कोटा सिर्फ एक शहर नहीं, लाखों सपनों की उम्मीद है। यहाँ दूर-दूर से बच्चे अपने माँ-बाप के सपने लेकर आते हैं। कोटा सिर्फ एक शहर नहीं, लाखों सपनों की उम्मीद है। यहाँ दूर-दूर से बच्चे अपने माँ-बाप के सपने लेकर आते हैं। लेकिन हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे एक दबाव, अकेलापन और डर भी छुपा होता है… जिसे समझना बहुत ज़रूरी है। मैं डॉ. नितिन शर्मा (PT) आप सभी से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ कि इन बच्चों को सिर्फ “स्टूडेंट” मत समझिए… ये भी किसी के बेटे-बेटी हैं, किसी माँ की दुआ और किसी पिता की उम्मीद हैं। अगर आपके आसपास कोई बच्चा परेशान दिखे, चुप रहने लगा हो, तनाव में हो… तो उससे बस 5 मिनट प्यार से बात कर लीजिए। कभी-कभी एक अपनापन, एक मुस्कान, एक सहारा… किसी की जिंदगी बचा सकता है। आइए, हम सब मिलकर कोटा में ऐसा माहौल बनाएं जहाँ हर बच्चा खुद को अकेला नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा महसूस करे। “रैंक से पहले जिंदगी जरूरी है… और सपनों से पहले इंसानियत।”
कोटा सिर्फ एक शहर नहीं, लाखों सपनों की उम्मीद है। यहाँ दूर-दूर से बच्चे अपने माँ-बाप के सपने लेकर आते हैं। कोटा सिर्फ एक शहर नहीं, लाखों सपनों की उम्मीद है। यहाँ दूर-दूर से बच्चे अपने माँ-बाप के सपने लेकर आते हैं। लेकिन हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे एक दबाव, अकेलापन और डर भी छुपा होता है… जिसे समझना बहुत ज़रूरी है। मैं डॉ. नितिन शर्मा (PT) आप सभी से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ कि इन बच्चों को सिर्फ “स्टूडेंट” मत समझिए… ये भी किसी के बेटे-बेटी हैं, किसी माँ की दुआ और किसी पिता की उम्मीद हैं। अगर आपके आसपास कोई बच्चा परेशान दिखे, चुप रहने लगा हो, तनाव में हो… तो उससे बस 5 मिनट प्यार से बात कर लीजिए। कभी-कभी एक अपनापन, एक मुस्कान, एक सहारा… किसी की जिंदगी बचा सकता है। आइए, हम सब मिलकर कोटा में ऐसा माहौल बनाएं जहाँ हर बच्चा खुद को अकेला नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा महसूस करे। “रैंक से पहले जिंदगी जरूरी है… और सपनों से पहले इंसानियत।”
- कोटा: 46 जोड़ों ने साथ जीने मरने की खाईं कसमें -कोटा में लोहारान विकास समिति का सामूहिक निकाह समारोह सम्पन्न कोटा। लोहारान विकास समिति की ओर से सोमवार को रंगबाड़ी स्थित महर्षि गौतम सामुदायिक भवन, परशुराम वाटिका मैरिज गार्डन में रविवार को भव्य इज्तेमाई निकाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें 46 जोड़ों ने एक साथ वैवाहिक बंधन में बंधकर गृहस्थी की शुरुआत की। समिति के अध्यक्ष मोहम्मद रईस ने बताया कि पूरे आयोजन को डिस्पोजल फ्री रखा गया। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक और डिस्पोजेबल सामग्री के इस्तेमाल से पूरी तरह परहेज किया गया। नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी की शुरुआत के लिए आवश्यक घरेलू सामान भी वितरित किए गए। सरकारी सहायता भी मिलेगी समाज कल्याण विभाग की ओर से प्रत्येक जोड़े को 21 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में शामिल अतिथियों और आए हुए लोगों की भोजन व्यवस्था का पूरा खर्च स्थानीय समाजसेवी व जेके फैक्ट्री के मजदूरों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहे कॉमरेड हबीब खान ने वहन किया। समाज में मिल रही सराहना इस सामूहिक निकाह कार्यक्रम को समाज में सराहना मिल रही है, क्योंकि इसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवक-युवतियों को सस्ते और सुव्यवस्थित तरीके से विवाह करने का अवसर मिला।1
- बोरखेड़ा में अवैध सब्जी मंडी से बढ़ी परेशानी, अवैध तरीके से सब्जी विक्रेताओं से किराया वसूला जा रहा है1
- कोटा सिर्फ एक शहर नहीं, लाखों सपनों की उम्मीद है। यहाँ दूर-दूर से बच्चे अपने माँ-बाप के सपने लेकर आते हैं। कोटा सिर्फ एक शहर नहीं, लाखों सपनों की उम्मीद है। यहाँ दूर-दूर से बच्चे अपने माँ-बाप के सपने लेकर आते हैं। लेकिन हर मुस्कुराते चेहरे के पीछे एक दबाव, अकेलापन और डर भी छुपा होता है… जिसे समझना बहुत ज़रूरी है। मैं डॉ. नितिन शर्मा (PT) आप सभी से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूँ कि इन बच्चों को सिर्फ “स्टूडेंट” मत समझिए… ये भी किसी के बेटे-बेटी हैं, किसी माँ की दुआ और किसी पिता की उम्मीद हैं। अगर आपके आसपास कोई बच्चा परेशान दिखे, चुप रहने लगा हो, तनाव में हो… तो उससे बस 5 मिनट प्यार से बात कर लीजिए। कभी-कभी एक अपनापन, एक मुस्कान, एक सहारा… किसी की जिंदगी बचा सकता है। आइए, हम सब मिलकर कोटा में ऐसा माहौल बनाएं जहाँ हर बच्चा खुद को अकेला नहीं, बल्कि परिवार का हिस्सा महसूस करे। “रैंक से पहले जिंदगी जरूरी है… और सपनों से पहले इंसानियत।”1
