33 साल से प्लॉट का इंतजार, स्कीम 171 के पीड़ितों ने सीएम से लगाई गुहार इंदौर की स्कीम नंबर 171 के प्लॉट धारकों ने एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर अपनी समस्या के समाधान की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि करीब छह हजार प्लॉट धारक पिछले 33 वर्षों से परेशान हैं। पूरी रकम जमा करने और बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली है। मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत करते हुए उन्होंने दीपावली से पहले समाधान की गुहार लगाई। वीओ: अपने घर का सपना लेकर वर्षों पहले प्लॉट खरीदने वाले परिवार आज भी समाधान का इंतजार कर रहे हैं। स्कीम नंबर 171 के करीब 100 पीड़ित महिलाएं और पुरुष अपनी परेशानी मुख्यमंत्री तक पहुंचाने एयरपोर्ट पहुंचे। प्लॉट धारकों का दावा है कि 1993 में आई इस स्कीम में उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई लगाकर प्लॉट खरीदे थे। उनका यह भी कहना है कि विकास और फ्रीहोल्ड के नाम पर प्राधिकरण की ओर से मांगे गए 5 करोड़ 84 लाख रुपये के साथ जीएसटी भी जमा किया जा चुका है। इसके बावजूद उनके प्लॉट संबंधी मामले अब तक नहीं सुलझे हैं और वे अपना मकान नहीं बना पाए हैं। पीड़ितों के मुताबिक, आईडीए कार्यालय से लेकर संबंधित अधिकारियों तक कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान नहीं निकला। मुलाकात करने पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि लंबे इंतजार और आर्थिक परेशानी का असर बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसे पारिवारिक दायित्वों पर भी पड़ रहा है। बाइट: एस. पी. श्रीवास्तव, प्लॉट धारक, इंदौर
33 साल से प्लॉट का इंतजार, स्कीम 171 के पीड़ितों ने सीएम से लगाई गुहार इंदौर की स्कीम नंबर 171 के प्लॉट धारकों ने एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर अपनी समस्या के समाधान की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि करीब छह हजार प्लॉट धारक पिछले 33 वर्षों से परेशान हैं। पूरी रकम जमा करने और बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली है। मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत करते हुए उन्होंने दीपावली से पहले समाधान की गुहार लगाई। वीओ: अपने घर का सपना लेकर वर्षों पहले प्लॉट खरीदने वाले परिवार आज भी समाधान का इंतजार कर रहे हैं। स्कीम नंबर 171 के करीब 100 पीड़ित महिलाएं और पुरुष अपनी परेशानी मुख्यमंत्री तक पहुंचाने एयरपोर्ट पहुंचे। प्लॉट धारकों का दावा है कि 1993 में आई इस स्कीम में उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई लगाकर प्लॉट खरीदे थे। उनका यह भी कहना है कि विकास और फ्रीहोल्ड के नाम पर प्राधिकरण की ओर से मांगे गए 5 करोड़ 84 लाख रुपये के साथ जीएसटी भी जमा किया जा चुका है। इसके बावजूद उनके प्लॉट संबंधी मामले अब तक नहीं सुलझे हैं और वे अपना मकान नहीं बना पाए हैं। पीड़ितों के मुताबिक, आईडीए कार्यालय से लेकर संबंधित अधिकारियों तक कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान नहीं निकला। मुलाकात करने पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि लंबे इंतजार और आर्थिक परेशानी का असर बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसे पारिवारिक दायित्वों पर भी पड़ रहा है। बाइट: एस. पी. श्रीवास्तव, प्लॉट धारक, इंदौर
- हार्ट अटैक क्यों आता है हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ प्रदीप गुप्ता से जाने इंदौर प्रेस क्लब इंदौर में हृदय रोगों के बढ़ते मामलों, कम उम्र में हार्ट अटैक की घटनाओं और हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव को लेकर आज एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गयी जिसमे विश्वभर में हर साल लगभग दो करोड़ मौतों का कारण हृदय रोग बनते हैं, ज कुल मौतों का करीब 33 प्रतिशत है। lचिंता की बात यह है कि इनमें से लगभग 75 प्रतिशत मौतें मध्यम और निम्न आय वाले देशों में होती हैं, जिनमें भारत भी शामिल है। वही इसी गंभीर विषय पर विशेषज् चिकित्सक हृदय रोगों के प्रमुख कारणों, बदलती जीवनशैली, प्रदूषण, मोटापे और समय रहते बीमारी की पहचान कर बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा करी गयी। हृदय रोग आज पूरी दुनिया के सामने एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका हैं। वही विश्व हृदय महासंघ के अनुसार, समय रहते जागरूकता, नियमित स्वास्थ्य