दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा होते ही जिले में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। जिला प्रशासन ने इस संबंध में अपनी पूरी तैयारी प्रदर्शित करते हुए बताया है कि वे निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए पूर्णतः तैयार हैं। चुनाव के लिए महत्वपूर्ण तिथियां भी जारी की गई हैं, जिनमें 6 जुलाई 2026 को राजपत्र में प्रकाशन, 13 जुलाई 2026 को नामांकन की अंतिम तिथि, 14 जुलाई 2026 को नामांकन पत्रों की जांच, और 16 जुलाई 2026 को नाम वापसी की अंतिम तिथि शामिल है। मतदान 30 जुलाई 2026 को होगा, जिसके बाद 3 अगस्त 2026 को मतगणना की जाएगी और 4 अगस्त 2026 तक पूरी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। जिले में कुल 291 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 105 शहरी और 186 ग्रामीण क्षेत्र के केंद्र शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पेयजल, शौचालय, रैंप और प्रकाश व्यवस्था जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्षा ऋतु को देखते हुए जलभराव की स्थिति से बचने के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं, साथ ही दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और महिला मतदाताओं के लिए भी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए एफएसटी, एसएसटी, वीएसटी, चेक पोस्ट और अन्य निगरानी दल सक्रिय कर दिए गए हैं। इन टीमों का मुख्य कार्य अवैध नगदी, शराब, हथियार और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली किसी भी सामग्री पर लगातार नजर रखना तथा नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करना होगा। जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है और उनसे भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों तथा आदर्श आचार संहिता का पूर्ण पालन करने की अपेक्षा की है। निर्वाचन संबंधी किसी भी शिकायत पर तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई करने का भी भरोसा दिलाया गया है। सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली सामग्री पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी की गई अधिकृत सूचनाओं से या जिला प्रशासन से अवश्य करें। मीडिया प्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी समाचार के प्रसारण या प्रकाशन से पूर्व तथ्यों का सत्यापन अवश्य करें, ताकि भ्रम या सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो। उन्हें आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, चुनाव संबंधी अफवाहों या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को देने को कहा गया है, जिससे समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। दतिया जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया श्री स्वप्निल वानखड़े ने सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने और अधिक से अधिक मतदान कर लोकतंत्र को सशक्त बनाने की अपील की है।
दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा होते ही जिले में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। जिला प्रशासन ने इस संबंध में अपनी पूरी तैयारी प्रदर्शित करते हुए बताया है कि वे निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए पूर्णतः तैयार हैं। चुनाव के लिए महत्वपूर्ण तिथियां भी जारी की गई हैं, जिनमें 6 जुलाई 2026 को राजपत्र में प्रकाशन, 13 जुलाई 2026 को नामांकन की अंतिम तिथि, 14 जुलाई 2026 को नामांकन पत्रों की जांच, और 16 जुलाई 2026 को नाम वापसी की अंतिम तिथि शामिल है। मतदान 30 जुलाई 2026 को होगा, जिसके बाद 3 अगस्त 2026 को मतगणना की जाएगी और 4 अगस्त 2026 तक पूरी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। जिले में कुल 291 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 105 शहरी और 186 ग्रामीण क्षेत्र के केंद्र शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पेयजल, शौचालय, रैंप और प्रकाश व्यवस्था जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्षा ऋतु को देखते हुए जलभराव की स्थिति से बचने के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं, साथ ही दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और महिला मतदाताओं के लिए भी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए एफएसटी, एसएसटी, वीएसटी, चेक पोस्ट और अन्य निगरानी दल सक्रिय कर दिए गए हैं। इन टीमों का मुख्य कार्य अवैध नगदी, शराब, हथियार और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली किसी भी सामग्री पर लगातार नजर रखना तथा नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करना होगा। जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है और उनसे भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों तथा आदर्श आचार संहिता का पूर्ण पालन करने की अपेक्षा की है। निर्वाचन संबंधी किसी