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रावतभाटा से मिली एक खबर के अनुसार, राणा प्रताप सागर बांध में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान भी मत्स्य आखेट लगातार जारी है। विभाग द्वारा 16 जून से 31 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंधित रोक लगाई गई है, जिसका उद्देश्य मछलियों को 'आराम का समय' देना है। विभाग ने इस प्रतिबंध को पर्यावरण, जैविक और आर्थिक स्तर पर बेहद जरूरी बताया है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मत्स्य प्रजनन काल पर रोक पर्यावरण संतुलन का आधार है। हालांकि, इन स्पष्ट नियमों और प्रतिबंध के बावजूद, राणा प्रताप सागर बांध में मत्स्य आखेट की गतिविधियां जारी हैं, जिससे नियमों की अवहेलना साफ दिख रही है।

7 hrs ago
user_Hashim beg beg
Hashim beg beg
Social Media Manager रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
7 hrs ago

रावतभाटा से मिली एक खबर के अनुसार, राणा प्रताप सागर बांध में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान भी मत्स्य आखेट लगातार जारी है। विभाग द्वारा 16 जून से 31 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंधित रोक लगाई गई है, जिसका उद्देश्य मछलियों को 'आराम का समय' देना है। विभाग ने इस प्रतिबंध को पर्यावरण, जैविक और आर्थिक स्तर पर बेहद जरूरी बताया है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मत्स्य प्रजनन काल पर रोक पर्यावरण संतुलन का आधार है। हालांकि, इन स्पष्ट नियमों और प्रतिबंध के बावजूद, राणा प्रताप सागर बांध में मत्स्य आखेट की गतिविधियां जारी हैं, जिससे नियमों की अवहेलना साफ दिख रही है।

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  • रावतभाटा से मिली एक खबर के अनुसार, राणा प्रताप सागर बांध में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान भी मत्स्य आखेट लगातार जारी है। विभाग द्वारा 16 जून से 31 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंधित रोक लगाई गई है, जिसका उद्देश्य मछलियों को 'आराम का समय' देना है। विभाग ने इस प्रतिबंध को पर्यावरण, जैविक और आर्थिक स्तर पर बेहद जरूरी बताया है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मत्स्य प्रजनन काल पर रोक पर्यावरण संतुलन का आधार है। हालांकि, इन स्पष्ट नियमों और प्रतिबंध के बावजूद, राणा प्रताप सागर बांध में मत्स्य आखेट की गतिविधियां जारी हैं, जिससे नियमों की अवहेलना साफ दिख रही है।
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    रावतभाटा से मिली एक खबर के अनुसार, राणा प्रताप सागर बांध में मछलियों के प्रजनन काल के दौरान भी मत्स्य आखेट लगातार जारी है। विभाग द्वारा 16 जून से 31 अगस्त तक मत्स्य आखेट पर प्रतिबंधित रोक लगाई गई है, जिसका उद्देश्य मछलियों को 'आराम का समय' देना है।