जांच और जीवनशैली में सुधार के माध्यम से हृदय संबंधी बीमारियों तथा स्ट्रोक के अनेक मामलों को रोका जा सकता है। इसी उद्देश्य से आज इंदौर के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हृदय रोगों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञ ने अपनी बात रखीं। वही विश्व हृदय महासंघ के अध्यक्ष एवं यूएसए से जुड़े डॉ. जगत नरूला हृदय रोगों के इतिहास,l प्राचीन समय से लेकर आधुनिक चिकित्सा विज्ञान तक हुए बदलावों और शुरुआती स्तर पर रोकथाम के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं इंदौर के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ए. के. पंचोलिया इस सवाल पर चर्चा करी कि भारत में कम उम्रlमें लोगों को दिल के दौरे क्यों पड़ रहे हैं और शुरुआती लक्षणों की पहचान समय पर क्यों नहीं हो पाती। इसके साथ ही वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ एवं सीएसआई इंदौर के उपाध्यक्ष डॉ. राकेश जैन प्रदूषण, प्लास्टिक और मोटापे को हृदय रोगों केबढ़ते जोखिम से जोड़ते हुए इनके प्रभावोंl पर जानकारी भी दी। वही सीएसआई इंदौर के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप गुप्ता जीवनशैली को हृदय स्वास्थ्य से जोड़ते हुए बताया कि इसमें खानपान में सुधार, नियमित शारीरिक गतिविधि, वजन परनियंत्रण, तंबाकू से दूरी और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच किस तरह हृदय रोगों के खतरे को कम करने मेंमदद कर सकती है। वही इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य आम जनता को हृदय रोगों के कारणों, शुरुआती संकेतों और बचाव के प्रभावी उपायों के प्रति जागरूक करना है, ताकि लोग समय रहते आवश्यक सावधानियां अपना सकें और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकें1
- आज कलेक्टर कार्यालय के बाहर कोटवालों ने अपनी मांगों को लेकर आवेदन दिया1
- 33 साल से प्लॉट का इंतजार, स्कीम 171 के पीड़ितों ने सीएम से लगाई गुहार इंदौर की स्कीम नंबर 171 के प्लॉट धारकों ने एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर अपनी समस्या के समाधान की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि करीब छह हजार प्लॉट धारक पिछले 33 वर्षों से परेशान हैं। पूरी रकम जमा करने और बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली है। मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत करते हुए उन्होंने दीपावली से पहले समाधान की गुहार लगाई। वीओ: अपने घर का सपना लेकर वर्षों पहले प्लॉट खरीदने वाले परिवार आज भी समाधान का इंतजार कर रहे हैं। स्कीम नंबर 171 के करीब 100 पीड़ित महिलाएं और पुरुष अपनी परेशानी मुख्यमंत्री तक पहुंचाने एयरपोर्ट पहुंचे। प्लॉट धारकों का दावा है कि 1993 में आई इस स्कीम में उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई लगाकर प्लॉट खरीदे थे। उनका यह भी कहना है कि विकास और फ्रीहोल्ड के नाम पर प्राधिकरण की ओर से मांगे गए 5 करोड़ 84 लाख रुपये के साथ जीएसटी भी जमा किया जा चुका है। इसके बावजूद उनके प्लॉट संबंधी मामले अब तक नहीं सुलझे हैं और वे अपना मकान नहीं बना पाए हैं। पीड़ितों के मुताबिक, आईडीए कार्यालय से लेकर संबंधित अधिकारियों तक कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान नहीं निकला। मुलाकात करने पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि लंबे इंतजार और आर्थिक परेशानी का असर बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसे पारिवारिक दायित्वों पर भी पड़ रहा है। बाइट: एस. पी. श्रीवास्तव, प्लॉट धारक, इंदौर1
- आइसक्रीम पार्लर में छिपाकर रखे थे पटाखे! एरोड्रम पुलिस ने 50 बोरी माचिस बम किए जब्त1
- मातारानी के भव्य आयोजन को लेकर बेड़िया थाने में बैठक, SDOP मुकेश इजारदार ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश 🚨 ब्रेकिंग न्यूज़ | बेड़िया, मध्य प्रदेश 🚨 बेड़िया। आगामी मातारानी के भव्य आयोजन को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से बेड़िया थाना परिसर में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़वाह से आए SDOP मुकेश इजारदार एवं बेड़िया थाना प्रभारी रमेश्वर ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था, नगर भ्रमण, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस अधिकारियों ने आयोजन समिति को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए प्रशासन द्वारा निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही। इसके साथ ही डीजे की आवाज एवं संचालन के निर्धारित समय का पालन करने तथा आयोजन के दौरान शांति और अनुशासन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। SDOP मुकेश इजारदार एवं थाना प्रभारी रमेश्वर ठाकुर ने आयोजन समिति के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे आपसी सहयोग और जिम्मेदारी के साथ कार्यक्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। बैठक में आयोजन समिति के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। 