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खसरा-खतौनी (राजस्व अभिलेख) में होने वाली लिपिकीय या तकनीकी त्रुटियों के सुधार के लिए मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता (MPLRC), 1959 की धारा 115 के तहत तहसीलदार के समक्ष एक औपचारिक आवेदन प्रस्तुत किया जाता है। जब सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में किसान या भू-स्वामी के नाम की स्पेलिंग, पिता या पति का नाम, जमीन का रकबा (क्षेत्रफल) या खाता संख्या गलत दर्ज हो जाती है, तो उसे सुधारना बेहद जरूरी हो जाता है। रिकॉर्ड गलत होने की स्थिति में कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन बेच नहीं सकता, बैंक से लोन नहीं ले सकता और न ही किसान सम्मान निधि जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकता है। यह आवेदन पत्र वास्तविक भू-स्वामी द्वारा तैयार कर तहसीलदार को संबोधित किया जाता है, क्योंकि प्रथम श्रेणी में राजस्व अभिलेखों में सुधार का अधिकार उन्हीं के पास होता है। आवेदन को सादे कागज पर लिखकर या टाइप करवाकर उस पर नियत राशि का कोर्ट फीस टिकट लगाया जाता है। इसमें जमीन का पूरा विवरण जैसे ग्राम, पटवारी हल्का नंबर, खसरा/सर्वे नंबर और गलत व सही जानकारी का स्पष्ट उल्लेख होता है। इसके साथ त्रुटिपूर्ण खसरा-खतौनी की प्रति, आवेदक का नोटरीकृत शपथ पत्र, पहचान पत्र (आधार या वोटर आईडी) और सही जानकारी प्रमाणित करने वाले दस्तावेज जैसे रजिस्ट्री की कॉपी, मिसल बंदोबस्त (पुराना सही राजस्व रिकॉर्ड) या कोर्ट का पुराना आदेश संलग्न करना आवश्यक होता है। इस आवेदन को तहसीलदार कार्यालय, लोक सेवा केंद्र या आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा कर पावती ली जाती है। इसके बाद तहसीलदार आवेदन को जांच के लिए क्षेत्रीय पटवारी या राजस्व निरीक्षक (RI) के पास भेजते हैं। पटवारी पुराने रिकॉर्ड्स से मिलान कर और जरूरत पड़ने पर मौके का पंचनामा बनाकर अपनी जांच रिपोर्ट तहसीलदार के न्यायालय में पेश करता है। रिपोर्ट सही पाए जाने पर तहसीलदार धारा 115 के तहत सुधार का आदेश पारित करते हैं, जिसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा पोर्टल पर सही जानकारी अपडेट कर दी जाती है। अंत में भूमि स्वामी ऑनलाइन पोर्टल से सुधरी हुई डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति डाउनलोड कर सकते हैं। यह जानकारी केवल सामान्य शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है और इसे कानूनी सलाह नहीं माना जाना चाहिए; किसी भी कार्रवाई से पहले योग्य वकील से परामर्श करना उचित है।

