पनवाड़ में बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा, सड़क किनारे बबूल बने राहगीरों की परेशानी पनवाड़ में बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा, सड़क किनारे बबूल बने राहगीरों की परेशानी बबूल कटने से मिलेगी राहगीरों को राहत, ग्रामीणों ने प्रशासन से की शीघ्र कार्रवाई की मांग दूनी/टोंक (हरि शंकर माली)। देवली उपखंड के पनवाड़ ग्राम में इन दिनों सड़क किनारे उगे बबूल राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। पनवाड़ बस स्टैंड से चांदली रोड तक सड़क के दोनों ओर बबूल की झाड़ियां फैल जाने से मार्ग संकरा हो गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग देवली को बूंदी जिले के नैनवां एवं गोठड़ा सहित आसपास के कई गांवों से जोड़ता है। चांदली, गोपालपुरा, पगारा, बेनपा, राजकोट, सीतापुरा, रुणीजा सहित कई गांवों के ग्रामीण प्रतिदिन इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। बरसात के मौसम में बबूल की झाड़ियां तेजी से बढ़ने के कारण सड़क के किनारे तक फैल गई हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों को विशेष परेशानी हो रही है। धार्मिक यात्राओं व स्कूली वाहनों को भी खतरा ग्रामीण सुरेश कुमार, लोकेश मीणा, यादराम माली, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, जगदीश, महावीर, बाबूलाल आदि ने बताया कि इसी मार्ग से बाबा रामदेव, चांदली स्थित हिंगलाज माताजी सहित अन्य धार्मिक स्थलों के लिए पैदल यात्राएं भी गुजरती हैं। इसके अलावा स्कूली बच्चों को लेकर आने-जाने वाले वाहन भी इसी सड़क से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे फैली बबूल की झाड़ियों से किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि बबूल की टहनियां सड़क पर आने के कारण सामने से आने वाले वाहन को रास्ता देने में भी परेशानी होती है। विशेषकर रात के समय तथा बरसात के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र बबूल कटवाकर सड़क को सुगम बनाने की मांग की है। मालियों के दरवाजे से श्मशान घाट जाने वाले रास्ते पर भी समस्या इसी प्रकार पनवाड़ में मालियों के दरवाजे से मालियों के श्मशान घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर भी बबूल की झाड़ियां काफी फैल गई हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है तथा दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या से ग्राम पंचायत प्रशासन को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक बबूल कटवाने की कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द झाड़ियां हटवाकर राहत प्रदान करने की मांग की है। अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का दिया आश्वासन पीडब्ल्यूडी के कनिष्ठ अभियंता मोजीराम ने बताया कि सड़क किनारे उगे बबूलों को जल्द ही कटवाया जाएगा, ताकि राहगीरों को आवागमन में परेशानी न हो। वहीं ग्राम पंचायत पनवाड़ के प्रशासक सत्यनारायण माली ने बताया कि बहुत जल्द जेसीबी लगवाकर बबूल कटवाए जाएंगे और लोगों को राहत प्रदान की जाएगी।
पनवाड़ में बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा, सड़क किनारे बबूल बने राहगीरों की परेशानी पनवाड़ में बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा, सड़क किनारे बबूल बने राहगीरों की परेशानी बबूल कटने से मिलेगी राहगीरों को राहत, ग्रामीणों ने प्रशासन से की शीघ्र कार्रवाई की मांग दूनी/टोंक (हरि शंकर माली)। देवली उपखंड के पनवाड़ ग्राम में इन दिनों सड़क किनारे उगे बबूल राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। पनवाड़ बस स्टैंड से चांदली रोड तक सड़क के दोनों ओर बबूल की झाड़ियां फैल जाने से मार्ग संकरा हो गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग देवली को बूंदी जिले के नैनवां एवं गोठड़ा सहित आसपास के कई गांवों से जोड़ता है। चांदली, गोपालपुरा, पगारा, बेनपा, राजकोट, सीतापुरा, रुणीजा सहित कई गांवों के ग्रामीण प्रतिदिन इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। बरसात के मौसम में बबूल की झाड़ियां तेजी से बढ़ने के कारण सड़क के किनारे तक फैल गई हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों को विशेष परेशानी हो रही है। धार्मिक यात्राओं व स्कूली वाहनों को भी खतरा ग्रामीण सुरेश कुमार, लोकेश मीणा, यादराम माली, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, जगदीश, महावीर, बाबूलाल आदि