डबरा क्षेत्र में एचपीवी टीका लगने के बाद कुछ बालिकाओं की तबीयत बिगड़ने की खबरों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। अधिकारियों के अनुसार बालिकाओं की तबीयत एचपीवी वैक्सीन से नहीं बल्कि बाहर का खाना (फिंगर चिप्स/आलू टिक्की) खाने से खराब हुई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि डबरा ब्लॉक के ग्राम बारकरी की 9 बालिकाओं को परिजनों की सहमति से पिछोर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एचपीवी वैक्सीन लगाई गई थी। टीकाकरण के बाद सभी बालिकाओं को सुरक्षित घर भेज दिया गया था। बताया गया कि रास्ते में बालिकाओं ने गिजौर्रा तिराहे पर फिंगर चिप्स व आलू टिक्की खाई, जिसके बाद 10 मार्च की शाम 4 बालिकाओं को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। परिजन उन्हें सिविल अस्पताल डबरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उपचार दिया और कुछ देर ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद घर भेज दिया। अब सभी बालिकाएं पूरी तरह स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और यह बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करती है। जिले में अब तक करीब 3000 बालिकाओं को यह टीका लगाया जा चुका है, जिनमें से अधिकांश को कोई समस्या नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बिना किसी डर के अपनी 14–15 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं। @topfans Jitendra Pandey Rajendra Shukla #gwalior #viralvideo डबरा क्षेत्र में एचपीवी टीका लगने के बाद कुछ बालिकाओं की तबीयत बिगड़ने की खबरों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। अधिकारियों के अनुसार बालिकाओं की तबीयत एचपीवी वैक्सीन से नहीं बल्कि बाहर का खाना (फिंगर चिप्स/आलू टिक्की) खाने से खराब हुई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि डबरा ब्लॉक के ग्राम बारकरी की 9 बालिकाओं को परिजनों की सहमति से पिछोर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एचपीवी वैक्सीन लगाई गई थी। टीकाकरण के बाद सभी बालिकाओं को सुरक्षित घर भेज दिया गया था। बताया गया कि रास्ते में बालिकाओं ने गिजौर्रा तिराहे पर फिंगर चिप्स व आलू टिक्की खाई, जिसके बाद 10 मार्च की शाम 4 बालिकाओं को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। परिजन उन्हें सिविल अस्पताल डबरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उपचार दिया और कुछ देर ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद घर भेज दिया। अब सभी बालिकाएं पूरी तरह स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और यह बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करती है। जिले में अब तक करीब 3000 बालिकाओं को यह टीका लगाया जा चुका है, जिनमें से अधिकांश को कोई समस्या नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बिना किसी डर के अपनी 14–15 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं। @topfans Jitendra Pandey Rajendra Shukla #gwalior #viralvideo
डबरा क्षेत्र में एचपीवी टीका लगने के बाद कुछ बालिकाओं की तबीयत बिगड़ने की खबरों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। अधिकारियों के अनुसार बालिकाओं की तबीयत एचपीवी वैक्सीन से नहीं बल्कि बाहर का खाना (फिंगर चिप्स/आलू टिक्की) खाने से खराब हुई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि डबरा ब्लॉक के ग्राम बारकरी की 9 बालिकाओं को परिजनों की सहमति से पिछोर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एचपीवी वैक्सीन लगाई गई थी। टीकाकरण के बाद सभी बालिकाओं को सुरक्षित घर भेज दिया गया था। बताया गया कि रास्ते में बालिकाओं ने गिजौर्रा तिराहे पर फिंगर चिप्स व आलू टिक्की खाई, जिसके बाद 10 मार्च की शाम 4 बालिकाओं को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। परिजन उन्हें सिविल अस्पताल डबरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उपचार दिया और कुछ देर ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद घर भेज दिया। अब सभी बालिकाएं पूरी तरह स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और यह बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करती है। जिले में अब तक करीब 3000 बालिकाओं को यह टीका लगाया जा चुका है, जिनमें से अधिकांश को कोई समस्या नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बिना किसी डर के अपनी 14–15 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं। @topfans