कोटा: आरजीएचएस योजना में इलाज बंद होने से राज्य कर्मियों में आक्रोश कल कोटा कलेक्ट्रेट पर स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन करेगा कर्मचारी महासंघ कोटा। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने आरजीएचएस योजना में इलाज और दवाइयों के बंद होने के विरोध में 12 मई को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन करने का फैसला लिया है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ कोटा जिला कार्यकारिणी की बैठक लाडपुरा में जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह गांधी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिलाध्यक्ष ने आरजीएचएस योजना में इलाज बंद होने को चिकित्सा विभाग की गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया और इसमें चिकित्सा मंत्री को सीधे जिम्मेदार ठहराया।जिला मंत्री अशोक लोदवाल ने बताया कि 25 मार्च से दवाइयां बंद हैं और 14 अप्रैल से सम्पूर्ण इलाज बंद कर दिया गया है। इसके कारण प्रदेश के हजारों कर्मचारी इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कर्मचारियों की जेब से अब तक लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप महासंघ ने आरोप लगाया कि सरकार इस अत्यधिक संवेदनशील मुद्दे पर एक माह से भी अधिक समय तक कोई संज्ञान नहीं ले रही है, जो सरकार की पूरी तरह असंवेदनशीलता को दर्शाता है। जयपुर में विशाल विरोध प्रदर्शन 28 को कर्मचारियों के चिकित्सा अधिकारों की रक्षा के लिए महासंघ ने आर-पार का संघर्ष करने का निर्णय लिया है। आंदोलन के प्रथम चरण में 4 मई को मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। द्वितीय चरण में 12 मई को कोटा जिला कलेक्ट्रेट पर स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन। तृतीय चरण में 15 मई से 25 मई तक चिकित्सा मंत्री के हर राजकीय दौरे पर क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा बहिष्कार व विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। चतुर्थ चरण के तहत 28 मई को जयपुर में विशाल विरोध प्रदर्शन। शनिवार-रविवार ड्यूटी का भी किया विरोध बैठक में पशुपालन विभाग के जिलाध्यक्ष परमानंद मीणा ने बताया कि विगत तीन वर्षों से कर्मचारियों को कोई राजकीय अवकाश नहीं मिल रहा है। यहां तक कि शनिवार व रविवार को भी विभिन्न अभियानों में ड्यूटी लगाई जा रही है। इस कदम को कर्मचारियों के सामाजिक और निजी जीवन पर हमला बताया गया। राज्य महासमिति के निर्णय के अनुसार 9 मई से कर्मचारी राजकीय अवकाश और शनिवार-रविवार को कोई भी अतिरिक्त कार्य नहीं करेंगे। बैठक को इन्होंने किया संबोधित बैठक को कृषि विभाग के रामसागर मीणा, शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के दिग्विजय सिंह, एएनएम संघ की संतोष गुर्जर, सहायक कर्मचारी संघ के गजेंद्र सिंह, कृषि पर्यवेक्षक संगठन के प्रभुलाल धाकड़, भू-अभिलेख संगठन के पंकज मंत्री, पटवार संघ के सोनू सिंह गोडाला, आईएलआर के प्रफुल्ल गोयल एवं संरक्षक चंदन सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। सभी ने 12 मई के पुतला दहन कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
कोटा: आरजीएचएस योजना में इलाज बंद होने से राज्य कर्मियों में आक्रोश कल कोटा कलेक्ट्रेट पर स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन करेगा कर्मचारी महासंघ कोटा। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने आरजीएचएस योजना में इलाज और दवाइयों के बंद होने के विरोध में 12 मई को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन करने का फैसला लिया है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ कोटा जिला कार्यकारिणी की बैठक लाडपुरा में जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह गांधी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिलाध्यक्ष ने आरजीएचएस योजना में इलाज बंद होने को चिकित्सा विभाग की गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया और इसमें चिकित्सा मंत्री को सीधे जिम्मेदार ठहराया।जिला मंत्री अशोक लोदवाल ने बताया कि 25 मार्च से दवाइयां बंद हैं और 14 अप्रैल से सम्पूर्ण इलाज बंद कर दिया गया है। इसके कारण प्रदेश के हजारों कर्मचारी इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कर्मचारियों की जेब से अब