📍 स्थान: बेड़िया थाना परिसर, मध्य प्रदेश MP News Desk | Indian News 20 | Madhya Pradesh 🖋️ Reporter: Ravindra Gokhale1
- इंदौर में समग्र स्वास्थ्य, भारतीय चिकित्सा परंपराओं और आधुनिक अनुसंधान को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से नेशनल होलिस्टिक हेल्थ कॉन्फ्रेंस हेल्थकॉन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। वही 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से 1200 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। वही इस सम्मेलन में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी सहित विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा होगी। साथ ही शोधपत्रों की प्रस्तुति, विशेषज्ञों का सम्मान और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इंदौर के श्रीराम तालावली, धार रोड स्थित चौधरीराम नेत्रालय परिसर में 31 अक्टूबर एवं 1 नवंबर 2026 को नेशनल होलिस्टिक हेल्थ कॉन्फ्रेंस हेल्थकॉन का आयोजन किया जा रहा है। वही चौधरीराम नेत्रालय एवं ईडीयू सीरम ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा को प्रोत्साहित करना और भारतीय चिकित्सा परंपराओं और आधुनिक अनुसंधान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। वही इस सम्मेलन में देशभर से 1200 से अधिक प्रतिनिधियों की सहभागिता की संभावना है। वही इस आयोजन की विशेषता यह है कि इसमें आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी प्रमुख आयुष चिकित्सा पद्धतियों को एक साझा मंच पर लाया जा रहा है, जहां चिकित्सा विशेषज्ञ, चिकित्सक, शिक्षाविद और शोधकर्ता अपने अपने अनुभव, ज्ञान और अनुसंधान के निष्कर्षों को साझा करेंगे। वही आयोजकों के अनुसार, विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के बीच संवाद और समन्वय को बढ़ावा देकर समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा को मजबूत करना सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है। वही इसके साथ ही सम्मेलन में चयनित उत्कृष्ट शोधपत्रों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा और श्रेष्ठ शोध कार्यों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। वही इस आयुष चिकित्सा पद्धतियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चयनित विशेषज्ञों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित भी किया जाएगा। कार्यक्रम के अध्यक्ष अश्विनी वर्मा तथा संयोजक डॉ. उषा उंकाडे और डॉ. हेमंत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हेल्थकॉन 2026 चिकित्सा विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा। वही यह आयोजन अनुसंधान, नवाचार और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के बीच सहयोग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वही इस सम्मेलन के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्ध अनुभवों और नई शोध तकनीकों पर विचार-विमर्श के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। कुल मिलाकर, हेल्थकॉन 2026 का उद्देश्य ज्ञान का आदान-प्रदान करना, अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। के भास्कर समाचार के लिए मुश्ताक शेख की रिपोर्ट इंदौर में समग्र स्वास्थ्य, भारतीय चिकित्सा परंपराओं और आधुनिक अनुसंधान को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से नेशनल होलिस्टिक हेल्थ कॉन्फ्रेंस हेल्थकॉन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। वही 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को आयोजित होने वाले इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से 1200 से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। वही इस सम्मेलन में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी सहित विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा होगी। साथ ही शोधपत्रों की प्रस्तुति, विशेषज्ञों का सम्मान और चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इंदौर के श्रीराम तालावली, धार रोड स्थित चौधरीराम नेत्रालय परिसर में 31 अक्टूबर एवं 1 नवंबर 2026 को नेशनल होलिस्टिक हेल्थ कॉन्फ्रेंस हेल्थकॉन का आयोजन किया जा रहा है। वही चौधरीराम नेत्रालय एवं ईडीयू सीरम ग्रुप ऑफ कॉलेजेस के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा को प्रोत्साहित करना और भारतीय चिकित्सा परंपराओं और आधुनिक अनुसंधान के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। वही इस सम्मेलन में देशभर से 1200 से अधिक प्रतिनिधियों की सहभागिता की संभावना है। वही इस आयोजन की विशेषता यह है कि इसमें आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी प्रमुख आयुष चिकित्सा पद्धतियों को एक साझा मंच पर लाया जा रहा है, जहां चिकित्सा विशेषज्ञ, चिकित्सक, शिक्षाविद और शोधकर्ता अपने अपने अनुभव, ज्ञान और अनुसंधान के निष्कर्षों को साझा करेंगे। वही आयोजकों के अनुसार, विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के बीच संवाद और समन्वय को बढ़ावा देकर समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा को मजबूत करना सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है। वही इसके साथ ही सम्मेलन में चयनित उत्कृष्ट शोधपत्रों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा और श्रेष्ठ शोध कार्यों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। वही इस आयुष चिकित्सा पद्धतियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चयनित विशेषज्ञों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित भी किया जाएगा। कार्यक्रम के अध्यक्ष अश्विनी वर्मा तथा संयोजक डॉ. उषा उंकाडे और डॉ. हेमंत शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि हेल्थकॉन 2026 चिकित्सा विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच प्रदान करेगा। वही यह आयोजन अनुसंधान, नवाचार और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के बीच सहयोग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वही इस सम्मेलन के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में उपलब्ध अनुभवों और नई शोध तकनीकों पर विचार-विमर्श के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की जाएगी। कुल मिलाकर, हेल्थकॉन 2026 का उद्देश्य ज्ञान का आदान-प्रदान करना, अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और समग्र स्वास्थ्य की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। के भास्कर समाचार के लिए मुश्ताक शेख की रिपोर्ट1
- Indore : 56 दुकान पर ट्रैफिक पुलिस का जागरूकता अभियान | Sonali Soni | Road Safety | Indore News1
- 33 साल से प्लॉट का इंतजार, स्कीम 171 के पीड़ितों ने सीएम से लगाई गुहार इंदौर की स्कीम नंबर 171 के प्लॉट धारकों ने एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर अपनी समस्या के समाधान की मांग की। पीड़ितों का कहना है कि करीब छह हजार प्लॉट धारक पिछले 33 वर्षों से परेशान हैं। पूरी रकम जमा करने और बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली है। मुख्यमंत्री का फूल-मालाओं से स्वागत करते हुए उन्होंने दीपावली से पहले समाधान की गुहार लगाई। वीओ: अपने घर का सपना लेकर वर्षों पहले प्लॉट खरीदने वाले परिवार आज भी समाधान का इंतजार कर रहे हैं। स्कीम नंबर 171 के करीब 100 पीड़ित महिलाएं और पुरुष अपनी परेशानी मुख्यमंत्री तक पहुंचाने एयरपोर्ट पहुंचे। प्लॉट धारकों का दावा है कि 1993 में आई इस स्कीम में उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई लगाकर प्लॉट खरीदे थे। उनका यह भी कहना है कि विकास और फ्रीहोल्ड के नाम पर प्राधिकरण की ओर से मांगे गए 5 करोड़ 84 लाख रुपये के साथ जीएसटी भी जमा किया जा चुका है। इसके बावजूद उनके प्लॉट संबंधी मामले अब तक नहीं सुलझे हैं और वे अपना मकान नहीं बना पाए हैं। पीड़ितों के मुताबिक, आईडीए कार्यालय से लेकर संबंधित अधिकारियों तक कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन समाधान नहीं निकला। मुलाकात करने पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि लंबे इंतजार और आर्थिक परेशानी का असर बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसे पारिवारिक दायित्वों पर भी पड़ रहा है। बाइट: एस. पी. श्रीवास्तव, प्लॉट धारक, इंदौर1