स्वीकृत स्थल बदल कर दूसरी जगह पुलिया निर्माण पर डीसी से शिकायत ठेकेदार-बिचौलियों पर मिलीभगत का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश पाकुड़: पाकुड़ सदर प्रखंड के सीतापहाड़ी गांव में पुलिया निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। नसीपुर मौजा के कैसर माठ में स्वीकृत स्थल से हटकर दूसरी जगह पुलिया निर्माण कराए जाने के विरोध में दर्जनों ग्रामीणों ने उपायुक्त (डीसी) को शिकायत पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने ठेकेदार और बिचौलियों पर मिलीभगत कर निर्माण स्थल बदलने का गंभीर आरोप लगाया है।ग्रामीणों ने पत्र में बताया कि यह योजना मूल रूप से नदी पर पुलिया निर्माण के लिए स्वीकृत थी, लेकिन वर्तमान में निर्माण कार्य गांव के भीतर कराया जा रहा है, जिससे योजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मामले की जांच कर स्वीकृत स्थल पर ही निर्माण कराने की मांग की है। विधायक की अनुशंसा पर मिली थी स्वीकृति ग्रामीणों के अनुसार, पाकुड़ विधायक निसात आलम के क्षेत्र भ्रमण के दौरान कैसर माठ में पुलिया निर्माण की मांग उठाई गई थी। विधायक की अनुशंसा पर ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल ने योजना (संख्या-08, निविदा संख्या- RDSPL/PAKUR/20/2024-25) को स्वीकृति दी। इसके लिए 24.53 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल पर नदी होने के कारण किसानों को फसल ढोने में काफी कठिनाई होती है। पुलिया बनने से यह समस्या दूर हो सकती थी, लेकिन स्थल परिवर्तन से इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। ग्रामीणों ने जताया विरोध सीतापहाड़ी निवासी खैरुल आलम और सिलन शेख ने कहा कि जहां पुलिया की सबसे अधिक जरूरत है, वहां निर्माण नहीं कराकर दूसरी जगह काम कराया जा रहा है। इससे किसानों की परेशानी जस की तस बनी रहेगी और सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है। निर्माण कार्य रोकने की मांग ग्रामीणों ने डीसी से मांग की है कि वर्तमान निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए और स्वीकृत स्थल पर ही पुलिया का निर्माण कराया जाए। शिकायतकर्ताओं में खुर्शीद हुसैन, अजहर शेख, हाजुल शेख समेत दर्जनों किसान शामिल हैं। मामले की प्रति ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल और विधायक को भी भेजी गई है। दूसरे पक्ष ने जताया विरोध वहीं, दूसरे पक्ष के ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के दोनों ओर स्वर्गीय सदाकास शेख की रैयती जमीन है। उनकी पत्नी जन्नतुन बीबी ने विरोध जताते हुए कहा कि पति के निधन के बाद वह आठ बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही हैं और अपनी जमीन पर पुलिया निर्माण नहीं होने देंगी।
स्वीकृत स्थल बदल कर दूसरी जगह पुलिया निर्माण पर डीसी से शिकायत ठेकेदार-बिचौलियों पर मिलीभगत का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश पाकुड़: पाकुड़ सदर प्रखंड के सीतापहाड़ी गांव में पुलिया निर्माण को लेकर विवाद सामने आया है। नसीपुर मौजा के कैसर माठ में स्वीकृत स्थल से हटकर दूसरी जगह पुलिया निर्माण कराए जाने के विरोध में दर्जनों ग्रामीणों ने उपायुक्त (डीसी) को शिकायत पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने ठेकेदार और बिचौलियों पर मिलीभगत कर निर्माण स्थल बदलने का गंभीर आरोप लगाया है।ग्रामीणों ने पत्र में बताया कि यह योजना मूल रूप से नदी पर पुलिया निर्माण के लिए स्वीकृत थी,
