आमला ब्लॉक के ससाबड़ से अंधारिया पहुंच मार्ग पर ₹62 लाख की लागत से बन रही बड़ी जोग नदी पुलिया PWD विभाग की कथित धांधली और भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है। PWD विभाग के SDO और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में एक निजी एजेंसी के ठेकेदार द्वारा पूरे पुलिया निर्माण में काली मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जिससे शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। नतीजतन, पहली बारिश में ही काली मिट्टी के भराव से पुलिया में दरारें आ गई हैं, और यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। हाल ही में, PWD के SDO की उपस्थिति में ठेकेदार ने एक सिंगल पाइप डालकर काली मिट्टी से एक डायवर्जन मार्ग भी बनाया था, जो पहली बारिश में ही बह गया। इससे गांव का आना-जाना पूरी तरह से ठप हो गया है, और स्कूल बस, स्कूल के बच्चे, एंबुलेंस तथा राहगीरों का मार्ग बाधित हो गया है। चार दिन पहले इसी काली मिट्टी के डायवर्जन मार्ग पर मुरुम न होने के कारण एक दुपहिया वाहन के फिसलने से एक महिला को गंभीर चोटें आई थीं, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हैं। गांव वालों द्वारा निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने पर PWD अधिकारियों और ठेकेदार ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया है।
आमला ब्लॉक के ससाबड़ से अंधारिया पहुंच मार्ग पर ₹62 लाख की लागत से बन रही बड़ी जोग नदी पुलिया PWD विभाग की कथित धांधली और भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है। PWD विभाग के SDO और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में एक निजी एजेंसी के ठेकेदार द्वारा पूरे पुलिया निर्माण में काली मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जिससे शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। नतीजतन, पहली बारिश में ही काली मिट्टी के भराव से पुलिया में दरारें आ गई हैं, और यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। हाल ही में, PWD के SDO की उपस्थिति में ठेकेदार ने एक सिंगल पाइप डालकर काली मिट्टी से एक डायवर्जन मार्ग भी बनाया था, जो पहली बारिश में ही बह गया। इससे गांव का आना-जाना पूरी तरह से ठप हो गया है, और स्कूल बस, स्कूल के बच्चे, एंबुलेंस तथा राहगीरों का मार्ग बाधित हो गया है। चार दिन पहले इसी काली मिट्टी के डायवर्जन मार्ग पर मुरुम न होने के कारण एक दुपहिया वाहन के फिसलने से एक महिला को गंभीर चोटें आई थीं, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हैं। गांव वालों द्वारा निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने पर PWD अधिकारियों और ठेकेदार ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया है।
- आमला विकासखंड की ग्राम पंचायत छिपीन्या पिपरिया के अंतर्गत देहलवाड़ा में स्थित शासकीय एकत्रित मिडिल स्कूल की छत से लगातार पानी टपकने के कारण छात्रों को जोखिम के बीच पढ़ाई करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। स्कूल भवन की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जिससे बारिश के मौसम में कक्षाओं के अंदर पानी भर जाता है और शैक्षणिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। भवन काफी पुराना और क्षतिग्रस्त होने के कारण छत से कई स्थानों पर पानी रिस रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा होने और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराने की आशंका बनी हुई है। स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों और विद्यार्थियों के अभिभावकों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्कूल भवन की मरम्मत और आवश्यक सुधार कार्य कराने की कई बार मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। बरसात में कक्षाओं में पानी टपकने से बच्चों को बैठने और शिक्षकों को पढ़ाई संचालित करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण और अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल स्कूल भवन का निरीक्षण कर मरम्मत कराने या बच्चों की सुरक्षा हेतु वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में किसी अप्रिय घटना की पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।4
- आमला के तहसीलदार चाल क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से पूरे नगर में सनसनी फैल गई। साहूकार परिवार की 37 वर्षीय बड़ी बहू रंजिता यादव अपने घर के बाथरूम में शॉवर के पाइप से फंदे पर लटकी मिली। मृतका अपने पीछे दो माह की मासूम बेटी और एक 9 वर्षीय पुत्री को छोड़ गई है, जिससे यह घटना और भी पीड़ादायक हो गई है। परिजनों के अनुसार, लगभग 45 मिनट तक बाथरूम का दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने दरवाजा तोड़ा, जहां रंजिता फंदे पर लटकी मिली। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमला ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, मर्ग कायम कर जाँच शुरू की और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतका इंदौर की निवासी थी और एमकॉम शिक्षित होने के साथ ही विवाह से पहले नौकरी भी कर चुकी थी। मृतका की माँ ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि रंजिता अपनी बड़ी बेटी को खिलाड़ी और दो माह की छोटी बेटी को आईएएस अधिकारी बनाना चाहती थी। ऐसे में उसका यह कदम पूरे परिवार के लिए बेहद अविश्वसनीय और पीड़ादायक है, क्योंकि उनके अनुसार रंजिता के सपने बड़े थे, मौत नहीं। पोस्टमार्टम के दौरान मीडिया से बातचीत में मृतका की बहन विजेता ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि विवाह से पहले उन्हें बताया गया था कि रंजिता का पति नागपुर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, लेकिन शादी के बाद पता चला कि वह आमला में कपड़े का व्यवसाय करता है। विजेता ने आरोप लगाया कि रंजिता के ससुर सुरेंद्र यादव, सास पुष्पा यादव और देवरानी मुस्कान यादव लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। गाली-गलौज, ताने और अपमान के कारण रंजिता लंबे समय से तनाव में थी। विजेता का स्पष्ट कहना है कि उनकी बहन ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसे इस स्थिति तक पहुँचाया गया। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मायके पक्ष द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर ससुराल पक्ष से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पुलिस ने बताया है कि फिलहाल मर्ग जाँच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, परिजनों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर इस मामले की निष्पक्ष जाँच की जाएगी। पुलिस के अनुसार, यदि जाँच में मानसिक प्रताड़ना या किसी अन्य अपराध के पर्याप्त सबूत सामने आते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।3
