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मंगलवार आधी रात कोटा रेल मंडल में एक बड़ा रेल हादसा टल गया। मुंबई-हरिद्वार देहरादून एक्सप्रेस (19019) का कपलर रणथंभौर और मखोली स्टेशन के बीच अचानक उखड़ गया, जिसके कारण ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के आगे के डिब्बों को मखोली स्टेशन ले जाया गया, जबकि पीछे के हिस्से को रणथंभौर स्टेशन वापस लाया गया। पूरी रात ट्रेन को फिर से रवाना करने की कोशिशें जारी रहीं, और क्षतिग्रस्त कोच की जगह कोटा से दूसरा कोच मंगाने की तैयारी की गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ।
Journalist Asif khan KOTA City NEWS
मंगलवार आधी रात कोटा रेल मंडल में एक बड़ा रेल हादसा टल गया। मुंबई-हरिद्वार देहरादून एक्सप्रेस (19019) का कपलर रणथंभौर और मखोली स्टेशन के बीच अचानक उखड़ गया, जिसके कारण ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के आगे के डिब्बों को मखोली स्टेशन ले जाया गया, जबकि पीछे के हिस्से को रणथंभौर स्टेशन वापस लाया गया। पूरी रात ट्रेन को फिर से रवाना करने की कोशिशें जारी रहीं, और क्षतिग्रस्त कोच की जगह कोटा से दूसरा कोच मंगाने की तैयारी की गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ।
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- कोटा के जेके लोन अस्पताल में कार्यरत उच्च कुशल नर्सिंग कर्मियों ने भाजपा नेता फुरकान मिर्ज़ा के नेतृत्व में अस्पताल अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में मई और जून माह का बकाया वेतन तत्काल जारी करने की मांग की गई है। कर्मचारियों का कहना है कि नई ठेका फर्म के कार्यभार संभालने के बाद से उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि अस्पताल प्रशासन द्वारा उनका पंजीकरण पहले ही पूरा किया जा चुका है। फुरकान मिर्ज़ा ने स्पष्ट किया कि समय पर वेतन का भुगतान कर्मचारियों का अधिकार है और चेतावनी दी कि यदि पांच दिन के भीतर बकाया राशि जारी नहीं की गई, तो नर्सिंग कर्मियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।1
- राजस्थान के यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने मंगलवार को कोटा में शहरी सेवा शिविर का निरीक्षण किया और पात्र लाभार्थियों को मकानों के मालिकाना हक के पट्टे वितरित किए। इस दौरान उन्होंने हाई टेंशन लाइनों से लेकर नगर निकायों की आर्थिक स्थिति, निकाय चुनाव और यूनिफॉर्म सिविल कोड जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार का पक्ष प्रस्तुत किया। मीडिया से बातचीत में मंत्री खर्रा ने शहरी आवासीय इलाकों से गुजर रही हाई टेंशन विद्युत लाइनों के मामले पर कहा कि यदि ऐसा कोई प्रकरण सरकार के संज्ञान में आता है तो नियमानुसार उसका समाधान किया जाएगा। उन्होंने इस संबंध में जनता से जानकारी उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। नगर निकायों की आर्थिक स्थिति पर मंत्री ने पिछली कांग्रेस सरकार पर सीधे तौर पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 2018 से 2023 के दौरान कई निकायों में उपलब्ध बजट से कई गुना अधिक राशि के टेंडर जारी किए गए, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति बुरी तरह प्रभावित हुई। साथ ही निकायों की परिसंपत्तियों का अनुचित वितरण भी आय के स्रोत कमजोर होने का एक कारण रहा। इन परिस्थितियों को देखते हुए ही वर्तमान सरकार ने नगर निकायों का सीमा विस्तार किया है, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सके। झाबर सिंह खर्रा ने जल जीवन मिशन में भी कांग्रेस सरकार पर अनियमितताओं का आरोप लगाया। वहीं, निकाय चुनावों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार मार्च 2026 से पहले अपनी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर चुकी है और अब चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग का कार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि परिसीमन से जुड़ी याचिकाएं निस्तारित हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासनिक अमला एसआईआर और जनगणना कार्यों में व्यस्त होने के कारण पिछड़ा वर्ग आयोग के लिए आवश्यक आंकड़े जुटाने में समय लग रहा है। यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर बोलते हुए मंत्री खर्रा ने इसे लंबे समय से चला आ रहा चर्चा का विषय बताया और संकेत दिया कि राज्य सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने आगामी विधानसभा सत्र में यूसीसी से संबंधित विधेयक लाने पर विचार किए जाने की संभावना व्यक्त की।4