Jitendra Pandey Rajendra Shukla #gwalior #viralvideo डबरा क्षेत्र में एचपीवी टीका लगने के बाद कुछ बालिकाओं की तबीयत बिगड़ने की खबरों पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा खुलासा किया है। अधिकारियों के अनुसार बालिकाओं की तबीयत एचपीवी वैक्सीन से नहीं बल्कि बाहर का खाना (फिंगर चिप्स/आलू टिक्की) खाने से खराब हुई थी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि डबरा ब्लॉक के ग्राम बारकरी की 9 बालिकाओं को परिजनों की सहमति से पिछोर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एचपीवी वैक्सीन लगाई गई थी। टीकाकरण के बाद सभी बालिकाओं को सुरक्षित घर भेज दिया गया था। बताया गया कि रास्ते में बालिकाओं ने गिजौर्रा तिराहे पर फिंगर चिप्स व आलू टिक्की खाई, जिसके बाद 10 मार्च की शाम 4 बालिकाओं को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। परिजन उन्हें सिविल अस्पताल डबरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उपचार दिया और कुछ देर ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद घर भेज दिया। अब सभी बालिकाएं पूरी तरह स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और यह बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में मदद करती है। जिले में अब तक करीब 3000 बालिकाओं को यह टीका लगाया जा चुका है, जिनमें से अधिकांश को कोई समस्या नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बिना किसी डर के अपनी 14–15 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं। @topfans Jitendra Pandey Rajendra Shukla #gwalior #viralvideo
- https://youtu.be/U1SoFk8Nt_E?si=55jFzBZYrOLvUEap Narsinghpur साईबर फ्राड के प्रकरणों में 45 लाख रू. पर होल्ड लगबाया गया, 53 लाख खाताधारकों को लौटाए नरसिंहपुर पुलिस की बड़ी सफलता – म्यूल अकाउंट गिरोह के विरुद्ध नरसिंहपुर पुलिस की प्रभावी कार्यवाही।* • नरसिंहपुर पुलिस द्वारा अभी तक विशेष कार्यवाही कर 35 बंद म्यूल अकाउंट कराए गए। • अभी तक विवेचना के दौरान जिला अंतर्गत 180 खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में चिन्हित किया गया। • अभी तक म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से लगभग 15 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ। • नरसिंहपुर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के दौरान अभी तक 17 व्यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही कर जेल भेजा गया। • नरसिंहपुर पुलिस द्वारा अभी तक की गयी कार्यवाही के दौरान अभी तक 9 पासबुक, 4 एटीएम एवं 9 मोबाईल जप्त किए गए है। • विगत एक वर्ष में साईबर फ्राड के प्रकरणों में 45 लाख रूपये पर होल्ड लगबाया गया एवं 53 लाख रूपये खाता धारकों को लौटाए गए। विगत कुछ समय से इस आशय की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि जिला नरसिंहपुर अंतर्गत कुछ व्यक्तियों द्वारा आमजन को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर एवं बहला-फुसलाकर उनके बैंक खातों, पासबुक एवं एटीएम कार्ड की जानकारी प्राप्त की जा रही है। संबंधित व्यक्तियों द्वारा भोले-भाले लोगों को आर्थिक लाभ का लालच देकर उनके खातों के माध्यम से प्रदेश के बाहर से संचालित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, साईबर फ्राड, सेक्सटॉर्शन के लिए बड़ी मात्रा में पैसों का अवैध लेन-देन किया जा रहा है साथ ही उनके बैंक खातों का उपयोग अपने अवैध कार्यों के लिए किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने शिकायतों को लिया गंभीरता से, जांच हेतु गठित की गई विशेष टीम : उक्त शिकायतों को गंभीरता से लेतेहुए पुलिस अधीक्षक, डॉ. ऋषिकेश मीना द्वारा प्रकरण की गहन जांच के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम को तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए संबंधित व्यक्तियों, बैंक खातों एवं लेन-देन की जानकारी एकत्रित कर विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए गए। अभी तक विवेचना के दौरान जिला अंतर्गत 180 खातों को म्यूल अकाउंट के रूप में चिन्हित किया गया : गठित विशेष टीम द्वारा प्राप्त शिकायतों के आधार पर प्रकरणों की गहनता से जांच प्रारंभ की गई। जांच के दौरान टीम द्वारा तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए संदिग्ध बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की जानकारी एकत्रित की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम द्वारा