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अलवर के लोहिया तिवारा स्थित केंद्रीय राजकीय अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 6 बजे से ही मरीजों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं, लेकिन शाम तक भी उनका नंबर नहीं आता। खासतौर पर गरीब और मजदूर तबके के लोग इलाज कराने आते हैं, जिन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। शिकायत है कि यह अस्पताल केवल नाम का ही रह गया है, जहाँ कोई उचित सुविधा नहीं है और डॉक्टर भी लापरवाही बरतते हैं।

18 hrs ago
user_महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह
Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
18 hrs ago
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अलवर के लोहिया तिवारा स्थित केंद्रीय राजकीय अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 6 बजे से ही मरीजों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं, लेकिन शाम तक भी उनका नंबर नहीं आता। खासतौर पर गरीब और मजदूर तबके के लोग इलाज कराने आते हैं, जिन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। शिकायत है कि यह अस्पताल केवल नाम का ही रह गया है, जहाँ कोई उचित सुविधा नहीं है और डॉक्टर भी लापरवाही बरतते हैं।

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  • कुरुक्षेत्र में रेनू भाटिया ने अपनी बात रखते हुए ₹100 देने के मतलब पर सवाल उठाया, यह स्पष्ट करते हुए कि वह तो दाना डाल रही थीं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि अगर उन्हें जेल भी जाना पड़े, तो भी डॉक्टर को किसी VIP की तरह नहीं रखा जाएगा। इसके अलावा, रेनू भाटिया ने एक बच्ची से बात की, जिसने कुछ हैरान कर देने वाली बातें बताईं।
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    कुरुक्षेत्र में रेनू भाटिया ने अपनी बात रखते हुए ₹100 देने के मतलब पर सवाल उठाया, यह स्पष्ट करते हुए कि वह तो दाना डाल रही थीं। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि अगर उन्हें जेल भी जाना पड़े, तो भी डॉक्टर को किसी VIP की तरह नहीं रखा जाएगा। इसके अलावा, रेनू भाटिया ने एक बच्ची से बात की, जिसने कुछ हैरान कर देने वाली बातें बताईं।
    user_Balram gurjar
    Balram gurjar
    Yoga instructor अलवर, अलवर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • अलवर के लोहिया तिवाड़ा मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में एक नई कंपनी की स्थापना और उसके माध्यम से नए रोजगार के अवसर पैदा होने की जानकारी दी गई है। इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है कि क्या इस नए रोजगार के तहत काम करने वाले मजदूरों को उनके उचित अधिकार प्राप्त हो पाएंगे। पोस्ट में लोगों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट्स में साझा करने का आग्रह किया गया है।
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    अलवर के लोहिया तिवाड़ा मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में एक नई कंपनी की स्थापना और उसके माध्यम से नए रोजगार के अवसर पैदा होने की जानकारी दी गई है। इस संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया गया है कि क्या इस नए रोजगार के तहत काम करने वाले मजदूरों को उनके उचित अधिकार प्राप्त हो पाएंगे। पोस्ट में लोगों से इस विषय पर अपनी राय कमेंट्स में साझा करने का आग्रह किया गया है।
    user_Voice of Labour
    Voice of Labour
    Alwar, Rajasthan•
    8 hrs ago
  • प्रतापगढ़ के मोहल्ला भरला बाज़ार में कई घरों में नलों में पानी नहीं आ रहा है। स्थानीय निवासियों ने अपनी निजी लागत पर अपनी पाइपलाइनों को ठीक भी करवाया है, लेकिन इसके बावजूद भी उनके घरों में पानी की आपूर्ति बाधित है। क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है।
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    प्रतापगढ़ के मोहल्ला भरला बाज़ार में कई घरों में नलों में पानी नहीं आ रहा है। स्थानीय निवासियों ने अपनी निजी लागत पर अपनी पाइपलाइनों को ठीक भी करवाया है, लेकिन इसके बावजूद भी उनके घरों में पानी की आपूर्ति बाधित है। क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है।
    user_Gaurav goyal
    Gaurav goyal
    अलवर, अलवर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • अलवर के लोहिया तिवारा स्थित केंद्रीय राजकीय अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 6 बजे से ही मरीजों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं, लेकिन शाम तक भी उनका नंबर नहीं आता। खासतौर पर गरीब और मजदूर तबके के लोग इलाज कराने आते हैं, जिन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। शिकायत है कि यह अस्पताल केवल नाम का ही रह गया है, जहाँ कोई उचित सुविधा नहीं है और डॉक्टर भी लापरवाही बरतते हैं।
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    अलवर के लोहिया तिवारा स्थित केंद्रीय राजकीय अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुबह 6 बजे से ही मरीजों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं, लेकिन शाम तक भी उनका नंबर नहीं आता।