विभाग ने इस प्रतिबंध को पर्यावरण, जैविक और आर्थिक स्तर पर बेहद जरूरी बताया है। विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मत्स्य प्रजनन काल पर रोक पर्यावरण संतुलन का आधार है। हालांकि, इन स्पष्ट नियमों और प्रतिबंध के बावजूद, राणा प्रताप सागर बांध में मत्स्य आखेट की गतिविधियां जारी हैं, जिससे नियमों की अवहेलना साफ दिख रही है।
    user_Hashim beg beg
    Hashim beg beg
    Social Media Manager रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक 80 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते से सिम कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से ₹9,90,832 की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को सीकर जिले से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस रेंज उदयपुर, श्री गौरव श्रीवास्तव द्वारा चलाए जा रहे साइबर अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा और डीएसपी कपासन हरीश भारती के निर्देशन में थानाधिकारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। घटना 25 जून 2026 को सामने आई जब सरकारी सेवा से रिटायर्ड 80 वर्षीय रामचंद्र शर्मा, निवासी ताराखेड़ी, ने कपासन पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके एसबीआई बैंक, कपासन शाखा के खाते से ₹9,90,832 कम पाए गए। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके बैंक खाते में नए एटीएम कार्ड जारी किए गए थे और एटीएम व ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करके यह राशि निकाली या अन्य खातों में स्थानांतरित की गई थी। प्रार्थी रामचंद्र ने अपनी रिपोर्ट में एसबीआई बैंक के मैनेजर और पोस्टमैन की भूमिका को भी संदिग्ध बताया, आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना ही एटीएम कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग चालू की गई और एटीएम कार्ड उन्हें देने के बजाय किसी अज्ञात व्यक्ति को डिलीवर कर दिया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर थाना कपासन में मामला दर्ज कर थानाधिकारी सुनील शर्मा ने अनुसंधान शुरू किया। पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाधिकारी सुनील शर्मा ने एएसआई उदयलाल, कांस्टेबल देवीलाल, राजेश कुमार और नीरज की एक विशेष टीम गठित की। टीम ने सिम धारक रितेश सैनी पुत्र राजेंद्र प्रसाद सैनी, निवासी गोवर्धनपुरा, थाना सदर खाटूश्यामजी, जिला सीकर को चिन्हित किया और 7 जुलाई 2026 को उसे सीकर जिले से गिरफ्तार किया। पुलिस के शुरुआती अनुसंधान में इस धोखाधड़ी गिरोह में और अधिक व्यक्तियों के शामिल होने के संकेत मिले हैं, और निकट भविष्य में घटना में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करने की बात कही गई है। मामले में बैंक मैनेजर और पोस्टमैन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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    चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक 80 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक के बैंक खाते से सिम कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से ₹9,90,832 की धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को सीकर जिले से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई महानिरीक्षक पुलिस रेंज उदयपुर, श्री गौरव श्रीवास्तव द्वारा चलाए जा रहे साइबर अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा और डीएसपी कपासन हरीश भारती के निर्देशन में थानाधिकारी सुनील शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की।

घटना 25 जून 2026 को सामने आई जब सरकारी सेवा से रिटायर्ड 80 वर्षीय रामचंद्र शर्मा, निवासी ताराखेड़ी, ने कपासन पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके एसबीआई बैंक, कपासन शाखा के खाते से ₹9,90,832 कम पाए गए। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि उनके बैंक खाते में नए एटीएम कार्ड जारी किए गए थे और एटीएम व ऑनलाइन बैंकिंग का उपयोग करके यह राशि निकाली या अन्य खातों में स्थानांतरित की गई थी। प्रार्थी रामचंद्र ने अपनी रिपोर्ट में एसबीआई बैंक के मैनेजर और पोस्टमैन की भूमिका को भी संदिग्ध बताया, आरोप लगाया कि उनकी जानकारी के बिना ही एटीएम कार्ड और ऑनलाइन बैंकिंग चालू की गई और एटीएम कार्ड उन्हें देने के बजाय किसी अज्ञात व्यक्ति को डिलीवर कर दिया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर थाना कपासन में मामला दर्ज कर थानाधिकारी सुनील शर्मा ने अनुसंधान शुरू किया।

पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए थानाधिकारी सुनील शर्मा ने एएसआई उदयलाल, कांस्टेबल देवीलाल, राजेश कुमार और नीरज की एक विशेष टीम गठित की। टीम ने सिम धारक रितेश सैनी पुत्र राजेंद्र प्रसाद सैनी, निवासी गोवर्धनपुरा, थाना सदर खाटूश्यामजी, जिला सीकर को चिन्हित किया और 7 जुलाई 2026 को उसे सीकर जिले से गिरफ्तार किया। पुलिस के शुरुआती अनुसंधान में इस धोखाधड़ी गिरोह में और अधिक व्यक्तियों के शामिल होने के संकेत मिले हैं, और निकट भविष्य में घटना में शामिल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करने की बात कही गई है। मामले में बैंक मैनेजर और पोस्टमैन की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    Local News Reporter रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • सड़क मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री भजनलाल के आगमन की बात सामने आई है।
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    सड़क मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री भजनलाल के आगमन की बात सामने आई है।
    user_Ramesh Gandi
    Ramesh Gandi
    Media company लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    18 min ago
  • केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। उनका काफिला अभी-अभी लबान से रवाना होकर दरा टनल की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर और ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर उनके साथ मौजूद हैं।
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    केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। उनका काफिला अभी-अभी लबान से रवाना होकर दरा टनल की ओर बढ़ रहा है। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर और ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर उनके साथ मौजूद हैं।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    1 hr ago
  • मंगलवार आधी रात कोटा रेल मंडल में एक बड़ा रेल हादसा टल गया। मुंबई-हरिद्वार देहरादून एक्सप्रेस (19019) का कपलर रणथंभौर और मखोली स्टेशन के बीच अचानक उखड़ गया, जिसके कारण ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के आगे के डिब्बों को मखोली स्टेशन ले जाया गया, जबकि पीछे के हिस्से को रणथंभौर स्टेशन वापस लाया गया। पूरी रात ट्रेन को फिर से रवाना करने की कोशिशें जारी रहीं, और क्षतिग्रस्त कोच की जगह कोटा से दूसरा कोच मंगाने की तैयारी की गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ।
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    मंगलवार आधी रात कोटा रेल मंडल में एक बड़ा रेल हादसा टल गया। मुंबई-हरिद्वार देहरादून एक्सप्रेस (19019) का कपलर रणथंभौर और मखोली स्टेशन के बीच अचानक उखड़ गया, जिसके कारण ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई।