- आमला ब्लॉक के ससाबड़ से अंधारिया पहुंच मार्ग पर ₹62 लाख की लागत से बन रही बड़ी जोग नदी पुलिया PWD विभाग की कथित धांधली और भ्रष्टाचार का शिकार हो गई है। PWD विभाग के SDO और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में एक निजी एजेंसी के ठेकेदार द्वारा पूरे पुलिया निर्माण में काली मिट्टी का इस्तेमाल किया गया, जिससे शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया। नतीजतन, पहली बारिश में ही काली मिट्टी के भराव से पुलिया में दरारें आ गई हैं, और यह पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही है। हाल ही में, PWD के SDO की उपस्थिति में ठेकेदार ने एक सिंगल पाइप डालकर काली मिट्टी से एक डायवर्जन मार्ग भी बनाया था, जो पहली बारिश में ही बह गया। इससे गांव का आना-जाना पूरी तरह से ठप हो गया है, और स्कूल बस, स्कूल के बच्चे, एंबुलेंस तथा राहगीरों का मार्ग बाधित हो गया है। चार दिन पहले इसी काली मिट्टी के डायवर्जन मार्ग पर मुरुम न होने के कारण एक दुपहिया वाहन के फिसलने से एक महिला को गंभीर चोटें आई थीं, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हैं। गांव वालों द्वारा निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाने पर PWD अधिकारियों और ठेकेदार ने उनकी बात सुनने से इनकार कर दिया है।1
- बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र स्थित चिचंडा गांव से एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ 20 वर्षीय पंकज धुर्वे ने शुक्रवार रात कथित तौर पर सल्फास का सेवन कर लिया। सल्फास निगलने के बाद पंकज की तबीयत अचानक गंभीर रूप से बिगड़ गई। परिजनों ने तत्काल उसे मुलताई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार दिया गया। हालाँकि, हालत की गंभीरता को देखते हुए उसे बैतूल जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के आईसीयू में इलाज के दौरान, पंकज ने शनिवार तड़के दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल, युवक द्वारा यह कदम उठाने के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। मुलताई पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।1
- बैतूल के चिचोली नगर में एमडी ड्रग्स और अवैध शराब के कथित बढ़ते कारोबार को लेकर एनएसयूआई ने जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एनएसयूआई मध्यप्रदेश के प्रदेश सचिव हर्ष भुसारी ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो चिचोली बंद, चक्का जाम और व्यापक लोकतांत्रिक जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। भुसारी ने इस मुद्दे को युवाओं के भविष्य से जुड़ा बताया है, उनका कहना है कि युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से यह तय करने को कहा है कि वह युवाओं के भविष्य के साथ खड़ा है या नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने में विफल रहेगा। एनएसयूआई के अनुसार, यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए है। प्रदेश सचिव ने बताया कि जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपकर एमडी ड्रग्स और अवैध शराब के कारोबार की गहन जांच कराने तथा इसमें शामिल दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ज्ञापन के बावजूद प्रशासन निष्क्रिय रहा, तो एनएसयूआई और क्षेत्र की जनता शांत नहीं बैठेगी। हर्ष भुसारी ने दोहराया कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो चिचोली बंद, चक्का जाम और बड़े स्तर पर लोकतांत्रिक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से चिचोली में विशेष अभियान चलाकर नशे के कारोबार की जड़ों तक पहुंचने, मुख्य आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए स्थायी व प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। भुसारी ने कहा कि चिचोली की जनता अब मूकदर्शक नहीं रहेगी और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी, क्योंकि प्रशासन के पास कार्रवाई का अवसर है और उसके बाद जनता अपना लोकतांत्रिक अधिकार प्रयोग करेगी।2
- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट के अनुसार, बैतूल के प्रभात पट्टन क्षेत्र स्थित झिरी शिवधाम मंदिर परिसर में खुदाई के दौरान जमीन के भीतर शिवलिंग जैसा स्वरूप मिलने से पूरे क्षेत्र में आस्था का माहौल बन गया है। इस सूचना के मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे, जिसके बाद दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। जानकारी के मुताबिक, मंदिर समिति द्वारा यह खुदाई मंदिर के प्रवेश द्वार के पास उस स्थान पर कराई जा रही थी, जहाँ पहाड़ी से बहकर आने वाले पानी का संग्रह किया जाता है। योजना यह थी कि इस जल का उपयोग शिव अभिषेक सहित अन्य धार्मिक कार्यों के लिए किया जाएगा। इसी खुदाई के दौरान जमीन के भीतर यह शिवलिंग जैसी आकृति दिखाई दी।1
- आठनेर विकासखण्ड क्षेत्र के सातनेर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा पंडित दीनदयाल प्रशिक्षण डिजिटल प्रमाण पत्र को लेकर एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में नगर परिषद उपाध्यक्ष विनय जितपुरे ने सातनेर में विभिन्न शक्ति केंद्र टोलियों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। जितपुरे ने टोलियों को प्रशिक्षण डिजिटल प्रमाण पत्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने संगठन द्वारा दिए गए कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए भी आवश्यक निर्देश जारी किए। यह बैठक भाजपा शक्ति केंद्र पर प्रशिक्षण डिजिटल कार्यक्रम के संबंध में आयोजित की गई थी, जिसमें अलग-अलग टोलियों के साथ चर्चा की गई।1
- आमला थाना पुलिस ने चाकूबाजी के पांच आरोपियों को इटारसी से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद, इन सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।1