ने बताया कि इसी मार्ग से बाबा रामदेव, चांदली स्थित हिंगलाज माताजी सहित अन्य धार्मिक स्थलों के लिए पैदल यात्राएं भी गुजरती हैं। इसके अलावा स्कूली बच्चों को लेकर आने-जाने वाले वाहन भी इसी सड़क से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे फैली बबूल की झाड़ियों से किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि बबूल की टहनियां सड़क पर आने के कारण सामने से आने वाले वाहन को रास्ता देने में भी परेशानी होती है। विशेषकर रात के समय तथा बरसात के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र बबूल कटवाकर सड़क को सुगम बनाने की मांग की है। मालियों के दरवाजे से श्मशान घाट जाने वाले रास्ते पर भी समस्या इसी प्रकार पनवाड़ में मालियों के दरवाजे से मालियों के श्मशान घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर भी बबूल की झाड़ियां काफी फैल गई हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है तथा दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या से ग्राम पंचायत प्रशासन को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक बबूल कटवाने की कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द झाड़ियां हटवाकर राहत प्रदान करने की मांग की है। अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का दिया आश्वासन पीडब्ल्यूडी के कनिष्ठ अभियंता मोजीराम ने बताया कि सड़क किनारे उगे बबूलों को जल्द ही कटवाया जाएगा, ताकि राहगीरों को आवागमन में परेशानी न हो। वहीं ग्राम पंचायत पनवाड़ के प्रशासक सत्यनारायण माली ने बताया कि बहुत जल्द जेसीबी लगवाकर बबूल कटवाए जाएंगे और लोगों को राहत प्रदान की जाएगी।
- पनवाड़ में बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा, सड़क किनारे बबूल बने राहगीरों की परेशानी पनवाड़ में बढ़ा दुर्घटनाओं का खतरा, सड़क किनारे बबूल बने राहगीरों की परेशानी बबूल कटने से मिलेगी राहगीरों को राहत, ग्रामीणों ने प्रशासन से की शीघ्र कार्रवाई की मांग दूनी/टोंक (हरि शंकर माली)। देवली उपखंड के पनवाड़ ग्राम में इन दिनों सड़क किनारे उगे बबूल राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। पनवाड़ बस स्टैंड से चांदली रोड तक सड़क के दोनों ओर बबूल की झाड़ियां फैल जाने से मार्ग संकरा हो गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग देवली को बूंदी जिले के नैनवां एवं गोठड़ा सहित आसपास के कई गांवों से जोड़ता है। चांदली, गोपालपुरा, पगारा, बेनपा, राजकोट, सीतापुरा, रुणीजा सहित कई गांवों के ग्रामीण प्रतिदिन इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। बरसात के मौसम में बबूल की झाड़ियां तेजी से बढ़ने के कारण सड़क के किनारे तक फैल गई हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों को विशेष परेशानी हो रही है। धार्मिक यात्राओं व स्कूली वाहनों को भी खतरा ग्रामीण सुरेश कुमार, लोकेश मीणा, यादराम माली, अशोक कुमार, प्रवीण कुमार, जगदीश, महावीर, बाबूलाल आदि ने बताया कि इसी मार्ग से बाबा रामदेव, चांदली स्थित हिंगलाज माताजी सहित अन्य धार्मिक स्थलों के लिए पैदल यात्राएं भी गुजरती हैं। इसके अलावा स्कूली बच्चों को लेकर आने-जाने वाले वाहन भी इसी सड़क से गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे फैली बबूल की झाड़ियों से किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि बबूल की टहनियां सड़क पर आने के कारण सामने से आने वाले वाहन को रास्ता देने में भी परेशानी होती है। विशेषकर रात के समय तथा बरसात के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र बबूल कटवाकर सड़क को सुगम बनाने की मांग की है। मालियों के दरवाजे से श्मशान घाट जाने वाले रास्ते पर भी समस्या इसी प्रकार पनवाड़ में मालियों के दरवाजे से मालियों के श्मशान घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर भी बबूल की झाड़ियां काफी फैल गई हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है तथा दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या से ग्राम पंचायत प्रशासन को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक बबूल कटवाने की कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द झाड़ियां हटवाकर राहत प्रदान करने की मांग की है। अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का दिया आश्वासन पीडब्ल्यूडी के कनिष्ठ अभियंता मोजीराम ने बताया कि सड़क किनारे उगे बबूलों को जल्द ही कटवाया जाएगा, ताकि राहगीरों को आवागमन में परेशानी न हो। वहीं ग्राम पंचायत पनवाड़ के प्रशासक सत्यनारायण माली ने बताया कि बहुत जल्द जेसीबी लगवाकर बबूल कटवाए जाएंगे और लोगों को राहत प्रदान की जाएगी।1