इस घटना के बाद रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। ट्रेन के आगे के डिब्बों को मखोली स्टेशन ले जाया गया, जबकि पीछे के हिस्से को रणथंभौर स्टेशन वापस लाया गया। पूरी रात ट्रेन को फिर से रवाना करने की कोशिशें जारी रहीं, और क्षतिग्रस्त कोच की जगह कोटा से दूसरा कोच मंगाने की तैयारी की गई। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ।
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • कोटा में चंबल नदी के किनारे, विशेष रूप से कोटा बैराज और जवाहर सागर के बीच, दुर्लभ और संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजाति 'स्मूथ-कोटेड ओटर' या 'जल मानुष' का एक पूरा परिवार अठखेलियां करता नजर आया है। इस नजारे ने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों को बेहद रोमांचित कर दिया है, खासकर जब चंबल नदी एक बार फिर दुर्लभ जीवों के लिए सुरक्षित घर बन रही है। हाल ही में इन ऊदबिलावों का चंबल किनारे मस्ती करते और मछलियों का शिकार करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है। 'रिवर डॉग्स' के नाम से भी मशहूर ये अर्ध-जलीय जीव दिखने में मासूम पर बेहद चालाक और फुर्तीले शिकारी होते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऊदबिलाव हमेशा झुंड में रहते हैं और एक साथ होने पर इतने आक्रामक व शक्तिशाली हो जाते हैं कि मगरमच्छ और पानी के किनारे आने वाले पैंथर तक को चुनौती दे सकते हैं। कोटा बैराज के पास हाल ही में ऐसा ही एक दृश्य देखा गया, जहाँ पूरा कुनबा मिलकर मछलियों का शिकार कर रहा था और किनारे पर आए स्ट्रीट डॉग्स को खदेड़ रहा था। इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) ने ऊदबिलाव की तेजी से घटती संख्या के कारण इसे अपनी 'रेड लिस्ट' में 'संकटग्रस्त' श्रेणी में शामिल किया था। एक समय इनकी कीमती खाल के लिए बड़े पैमाने पर शिकार होने के कारण ये भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क जैसे कई प्राकृतिक आवासों से पूरी तरह विलुप्त हो गए थे। हालांकि, हाल के वर्षों में कोटा से लेकर रावतभाटा के बीच चंबल की साफ और गहरी जलधाराओं में इनकी संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नदी में ऊदबिलावों की उपस्थिति उस जलस्रोत की अच्छी सेहत का सूचक है, क्योंकि ये जीव केवल साफ पानी और पर्याप्त भोजन (मछलियां और केकड़े) वाले स्थानों पर ही जीवित रह सकते हैं। चंबल नदी मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से होकर भी गुजरती है, जो इनके पनपने के लिए अत्यंत अनुकूल जगह है। 'कोटा स्टोरीलाइन' का संदेश है कि ये 'जल मानुष' कोटा के इको-टूरिज्म और जलीय जैव-विविधता की शान हैं, और नदी में प्लास्टिक कचरा, केमिकल या गंदगी न बहाकर चंबल के इस अनोखे वन्यजीवन को हमेशा सुरक्षित व फलता-फूलता रखना चाहिए।
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    कोटा में चंबल नदी के किनारे, विशेष रूप से कोटा बैराज और जवाहर सागर के बीच, दुर्लभ और संकटग्रस्त वन्यजीव प्रजाति 'स्मूथ-कोटेड ओटर' या 'जल मानुष' का एक पूरा परिवार अठखेलियां करता नजर आया है। इस नजारे ने वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों को बेहद रोमांचित कर दिया है, खासकर जब चंबल नदी एक बार फिर दुर्लभ जीवों के लिए सुरक्षित घर बन रही है। हाल ही में इन ऊदबिलावों का चंबल किनारे मस्ती करते और मछलियों का शिकार करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ है।

