*दक्षिण पन्ना वनमण्डल की “वल्चर फ्रेंडली गौशाला” पहल को मिला विस्तार* _अब तक चार गौशालाएं हुईं स्व-प्रमाणित, गिद्ध संरक्षण में बढ़ रहा जनसहयोग_ मध्य प्रदेश वन विभाग के दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा गिद्ध संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु प्रारंभ की गई “Vulture Friendly Gaushala” सेल्फ-सर्टिफिकेशन पहल को क्षेत्र में उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। इस पहल का उद्देश्य गौशालाओं में ऐसी पशु-चिकित्सा एवं प्रबंधन पद्धतियों को सुनिश्चित करना है, जिनसे गिद्धों को हानिकारक दवाओं के अवशेषों से होने वाले खतरे से बचाया जा सके और उनके संरक्षण को मजबूत आधार मिले। पवई स्थित श्री विद्यासागर गौशाला इस पहल के अंतर्गत दक्षिण पन्ना वनमण्डल की पहली स्व-प्रमाणित “वल्चर फ्रेंडली गौशाला” बनी थी, जिसका स्व-प्रमाणन समिति अध्यक्ष नितिन कुमार जैन द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था। यह कार्य पवई रेंज ऑफिसर नितेश पटेल एवं वनरक्षक मनीष वर्मा के प्रोत्साहन से संभव हुआ। अब इस पहल से प्रेरित होकर तीन और गौशालाएं स्व-प्रमाणित “वल्चर फ्रेंडली गौशाला” के रूप में जुड़ गई हैं। मोहन्द्रा रेंज अंतर्गत मोहन्द्रा की सुरभि गौशाला का स्व-प्रमाणन अध्यक्ष/प्रबंधक जितेंद्र चौरसिया द्वारा किया गया, जिसे रेंज ऑफिसर राहुल मिश्रा एवं वनपाल जयप्रकाश नारायण दूबे ने प्रोत्साहित किया। इसी रेंज के बनौली स्थित नंदगोपाल गौशाला का स्व-प्रमाणन प्रभा बाई साहू (अध्यक्ष/कोषाध्यक्ष, नंदगोपाल तेजस्वनी स्वयं सहायता समूह) द्वारा किया गया, जिसे वन परिक्षेत्र अधिकारी राहुल मिश्रा एवं वनरक्षक ओमप्रकाश सिंह ने प्रेरित किया। वहीं सलेहा रेंज के सुगरहा स्थित गौशाला का स्व-प्रमाणन अध्यक्ष/प्रबंधक नरेंद्र सिंह परमार द्वारा किया गया, जिसे रेंज ऑफिसर जीतू सिंह बघेल एवं वनरक्षक विनोद प्रजापति का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इन सभी गौशालाओं ने स्व-प्रमाणन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि पशुओं के उपचार एवं प्रबंधन में केवल गिद्धों के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों का ही पालन किया जाएगा। Diclofenac, Aceclofenac, Ketoprofen तथा Nimesulide जैसी गिद्धों के लिए घातक दवाओं का उपयोग नहीं किया जाएगा तथा आवश्यकता होने पर Meloxicam या Tolfenamic acid जैसी सुरक्षित दवाएं ही पंजीकृत पशु चिकित्सक की सलाह से प्रयोग की जाएंगी। मृत पशुओं के निस्तारण में भी ऐसी व्यवस्था अपनाई जाएगी जिससे गिद्धों को हानिकारक अवशेष न मिलें। वन विभाग को विश्वास है कि इस पहल से क्षेत्र की अन्य गौशालाएं भी प्रेरित होंगी और गिद्ध संरक्षण के प्रयासों को व्यापक जनसहयोग प्राप्त होगा। स्थानीय समुदाय, गौशाला प्रबंधन तथा वन विभाग के समन्वित प्रयासों से दक्षिण पन्ना क्षेत्र में गिद्धों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।