- उनियारा शहर में भारी बरसात के दौरान न्यू मार्केट में भरा पानी उनियारा शहर में मंगलवार शाम को तेज बरसात का दौर शुरू हुआ, जो लगभग एक घंटे तक चलता रहा । तेज बरसात होने से न्यू मार्केट सहित निचले इलाकों में पानी भर गया। जिससे राहगीरो व दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना उठाना पड़ा। बरसात होने से किसानों के चेहरे खिल उठे, वहीं गलवा बांध सहित जलाशयों में पानी की आवक शुरू हो गई।1
- हाथी चले बाजार - कुत्ते भौंकें हजार: राजेश कुमार सिंह, बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक हाथी चले बाजार - कुत्ते भौंकें हजार... बिहार के पटना में बीपीएससी परीक्षा रद्द करवाने की मांग को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं: मामले में बीपीएससी परीक्षा नियंत्रक आईएएस अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने अपना पक्ष रखने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, जिसमें उन्होंने छात्रों के आंदोलन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हाथी चले बाजार - कुत्ते भौंकें हजार, बस फिर क्या था, कॉकरोच जनता पार्टी की तरह छात्रों ने कुत्ता जनता पार्टी बना ली: उधर सरकार ने जेन जी व अल्फा की नाराज़गी को देखते हुए अधिकारी को 5 घंटे बाद ही निलंबित कर दिया...1
- जश्ने आल बरका मुस्तफा लंगर कमेटी सरपरस्त जफरभाई खलीलभाई अध्यक्ष आविद कागजी राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रभारी मध्य प्रदेश इरसद खान उनकी की पूरी कार्यकारिणी तथा डेग बनाने वाले सभी साथियों ने भीषण गर्मी होने के बाद 10 से 15 मुस्लिम भाई बहनों ने लंगर का रसा सवादन किया।1
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- कोटा में नगर निकाय चुनाव के पहले कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का दामन कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस देहात.1 अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह व अन्य नेताओं ने किया स्वागत कोटा में नगर निकाय चुनाव के पहले कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का दामन कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस देहात अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह व अन्य नेताओं ने किया स्वागत1
- स्काटलैंड यू के विश्व का अकेला अजूबा द फाॅलकिर्क व्हील-अख्तर खान "अकेला " द फॉलकिर्क व्हील — स्कॉटलैंड यू के विश्व का अकेला वोह अजूबा, जहां एक तरफ नहर काफी निचले स्तर पर ओर दूसरी तरफ काफी ऊंचाई पर , बीच में पहाड़ी, दोनों तरफ की नहरों में क्रूज जहाज़ सवारियों सहित, माल सहित परफेक्ट शॉर्टकट आवागमन के लिए यह अजूबा लिफ्ट अनोखी है, जो निचली नहर से पूरे क्रूज शिप को सवारियों सहित लिफ्ट अप कर दूसरी तरफ ऊंचाई वाली हर तक क्रूज को पहुंचा देता है। द फॉलकिर्क व्हील (The Falkirk Wheel) स्कॉटलैंड के फॉलकिर्क क्षेत्र में स्थित दुनिया का अनोखा घूमने वाला नाव-लिफ्ट (rotating boat lift) है। इसे नहरों के बीच नावों को ऊँचाई पर पहुँचाने के लिए बनाया गया है। इसका निर्माण पूरा: 2002 में किया जाकर, उद्घाटन: महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय ने 24 मई 2002 को किया। ऊँचाई का अंतर: लगभग 24 मीटर (79 फीट) यह Forth & Clyde Canal को Union Canal से जोड़ता है। इसका विशाल पहिया लगभग 35 मीटर (115 फीट) ऊँचा है। इसमें एक साथ नावें पानी से भरे दो बड़े गोंडोला/कैसन में ऊपर-नीचे होती हैं। यह सामान्य लॉक (lock gate) की तरह पानी के कई स्तरों से नाव को धीरे-धीरे नहीं उठाता। पूरा विशाल पहिया घूमता है और एक तरफ की नाव को लगभग 24 मीटर ऊपर, जबकि दूसरी तरफ की नाव को नीचे ले आता है। दोनों तरफ पानी और नावों का भार लगभग संतुलित रखा जाता है, इसलिए इसे घुमाने में अपेक्षाकृत कम ऊर्जा लगती है। रोचक बात: यह है कि फॉलकिर्क व्हील का डिज़ाइन आधुनिक इंजीनियरिंग के साथ स्कॉटलैंड की पुरानी नहर-व्यवस्था को जोड़ने का शानदार उदाहरण है। यहाँ पर्यटक स्वयं नाव की यात्रा करके इस घूमते हुए लिफ्ट का अनुभव कर सकते हैं,, अख़्तर खान अकेला कोटा राजस्थान 98290863392
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