1 hr ago
user_Naresh Sirvi
Naresh Sirvi
Pali, Rajasthan•
1 hr ago

खसरा-खतौनी (राजस्व अभिलेख) में होने वाली लिपिकीय या तकनीकी त्रुटियों के सुधार के लिए मध्य प्रदेश भू-राजस्व संहिता (MPLRC), 1959 की धारा 115 के तहत तहसीलदार के समक्ष एक औपचारिक आवेदन प्रस्तुत किया जाता है। जब सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में किसान या भू-स्वामी के नाम की स्पेलिंग, पिता या पति का नाम, जमीन का रकबा (क्षेत्रफल) या खाता संख्या गलत दर्ज हो जाती है, तो उसे सुधारना बेहद जरूरी हो जाता है। रिकॉर्ड गलत होने की स्थिति में कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन बेच नहीं सकता, बैंक से लोन नहीं ले सकता और न ही किसान सम्मान निधि जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकता है। यह आवेदन पत्र वास्तविक भू-स्वामी द्वारा तैयार कर तहसीलदार को संबोधित किया जाता है, क्योंकि प्रथम श्रेणी में राजस्व अभिलेखों में सुधार का अधिकार उन्हीं के पास होता है। आवेदन को सादे कागज पर लिखकर या टाइप करवाकर उस पर नियत राशि का कोर्ट फीस टिकट लगाया जाता है। इसमें जमीन का पूरा विवरण जैसे ग्राम, पटवारी हल्का नंबर, खसरा/सर्वे नंबर और गलत व सही जानकारी का स्पष्ट उल्लेख होता है। इसके साथ त्रुटिपूर्ण खसरा-खतौनी की प्रति, आवेदक का नोटरीकृत शपथ पत्र, पहचान पत्र (आधार या वोटर आईडी) और सही जानकारी प्रमाणित करने वाले दस्तावेज जैसे रजिस्ट्री की कॉपी, मिसल बंदोबस्त (पुराना सही राजस्व रिकॉर्ड) या कोर्ट का पुराना आदेश संलग्न करना आवश्यक होता है। इस आवेदन को तहसीलदार कार्यालय, लोक सेवा केंद्र या आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन जमा कर पावती ली जाती है। इसके बाद तहसीलदार आवेदन को जांच के लिए क्षेत्रीय पटवारी या राजस्व निरीक्षक (RI) के पास भेजते हैं। पटवारी पुराने रिकॉर्ड्स से मिलान कर और जरूरत पड़ने पर मौके का पंचनामा बनाकर अपनी जांच रिपोर्ट तहसीलदार के न्यायालय में पेश करता है। रिपोर्ट सही पाए जाने पर तहसीलदार धारा 115 के तहत सुधार का आदेश पारित करते हैं, जिसके बाद कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा पोर्टल पर सही जानकारी अपडेट कर दी जाती है। अंत में भूमि स्वामी ऑनलाइन पोर्टल से सुधरी हुई डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति डाउनलोड कर सकते हैं। यह जानकारी केवल सामान्य शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है और इसे कानूनी सलाह नहीं माना जाना चाहिए; किसी भी कार्रवाई से पहले योग्य वकील से परामर्श करना उचित है।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by District.reporter.babulaljogaw
    1
    Post by District.reporter.babulaljogaw
    user_District.reporter.babulaljogaw
    District.reporter.babulaljogaw
    Farmer पाली, पाली, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • जोधपुर के बिलाड़ा तहसील के मालकोसनी ग्राम के बीचला बास में गंदगी का भारी अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों का रहना और आवागमन करना बेहद दूभर हो गया है। इस इलाके में पिछले कई वर्षों से लगातार गंदा पानी और बारिश का पानी जमा हो रहा है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या की शिकायत हर स्तर पर की है, लेकिन आज तक उन्हें कहीं से भी कोई सहायता या राहत नहीं मिली है। अब बारिश का मौसम दोबारा शुरू होने वाला है जिससे फिर से भारी जलभराव होगा और इसके चलते पास में रहने वाले लोगों के घर ढहने की कगार पर पहुंच गए हैं। इससे यहां रहने वाले लोगों को भारी जनहानि होने का खतरा बना हुआ है। इतनी बड़ी समस्या के बाद भी सरकार और मालकोसनी ग्राम पंचायत सो रही है और उनकी आंखें नहीं खुल रही हैं, जिससे ऐसा लग रहा है कि प्रशासन किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है।
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    जोधपुर के बिलाड़ा तहसील के मालकोसनी ग्राम के बीचला बास में गंदगी का भारी अंबार लगा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों का रहना और आवागमन करना बेहद दूभर हो गया है। इस इलाके में पिछले कई वर्षों से लगातार गंदा पानी और बारिश का पानी जमा हो रहा है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या की शिकायत हर स्तर पर की है, लेकिन आज तक उन्हें कहीं से भी कोई सहायता या राहत नहीं मिली है।