*दक्षिण पन्ना वनमण्डल की “वल्चर फ्रेंडली गौशाला” पहल को मिला विस्तार* _अब तक चार गौशालाएं हुईं स्व-प्रमाणित, गिद्ध संरक्षण में बढ़ रहा जनसहयोग_ मध्य प्रदेश वन विभाग के दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा गिद्ध संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु प्रारंभ की गई “Vulture Friendly Gaushala” सेल्फ-सर्टिफिकेशन पहल को क्षेत्र में उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। इस पहल का उद्देश्य गौशालाओं में ऐसी पशु-चिकित्सा एवं प्रबंधन पद्धतियों को सुनिश्चित करना है, जिनसे गिद्धों को हानिकारक दवाओं के अवशेषों से होने वाले खतरे से बचाया जा सके और उनके संरक्षण को मजबूत आधार मिले। पवई स्थित श्री विद्यासागर गौशाला इस पहल के अंतर्गत दक्षिण
पन्ना वनमण्डल की पहली स्व-प्रमाणित “वल्चर फ्रेंडली गौशाला” बनी थी, जिसका स्व-प्रमाणन समिति अध्यक्ष नितिन कुमार जैन द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था। यह कार्य पवई रेंज ऑफिसर नितेश पटेल एवं वनरक्षक मनीष वर्मा के प्रोत्साहन से संभव हुआ। अब इस पहल से प्रेरित होकर तीन और गौशालाएं स्व-प्रमाणित “वल्चर फ्रेंडली गौशाला” के रूप में जुड़ गई हैं। मोहन्द्रा रेंज अंतर्गत मोहन्द्रा की सुरभि गौशाला का स्व-प्रमाणन अध्यक्ष/प्रबंधक जितेंद्र चौरसिया द्वारा किया गया, जिसे रेंज ऑफिसर राहुल मिश्रा एवं वनपाल जयप्रकाश नारायण दूबे ने प्रोत्साहित किया। इसी रेंज के बनौली स्थित नंदगोपाल गौशाला का स्व-प्रमाणन प्रभा बाई साहू (अध्यक्ष/कोषाध्यक्ष, नंदगोपाल
तेजस्वनी स्वयं सहायता समूह) द्वारा किया गया, जिसे वन परिक्षेत्र अधिकारी राहुल मिश्रा एवं वनरक्षक ओमप्रकाश सिंह ने प्रेरित किया। वहीं सलेहा रेंज के सुगरहा स्थित गौशाला का स्व-प्रमाणन अध्यक्ष/प्रबंधक नरेंद्र सिंह परमार द्वारा किया गया, जिसे रेंज ऑफिसर जीतू सिंह बघेल एवं वनरक्षक विनोद प्रजापति का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इन सभी गौशालाओं ने स्व-प्रमाणन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि पशुओं के उपचार एवं प्रबंधन में केवल गिद्धों के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल पद्धतियों का ही पालन किया जाएगा। Diclofenac, Aceclofenac, Ketoprofen तथा Nimesulide जैसी गिद्धों के लिए घातक दवाओं का उपयोग नहीं किया जाएगा तथा
आवश्यकता होने पर Meloxicam या Tolfenamic acid जैसी सुरक्षित दवाएं ही पंजीकृत पशु चिकित्सक की सलाह से प्रयोग की जाएंगी। मृत पशुओं के निस्तारण में भी ऐसी व्यवस्था अपनाई जाएगी जिससे गिद्धों को हानिकारक अवशेष न मिलें। वन विभाग को विश्वास है कि इस पहल से क्षेत्र की अन्य गौशालाएं भी प्रेरित होंगी और गिद्ध संरक्षण के प्रयासों को व्यापक जनसहयोग प्राप्त होगा। स्थानीय समुदाय, गौशाला प्रबंधन तथा वन विभाग के समन्वित प्रयासों से दक्षिण पन्ना क्षेत्र में गिद्धों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।