खासतौर पर गरीब और मजदूर तबके के लोग इलाज कराने आते हैं, जिन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। शिकायत है कि यह अस्पताल केवल नाम का ही रह गया है, जहाँ कोई उचित सुविधा नहीं है और डॉक्टर भी लापरवाही बरतते हैं।
    user_महेंद्र सिंह
    महेंद्र सिंह
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    18 hrs ago
  • रविवार को नौगांवा थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया। दिनभर चली इस सघन जांच के दौरान, नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यह अभियान राजस्थान पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत वाहनों पर पद, जाति या नाम लिखी पट्टियां लगाने और काली फिल्म का उपयोग करने वालों के विरुद्ध विशेष रूप से कड़ा रुख अपनाया जा रहा है।
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    रविवार को नौगांवा थाना पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया। दिनभर चली इस सघन जांच के दौरान, नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। यह अभियान राजस्थान पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसके तहत वाहनों पर पद, जाति या नाम लिखी पट्टियां लगाने और काली फिल्म का उपयोग करने वालों के विरुद्ध विशेष रूप से कड़ा रुख अपनाया जा रहा है।
    user_R Balvinder Singh
    R Balvinder Singh
    Court reporter रामगढ़, अलवर, राजस्थान•
    8 hrs ago
  • चतरपुरा गाँव के रैगरों के मोहल्ले में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिला है। पानी की गंभीर किल्लत से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि मोहल्ले में पानी की लाइन बिछाए जाने के बावजूद आज तक कई घरों में एक बूंद पानी तक नहीं पहुंचा है, जिसके कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी की इस समस्या के चलते सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है, क्योंकि घरेलू कामों के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गांव की छात्रा गायत्री मौर्य ने बताया कि कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन लगभग 700 से 800 मीटर दूर जाकर पानी भरना पड़ता है। वहाँ भी उन्हें शुद्ध पानी नहीं मिल पाता और वे फ्लोराइड युक्त पानी लेने को मजबूर हैं। पानी भरने में लगने वाले समय के कारण उन्हें कई बार कॉलेज पहुँचने में भी देरी हो जाती है। 75 वर्षीय बुजुर्ग रामपाल रातावाल ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव में भी उन्हें पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने शिकायत की कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को समस्या से अवगत करवाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पूरण मल, राहुल मौर्य, नवनीत खोरवाल, रोहित मौर्य, विपुल सेठिया, गायत्री मौर्य, तीजा देवी, धमली देवी, आशा देवी, मीरा देवी, हेमलता देवी, विध्या देवी, निशू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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    चतरपुरा गाँव के रैगरों के मोहल्ले में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष देखने को मिला है। पानी की गंभीर किल्लत से परेशान लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि मोहल्ले में पानी की लाइन बिछाए जाने के बावजूद आज तक कई घरों में एक बूंद पानी तक नहीं पहुंचा है, जिसके कारण उन्हें रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने बताया कि पानी की इस समस्या के चलते सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है, क्योंकि घरेलू कामों के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। गांव की छात्रा गायत्री मौर्य ने बताया कि कई वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, जिसके कारण उन्हें प्रतिदिन लगभग 700 से 800 मीटर दूर जाकर पानी भरना पड़ता है। वहाँ भी उन्हें शुद्ध पानी नहीं मिल पाता और वे फ्लोराइड युक्त पानी लेने को मजबूर हैं। पानी भरने में लगने वाले समय के कारण उन्हें कई बार कॉलेज पहुँचने में भी देरी हो जाती है। 75 वर्षीय बुजुर्ग रामपाल रातावाल ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उम्र के इस पड़ाव में भी उन्हें पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने शिकायत की कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित विभाग को समस्या से अवगत करवाया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान पूरण मल, राहुल मौर्य, नवनीत खोरवाल, रोहित मौर्य, विपुल सेठिया, गायत्री मौर्य, तीजा देवी, धमली देवी, आशा देवी, मीरा देवी, हेमलता देवी, विध्या देवी, निशू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
    user_Suresh Kumar Meena
    Suresh Kumar Meena
    Newspaper publisher नारायणपुर, अलवर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • कोटपूतली-बहरोड़ जिले में, 8 जून को जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समयबद्ध क्रियान्वयन और गुणवत्तापूर्ण परिवाद निस्तारण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े उपखंड एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ, उन्होंने फ्लैगशिप योजनाओं, बजट घोषणाओं, सम्पर्क प्रकरणों, ग्रीष्मकालीन व्यवस्थाओं और 'मिशन हरियालो राजस्थान' की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने फ्लैगशिप योजनाओं की राज्य स्तरीय रैंकिंग और ब्लॉकवार प्रगति का विश्लेषण करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुँचना अनिवार्य है और सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्य करें। ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की लंबित बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने इन कार्यों में गति लाकर समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के संबंध में उन्होंने जोर देकर कहा कि आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता, जवाबदेही और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, तथा हर प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा कर प्रभावी समाधान दिया जाए। विद्युत विभाग को आंधी-तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित मरम्मत, नियमित मॉनिटरिंग और आवश्यक अपग्रेडेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को निर्बाध बिजली मिल सके। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने, टैंकर संचालन की निगरानी करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समय पर पूरा करने और समर कंटीजेंसी में तेजी लाने को कहा गया। चिकित्सा विभाग को मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए दवाओं और जांच की उपलब्धता सुनिश्चित करने, साथ ही डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा गतिविधि और फोगिंग कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पेंशन सत्यापन को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए एक विशेष कार्य योजना बनाने का भी निर्देश दिया। 'मिशन हरियालो राजस्थान' की समीक्षा के दौरान, उन्होंने सभी विभागों को पौधारोपण लक्ष्यों की समयपूर्व तैयारी, जनभागीदारी बढ़ाने और पर्यावरण जागरूकता फैलाने के लिए निर्देशित किया, यह कहते हुए कि यह अभियान एक जन आंदोलन का रूप ले। बैठक के अंत में, कलेक्टर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगदीश प्रसाद, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी रामवतार कुमावत, सीएमएचओ डॉ. आशीष शेखावत, अधीक्षण अभियंता पीएचईडी रामनिवास यादव सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    कोटपूतली-बहरोड़ जिले में, 8 जून को जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समयबद्ध क्रियान्वयन और गुणवत्तापूर्ण परिवाद निस्तारण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े उपखंड एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के साथ, उन्होंने फ्लैगशिप योजनाओं, बजट घोषणाओं, सम्पर्क प्रकरणों, ग्रीष्मकालीन व्यवस्थाओं और 'मिशन हरियालो राजस्थान' की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