लेकिन वर्तमान में निर्माण कार्य गांव के भीतर कराया जा रहा है, जिससे योजना का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मामले की जांच कर स्वीकृत स्थल पर ही निर्माण कराने की मांग की है। विधायक की अनुशंसा पर मिली थी स्वीकृति ग्रामीणों के अनुसार, पाकुड़ विधायक निसात आलम के क्षेत्र भ्रमण के दौरान कैसर माठ में पुलिया निर्माण की मांग उठाई गई थी। विधायक की अनुशंसा पर ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल ने योजना (संख्या-08, निविदा संख्या- RDSPL/PAKUR/20/2024-25) को स्वीकृति दी। इसके लिए 24.53 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल पर
नदी होने के कारण किसानों को फसल ढोने में काफी कठिनाई होती है। पुलिया बनने से यह समस्या दूर हो सकती थी, लेकिन स्थल परिवर्तन से इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। ग्रामीणों ने जताया विरोध सीतापहाड़ी निवासी खैरुल आलम और सिलन शेख ने कहा कि जहां पुलिया की सबसे अधिक जरूरत है, वहां निर्माण नहीं कराकर दूसरी जगह काम कराया जा रहा है। इससे किसानों की परेशानी जस की तस बनी रहेगी और सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है। निर्माण कार्य रोकने की मांग ग्रामीणों ने डीसी से मांग की है कि वर्तमान निर्माण कार्य को तत्काल रोका जाए और
स्वीकृत स्थल पर ही पुलिया का निर्माण कराया जाए। शिकायतकर्ताओं में खुर्शीद हुसैन, अजहर शेख, हाजुल शेख समेत दर्जनों किसान शामिल हैं। मामले की प्रति ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल और विधायक को भी भेजी गई है। दूसरे पक्ष ने जताया विरोध वहीं, दूसरे पक्ष के ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित स्थल के दोनों ओर स्वर्गीय सदाकास शेख की रैयती जमीन है। उनकी पत्नी जन्नतुन बीबी ने विरोध जताते हुए कहा कि पति के निधन के बाद वह आठ बच्चों के साथ कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रही हैं और अपनी जमीन पर पुलिया निर्माण नहीं होने देंगी।
- पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और चेकिंग सख्त कर दी गई है। इसी कड़ी में चांदपुर अंतरराज्यीय चेकनाका पर जांच के दौरान पुलिस ने एक वाहन से 18 लीटर अवैध देशी महुआ शराब बरामद की है। शराब को जब्त कर लिया गया है, हालांकि चालक मौके से फरार होने में सफल रहा। दूसरी बड़ी कार्रवाई इस्लामपुर चेकपोस्ट पर हुई, जहां एक बाइक पर सवार तीन युवकों के पास से 2 लाख 16 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। पकड़े गए तीनों युवक पश्चिम बंगाल के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- बरहरवा:-झारखंड के साहिबगंज जिला अंर्तगत बरहरवा में सुप्रसिद्ध बिंदुधाम मंदिर परिसर में सोमवार को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर मर्यादा पुरूषोत्तम प्रभु श्री राम की 41 फिट ऊँची भब्य प्रतिमा के निर्माण को लेकर प्रतिमा की रूपांतरण ढाँचा के समक्ष पुरोहित द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत भूमिपूजन कर पतना प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार देवेश द्विवेदी,रांगा थाना प्रभारी अखिलेश कु.यादव व कार्यकारी अध्यक्ष शक्तिनाथ अमन के हाथों संयुक्त रूप से आधारशिला रखी गईं।राम नाम के जयकारे के साथ उपस्थित सैकड़ो श्रद्धालुओं ने वातावरण को भक्तिमय कर दिया ,तत्पश्चात पूजा अर्चना के बाद आशीर्वाद ग्रहण किया।बिंदुधाम मंदिर प्रबंधन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष शक्तिनाथ अमन ने बताया कि बिंदुधाम मंदिर बिकास की नई ऊंचाइयों को छूने और भारत के प्रशिद्धि पटल पर पहुँचने के लिए आगे बढ़ चुकी है।