'रिवर डॉग्स' के नाम से भी मशहूर ये अर्ध-जलीय जीव दिखने में मासूम पर बेहद चालाक और फुर्तीले शिकारी होते हैं। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, ऊदबिलाव हमेशा झुंड में रहते हैं और एक साथ होने पर इतने आक्रामक व शक्तिशाली हो जाते हैं कि मगरमच्छ और पानी के किनारे आने वाले पैंथर तक को चुनौती दे सकते हैं। कोटा बैराज के पास हाल ही में ऐसा ही एक दृश्य देखा गया, जहाँ पूरा कुनबा मिलकर मछलियों का शिकार कर रहा था और किनारे पर आए स्ट्रीट डॉग्स को खदेड़ रहा था।

इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) ने ऊदबिलाव की तेजी से घटती संख्या के कारण इसे अपनी 'रेड लिस्ट' में 'संकटग्रस्त' श्रेणी में शामिल किया था। एक समय इनकी कीमती खाल के लिए बड़े पैमाने पर शिकार होने के कारण ये भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क जैसे कई प्राकृतिक आवासों से पूरी तरह विलुप्त हो गए थे। हालांकि, हाल के वर्षों में कोटा से लेकर रावतभाटा के बीच चंबल की साफ और गहरी जलधाराओं में इनकी संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।

वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी नदी में ऊदबिलावों की उपस्थिति उस जलस्रोत की अच्छी सेहत का सूचक है, क्योंकि ये जीव केवल साफ पानी और पर्याप्त भोजन (मछलियां और केकड़े) वाले स्थानों पर ही जीवित रह सकते हैं। चंबल नदी मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के कोर एरिया से होकर भी गुजरती है, जो इनके पनपने के लिए अत्यंत अनुकूल जगह है। 'कोटा स्टोरीलाइन' का संदेश है कि ये 'जल मानुष' कोटा के इको-टूरिज्म और जलीय जैव-विविधता की शान हैं, और नदी में प्लास्टिक कचरा, केमिकल या गंदगी न बहाकर चंबल के इस अनोखे वन्यजीवन को हमेशा सुरक्षित व फलता-फूलता रखना चाहिए।
    user_Jitendra Kumar
    Jitendra Kumar
    Local News Reporter लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • कोटा जिले में केईडीएल (KEDL) कंपनी की लापरवाही से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। आरोप है कि यह निजी कंपनी एक तरफ तो जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाकर लोगों की जेब पर डाका डाल रही है, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं की शिकायतों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। उपभोक्ताओं ने लगातार बिजली ट्रिपिंग की समस्या को लेकर पोर्टल पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन दो दिनों से इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया गया है। केईडीएल कंपनी के अधिकारियों की इस घोर लापरवाही के कारण आम उपभोक्ता खासे चिंतित और परेशान हैं।
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    कोटा जिले में केईडीएल (KEDL) कंपनी की लापरवाही से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। आरोप है कि यह निजी कंपनी एक तरफ तो जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाकर लोगों की जेब पर डाका डाल रही है, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं की शिकायतों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रही है। उपभोक्ताओं ने लगातार बिजली ट्रिपिंग की समस्या को लेकर पोर्टल पर कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन दो दिनों से इन समस्याओं का कोई समाधान नहीं किया गया है। केईडीएल कंपनी के अधिकारियों की इस घोर लापरवाही के कारण आम उपभोक्ता खासे चिंतित और परेशान हैं।
    user_Ahmed Siraj Farooqi
    Ahmed Siraj Farooqi
    रिपोर्टर लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें महाकाल के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं में से एक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 15 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के दौरे से ठीक पहले हुई।
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    दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है, जिसमें महाकाल के दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं में से एक की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 15 से अधिक श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे के दौरे से ठीक पहले हुई।
    user_Journalist Harish Yadav
    Journalist Harish Yadav
    Social Media Manager Ladpura, Kota•
    3 hrs ago
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