तक लगभग 300 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप महासंघ ने आरोप लगाया कि सरकार इस अत्यधिक संवेदनशील मुद्दे पर एक माह से भी अधिक समय तक कोई संज्ञान नहीं ले रही है, जो सरकार की पूरी तरह असंवेदनशीलता को दर्शाता है। जयपुर में विशाल विरोध प्रदर्शन 28 को कर्मचारियों के चिकित्सा अधिकारों की रक्षा के लिए महासंघ ने आर-पार का संघर्ष करने का निर्णय लिया है। आंदोलन के प्रथम चरण में 4 मई को मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। द्वितीय चरण में 12 मई को कोटा जिला कलेक्ट्रेट पर स्वास्थ्य मंत्री का पुतला दहन। तृतीय चरण में 15 मई से 25 मई तक चिकित्सा मंत्री के हर राजकीय दौरे पर क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा बहिष्कार व विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। चतुर्थ चरण के तहत 28 मई को जयपुर में विशाल विरोध प्रदर्शन। शनिवार-रविवार ड्यूटी का भी किया विरोध बैठक में पशुपालन विभाग
के जिलाध्यक्ष परमानंद मीणा ने बताया कि विगत तीन वर्षों से कर्मचारियों को कोई राजकीय अवकाश नहीं मिल रहा है। यहां तक कि शनिवार व रविवार को भी विभिन्न अभियानों में ड्यूटी लगाई जा रही है। इस कदम को कर्मचारियों के सामाजिक और निजी जीवन पर हमला बताया गया। राज्य महासमिति के निर्णय के अनुसार 9 मई से कर्मचारी राजकीय अवकाश और शनिवार-रविवार को कोई भी अतिरिक्त कार्य नहीं करेंगे। बैठक को इन्होंने किया संबोधित बैठक को कृषि विभाग के रामसागर मीणा, शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ के दिग्विजय सिंह, एएनएम संघ की संतोष गुर्जर, सहायक कर्मचारी संघ के गजेंद्र सिंह, कृषि पर्यवेक्षक संगठन के प्रभुलाल धाकड़, भू-अभिलेख संगठन के पंकज मंत्री, पटवार संघ के सोनू सिंह गोडाला, आईएलआर के प्रफुल्ल गोयल एवं संरक्षक चंदन सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। सभी ने 12 मई के पुतला दहन कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।
- कोटा:मजदूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने की मांग -कल इटावा में प्रतियां जलाकर करेंगे विरोध प्रदर्शन कोटा/ इटावा। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड (श्रम संहिता) का विरोध करते हुए निर्माण मजदूर 12 मई को इटावा नगर में प्रदर्शन करेंगे। सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस) के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और मजदूर विरोधी कानूनों को रद्द करने की मांग की जाएगी। सीटू निर्माण मजदूर यूनियन के कोषाध्यक्ष कामरेड प्रेम पेंटर ने बताया कि मजदूरों के लंबे संघर्ष से प्राप्त 44 श्रमिक कानूनों को केंद्र की भाजपा सरकार ने कोविड काल में बड़े कारपोरेट घरानों और पूंजीपतियों के पक्ष में बदल दिया। इन चार नई श्रम संहिताओं को जबरन थोपने का काम किया जा रहा है, जिससे मजदूरों को गुलाम बनाने वाली स्थिति पैदा हो रही है। प्रेम पेंटर ने कहा कि मजदूरों के विरोध के बावजूद सरकार इन कानूनों को लागू करने पर अड़ी हुई है। संयुक्त ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 12 मई को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।