झारखंड में प्रभु श्री राम की सबसे भब्य और ऊँची प्रतिमा बनने के बाद यहाँ की खूबसूरती और आध्यात्मिक माहौल को नई ऊर्जा मिलेगी।प.बंगाल के कलाकारों द्वारा प्रतिमा की रचना को सुसज्जित और भब्यता का रूप दिया जाएगा,जिसकी तैयारियाँ पूरी की जा चुकी है ,जमीनी स्तर पर सीताकुंड की रचना को लेकर फाउंडेशन की रूपरेखा और सीमांकन कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है,लगभग 1 करोड़ की लागत से बनने वाली इस भब्य प्रतिमा के पूर्ण होने के बाद पूरे बिंदुधाम ही नहीं बल्कि पूरे झारखण्ड में एक अलग पहचान बनेगी।प्रतिमा के निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य अगले वर्ष 2027 में रामनवमी को रखी गई है। ज्ञात हो कि पूर्व से प्रभु श्री राम के परमभक्त भगवान श्री हनुमान जी की 36 फिट ऊँची प्रतिमा बिंदुधाम मंदिर की अलग पहचान दिलाई है,मान्यता है कि त्रेता युग में जब रावण के साथ युद्ध में लक्ष्मण जी घायल हुए थे तभी संजीवनी बूटी के लिए हनुमान जी पूरे पर्वत को हाथ में लेकर लंका जा रहे थे तभी उनके चरण बिंदुधाम के पहाड़ियों में कुछ देर के लिए पड़ी थी जिसकी छाप आज भी यहाँ मौजूद है जहाँ भक्तगण भारी संख्या में आकर यहाँ पूजा अर्चना करते है।वहीं हनुमान जी की भब्य मूर्ति स्थापित की गई है ,उसी को ध्यान में रखते हुए प्रभु श्री राम की प्रतिमा की ऊँचाई में वृद्धि की गई है।बिंदुधाम मंदिर प्रबंध समिति के इस ऐतिहासिक पहल से नगरवासियों में खुशी का माहौल है और लोग श्री राम की अद्भुत रुप देखने के लिए उत्सुख है।मौके पर सैकड़ो नगर के गणमान्यों सहित स्थानीय लोग उपस्थित थे।1
- Post by शिबू देहरी1
- झारखंड के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल बाबा बासुकीनाथ के दरबार आज उड़ीसा राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश हरिश टंडन सपरिवार पहुंचे। बासुकीनाथ धाम में उनके तीर्थ पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि विधान के साथ नागेश बाबा बासुकीनाथ की पूजा अर्चना एवं वैदिक आरती कराई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मुख्य न्यायाधीश के आगमन पर पुलिस प्रशासन की पुष्ट व्यवस्था की गई थी और कड़ी सुरक्षा के बीच मुख्य न्यायाधीश को पूजा अर्चना करवाया गया। बताते चलें कि मुख्य न्यायाधीश दिन के लगभग 9 बजे पहुंचे थे और पूजा अर्चना करने के बाद अपन गन्तव्य स्थान के लिए प्रस्थान किए।1
- 👉😭👈Jharkhand ke बड़ा तालबोना Gaon Mein 👇Budhwar 24 April ko 11:00 Baj ke 10 minut per Lagi bhishan Aag pure Gaon Mein dahshat 😭 👈ka mahaul hai 😭fire brigade ke gadi bhi nahin i Aag bujhane ke liye😭1
- Post by Md Imtiyaz1
- "बांका जिले के बौंसी में आज प्रशासन की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली… डैम रोड पर लंबे समय से हो रहे अतिक्रमण को हटाया गया। अतिक्रमण की वजह से इस सड़क पर रोज़ जाम लगता था… जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती थी। आज प्रशासन की टीम बुलडोजर और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची… और पूरे इलाके को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध कब्जों को हटाया गया… साथ ही प्लास्टिक सामग्री जब्त की गई… और कुछ लोगों पर जुर्माना भी लगाया गया। 👉 इस कार्रवाई से जहाँ एक तरफ लोगों को जाम से राहत मिलने की उम्मीद है… वहीं सड़क किनारे दुकान लगाने वाले कुछ लोगों के सामने आगे की व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं… फिलहाल प्रशासन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।1
- Post by शिबू देहरी1