महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी स्थित सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। इसमें सबसे खास बात यह रही कि एक ही परिवार के तीन बच्चों ने एक साथ सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से परिवार में बेहद खुशी का माहौल है और बच्चों के दादा की खुशी का ठिकाना नहीं है। उन्होंने इसे गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि एक ही परिवार के तीन बच्चों ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर डॉक्टर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है। विद्यार्थियों की इस शानदार उपलब्धि पर स्कूल की प्राचार्य वंदना यादव ने सफल छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, अभिभावकों के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं स्कूल के चेयरमैन दयाराम यादव ने कहा कि यह सफलता केवल परीक्षा के अंक नहीं, बल्कि शिक्षकों की कड़ी मेहनत, अभिभावकों के विश्वास और विद्यार्थियों को दिए जा रहे संस्कारों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर से ही बेहतर शिक्षा और संस्कार प्राप्त कर बच्चे सीधे डॉक्टर बनने की ओर बढ़ रहे हैं, जो अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। एक ही परिवार के तीन बच्चों का NEET परीक्षा में सफल होना शिक्षा जगत में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल और पूरे नांगल चौधरी क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। विद्यालय प्रबंधन ने दोहराया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन का वातावरण उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और यह परिणाम उसी प्रयास का प्रतिफल है।
महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी स्थित सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। इसमें सबसे खास बात यह रही कि एक ही परिवार के तीन बच्चों ने एक साथ सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से परिवार में बेहद खुशी का माहौल है और बच्चों के दादा की खुशी का ठिकाना नहीं है। उन्होंने इसे गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि एक ही परिवार के तीन बच्चों ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर डॉक्टर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है। विद्यार्थियों की इस शानदार उपलब्धि पर स्कूल की प्राचार्य वंदना यादव ने सफल छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, अभिभावकों के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं स्कूल के चेयरमैन दयाराम यादव ने कहा कि यह सफलता केवल परीक्षा के अंक नहीं, बल्कि शिक्षकों की कड़ी मेहनत, अभिभावकों के विश्वास और विद्यार्थियों को दिए जा रहे संस्कारों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर से ही बेहतर शिक्षा और संस्कार प्राप्त कर बच्चे सीधे डॉक्टर बनने की ओर बढ़ रहे हैं, जो अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। एक ही परिवार के तीन बच्चों का NEET परीक्षा में सफल होना शिक्षा जगत में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल और पूरे नांगल चौधरी क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। विद्यालय प्रबंधन ने दोहराया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन का वातावरण उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और यह परिणाम उसी प्रयास का प्रतिफल है।
- महेंद्रगढ़ के नांगल चौधरी स्थित सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। इसमें सबसे खास बात यह रही कि एक ही परिवार के तीन बच्चों ने एक साथ सफलता हासिल कर इतिहास रच दिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से परिवार में बेहद खुशी का माहौल है और बच्चों के दादा की खुशी का ठिकाना नहीं है। उन्होंने इसे गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि एक ही परिवार के तीन बच्चों ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर डॉक्टर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है। विद्यार्थियों की इस शानदार उपलब्धि पर स्कूल की प्राचार्य वंदना यादव ने सफल छात्र-छात्राओं के साथ उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, अभिभावकों के त्याग और शिक्षकों के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका है। वहीं स्कूल के चेयरमैन दयाराम यादव ने कहा कि यह सफलता केवल परीक्षा के अंक नहीं, बल्कि शिक्षकों की कड़ी मेहनत, अभिभावकों के विश्वास और विद्यार्थियों को दिए जा रहे संस्कारों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर से ही बेहतर शिक्षा और संस्कार प्राप्त कर बच्चे सीधे डॉक्टर बनने की ओर बढ़ रहे हैं, जो अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। एक ही परिवार के तीन बच्चों का NEET परीक्षा में सफल होना शिक्षा जगत में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल और पूरे नांगल चौधरी क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। विद्यालय प्रबंधन ने दोहराया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार और अनुशासन का वातावरण उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है और यह परिणाम उसी प्रयास का प्रतिफल है।1
- Post by Dainik news Haryana live1
- महेन्द्रगढ़ के धार्मिक इतिहास में पहली बार 26 जुलाई को भव्य श्री श्री जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी रथयात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।1
- महेंद्रगढ़ के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में डीसी अनुपमा अंजली ने औचक निरीक्षण कर मिड डे मील की गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान डीसी ने भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए खुद अपनी प्लेट में खाना डलवाया और विद्यार्थियों के साथ पंक्ति में बैठकर भोजन ग्रहण किया। उन्होंने बच्चों से रोजाना मिलने वाले भोजन, उसके स्वाद, मात्रा और साफ-सफाई के बारे में जानकारी ली। डीसी ने कहा कि शिक्षक शैक्षणिक ज्ञान के साथ विद्यार्थियों को संस्कार भी दें, क्योंकि संस्कारों से ही विद्यार्थी अनुशासन सीखता है। शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण ही उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। निरीक्षण के दौरान डीसी ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पुस्तकालय, स्वच्छता और मिड डे मील से संबंधित स्टॉक रजिस्टर व राशन सामग्री का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने मिड डे मील निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक, संतुलित और स्वच्छ तरीके से उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही डीसी अनुपमा अंजली ने स्कूल प्रांगण में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस मौके पर बीईओ जगमाल सिंह और प्राचार्य सुनील बोहरा भी मौजूद रहे।1
- महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी तहसील स्थित मेघोट हाला गांव में मुख्य आबादी से बाहर रह रहे करीब 15-20 परिवार वर्षों से बदहाल बिजली व्यवस्था का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग ने उन्हें लगभग 700-800 मीटर दूर बने एक पोल से केबल डालकर घरेलू कनेक्शन दे रखा है। इतनी लंबी दूरी से खींची गई केबल हर एक-दो महीने में टूट जाती है, जिससे कई दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप रहती है और लोगों को लगातार अंधेरे में रहना पड़ता है। बिजली व्यवस्था के साथ-साथ यह लटकती केबल लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बनी हुई है। कई स्थानों पर केबल जमीन के बेहद करीब झूल रही है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि इस अव्यवस्था के कारण किसी भी व्यक्ति की जान-माल की हानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर बिजली विभाग की होगी। ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ 3-4 नए बिजली के पोल लगाकर इस समस्या का आसानी से स्थायी समाधान किया जा सकता है, लेकिन विभाग लंबे समय से इसे अनदेखा कर रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन से तुरंत मौके का निरीक्षण करने, इस असुरक्षित केबल को हटाने, नए पोल लगाने और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष विरोध जताने और आंदोलन करने को मजबूर होंगे।3
- हरियाणा के महेंद्रगढ़ में 7 वर्षीय मासूम के साथ शर्मनाक हरकत करने के आरोपी 70 वर्षीय बुजुर्ग को गिरफ्तार कर लिया गया है।1