- नहीं थम रहा कोटा के अस्पताल में प्रस्तुताओ की मौत का सिलसिला आखिर प्रशासन क्यों नहीं समाल पा रहा है स्थित इस वक्त की बड़ी खबर कोटा से जेके लोन में एक और मौत! दो दिन तक बिगड़ती रही हालत, किडनी फेल्योर छिपाने के आरोप के बीच पिंकी महावर ने तोड़ा दम हालत हाथ से निकली तो देर रात एसएसबी भेजा, वेंटिलेटर पर मौत जेके लोन पर फिर उठे सवाल, यूरिन बंद, बीपी लो, दो ऑपरेशन के बाद भी ICU में रखा… आखिर क्यों छिपाया केस...? दो दिन तक हालत बिगड़ती रही, फिर आनन-फानन में एसएसबी रेफर कोटा के अस्पतालों में माताओं की मौत का सिलसिला जारी पिंकी महावर की मौत के बाद फिर घिरा जेके लोन प्रशासन3
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की NNW दिशा प्रेम, आकर्षण और भावनात्मक जुड़ाव के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। यदि इस दिशा में गंदगी, अंधेरा या दोष हों, तो पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव और दूरियां आ सकती हैं। यह दिशा व्यवसाय में ग्राहकों को आकर्षित करने में भी अहम भूमिका निभाती है, इसलिए इसे संतुलित रखना फायदेमंद है।1
- बंगाल में 'तथाकथित दीदी' पर हिंदुओं के साथ 'अन्याय और अत्याचार की इंतिहा' करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन घटनाओं को बदलाव या बदले की कार्रवाई का नतीजा बताया जा रहा है, जिसे 'यह तो होना ही था' कहकर अभिव्यक्त किया गया है।1
- मातृ दिवस के अवसर पर कोटा में माताओं के अनगिनत अनकहे प्रयासों को सलाम किया गया। यह दिन उनके अथक त्याग और निःस्वार्थ प्रेम को समर्पित है, जिसकी कोई तुलना नहीं।1
- कोटा:मजदूर विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने की मांग -कल इटावा में प्रतियां जलाकर करेंगे विरोध प्रदर्शन कोटा/ इटावा। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चार लेबर कोड (श्रम संहिता) का विरोध करते हुए निर्माण मजदूर 12 मई को इटावा नगर में प्रदर्शन करेंगे। सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस) के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और मजदूर विरोधी कानूनों को रद्द करने की मांग की जाएगी। सीटू निर्माण मजदूर यूनियन के कोषाध्यक्ष कामरेड प्रेम पेंटर ने बताया कि मजदूरों के लंबे संघर्ष से प्राप्त 44 श्रमिक कानूनों को केंद्र की भाजपा सरकार ने कोविड काल में बड़े कारपोरेट घरानों और पूंजीपतियों के पक्ष में बदल दिया। इन चार नई श्रम संहिताओं को जबरन थोपने का काम किया जा रहा है, जिससे मजदूरों को गुलाम बनाने वाली स्थिति पैदा हो रही है। प्रेम पेंटर ने कहा कि मजदूरों के विरोध के बावजूद सरकार इन कानूनों को लागू करने पर अड़ी हुई है। संयुक्त ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 12 मई को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।इटावा में सीटू निर्माण मजदूर यूनियन के तहसील अध्यक्ष कामरेड गोपाल लाल महावर के नेतृत्व में प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान चारों लेबर कोड बिलों की प्रतियां जलाई जाएंगी। मजदूरों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील यूनियन पदाधिकारियों ने मजदूर चौखटियों पर जाकर मजदूरों से अपील की है कि वे 12 मई के विरोध प्रदर्शन को भारी संख्या में शामिल होकर सफल बनाएं। अपील करने वालों में ये रहे शामिल मजदूर चौखटियों पर जाकर मजदूरों से अपील करने वालों में कामरेड गोपाल लाल महावर (तहसील अध्यक्ष), कामरेड प्रेम पेंटर (कोषाध्यक्ष), कामरेड मुरारीलाल बैरवा, सोनू (महामंत्री), बबलू मदारिया, रमेश गोचर एवं अन्य यूनियन कार्यकर्ता शामिल रहे। एकजुट होकर इस आंदोलन में भाग लेने की अपील सीटू ने सभी असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, विशेषकर निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से अपील की है कि वे एकजुट होकर इस आंदोलन में भाग लें और अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करें।4