- *कल्दा रेंज के ग्राम जुर्सिंहा में वन अग्नि सुरक्षा पर जागरूकता बैठक आयोजित* दक्षिण पन्ना वनमण्डल की कल्दा रेंज अंतर्गत ग्राम जुर्सिंहा में आज ग्राम वन समिति जुर्सिंहा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन अग्नि सुरक्षा, वन एवं वन्यजीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित ग्रामीणों एवं समिति सदस्यों को वनाग्नि से होने वाले नुकसान तथा उससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करने हेतु एक जानकारीपूर्ण वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर वनरक्षक वीरेन्द्र पटेल ने अपनी कविता “जलते जंगल करें पुकार” का पाठ कर सभी को वन संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने का संदेश दिया। चर्चा के दौरान समिति के सदस्यों ने भी अपने विचार साझा किए और वनों को अग्नि से सुरक्षित रखने के लिए सामूहिक रूप से संकल्प लिया। बैठक में वन समिति अध्यक्ष अरुणपाल यादव, पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ नागरिक महाराज सिंह, वनरक्षक वीरेन्द्र पटेल सहित ग्राम वन समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ाकर वन एवं वन्यजीवों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।3
- mp 35 पन्ना जिला तहसील अजयगढ़ ग्राम पंचायत बरौली विधायक द्वारा सड़क बनाई गई है बृजेंद्र प्रताप सिंह के भजन प्रताप को बहुत-बहुत बधाई दे रहे हैं विकास के चीज में बहुत आगे हैं1
- पवई। हेहैय क्षत्रिय कलचुरी धर्मशाला पवई में भगवान सहस्त्रबाहु जी की आरती में सभी समाजबंधुओ ने भाग लिया1
- भिलसाय मंडलम में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक संपन्न ब्लॉक कांग्रेस कमेटी देवेंद्र नगर के तत्वाधान में मंडलम भिलसाय के फुलदरी मैं बैठक आयोजित की गई जिसमें जिला कांग्रेस कमेटी संगठन प्रभारी राजभान सिंह जिला कांग्रेस कमेटी जिला अध्यक्ष अनीश खान सर प्रभारी अशोक कुमार पूर्व ब्लाक अध्यक्ष आनंद शुक्ला ब्लॉक अध्यक्ष मिलन कुशवाहा के मुख्य अतिथि में एवं हिम्मत बागरी के नेतृत्व में संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई जिसमें मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के संबंध में चर्चाएं की गई1
- मध्य प्रदेश सरकार 300 की जगह 3000 कन्याओं का विवाह प्रतेक बेटी के विवाह हेतु सरकार देगी 51000 #madhyapradesh #news #cm #bageswardham #bageswardhamsarkar❣️1
- देश के फाइनेशर बैंकों ने लूट मचा रखी है ये सब हो रहा RBI कि नाक के नीचे मोदी सरकार की नाक के नीचे मोदी सरकार तो जनता को लुटवा रही नए नए टैक्स लगाकर बैंकों से कर्ज दिलाकर अमीरों को देश से भगवा रही पर लूट रहे बैंक आम जनता को कोई कुछ बोलने वाला नहीं।। RBI की कोई गाईड लाईन नहीं की बैंकों को सख्त निर्देश दिए जाए कि इतनी ब्याज दर लोगे इससे ज्यादा नहीं हर लोन की अलग ब्याज क्यों आखिर कर्ज तो कर्ज होता है।।1
- ठाकुर बाबा मंदिर में 'मधु' हमला: नईदुनिया प्रतिनिधि अजयगढ़ प्रसाद ग्रहण कर रहे बच्चों पर टूटा मधुमक्खियों का झुंड, जिला अस्पताल रेफर। पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लोलाश स्थित ठाकुर बाबा मंदिर में सोमवार 16 फरवरी को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ आयोजित कन्या भोज और भंडारा कार्यक्रम के दौरान अचानक मधुमक्खियों के एक विशाल झुंड ने हमला कर दिया, जिसमें 10 बच्चों सहित कुल 12 लोग घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, ठाकुर बाबा मंदिर परिसर में कन्या भोज का आयोजन चल रहा था। बड़ी संख्या में बच्चे, बालिकाएं और महिलाएं बैठकर प्रसाद ग्रहण कर रहे थे। तभी अचानक अज्ञात कारणों से