इटावा में सीटू निर्माण मजदूर यूनियन के तहसील अध्यक्ष कामरेड गोपाल लाल महावर के नेतृत्व में प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान चारों लेबर कोड बिलों की प्रतियां जलाई जाएंगी। मजदूरों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील यूनियन पदाधिकारियों ने मजदूर चौखटियों पर जाकर मजदूरों से अपील की है कि वे 12 मई के विरोध प्रदर्शन को भारी संख्या में शामिल होकर सफल बनाएं। अपील करने वालों में ये रहे शामिल मजदूर चौखटियों पर जाकर मजदूरों से अपील करने वालों में कामरेड गोपाल लाल महावर (तहसील अध्यक्ष), कामरेड प्रेम पेंटर (कोषाध्यक्ष), कामरेड मुरारीलाल बैरवा, सोनू (महामंत्री), बबलू मदारिया, रमेश गोचर एवं अन्य यूनियन कार्यकर्ता शामिल रहे। एकजुट होकर इस आंदोलन में भाग लेने की अपील सीटू ने सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, विशेषकर निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से अपील की है कि वे एकजुट होकर इस आंदोलन में भाग लें और अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करें।4
- बोरखेड़ा में सब्जी मंडी के पास जाम नालियों से क्षेत्रवासी परेशान, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान1
- कोटा सिर्फ एक शहर नहीं, लाखों सपनों की उम्मीद है। यहाँ दूर-दूर से बच्चे अपने माँ-बाप के सपने लेकर आते हैं। कोटा सिर्फ एक शहर नहीं, लाखों सपनों की उम्मीद है। यहाँ दूर-दूर से बच्चे अपने माँ-बाप के सपने लेकर आते हैं। लेकिन हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे एक दबाव, अकेलापन और डर भी छुपा होता है… जिसे समझना बहुत ज़रूरी है। मैं डॉ. नितिन शर्मा (PT) आप सभी से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ कि इन बच्चों को सिर्फ “स्टूडेंट” मत समझिए… ये भी किसी के बेटे-बेटी हैं, किसी माँ की दुआ और किसी पिता की उम्मीद हैं। अगर आपके आसपास कोई बच्चा परेशान दिखे, चुप रहने लगा हो, तनाव में हो… तो उससे बस 5 मिनट प्यार से बात कर लीजिए। कभी-कभी एक अपनापन, एक मुस्कान, एक सहारा… किसी की जिंदगी बचा सकता है। आइए, हम सब मिलकर कोटा में ऐसा माहौल बनाएं जहाँ हर बच्चा खुद को अकेला नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा महसूस करे। “रैंक से पहले जिंदगी जरूरी है… और सपनों से पहले इंसानियत।”1
- नहीं थम रहा कोटा के अस्पताल में प्रस्तुताओ की मौत का सिलसिला आखिर प्रशासन क्यों नहीं समाल पा रहा है स्थित इस वक्त की बड़ी खबर कोटा से जेके लोन में एक और मौत! दो दिन तक बिगड़ती रही हालत, किडनी फेल्योर छिपाने के आरोप के बीच पिंकी महावर ने तोड़ा दम हालत हाथ से निकली तो देर रात एसएसबी भेजा, वेंटिलेटर पर मौत जेके लोन पर फिर उठे सवाल, यूरिन बंद, बीपी लो, दो ऑपरेशन के बाद भी ICU में रखा… आखिर क्यों छिपाया केस...? दो दिन तक हालत बिगड़ती रही, फिर आनन-फानन में एसएसबी रेफर कोटा के अस्पतालों में माताओं की मौत का सिलसिला जारी पिंकी महावर की मौत के बाद फिर घिरा जेके लोन प्रशासन3
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की NNW दिशा प्रेम, आकर्षण और भावनात्मक जुड़ाव के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि इस दिशा में गंदगी, अंधेरा या दोष हों, तो पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव और दूरियां आ सकती हैं। यह दिशा व्यवसाय में ग्राहकों को आकर्षित करने में भी अहम भूमिका निभाती है, इसलिए इसे संतुलित रखना फायदेमंद है।1
- बंगाल में 'तथाकथित दीदी' पर हिंदुओं के साथ 'अन्याय और अत्याचार की इंतिहा' करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन घटनाओं को बदलाव या बदले की कार्रवाई का नतीजा बताया जा रहा है, जिसे 'यह तो होना ही था' कहकर अभिव्यक्त किया गया है।1
- मातृ दिवस के अवसर पर कोटा में माताओं के अनगिनत अनकहे प्रयासों को सलाम किया गया। यह दिन उनके अथक त्याग और निःस्वार्थ प्रेम को समर्पित है, जिसकी कोई तुलना नहीं।1
- कोटा अस्पताल में प्रसूताओं की मौत पर ये विडिओ आपके रोंगटे खडे कर देगा, इसे देखोगे तो शेयर करने को मजबूर हो जाओगे।।1