अभी तक विभिन्न बैंकों से संबंधित खातों का विवरण प्राप्त कर उनके माध्यम से किए गए लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण किया गया। प्राप्त जानकारी के आधार पर खातों की कड़ी से कड़ी जोड़कर जांच की गई, जिससे यह तथ्य सामने आया कि कई व्यक्तियों के लगभग 180 बैंक खातों का उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था। उक्त सभी खातों में लेनदेन की कार्यवाही रोके जाने हेतु संबंधित बैंकों को पत्राचार किया गया है। अभी तक लगभग 15 करोड रूपयों के अवैध लेन-देन का खुलासा : जांच के दौरान अभी तक यह भी सामने आया कि इन खातों के माध्यम से जिला, प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर से संचालित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, साईबर फ्राड, सेक्सटॉर्शन के जरिए लगभग 15 करोड़ रूपयों का अवैध लेन-देन किया गया है, जिससे साइबर ठगी से प्राप्त राशि को अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर छिपाने का प्रयास किया जाता था। प्रकरणों में अभी विवेचना जारी है। इस प्रकार पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों की जानकारी एवं संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ी को जोड़ते हुए जांच की गई, जिसमें कुल 180 म्यूल अकाउंट्स के माध्यम से लगभग 15 करोड़ रुपये के लेन-देन का खुलासा हुआ है। ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, साइबर फ्रॉड एवं सेक्सटॉर्शन से जुड़े अपराध करने का तरीका : आरोपी आमजन को छोटे-मोटे आर्थिक लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड एवं पासबुक प्राप्त कर उक्त खातों का उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में करते थे एवं साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म में जमा कर आरोपी उक्त राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर कर या नकद निकालकर उपयोग कर लेते हैं। नरसिंहपुर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही के दौरान अभी तक 17 व्यक्तियों के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही कर जेल भेजा गया: थाना स्टेशनगंज : प्रिंस जैन निवासी राधा वल्लभ वार्ड थाना करेली, राजेन्द्र यादव निवासी मुराछ, थाना ठेमी, राजा पटेल निवासी मुराछ, थाना ठेमी, शिवम पटेल निवासी मुराछ थाना ठेमी, सूरज लोधी निवासी सागौनी, कला, थाना कोतवाली। थाना गाडरवाडा : अजय ओझा निवासी, चीचली, आनंद कहार निवासी निवासी, चीचली, वैभव कौरव निवासी एमपी ईबी कालोनी गाडरवाड़ा। थाना करेली : दशरथ उर्फ दस्सु लोधी निवासी रातीकरार, थाना करेली, राघवेन्द्र लोधी निवासी बाबली, थाना ठेमी जिला नरसिंहपुर। वैधानिक कार्यवाही : उक्त सभी आरोपियों के विरूद्ध धारा 318 (4), 3 (5) बीएनएस के तहत प्रकारण पंजीवद्ध किया गया है।1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- Post by Sandeep gound1
- नरसिंहपुर जिले में एक बड़ा मामला सामने आया जहां एक रेलवे ठेके के नाम पर कथित रूप से अवैध खुदाई और शासकीय जमीन पर अतिक्रमण का आरोप लगा है बताया जा रहा है कि ग्राम केकरा में 20 से 30 फीट ऊंचे पहाड़ बिना अनुमति के काटकर मिट्टी निकाली जा रही है और इसका इस्तेमाल रेलवे लाइन के पास मिट्टी भराई में किया जा रहा है ग्रामीणों का आरोप है कि बिना किसी अनुमति के बड़े पैमाने पर खुदाई का काम किया जा रहा है जब भूमि मालिक ठेकेदार से मिलने पहुंचा तो उसे ठेकेदार नही मिला वही भूमि मालिक ने आपत्ति जताते हुए काम रोकने की मांग की वही भूमि मालिक का कहना हैं।कही ऐसे काम नही रुका तो वह शासन प्रशासन से इसकी शिकायत करेंगे।1
- गैस सिलेंडर का जखीरा जप्त 40 खाली एवं 8 भरे सिलेंडर जप्त।1
- गीदगढ़ से महुआखेड़ा तक भूमि पूजन के 2 साल बाद भी नहीं बनी 62 लाख की ग्रेवल रोड, 8–10 गांवों के लोग परेशान — रेल पटरी से गुजरने को मजबूर, कई जानें जा चुकीं1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- सुआताला थाना अंतर्गत काशी खेरी गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो लोगों के साथ पांच लोगों ने की रास्ता रोक कर मारपीट वहीं घायल सयोग पटेल ने बताया कि वह गांव में ही मजदूर लेने के लिए गया हुआ था उसे अकेला पाकर उसका रास्ता रोक लिया जब उसने अपने चाचा पूनम सिंह पटेल को फोन पर सूचना दी और वह भी मौके पर पहुंचे तो दोनों की साथ में हाथापाई की और लोहे की रॉड से मारपीट की गई उन्होंने थाने में सूचना दी और उन्हें उपचार के लिए परिजनों ने नरसिंहपुर जिला अस्पताल में भर्ती किया1
- Post by Sandeep gound7