- आकाश इंस्टीट्यूट, राजस्थान को NEET 2026 की परीक्षा में 'टॉपर्स गढ़ने' के लिए सबसे आगे बताया गया है। संस्थान का स्पष्ट संदेश है कि यहीं पर शीर्ष रैंक हासिल करने वाले छात्रों को तैयार किया जाता है।1
- राजस्थान कुश्ती संघ के निर्देशन में बूंदी के खेल संकुल में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता का हाल ही में समापन हो गया। इस समापन समारोह में राजस्थान कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजीव दत्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कोटा दक्षिण के विधायक संदीप शर्मा ने इसकी अध्यक्षता की। मंच पर कुश्ती संघ के प्रदेश सचिव उमेश सिंह, कोषाध्यक्ष सत्य प्रकाश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खान मोहम्मद, सुरेंद्र सिंह भाटी, पूर्व सभापति महावीर मोदी, भाजपा शहर अध्यक्ष राजकुमार शृंगी, डॉक्टर बद्री गोचर और ओम धगाल जैसे प्रमुख लोग मौजूद थे। आयोजन समिति सचिव भरत शर्मा और संयोजक सुनील जैन सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से साफा बंधवाकर, माल्यार्पण कर और स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत व सम्मान किया। मुख्य अतिथि राजीव दत्ता ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान की भूमि हमेशा से वीर और पराक्रमी योद्धाओं की जननी रही है। उन्होंने युवाओं के उत्साह को देखकर राज्य में कुश्ती के भविष्य को बेहद उज्ज्वल बताया और सभी खिलाड़ियों के सुनहरे भविष्य की कामना की। उन्होंने हारने वाले पहलवानों का भी हौसला बढ़ाते हुए उन्हें और कड़ी मेहनत करने की सीख दी। अध्यक्षता कर रहे विधायक संदीप शर्मा ने कुश्ती को देश की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा बताया, जो अनुशासन, साहस और शारीरिक व मानसिक मजबूती सिखाती है। विधायक शर्मा ने इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। समापन समारोह के दौरान, मुख्य अतिथि राजीव दत्ता और विधायक संदीप शर्मा ने मिलकर विजेता और उपविजेता खिलाड़ियों को मेडल, प्रमाण पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन कवि भूपेंद्र राठौर ने किया, और अंत में संयोजक सुनील जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।1
- रावतभाटा से मिली एक खबर के अनुसार, राणा प्रताप सागर बांध में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान भी मत्स्य आखेट लगातार जारी है। विभाग द्वारा 16 जून से 31 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंधित रोक लगाई गई है, जिसका उद्देश्य मछलियों को 'आराम का समय' देना है। विभाग ने इस प्रतिबंध को पर्यावरण, जैविक और आर्थिक स्तर पर बेहद जरूरी बताया है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मत्स्य प्रजनन काल पर रोक पर्यावरण संतुलन का आधार है। हालांकि, इन स्पष्ट नियमों और प्रतिबंध के बावजूद, राणा प्रताप सागर बांध में मत्स्य आखेट की गतिविधियां जारी हैं, जिससे नियमों की अवहेलना साफ दिख रही है।1
- कोटा के जेके लोन अस्पताल में कार्यरत उच्च कुशल नर्सिंग कर्मियों ने भाजपा नेता फुरकान मिर्ज़ा के नेतृत्व में अस्पताल अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मई और जून माह का बकाया वेतन तत्काल जारी करने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि नई ठेका फर्म के कार्यभार संभालने के बाद से उन्हें वेतन नहीं मिला है, जबकि अस्पताल प्रशासन द्वारा उनका पंजीकरण पूरा किया जा चुका है। फुरकान मिर्ज़ा ने इस मामले में समय पर वेतन भुगतान को कर्मचारियों का अधिकार बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले पांच दिनों के भीतर बकाया राशि जारी नहीं की गई, तो नर्सिंग कर्मियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। मिर्ज़ा ने स्पष्ट किया कि इस संभावित आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होगी।1
- मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व एरिया के दरा सेक्शन में भारी जाम लगने से लोग परेशान हैं, जहाँ वाहनों की कतार कई किलोमीटर तक फैल गई है। यह भीषण जाम केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के दौरे के कारण ट्रैफिक रोके जाने से लगा हुआ प्रतीत होता है। मंत्री नितिन गडकरी आज दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे में हुई भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद इसका निरीक्षण करने आ रहे हैं। वह लबान इंटरचेंज से दरा टनल तक कार से निर्माण कार्य का जायजा लेंगे। प्रेस नोट के अनुसार, गडकरी दोपहर 3:30 बजे तक दरा पहुँचेंगे, जहाँ गोपालपुरा इंटरचेंज के पास उनके भव्य स्वागत की तैयारी की गई है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक 80 