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जय श्री राम जय हनुमान जय कटनी
बजरंग दल जय श्री राम
जय श्री राम जय हनुमान जय कटनी
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- गरीब सेना ने कमिश्वर को हटाने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन सतना। गरीब सेना ने नगर पालिक निगम सतना के कमिष्नर शेर सिंह मीणा को तत्काल प्रभाव से हटाकर उनके कार्यावधि में हुए भ्रष्टाचार एवं अनियमितता की जाॅंच कराने सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आज मुख्यमंत्री को ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। गरीब सेना ने मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि वर्तमान में नगर पालिक निगम सतना में पदस्थ कमिष्नर शेर सिंह मीणा शहर की जनता की समस्याओं एवं शहर में पनप रही जनसमस्याओं के प्रति गंभीर नही हैं। कमिष्नर आमजनता से मिलना पसंद नही करते है, शहर के पीड़ित नागरिक प्रतीक्षा हाल में घंटों बैठें रहते हैं, अन्त में थक-हार कर वापस चले जाते है। आमजनता सामूहिक रूप से जनसमस्याओं को लेकर ज्ञापन देने जाते है तो कमिष्नर द्वारा ज्ञापन पत्र लेने से इनकार किया जाता है। दूरभाष में बातचीत करते है तो उनका जबाव होता है कि आवक-जावक में देकर चले जाओ, मुझे क्यों दोगें? अथवा स्टेनो के द्वारा कहलवा दिया जाता है कि आवक-जावक में जमा करवा दें। कमिष्नर की निष्क्रियता के चलते निगम का अधिकारी-कर्मचारी वेलगाम हो गया है। अधिकारी-कर्मचारी वर्ग करदाता या पीड़ितजनता के साथ गुण्डागर्दी, गाली-गलौज, मारपीट करने पर उतारू हो जाते है और काम में बाधा डालने का एफ.आई.आर. दर्ज कराने की धमकी दी जाती है। पूर्व पार्षद महिंद वर्धन पप्पू ने कहा कि नगर पालिक निगम सतना में जब से कमिष्नर शेर सिंह मीणा पदस्थ हुए हैं तो सतना को स्मार्ट सिटी तो नही बना पाए लेकिन शहर को धूल का शहर अवष्य बना दिया है। नगर पालिक निगम सतना में व्याप्त मूलभूत समस्यायें इस प्रकार हैं:- (1) शहर मंे डाली गई सीवर लाइन गुणवत्ताविहीन है। (2) बनाई गई सीसी सड़कें गुणवत्ता विहीन है। सड़को का दो से तीन माह में उखड़ना शुरू हो जाता है। इसी प्रकार सीसी नाले-नालियों का भी हाल है। (3) शहर को साफ शुद्ध नियमित पेयजल नही प्रदाय कर पाए। शहर की जनता दूषित पेयजल पीने के लिए मजबूर है। (4) इनके कार्यावधि में भ्रष्टाचार चरम पर है एवं विभागों में व्यापक पैमाने पर अनियमितता हो रही है, उनकी जाॅंच करा कर दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। (5) एक विभाग के अयोग्य कर्मचारियों की नियुक्ति दूसरे विभाग में कर दी जाती है जिससे जनता के कामकाज प्रभावित होते है ऐसी नियुक्तियों की जाॅंच कराकर एवं उनके द्वारा की गई अनियमितता में संलिप्त दोषी अधिकारी/कर्मचारी को निलंबित किया जाए। एक विभाग से दूसरे विभाग में नियुक्त किए गए अधिकारियों/कर्मचारियों को उनके मूल विभाग में वापस भेजा जाए। (6) अनुपम पाण्डेय जोन क्रमांक 04 में सहायक प्रभारी राजस्व निरीक्षक पदस्थ है, इनका वाद-व्यवहार आमजनता व जनप्रतिनिधियों के प्रति ठीक नही है, गाली-गलौज, वाद-विवाद करता है, इन मूल विभाग सफाई विभाग है जिसमें उप स्वच्छता पर्यवेक्षक के पद पर हैं। इन कार्य व्यवहार से आमजनमानस को बहुत परेषानी हो रही है। इनके द्वारा कोई भी कार्य वैध तरीके से नही किया जाता है, ये इस पद के योग्य नही है। अतः इन्हें राजस्व विभाग से हटाकर इनके मूल विभाग में वापस भेजा जाए। (7) महापौर-आयुक्त विवाद की जाॅंच कराई जाए, इनके विवाद से शहर की जनता असमंजस्य में है। विवाद से शहर की पीड़ित आमजनता के काम-काज प्रभावित हो रहे है। (8) आयुक्त प्रतीक्षा हाल में लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे की गहन जाॅंच कराई जाए। (9) इनके कार्यावधि में आमजनता एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए आवेदन एवं षिकायत पत्रों का कितने प्रतिषत निदान किया गया, उसकी जाॅंच कराई जाए। (10) पुराने नगर निगम मार्तण्ड काम्पलेक्स की स्थाई सफाई कार्य कराया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व पार्षद महिंद वर्धन सिद्धार्थ पप्पू, एड केपी पाल, पूर्व जनपद सदस्य सुदामा प्रजापति, आशुतोष मिश्रा, विनोद सोनी दयाराम चैधरी केपी दाहिया रजुकमार दाहिया, एड पंकज नारायण कुशवाहा ,पूर्व जनपद सदस्य एड०प्रमोद कुशवाहा, जुगुल किशोर बागरी, सीमा बागरी सुरेश प्रजापति ,आर बी मिश्रा, सुरेश सेन ,संजय बुनकर सुनील गुप्ता,शैलेंद्र गुप्ता, एड० पृथ्वी राज सूर्यवंशी, मुंगेरी प्रजापति, आनंद कुमार महाजन, एड० दिनेश विश्वकर्मा आदि प्रमुख शामिल है। भवदीय महिन्द वर्धन सिद्धार्थ - पूर्व पार्षद, न.पा.नि. सतना, मित्र गरीब सेना1
