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मुजफ्फरनगर में कथित तौर पर ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए एक सब-इंस्पेक्टर को पकड़े जाने की सूचना पर पुलिस अधिकारियों ने बयान दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि "फिलहाल जांच जारी है। जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना या मामले के संबंध में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। जांच उपरांत ही पूरे प्रकरण की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।"
सचिन प्रजापति
मुजफ्फरनगर में कथित तौर पर ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए एक सब-इंस्पेक्टर को पकड़े जाने की सूचना पर पुलिस अधिकारियों ने बयान दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि "फिलहाल जांच जारी है। जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना या मामले के संबंध में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। जांच उपरांत ही पूरे प्रकरण की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।"
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- मुजफ्फरनगर में एक सब-इंस्पेक्टर को कथित तौर पर ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की सूचना सामने आने के बाद, पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे मामले पर बयान जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच जारी है और इसके पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना या इस संबंध में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि जांच पूरी होने के उपरांत ही पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी साझा की जाएगी।1
- मुजफ्फरनगर में कथित तौर पर ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए एक सब-इंस्पेक्टर को पकड़े जाने की सूचना पर पुलिस अधिकारियों ने बयान दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि "फिलहाल जांच जारी है। जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना या मामले के संबंध में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। जांच उपरांत ही पूरे प्रकरण की स्पष्ट जानकारी दी जाएगी।"1
- सीओ सिटी सिद्धार्थ के मिश्रा ने एक मामले को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय किसी भी तथ्य पर कुछ भी कहना संभव नहीं है। मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान जो भी नए तथ्य सामने आएंगे, उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा।1
- उत्तराखंड में केतन लाल हत्याकांड के बाद, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। चंद्रशेखर आजाद ने इस दौरान कहा कि परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि जब तक पुलिस सुरक्षा का भरोसा नहीं देती, वह गांव में ही रुकेंगे। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- मुजफ्फरनगर की एक अदालत ने वर्ष 1994 के बहुचर्चित रामपुर तिराहा कांड से जुड़े फर्जी हथियार बरामदगी मामले में 32 साल बाद एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने तत्कालीन थाना प्रभारी बृज किशोर तथा सिपाही अनिल और उमेश को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को डेढ़-डेढ़ वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले को उत्तराखंड आंदोलन से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों में न्याय की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। यह मामला 2 अक्टूबर 1994 का है, जब अलग उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर आंदोलनकारी दिल्ली कूच कर रहे थे और इसी दौरान मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा पर पुलिस तथा आंदोलनकारियों के बीच टकराव हुआ था। घटना के बाद, कई आंदोलनकारियों के खिलाफ अवैध हथियार बरामदगी के मुकदमे दर्ज किए गए थे। बाद में उत्तराखंड संघर्ष समिति ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद के समक्ष एक रिट के माध्यम से इस प्रकरण को चुनौती दी, जिसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई जांच में यह सामने आया कि प्रदर्शनकारियों से हथियार बरामद होने का मामला फर्जी तरीके से तैयार किया गया था। सीबीआई ने तत्कालीन थाना प्रभारी बृज किशोर और सिपाही अनिल व उमेश को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। श्री देवेंद्र फौजदार जी के न्यायालय में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद, अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के उपरांत तीनों को दोषी ठहराया। इस मामले में कुल चार आरोपी थे, जिनमें से एक आरोपी कमल किशोर की ट्रायल के दौरान मृत्यु हो गई थी। सरकारी अधिवक्ता राजीव शर्मा ने इस फैसले की जानकारी दी।4
- कानन फीड को एक उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद के रूप में प्रचारित किया जा रहा है, जिसके इस्तेमाल से बेहतरीन परिणाम मिलने का दावा किया गया है। इच्छुक व्यक्ति कानन फीड प्राप्त करने के लिए सतीश कुमार से उनके संपर्क नंबर 9412115021 पर संपर्क कर सकते हैं।2
- मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दधेड़ू कला की मस्जिद में चोरी करने के इरादे से घुसे एक युवक को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी युवक को तुरंत पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में आरोपी अजीम, जो शामली का निवासी और इलयास का पुत्र है, को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के ₹2,000 रुपये और घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया इलेक्ट्रिक टैम्पो भी बरामद किया है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, और इस मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।1
- मुजफ्फरनगर जिले के मीरापुर कस्बे में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। इस घटना को 'न्यूज़ फॉर पब्लिक लाइव' ने रिपोर्ट किया है।1