बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार पर लगे आरोप निकले भ्रामक, जांच में सामने आई सच्चाई सोशल मीडिया पर बख्तियारपुर एलजेपीआर विधायक अरुण कुमार से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो में एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विधायक ने एक गाड़ी किराए पर ली, उसका भाड़ा नहीं चुकाया और बाद में रंगदारी का दबाव बनाया। जब इस पूरे मामले की JMB News की टीम ने गहन पड़ताल की, तो आरोपों की सच्चाई कुछ और ही सामने आई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वोटों की गिनती के दिन दनियावां प्रखंड के शाहजहांपुर गांव निवासी पप्पू कुमार द्वारा कार्यकर्ताओं को लाने-ले जाने के लिए गांव के ही एक व्यक्ति की गाड़ी किराए पर ली गई थी। इस प्रकरण में विधायक अरुण कुमार द्वारा स्वयं गाड़ी किराए पर लेने की कोई भूमिका नहीं थी। गाड़ी मालिक की मनमानी, आपसी सहमति में कमी और बाद में उत्पन्न पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उस समय भुगतान नहीं हो सका। जांच में यह भी सामने आया कि इस घटना को राजनीतिक साजिश के तहत तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, ताकि विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार पर लगे आरोप निकले भ्रामक, जांच में सामने आई सच्चाई सोशल मीडिया पर बख्तियारपुर एलजेपीआर विधायक अरुण कुमार से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो में एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विधायक ने एक गाड़ी किराए पर ली, उसका भाड़ा नहीं चुकाया और बाद में रंगदारी का दबाव बनाया। जब इस पूरे मामले की JMB News की टीम ने गहन पड़ताल की, तो आरोपों की सच्चाई कुछ और ही सामने आई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वोटों की गिनती के दिन दनियावां प्रखंड के शाहजहांपुर गांव निवासी पप्पू कुमार द्वारा कार्यकर्ताओं को लाने-ले जाने के लिए गांव के ही एक व्यक्ति की गाड़ी किराए पर ली गई थी। इस प्रकरण में विधायक अरुण कुमार द्वारा स्वयं गाड़ी किराए पर लेने की कोई भूमिका नहीं थी। गाड़ी मालिक की मनमानी, आपसी सहमति में कमी और बाद में उत्पन्न पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उस समय भुगतान नहीं हो सका। जांच में यह भी सामने आया कि इस घटना को राजनीतिक साजिश के तहत तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, ताकि विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।
- बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड अंतर्गत खुशहाल चक पंचायत में फॉर्मर आईडी बनाने का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पंचायत स्तर पर फॉर्मर आईडी पंजीकरण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा रहा है। कृषि समन्वयक ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 50 किसानों का केवाईसी किया जा रहा है, जबकि 20 से 25 किसानों का फॉर्मर आईडी सफलतापूर्वक तैयार किया जा रहा है। इस पहल से किसानों को विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। वहीं कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर पंचायत कार्यालय पहुंचकर पंजीकरण कराएं।1
- बख्तियारपुर : पटना जिले के बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार पर लगे आरोप भ्रामक, जांच में खुली सच्चाई, देखें क्या सफाई दिए शाहजहांपुर के पप्पू कुमार....1
- PM Awas के नाम पर रिश्वत! महिला रोती रही, सिस्टम सोता रहा बिदुपुर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा आरोप सामने आया है। ग्रामीणों का कहना है कि आवास दिलाने के बदले उनसे ₹25,000 की मांग की जा रही है। इससे नाराज़ ग्रामीणों ने विरोध किया और एक पीड़ित महिला फूट-फूट कर रो पड़ी। मौके पर पहुंचे समाजसेवी अनुज कुमार, सुनील कुमार राय, पूर्व उप-प्रमुख अशर्फी राय सहित कई लोग महिला को सांत्वना देते नजर आए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर निष्पक्ष सर्वे और सही तरीके से आवास नहीं मिला, तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे। #Bidupur #PMAYScam #AwasYojana #Ghoosखोरी #गरीबों_का_हक #PMआवासघोटाला #CorruptionInBihar #BidupurNews #BiharBreaking #JusticeForPoor #ViralNews #RuralIndia #BiharPolitics #PublicVoice3
- *कमला इमरजेंसी एंड मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पिटल पर गंभीर आरोप, परिजनों ने डॉक्टर व कर्मियों पर मारपीट और मनमानी वसूली का लगाया आरोप*.1
- दही चुड! कब किसलिए मनाया जाता है, जानिए,,BLCP ITS TEM,,ASHOK SAMRAT1
- Post by Affhtjghh Sctvdhf3
- जय मां सरस्वती जी 🌺🙏1
- बख्तियारपुर विधायक अरुण कुमार पर लगे आरोप निकले भ्रामक, जांच में सामने आई सच्चाई सोशल मीडिया पर बख्तियारपुर एलजेपीआर विधायक अरुण कुमार से जुड़ा एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। वीडियो में एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विधायक ने एक गाड़ी किराए पर ली, उसका भाड़ा नहीं चुकाया और बाद में रंगदारी का दबाव बनाया। जब इस पूरे मामले की JMB News की टीम ने गहन पड़ताल की, तो आरोपों की सच्चाई कुछ और ही सामने आई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वोटों की गिनती के दिन दनियावां प्रखंड के शाहजहांपुर गांव निवासी पप्पू कुमार द्वारा कार्यकर्ताओं को लाने-ले जाने के लिए गांव के ही एक व्यक्ति की गाड़ी किराए पर ली गई थी। इस प्रकरण में विधायक अरुण कुमार द्वारा स्वयं गाड़ी किराए पर लेने की कोई भूमिका नहीं थी। गाड़ी मालिक की मनमानी, आपसी सहमति में कमी और बाद में उत्पन्न पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उस समय भुगतान नहीं हो सका। जांच में यह भी सामने आया कि इस घटना को राजनीतिक साजिश के तहत तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया, ताकि विधायक की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।1