कलेक्टर ने फ्लैगशिप योजनाओं की राज्य स्तरीय रैंकिंग और ब्लॉकवार प्रगति का विश्लेषण करते हुए कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुँचना अनिवार्य है और सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार कार्य करें। ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने पेयजल, विद्युत और स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। वर्ष 2024-25, 2025-26 और 2026-27 की लंबित बजट घोषणाओं की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने इन कार्यों में गति लाकर समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के संबंध में उन्होंने जोर देकर कहा कि आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता, जवाबदेही और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, तथा हर प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा कर प्रभावी समाधान दिया जाए।

विद्युत विभाग को आंधी-तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित मरम्मत, नियमित मॉनिटरिंग और आवश्यक अपग्रेडेशन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को निर्बाध बिजली मिल सके। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ करने, टैंकर संचालन की निगरानी करने, जल जीवन मिशन के कार्यों को समय पर पूरा करने और समर कंटीजेंसी में तेजी लाने को कहा गया। चिकित्सा विभाग को मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए दवाओं और जांच की उपलब्धता सुनिश्चित करने, साथ ही डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा गतिविधि और फोगिंग कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने पेंशन सत्यापन को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए एक विशेष कार्य योजना बनाने का भी निर्देश दिया। 'मिशन हरियालो राजस्थान' की समीक्षा के दौरान, उन्होंने सभी विभागों को पौधारोपण लक्ष्यों की समयपूर्व तैयारी, जनभागीदारी बढ़ाने और पर्यावरण जागरूकता फैलाने के लिए निर्देशित किया, यह कहते हुए कि यह अभियान एक जन आंदोलन का रूप ले।

बैठक के अंत में, कलेक्टर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने और नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा। इस बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जगदीश प्रसाद, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी रामवतार कुमावत, सीएमएचओ डॉ. आशीष शेखावत, अधीक्षण अभियंता पीएचईडी रामनिवास यादव सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Sandeep Kumar Gupta
    Sandeep Kumar Gupta
    बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • अलवर, राजस्थान के रामगढ़ में बने उप जिला अस्पताल की सुविधाओं पर सवाल उठे हैं। पत्रकार महेंद्र सिंह सोनवाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह अस्पताल ऐसी कोई भी योजना या सुविधा नहीं दे रहा है जिसके लिए एक उप जिला अस्पताल को जाना जाता है, बल्कि यहाँ केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) जैसी सुविधाएँ ही मिल रही हैं। आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। कुछ समय पहले एक डिलीवरी के दौरान बच्चे की माँ की मृत्यु हो गई, जबकि बच्चा सुरक्षित बच गया। इस घटना के लिए कमलेश चौधरी और लापरवाही करने वाले नर्सिंग अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया गया है।
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    अलवर, राजस्थान के रामगढ़ में बने उप जिला अस्पताल की सुविधाओं पर सवाल उठे हैं। पत्रकार महेंद्र सिंह सोनवाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह अस्पताल ऐसी कोई भी योजना या सुविधा नहीं दे रहा है जिसके लिए एक उप जिला अस्पताल को जाना जाता है, बल्कि यहाँ केवल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CSC) जैसी सुविधाएँ ही मिल रही हैं।

आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टर लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। कुछ समय पहले एक डिलीवरी के दौरान बच्चे की माँ की मृत्यु हो गई, जबकि बच्चा सुरक्षित बच गया। इस घटना के लिए कमलेश चौधरी और लापरवाही करने वाले नर्सिंग अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया गया है।
    user_महेंद्र सिंह
    महेंद्र सिंह
    Local News Reporter अलवर, अलवर, राजस्थान•
    20 hrs ago
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