अब बारिश का मौसम दोबारा शुरू होने वाला है जिससे फिर से भारी जलभराव होगा और इसके चलते पास में रहने वाले लोगों के घर ढहने की कगार पर पहुंच गए हैं। इससे यहां रहने वाले लोगों को भारी जनहानि होने का खतरा बना हुआ है। इतनी बड़ी समस्या के बाद भी सरकार और मालकोसनी ग्राम पंचायत सो रही है और उनकी आंखें नहीं खुल रही हैं, जिससे ऐसा लग रहा है कि प्रशासन किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है।
    user_
    बिलारा, जोधपुर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • पाली के बाली में सांप और कुत्ते के बीच एक अजब-गजब भिड़ंत का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सांप और कुत्ते के बीच एक हैरान कर देने वाली भिड़ंत देखने को मिल रही है।
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    पाली के बाली में सांप और कुत्ते के बीच एक अजब-गजब भिड़ंत का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सांप और कुत्ते के बीच एक हैरान कर देने वाली भिड़ंत देखने को मिल रही है।
    user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • राजस्थान सरकार द्वारा संचालित ओबीसी वर्गीकरण सर्वे को लेकर पाली जिले में रावणा राजपूत समाज की ओर से व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया। समाज के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह परिहार के सानिध्य में जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया। इस अभियान के तहत समाजबंधुओं को राजधारा ऐप डाउनलोड करवाकर सर्वे में अपनी जानकारी सही ढंग से दर्ज करने के लिए प्रेरित किया गया और सभी ने सर्वे के जाति कॉलम में अपनी पहचान "रावणा राजपूत" अंकित कराने का सामूहिक संकल्प लिया। समाज के मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर उन्हें ओबीसी वर्गीकरण सर्वे के महत्व से अवगत कराना है। इसके तहत पाली शहर में राजू सिंह चौहान, गुंदोज में रघुनाथ सिंह पंवार, रानी में जय सिंह सिसोदिया एवं एडवोकेट राजेंद्र सिंह, फलना में सुख सिंह, देसूरी में भीम सिंह, नाडोल में नरपत सिंह, बिसलपुर में गोपाल सिंह कच्छवाह, राजू सिंह गहलोत, मंगू सिंह गहलोत व बद्री सिंह, बेड़ा में रतन सिंह तथा सुमेरपुर में तेजपाल सिंह व प्रभु सिंह के नेतृत्व में जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया। समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर राजधारा ऐप के माध्यम से लोगों का पंजीयन करा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि यह ओबीसी वर्गीकरण सर्वे समाज की वास्तविक जनसंख्या और पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से स्वयं राजधारा ऐप पर पंजीयन करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने की अपील की। इस दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठजन, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर समाज की पहचान को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
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    राजस्थान सरकार द्वारा संचालित ओबीसी वर्गीकरण सर्वे को लेकर पाली जिले में रावणा राजपूत समाज की ओर से व्यापक जनजागरण अभियान चलाया गया। समाज के जिलाध्यक्ष प्रमेंद्र सिंह परिहार के सानिध्य में जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया। इस अभियान के तहत समाजबंधुओं को राजधारा ऐप डाउनलोड करवाकर सर्वे में अपनी जानकारी सही ढंग से दर्ज करने के लिए प्रेरित किया गया और सभी ने सर्वे के जाति कॉलम में अपनी पहचान "रावणा राजपूत" अंकित कराने का सामूहिक संकल्प लिया।