मधुमक्खियों का झुंड भड़क गया और सीधे लोगों पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से मंदिर परिसर में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। मची अफरा-तफरी के बीच स्थानीय ग्रामीणों ने सूझबूझ और हिम्मत का परिचय दिया। लोगों ने कंबल और अन्य साधनों की मदद से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। घायलों को तत्काल अजयगढ़ स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया है। इस हमले में मुख्य रूप से मासूम बच्चे प्रभावित हुए हैं, जिनमें आयुष (5 वर्ष), आराध्या (3 वर्ष), क्रांति (9 वर्ष), इशांक (7 वर्ष) रिया (5 वर्ष), रिया (3 वर्ष), सुशांक (6 वर्ष) उमा (18 वर्ष), धरमवती (18 वर्ष) एवं अन्य शामिल है। फिलहाल सभी घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से सभी की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।4
- सनसनीखेज घटना: ठाकुर बाबा मंदिर में कन्या भोज के दौरान मधुमक्खियों ने किया हमला, 8 बच्चे-2 बालिकाएं और एक महिला घायल अजयगढ़ (पन्ना), मध्य प्रदेश – ग्राम पंचायत लोलश के प्रसिद्ध ठाकुर बाबा स्थान पर आयोजित कन्या भोज कार्यक्रम के दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने भयंकर हमला बोल दिया। इस हमले में कुल 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें अधिकांश छोटे बच्चे और बालिकाएं शामिल हैं। घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना का विवरण ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि ठाकुर बाबा मंदिर परिसर में कन्या भोज का आयोजन चल रहा था। ग्रामीणों की बच्चियां, छोटे बच्चे और महिलाएं भोजन-प्रसाद ग्रहण करने पहुंची थीं। तभी अचानक मधुमक्खियों का बड़ा झुंड आक्रमण कर बैठा। माहौल में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने हिम्मत से बच्चों और महिलाओं को बचाया और उन्हें निकटवर्ती अजयगढ़ अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत को देखते हुए सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घायलों की सूची (उम्र सहित): मुन्नी अहिरवार (45 वर्ष, महिला) आरुषि (5 वर्ष, पिता: राकेश) आयुष (5 वर्ष, पिता: जयकरण) आराध्या (3 वर्ष, पिता: बिमल) क्रांति (9 वर्ष, पिता: जयकरण) इशांक (7 वर्ष, पिता: जयकरण) उमा (18 वर्ष, पिता: शिवप्रसाद) रिया (5 वर्ष, पिता: राकेश) रिया (3 वर्ष, पिता: हरिशचंद्र) सुशांक (6 वर्ष, पिता: हरिशचंद्र) धर्मबति (18 वर्ष, पिता: शिवनंदन) कुल घायल: 11 (8 बच्चे, 2 बालिकाएं, 1 महिला) स्थानीय प्रतिक्रिया ग्रामीणों ने बताया कि मधुमक्खियों का झुंड अचानक पेड़ या आसपास के छत्ते से उड़कर आया। छोटे बच्चों पर हमला सबसे ज्यादा हुआ, जिससे कई बच्चे डर और दर्द से रोने लगे। ग्रामीणों की त्वरित मदद से बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन कई घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सावधानी का संदेश ऐसे धार्मिक आयोजनों में जहां मधुमक्खियों के छत्ते होने की आशंका हो, वहां पहले से सतर्कता बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि मधुमक्खियों को उकसाने से बचें, धुआं या तेज आवाज से उन्हें भगाया जा सकता है।4