कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को खातौली क्षेत्र को ₹71 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी, जिसका उन्होंने लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी मौजूद रहे। बिरला ने बताया कि खातौली में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, जिसे एक-एक करके पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झरेल पुलिया का कार्य पूरा होने से यह क्षेत्र सीधे सवाई माधोपुर से मात्र 20-25 मिनट में जुड़ जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार के समन्वय से श्योपुर को जोड़ने के लिए ₹70 करोड़ की पुलिया भी स्वीकृत की गई है, जिससे खातौली से श्योपुर-बड़ौदा की दूरी काफी कम हो जाएगी। बिरला के अनुसार, यह सड़क कनेक्टिविटी कोटा-बून्दी की समृद्धि और खुशहाली का सबसे बड़ा आधार बनेगी। पीने के पानी की समस्या पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि नौनेरा बांध से हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा, जिससे फ्लोराइड की समस्या और पानी के लिए लंबी दूरी तय करने की माताओं-बहनों की परेशानी खत्म होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'हर घर नल योजना' के तहत गांवों को शहर जैसा शुद्ध पानी मिलने का भी जिक्र किया। बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए, बिरला ने ₹36 करोड़ की लागत के 132 केवी जीएसएस का शिलान्यास किया, जिससे खातौली क्षेत्र में बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या समाप्त होगी और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त 33 केवी सब-स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, ₹25 करोड़ की लागत से नहरों का सुदृढीकरण और सफाई का कार्य कराया जा रहा है, ताकि अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके। जहाँ पानी नहीं पहुँचता, वहाँ ईआरसीपी योजना के माध्यम से हर खेत तक पानी पहुँचाने का कार्य किया जाएगा। खातौली में उपजिला चिकित्सालय का कार्य भी शुरू हो चुका है, जिससे स्थानीय नागरिकों को उपचार के लिए कोटा-माधोपुर नहीं जाना पड़ेगा और डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को जोरावरपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बालूपा में उप स्वास्थ्य केंद्र, स्टेट हाईवे-70 का दो लेन से चार लेन चौड़ीकरण, विभिन्न गाँवों को जोड़ने वाली नई सड़कें, पुलियों का जीर्णोद्धार, संपर्क मार्ग, कृषि उपज मंडी खातौली का विकास, हाट बाजार एवं सब्जी मंडी, राजीविका सीएलएफ भवन, सामुदायिक भवन, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, मुक्तिधाम विकास, पेयजल और पर्यटन स्थल झरेल के बालाजी के विकास कार्यों सहित कई सौगातें मिलीं। कार्यक्रम को जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा, महिला मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता रजनी सोनी, मार्केटिंग अध्यक्ष इटावा अर्जुनलाल मीणा, मंडल अध्यक्ष वीरेन्द्र सुमन, पूर्व प्रधान मानवेन्द्र सिंह, एस.टी. मोर्चा प्रदेश महामंत्री अशोक मीणा, प्रदेश प्रवक्ता ओमप्रकाश मीणा, आशा त्रिवेदी, पवन हाड़ा, सुल्तान बैरवा, लेखराज बैरवा और रणजीत आर्य सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। बिरला ने ज़ोर देते हुए कहा कि सड़क कनेक्टिविटी ही कोटा-बून्दी की समृद्धि का आधार बन रही है।
कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को खातौली क्षेत्र को ₹71 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी, जिसका उन्होंने लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी मौजूद रहे। बिरला ने बताया कि खातौली में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, जिसे एक-एक करके पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झरेल पुलिया का कार्य पूरा होने से यह क्षेत्र सीधे सवाई माधोपुर से मात्र 20-25 मिनट में जुड़ जाएगा। मध्य प्रदेश सरकार के समन्वय से श्योपुर को जोड़ने के लिए ₹70 करोड़ की पुलिया भी स्वीकृत की गई है, जिससे खातौली से श्योपुर-बड़ौदा की दूरी काफी कम हो जाएगी। बिरला के अनुसार, यह सड़क कनेक्टिविटी कोटा-बून्दी की समृद्धि और खुशहाली का सबसे बड़ा आधार बनेगी। पीने के पानी की समस्या पर बोलते हुए, उन्होंने कहा कि नौनेरा बांध से हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा, जिससे फ्लोराइड की समस्या और पानी के लिए लंबी दूरी तय करने की माताओं-बहनों की परेशानी खत्म होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'हर घर नल योजना' के तहत गांवों को शहर जैसा शुद्ध पानी मिलने का भी जिक्र किया। बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए, बिरला ने ₹36 करोड़ की लागत के 132 केवी जीएसएस का शिलान्यास किया, जिससे खातौली क्षेत्र में बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या समाप्त होगी और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त 33 केवी सब-स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, ₹25 करोड़ की