भी शिकायत पर तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई करने का भी भरोसा दिलाया गया है। सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली सामग्री पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी की गई अधिकृत सूचनाओं से या जिला प्रशासन से अवश्य करें। मीडिया प्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी समाचार के प्रसारण या प्रकाशन से पूर्व तथ्यों का सत्यापन अवश्य करें, ताकि भ्रम या सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो। उन्हें आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, चुनाव संबंधी अफवाहों या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को देने को कहा गया है, जिससे समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। दतिया जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया श्री स्वप्निल वानखड़े ने सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने और अधिक से अधिक मतदान कर लोकतंत्र को सशक्त बनाने की अपील की है।
- दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा होते ही जिले में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। जिला प्रशासन ने इस संबंध में अपनी पूरी तैयारी प्रदर्शित करते हुए बताया है कि वे निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराने के लिए पूर्णतः तैयार हैं। चुनाव के लिए महत्वपूर्ण तिथियां भी जारी की गई हैं, जिनमें 6 जुलाई 2026 को राजपत्र में प्रकाशन, 13 जुलाई 2026 को नामांकन की अंतिम तिथि, 14 जुलाई 2026 को नामांकन पत्रों की जांच, और 16 जुलाई 2026 को नाम वापसी की अंतिम तिथि शामिल है। मतदान 30 जुलाई 2026 को होगा, जिसके बाद 3 अगस्त 2026 को मतगणना की जाएगी और 4 अगस्त 2026 तक पूरी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। जिले में कुल 291 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनमें 105 शहरी और 186 ग्रामीण क्षेत्र के केंद्र शामिल हैं। इन सभी केंद्रों पर निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पेयजल, शौचालय, रैंप और प्रकाश व्यवस्था जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वर्षा ऋतु को देखते हुए जलभराव की स्थिति से बचने के लिए भी विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं, साथ ही दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक और महिला मतदाताओं के लिए भी सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए एफएसटी, एसएसटी, वीएसटी, चेक पोस्ट और अन्य निगरानी दल सक्रिय कर दिए गए हैं। इन टीमों का मुख्य कार्य अवैध नगदी, शराब, हथियार और मतदाताओं को प्रभावित करने वाली किसी भी सामग्री पर लगातार नजर रखना तथा नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करना होगा। जिला प्रशासन ने सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है और उनसे भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों तथा आदर्श आचार संहिता का पूर्ण पालन करने की अपेक्षा की है। निर्वाचन संबंधी किसी भी शिकायत पर तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई करने का भी भरोसा दिलाया गया है। सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली सामग्री पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या अपुष्ट सूचना पर विश्वास न करें और किसी भी जानकारी की पुष्टि केवल जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी की गई अधिकृत सूचनाओं से या जिला प्रशासन से अवश्य करें। मीडिया प्रतिनिधियों से भी अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी समाचार के प्रसारण या प्रकाशन से पूर्व तथ्यों का सत्यापन अवश्य करें, ताकि भ्रम या सामाजिक सौहार्द प्रभावित न हो। उन्हें आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, चुनाव संबंधी अफवाहों या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल जिला प्रशासन को देने को कहा गया है, जिससे समय पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। दतिया जिला प्रशासन स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी, दतिया श्री स्वप्निल वानखड़े ने सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में निर्भय होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करने और अधिक से अधिक मतदान कर लोकतंत्र को सशक्त बनाने की अपील की है।1
- davokhari barrend1
- जौरा थाना क्षेत्र के गैपरा गांव के पास एक भीषण हादसा हो गया, जहाँ शुभ कार्य के लिए जा रही दो घोड़ियों की करंट लगने से घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की गहन जाँच में जुट गई है।1