समाज के मीडिया प्रभारी विक्रम सिंह परिहार ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक पहुंचकर उन्हें ओबीसी वर्गीकरण सर्वे के महत्व से अवगत कराना है। इसके तहत पाली शहर में राजू सिंह चौहान, गुंदोज में रघुनाथ सिंह पंवार, रानी में जय सिंह सिसोदिया एवं एडवोकेट राजेंद्र सिंह, फलना में सुख सिंह, देसूरी में भीम सिंह, नाडोल में नरपत सिंह, बिसलपुर में गोपाल सिंह कच्छवाह, राजू सिंह गहलोत, मंगू सिंह गहलोत व बद्री सिंह, बेड़ा में रतन सिंह तथा सुमेरपुर में तेजपाल सिंह व प्रभु सिंह के नेतृत्व में जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया गया। समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगातार गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचकर राजधारा ऐप के माध्यम से लोगों का पंजीयन करा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि यह ओबीसी वर्गीकरण सर्वे समाज की वास्तविक जनसंख्या और पहचान को सशक्त रूप से प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से स्वयं राजधारा ऐप पर पंजीयन करने और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करने की अपील की। इस दौरान बड़ी संख्या में वरिष्ठजन, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एकजुट होकर समाज की पहचान को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
    user_Shyam Saini
    Shyam Saini
    Local News Reporter रायपुर, पाली, राजस्थान•
    58 min ago
  • मुख्यमंत्री ने केकड़ी विधानसभा क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात देते हुए लगभग ₹1,268 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया है। इन कार्यों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी अनेक योजनाएं शामिल हैं, जो क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान लगभग 880 करोड़ रुपये के कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण की भी बात कही गई है। इस विशेष अवसर पर केकड़ी विधायक का एक अनोखा संकल्प भी पूरा हुआ। विधायक ने अपनी एक मनौती पूरी होने तक नंगे पैर रहने का संकल्प लिया था, जो मुख्यमंत्री के हाथों क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात मिलने के बाद आखिरकार पूर्ण हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं और विकास का वास्तविक लाभ मिल सके।
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    मुख्यमंत्री ने केकड़ी विधानसभा क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात देते हुए लगभग ₹1,268 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया है। इन कार्यों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी अनेक योजनाएं शामिल हैं, जो क्षेत्र के समग्र विकास को नई गति प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान लगभग 880 करोड़ रुपये के कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण की भी बात कही गई है।

इस विशेष अवसर पर केकड़ी विधायक का एक अनोखा संकल्प भी पूरा हुआ। विधायक ने अपनी एक मनौती पूरी होने तक नंगे पैर रहने का संकल्प लिया था, जो मुख्यमंत्री के हाथों क्षेत्र को विकास कार्यों की सौगात मिलने के बाद आखिरकार पूर्ण हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र का संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित करना है, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं और विकास का वास्तविक लाभ मिल सके।
    user_धर्मवीर क़ीर
    धर्मवीर क़ीर
    Advertising Photographer जैतारण, पाली, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • अजमेर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया और अपनी आवाज बुलंद करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। आंदोलनरत कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय में बढ़ोतरी करने, सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सुरक्षा और पदोन्नति सहित कई मांगों को लेकर सरकार से लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कार्यकर्ताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर वे कार्य बहिष्कार करने और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने जैसे सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सरकार से जल्द वार्ता कर इन समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।
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    अजमेर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में एकत्रित होकर कार्यकर्ताओं ने एक हस्ताक्षर अभियान चलाया और अपनी आवाज बुलंद करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

आंदोलनरत कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, मानदेय में बढ़ोतरी करने, सेवानिवृत्ति पर आर्थिक सुरक्षा और पदोन्नति सहित कई मांगों को लेकर सरकार से लगातार गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

कार्यकर्ताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर वे कार्य बहिष्कार करने और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद रखने जैसे सख्त कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने सरकार से जल्द वार्ता कर इन समस्याओं का समाधान करने की अपील की है।
    user_Atma Ram Saini
    Atma Ram Saini
    Journalist Raipur, Pali•
    23 hrs ago
  • राजसमंद जिले के भीम उपखंड में थोरिया मार्ग पर हाई वोल्टेज बिजली लाइन के पास एक सूखा पेड़ खड़ा होने से बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। इस सूखे पेड़ की शाखाएं सीधे बिजली की लाइन को छू रही हैं। इसके कारण, विशेष रूप से बारिश के मौसम में पेड़ में करंट उतरने की गंभीर आशंका बनी हुई है, जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।
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    राजसमंद जिले के भीम उपखंड में थोरिया मार्ग पर हाई वोल्टेज बिजली लाइन के पास एक सूखा पेड़ खड़ा होने से बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। इस सूखे पेड़ की शाखाएं सीधे बिजली की लाइन को छू रही हैं। इसके कारण, विशेष रूप से बारिश के मौसम में पेड़ में करंट उतरने की गंभीर आशंका बनी हुई है, जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।
    user_Prahalad singh
    Prahalad singh
    Local News Reporter भीम, राजसमंद, राजस्थान•
    6 hrs ago
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