लागत से नहरों का सुदृढीकरण और सफाई का कार्य कराया जा रहा है, ताकि अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके। जहाँ पानी नहीं पहुँचता, वहाँ ईआरसीपी योजना के माध्यम से हर खेत तक पानी पहुँचाने का कार्य किया जाएगा। खातौली में उपजिला चिकित्सालय का कार्य भी शुरू हो चुका है, जिससे स्थानीय नागरिकों को उपचार के लिए कोटा-माधोपुर नहीं जाना पड़ेगा और डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रवासियों को जोरावरपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बालूपा में उप स्वास्थ्य केंद्र, स्टेट हाईवे-70 का दो लेन से चार लेन चौड़ीकरण, विभिन्न गाँवों को जोड़ने वाली नई सड़कें, पुलियों का जीर्णोद्धार, संपर्क मार्ग, कृषि उपज मंडी खातौली का विकास, हाट बाजार एवं सब्जी मंडी, राजीविका सीएलएफ भवन, सामुदायिक भवन, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, मुक्तिधाम विकास, पेयजल और पर्यटन स्थल झरेल के बालाजी के विकास कार्यों सहित कई सौगातें मिलीं। कार्यक्रम को जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा, महिला मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता रजनी सोनी, मार्केटिंग अध्यक्ष इटावा अर्जुनलाल मीणा, मंडल अध्यक्ष वीरेन्द्र सुमन, पूर्व प्रधान मानवेन्द्र सिंह, एस.टी. मोर्चा प्रदेश महामंत्री अशोक मीणा, प्रदेश प्रवक्ता ओमप्रकाश मीणा, आशा त्रिवेदी, पवन हाड़ा, सुल्तान बैरवा, लेखराज बैरवा और रणजीत आर्य सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। बिरला ने ज़ोर देते हुए कहा कि सड़क कनेक्टिविटी ही कोटा-बून्दी की समृद्धि का आधार बन रही है।
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बुधवार अलसुबह एक भीषण सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पाँच अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के जालिमपुरा इंटरचेंज के पास हुई, जहाँ एक ट्यूरिस्ट बस की ट्रक से टक्कर हो गई। बस में दिल्ली जल बोर्ड के कुल 15 कर्मचारी सवार थे, जो उज्जैन में महाकाल के दर्शन कर दिल्ली लौट रहे थे। इस हादसे में दिल्ली जल बोर्ड के एक कर्मचारी ने अपनी जान गंवा दी। इसी 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर, जहाँ यह दुखद घटना घटी, उसके तुरंत बाद केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसका निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ राजस्थान के शिक्षा और पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर, स्पीकर ओम बिरला, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान के ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर भी मौजूद थे। वीडियो में इन महानुभावों को इतनी बेफिक्री से टहलते हुए देखा जा सकता है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि उन्हें उसी एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण हादसे और एक व्यक्ति की मौत से कोई फर्क नहीं पड़ा।1
- गडकरी ने घोषणा की है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर आने वाले दो साल के भीतर फर्राटेदार सफर शुरू हो जाएगा।1
- कोटा शहर और आस-पास के इलाकों में लंबे इंतजार के बाद आज मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले काफी समय से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को मूसलाधार बारिश ने राहत दी, लेकिन मौसम में आए इस अचानक बदलाव के चलते शहर का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। आसमान में काले घने बादल छाते ही और तेज बारिश शुरू होते ही सड़कों पर चल रहे लोगों में अफरा-तफरी मच गई, और दुपहिया वाहन चालक तथा राहगीर अचानक हुई बारिश से बचने के लिए दुकानों के नीचे व सुरक्षित जगहों पर छिपते नजर आए। तेज हवाओं के साथ हुई इस भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर देखते ही देखते पानी जमा हो गया। अचानक हुए जलभराव ने सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थाम दी और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। मौसम विभाग के अनुसार, इस बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, अचानक हुई इस तेज बारिश ने नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम के दावों की भी पोल खोलकर रख दी है।1
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा के खातौली में बुधवार को ₹71 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी मौजूद रहे। बिरला ने कहा कि खातौली क्षेत्र में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं का अभाव था, जिन्हें अब एक-एक करके पूरा किया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क कनेक्टिविटी इस क्षेत्र को समृद्धि और खुशहाली का सबसे बड़ा आधार बनाएगी। सड़क परियोजनाओं के तहत, झरेल पुलिया का कार्य पूरा होने से यह क्षेत्र सीधे सवाई माधोपुर से जुड़ जाएगा, जिससे यात्रा का समय घटकर मात्र 20-25 मिनट रह जाएगा। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर श्योपुर को जोड़ने के लिए ₹70 करोड़ की पुलिया भी स्वीकृत कराई गई है, जिससे खातौली से श्योपुर-बड़ौदा की दूरी काफी कम हो जाएगी। पेयजल संकट का समाधान करते हुए, बरसों से ट्यूबवेल और हैंडपंप का पानी पीने वाले तथा फ्लोराइड की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए अब नौनेरा बांध से हर घर तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा। बिरला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'हर घर नल योजना' के माध्यम से गांवों को शहर जैसा शुद्ध पानी मिलने की बात कही। बिजली की समस्या को दूर करने के लिए, बिरला ने ₹36 करोड़ की लागत के 132 केवी जीएसएस का भी शिलान्यास किया। उन्होंने बताया कि इस नए जीएसएस के निर्माण से खातौली क्षेत्र में बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या समाप्त हो जाएगी, और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त 33 केवी सब-स्टेशन भी स्थापित किए जाएंगे। सिंचाई क्षेत्र में, ₹25 करोड़ की लागत से नहरों का सुदृढ़ीकरण और सफाई की जा रही है, ताकि अंतिम छोर तक पानी पहुंच सके। साथ ही, जहां पानी नहीं पहुंचता, वहां ईआरसीपी योजना के माध्यम से हर खेत तक पानी पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से, उपजिला चिकित्सालय का कार्य शुरू हो चुका है, जिससे खातौली के नागरिकों को उपचार के लिए कोटा-माधोपुर नहीं जाना पड़ेगा और डॉक्टरों की कमी भी दूर की जाएगी। इस दौरान खातौली क्षेत्र को 132 केवी जीएसएस, जोरावरपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बालूपा में उप स्वास्थ्य केंद्र, स्टेट हाईवे-70 का दो लेन से चार लेन चौड़ीकरण, विभिन्न गांवों को जोड़ने वाली नई सड़कें, पुलियों का जीर्णोद्धार, संपर्क मार्ग, कृषि उपज मंडी खातौली का विकास, हाट बाजार एवं सब्जी मंडी, राजीविका सीएलएफ भवन, सामुदायिक भवन, विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, मुक्तिधाम विकास, पेयजल और पर्यटन स्थल झरेल के बालाजी के विकास कार्यों की सौगात मिली। कार्यक्रम को जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा, महिला मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता रजनी सोनी, मार्केटिंग अध्यक्ष इटावा अर्जुनलाल मीणा, मंडल अध्यक्ष वीरेन्द्र सुमन, पूर्व प्रधान मानवेन्द्र सिंह, एस.टी. मोर्चा प्रदेश महामंत्री अशोक मीणा, प्रदेश प्रवक्ता ओमप्रकाश मीणा, आशा त्रिवेदी, पवन हाड़ा, सुल्तान बैरवा, लेखराज बैरवा, रणजीत आर्य सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे।1
- सड़क मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री भजनलाल के आगमन की बात सामने आई है।1
- मंगलवार आधी रात कोटा रेल मंडल में एक बड़ा रेल हादसा टल गया। मुंबई-हरिद्वार देहरादून एक्सप्रेस (19019) का कपलर रणथंभौर और मखोली स्टेशन के बीच अचानक उखड़ गया, जिसके कारण ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के आगे के डिब्बों को मखोली स्टेशन ले जाया गया, जबकि पीछे के हिस्से को रणथंभौर स्टेशन वापस लाया गया। पूरी रात ट्रेन को फिर से रवाना करने की कोशिशें जारी रहीं, और क्षतिग्रस्त कोच की जगह कोटा से दूसरा कोच मंगाने की तैयारी की गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ।1
- मुकुंदरा टाइगर रिजर्व की पहाड़ियों के बीच बनाई जा रही 4.9 किलोमीटर लंबी, 8 लेन दरा टनल का निर्माण कार्य चार साल बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। टनल के चालू न होने से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से यात्रा करने वाले हजारों वाहन चालकों को आज भी दरा की नाल के घुमावदार और जामग्रस्त मार्ग से गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। 1100 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना का लाभ अभी तक आम जनता को नहीं मिल सका है। प्रतिदिन लगभग 20 हजार वाहन चालकों को दरा की नाल में लगने वाले लंबे जाम और धीमी यातायात व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। यह परियोजना वर्ष 2021 में शुरू हुई थी और इसे दिसंबर 2024 तक पूरा किया जाना था। हालांकि, निर्माण में हो रही देरी के कारण इसकी समय-सीमा अब तक पांच बार बढ़ाई जा चुकी है, जो सितंबर 2025, दिसंबर 2025, फरवरी 2026, मई 2026 और फिर जून 2026 तक तय की गई है। अधिकारियों ने हर बार तकनीकी कारणों और निर्माण संबंधी चुनौतियों को देरी की वजह बताया है। एनएचएआई, कोटा संभाग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर संदीप अग्रवाल ने बताया है कि केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी बुधवार को कोटा आएंगे। वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करते हुए वडोदरा की ओर प्रस्थान करेंगे, लेकिन इस दौरे के दौरान दरा टनल का उद्घाटन नहीं किया जाएगा।1
- दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें महाकाल के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं में से एक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 15 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के दौरे से ठीक पहले हुई।1