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- Post by Unchehra news1
- *ध्यान से सुन लीजिए फिर शेयर कीजिए...* 👌👌भाऊ बहुत जोरदार वीडियो है मैने पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ जी के बाद किसी को पूरी तन्मयता से सुना है तो वह यह भाषण है आंखे खोल देने वाली बात कही है हम सब तो 50+ हो गये है हमारे बच्चों तक यह बात हम सभी को पर्सनली भेजना चाहिए आने वाला समय बहुत कठिन है यही डरावना सच इस वक्ता ने सही समय पर पेश किया है 🙏🏻🙏🏻💐🙏🏻🙏🏻1
- *बहेलिया भाट गौशाला का बुरा हाल: खाने-पीने की नहीं है कोई व्यवस्था, गौशाला में लटका मिला ताला* ग्राम पंचायत रूहिया अंतर्गत ग्राम बहेलिया भाट में स्थित गौशाला की हालत खराब है। गौशाला में गायों को हरा चारा नहीं मिल पा रहा है और गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे जानवरों की हालत बिगड़ रही है। कई गोवंश की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गौशाला में गोवंश को हरा चारा नहीं दिया जा रहा है1
- बाल कटवाने के बाद सिर और गरदन के पीछे की मालिश करते समय दिमाग को खून वाली एक नश संकुचित हो गई | जिस युवक का कुछ अंग लकवाग्रस्त हो गया और कुछ समय बाद ही व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई| ऐसी घाटना के बारे में जानकारी मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई |और सभी को यह समझ दी जाती है कि जो काम अच्छे से ना आए उसे काम को ना किया जाए। अगर ऐसा होता तो युवक की जान ना गई होती |1
- टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, 18 अप्रैल को भोपाल में शंखनाद रैली का ऐलान सतना। टीईटी की अनिवार्यता और सेवा अवधि गणना से जुड़े मुद्दों को लेकर जिले के शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में अध्यापक/शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के आह्वान पर सतना में जिला स्तरीय प्रदर्शन और रैली आयोजित की गई। हजारों की संख्या में एकत्रित हुए शिक्षकों ने “टीईटी रोलबैक” के नारे लगाते हुए अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। रैली के दौरान शिक्षा कर्मी, गुरुजी और संविदा शिक्षक एकजुट नजर आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए अब निर्णायक संघर्ष किया जाएगा। शिक्षकों ने एक स्वर में कहा, “न आप नेता, न मैं नेता — संघर्ष ही हमारा नेता है,” और इसी संकल्प के साथ आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करना और नवीन शिक्षक संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि की गणना लागू करना शामिल है। शिक्षकों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के प्रावधानों एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार कई वर्गों को टीईटी से छूट प्राप्त है, इसके बावजूद विभाग द्वारा इसे अनिवार्य किया जाना न्यायसंगत नहीं है। शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से न किए जाने के कारण उन्हें पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य वैधानिक लाभों से वंचित रहना पड़ रहा है, जिससे उनमें असंतोष और मानसिक तनाव बढ़ रहा है। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने सतना कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में शासन से मांग की गई कि जारी आदेशों की पुनर्समीक्षा कर तत्काल राहत प्रदान की जाए और शिक्षक वर्ग के हित में न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए। आंदोलन के दौरान यह भी घोषणा की गई कि आगामी 18 अप्रैल को भोपाल में “शंखनाद रैली” आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रदेशभर के शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल होंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों ने एकजुटता का परिचय देते हुए संकल्प लिया कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।1
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