था। इन कार्यक्रमों की शुरुआत पशुचिकित्सालय भवन निर्माण कार्य के भूमि पूजन और शिलान्यास के साथ हुई। इस अवसर पर डॉ. मोहित जसवंत यादव ने बताया कि इस नए भवन के निर्माण से क्षेत्र के पशुपालकों को आधुनिक और बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी, जिससे पशुपालन गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। इसके बाद, पंचायत कार्यालय कायसा में एक जनसुनवाई आयोजित की गई, जहाँ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को प्रस्तुत किया। डॉ. मोहित ने मौके पर ही मौजूद अधिकारियों को संबंधित विभागों से इन समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए, जिस पर ग्रामीणों ने विकास कार्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में, कायसा स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विधायक डॉ. जसवंत सिंह यादव की अनुशंसा पर विधायक कोष से स्टेडियम में लाइट लगाने के लिए 50 हजार रुपये की घोषणा की गई। स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों ने इस घोषणा का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए इसे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। अपने संबोधन में डॉ. मोहित ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना, जनसमस्याओं का तेजी से समाधान करना और युवाओं के लिए अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी दोहराया कि बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के हर गांव में विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है। इस कार्यक्रम के दौरान अश्वनी टाइगर मंडल अध्यक्ष माजरी, मनोज यादव जिला पार्षद, जयप्रकाश झाबर जिला पार्षद, वेदप्रकाश खबरी जिला पार्षद, नवरत्न सरपंच दोसोद, संजीव सरपंच अकलीमपुर, अनिल सरपंच रैवाणा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- राजस्थान पुलिस और परिवहन विभाग वाहनों पर नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है। इस अभियान के तहत, उन पट्टियों को हटाना अनिवार्य किया गया है जिन पर पद, जाति या नाम लिखा होता है। इसके साथ ही, वाहनों पर काली फिल्म के उपयोग, किसी भी प्रकार के मॉडिफिकेशन और फ्लैशर लाइट लगाने पर भी सख्ती बरती जा रही है। यह कार्रवाई नौगांवा क्षेत्र सहित पूरे राज्य में की जा रही है।1
- जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे-48 पर रविवार देर रात बहरोड़ के कांकर दोपा फ्लाईओवर के ऊपर प्याज से भरी एक पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, सड़क पर प्याज के कट्टे बिखर जाने के कारण कुछ समय के लिए यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पिकअप प्याज लेकर नीमराना की ओर जा रही थी, तभी कांकर दोपा फ्लाईओवर पर अचानक उसका कंडक्टर साइड का टायर फट गया। टायर फटने से चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और पिकअप हाईवे पर पलट गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और यातायात व्यवस्था को सुचारु कराने में सहयोग किया। सड़क पर बिखरे प्याज और कट्टों को हटाकर मार्ग को साफ कराया गया। गनीमत रही कि हादसे के समय पिकअप की चपेट में कोई अन्य वाहन नहीं आया, अन्यथा स्थिति और गंभीर हो सकती थी। पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता से यातायात जल्द ही सामान्य कर दिया गया।3