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते से सिम कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से ₹9,90,832 की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को सीकर जिले से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस रेंज उदयपुर, श्री गौरव श्रीवास्तव द्वारा चलाए जा रहे साइबर अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा और डीएसपी कपासन हरीश भारती के निर्देशन में थानाधिकारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। घटना 25 जून 2026 को सामने आई जब सरकारी सेवा से रिटायर्ड 80 वर्षीय रामचंद्र शर्मा, निवासी ताराखेड़ी, ने कपासन पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके एसबीआई बैंक, कपासन शाखा के खाते से ₹9,90,832 कम पाए गए। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके बैंक खाते में नए एटीएम कार्ड जारी किए गए थे और एटीएम व ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करके यह राशि निकाली या अन्य खातों में स्थानांतरित की गई थी। प्रार्थी रामचंद्र ने अपनी रिपोर्ट में एसबीआई बैंक के मैनेजर और पोस्टमैन की भूमिका को भी संदिग्ध बताया, आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना ही एटीएम कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग चालू की गई और एटीएम कार्ड उन्हें देने के बजाय किसी अज्ञात व्यक्ति को डिलीवर कर दिया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर थाना कपासन में मामला दर्ज कर थानाधिकारी सुनील शर्मा ने अनुसंधान शुरू किया। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाधिकारी सुनील शर्मा ने एएसआई उदयलाल, कांस्टेबल देवीलाल, राजेश कुमार और नीरज की एक विशेष टीम गठित की। टीम ने सिम धारक रितेश सैनी पुत्र राजेंद्र प्रसाद सैनी, निवासी गोवर्धनपुरा, थाना सदर खाटूश्यामजी, जिला सीकर को चिन्हित किया और 7 जुलाई 2026 को उसे सीकर जिले से गिरफ्तार किया। पुलिस के शुरुआती अनुसंधान में इस धोखाधड़ी गिरोह में और अधिक व्यक्तियों के शामिल होने के संकेत मिले हैं, और निकट भविष्य में घटना में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करने की बात कही गई है। मामले में बैंक मैनेजर और पोस्टमैन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।1
- देश की राजधानी दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके से मानसून की पहली बारिश के बाद एक बेहद खौफनाक और विचलित करने वाली तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है और स्थानीय प्रशासन व बिजली विभाग की भारी लापरवाही को उजागर किया है। वायरल तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि स्वरूप नगर की एक मुख्य सड़क घुटने तक गहरे गंदे पानी में डूबी हुई है। इस जलमग्न सड़क को पार करने के लिए दो छोटी बच्चियां सड़क किनारे लगे एक हाई-वोल्टेज बिजली के ट्रांसफार्मर का सहारा ले रही हैं। पानी के तेज बहाव या असंतुलन से बचने के लिए, बच्चियों ने सीधे ट्रांसफार्मर के लोहे के ढांचे को पकड़ रखा है, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इस तस्वीर ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लोग यह सोचकर सिहर उठ रहे हैं कि अगर इस ट्रांसफार्मर में करंट आ गया होता तो क्या भयावह हादसा होता। जलजमाव के दौरान बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर में करंट उतरने का खतरा सबसे अधिक होता है, और दिल्ली में पहले भी ऐसे हादसों में कई दर्दनाक घटनाएं हुई हैं। इसके बावजूद, मासूम बच्चे इस जानलेवा खतरे से अनजान होकर अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि हर साल बारिश में स्वरूप नगर की सड़कों का यही हाल होता है, लेकिन जल निकासी प्रणाली (ड्रेनेज सिस्टम) को ठीक करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। साथ ही, रिहायशी इलाकों में लगे ट्रांसफार्मर के चारों ओर कोई सुरक्षा घेरा (फेंसिंग) भी नहीं है, जिससे कोई भी आसानी से उसके संपर्क में आ सकता है। लोग सोशल मीडिया पर दिल्ली सरकार, एमसीडी और संबंधित बिजली कंपनी को टैग करते हुए मांग कर रहे हैं कि मानसून को देखते हुए बिजली के उपकरणों की तुरंत सुरक्षा जांच की जाए और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि किसी बड़े हादसे को समय रहते टाला जा सके। 'कोटा स्टोरीलाइन' की ओर से अपील की गई है कि बारिश के मौसम में अभिभावक अपने बच्चों को जलभराव वाले रास्तों पर अकेले न जाने दें और बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मर व खुले तारों से उचित दूरी बनाए रखें, क्योंकि आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।1