- मध्य प्रदेश के सबलगढ़ में बीती रात बदमाशों ने जमकर तांडव मचाया, जहां उन्होंने दो घंटे के भीतर दो बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। पहली वारदात सबलगढ़ थाने के ठीक सामने हुई, जब करीब आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने एक दंपति को घेर लिया। बदमाशों ने महिला के साथ सरेराह छेड़छाड़ शुरू कर दी और जब पति ने अपनी पत्नी की अस्मत बचाने का प्रयास किया, तो उसे लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया। इसके बाद बदमाश दंपति से लूटपाट कर मौके से फरार हो गए। पुलिस थाने के सामने इस वारदात को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद, इन बेखौफ बदमाशों ने दूसरी घटना को अंजाम दिया। उन्होंने रास्ते से गुजर रही एक कार को रोककर उसमें सवार पूरे परिवार पर जानलेवा हमला बोल दिया। बदमाशों ने कार सवार युवक को बेरहमी से पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया, जबकि कार में मौजूद महिला से सोने की चेन, मंगलसूत्र और नगदी लूटकर रफूचक्कर हो गए। महज दो घंटे के अंतराल में हुई इन दो बड़ी वारदातों से पूरा इलाका दहल उठा है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन सनसनीखेज वारदातों के बाद लोगों में दहशत फैल गई है। हालांकि, लूटपाट के दौरान बदमाशों से एक बड़ी चूक हो गई, जब उनका एक मोबाइल फोन वारदात स्थल पर ही गिर गया। जब दो बदमाश अपना मोबाइल ढूंढने वापस घटना स्थल पर आए, तो मुस्तैद पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा।2
- राजस्थान के धौलपुर जिले के सरमथुरा इलाके के मोथियापुरा गांव में एक पांच फीट लंबा सांप निकला।1
- बाड़ी में पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के मामले को लेकर गुर्जर समाज में गहरा आक्रोश है। इस घटना के बाद आयोजित जगन गुर्जर की तीये की बैठक में समाज के सैकड़ों लोग एकजुट हुए, जहाँ श्रद्धांजलि सभा में आगे की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में गुर्जर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतराम तंवर और प्रदेश अध्यक्ष साहब सिंह गुर्जर सहित मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर और पूर्व विधायक अर्जुन सिंह चेची ने भी शिरकत की। गुर्जर समाज के युवा प्रह्लाद बैसला और रामवीर पोसवाल के साथ अन्य युवाओं ने भी अपनी बात रखी। सभी उपस्थित लोगों के बीच एक सहमति बनी, जिसके तहत सरकार से कुछ प्रमुख माँगें की गईं। समाज की मुख्य माँगों में यह शामिल है कि पगड़ी रसम तक सरकार अपने सभी लिखित वादों को पूरा करे। इसके अतिरिक्त, लाल सिंह और पान सिंह को जल्द से जल्द पेरोल दी जाए और बाड़ी थाना अधिकारी के खिलाफ तुरंत कार्यवाही की जाए। गुर्जर समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन माँगों को पूरा नहीं किया, तो पगड़ी रसम के बाद एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।4
- धौलपुर के सरमथुरा वन क्षेत्र स्थित लव कुश वाटिका में सोमवार को ‘टाइगर ट्रैकिंग एवं मॉनिटरिंग’ पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला उपवन संरक्षक (DCF) धौलपुर (टेरिटोरियल) चेतन कुमार और सहायक वन संरक्षक (ACF) चेतराम मीणा के निर्देशन में संपन्न हुई। कार्यक्रम का संचालन सरमथुरा टेरिटोरियल रेंज स्टाफ, बाघ मित्र टीम और टाइगर वॉच टीम के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बाघों की प्रभावी निगरानी, वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना था। कार्यशाला के दौरान, प्रसिद्ध ट्रैकर हरिमोहन गुर्जर ने वनकर्मियों और बाघ मित्रों को बाघों की वैज्ञानिक ट्रैकिंग, उनके पदचिह्नों की पहचान करने और प्रभावी निगरानी की आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने जंगल में सुरक्षित रहते हुए निगरानी कार्य करने के महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए। इसके अतिरिक्त, वन्यजीव संरक्षण के महत्व और मानव-बाघ संघर्ष को कम करने के विभिन्न उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसी क्रम में, फॉरेस्टर नीलेंद्र ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि बाघ दिखाई देने पर घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें और वन विभाग द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। उन्होंने हाल ही में एक बाघिन द्वारा बाघ मित्र पर किए गए हमले का भी उल्लेख किया और सुरक्षा उपायों को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया। इस कार्यक्रम में नवाब सिंह, गंगाराम, आशा मीणा सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में बाघ मित्र उपस्थित रहे।1
- गुना जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिसके तहत सभी कोचिंग संस्थानों में अब दो सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा। इन कैमरों को सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ बन सकेगी। एसपी गुना एमपी श्रीमती हितिका वासल ने सभी कोचिंग संचालकों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए सीसीटीवी कैमरे स्थापित कराने की अपील की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और पुलिस विद्यार्थियों की सुरक्षित शिक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।1