ब्यावर में 26 जून, शुक्रवार को 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत एक व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, ब्यावर तथा राजस्थान पर्यावरण विकास एवं शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और जन-जन तक नशा मुक्त भारत के संकल्प को पहुंचाना था। इस पहल के अंतर्गत, एक जागरूकता रैली निकाली गई, जो जिला कलक्टर परिसर से शुरू होकर चांग गेट सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और स्थलों से गुज़री। रैली में जागरूकता बैनरों और संदेशों के माध्यम से आमजन को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया। इसी कड़ी में, एक नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया, जिसने नशे के घातक परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। कलाकारों ने बताया कि नशा व्यक्तिगत जीवन, परिवार और पूरे समाज के लिए कितना हानिकारक है, जिससे पारिवारिक कलह, सड़क दुर्घटनाएं और शारीरिक-मानसिक बीमारियों जैसी अनेक सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। उन्होंने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाज कल्याण अधिकारी श्री विशाल सिंह सोलंकी, राजस्थान पर्यावरण विकास एवं शोध संस्थान की प्रतिनिधि श्रीमती मंजू शर्मा, श्री प्रकाशचंद, श्री श्रवण, श्री सुखराम, श्री बजरंग, श्रीमती रीटा सहित कई स्वयंसेवक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
ब्यावर में 26 जून, शुक्रवार को 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत एक व्यापक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, ब्यावर तथा राजस्थान पर्यावरण विकास एवं शोध संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और जन-जन तक नशा मुक्त भारत के संकल्प को पहुंचाना था। इस पहल के अंतर्गत, एक जागरूकता रैली निकाली गई, जो जिला कलक्टर परिसर से शुरू होकर चांग गेट सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और स्थलों से गुज़री। रैली में जागरूकता बैनरों और संदेशों के माध्यम से आमजन को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित किया गया। इसी कड़ी में, एक नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया, जिसने नशे के घातक परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। कलाकारों ने बताया कि नशा व्यक्तिगत जीवन, परिवार और पूरे समाज के लिए कितना हानिकारक है, जिससे पारिवारिक कलह, सड़क दुर्घटनाएं और शारीरिक-मानसिक बीमारियों जैसी अनेक सामाजिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। उन्होंने स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी नशा न करने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर समाज कल्याण अधिकारी श्री विशाल सिंह सोलंकी, राजस्थान पर्यावरण विकास एवं शोध संस्थान की प्रतिनिधि श्रीमती मंजू शर्मा, श्री प्रकाशचंद, श्री श्रवण, श्री सुखराम, श्री बजरंग, श्रीमती रीटा सहित कई स्वयंसेवक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
- ब्यावर की खबरें देखते रहे रोज वीडियो बात आपकी ब्यावर के मोरम निकले शांतिपूर्वक अखाड़ा के बच्चे खेल संपादक साबुद्दीन खानभुट्टा मेड़तिया लौहार न्यूज़पेपर सत्य आपके सामने1
- ब्यावर में मातृशक्ति और दुर्गावाहिनी (विहिप) की बहनों ने निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। मां आशापुरा माता धाम पर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से राहत प्रदान करने के उद्देश्य से एक विशाल गन्ना जूस प्रसाद वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में आधुनिक मशीनों की सहायता से लगभग 5,100 राहगीरों, स्कूली बच्चों और श्रद्धालुओं को बिना किसी इंतजार के आदर-सम्मान के साथ ठंडा गन्ना रस पिलाया गया। प्रांत सह-संयोजिका अंजू शर्मा के नेतृत्व में हुए इस पुण्य कार्य में मातृशक्ति और विहिप के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर अपना सहयोग दिया। समाज सेवा और नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पित मातृशक्ति का यह सेवा भाव वास्तव में सभी के लिए प्रेरणादायक है।1
- अपने घर का रंग-रोगन करवाने के लिए आप 9079495805 पर संपर्क कर सकते हैं। सेवा प्रदाता आपके घर पर आकर रंग-रोगन का काम करेगा, जिससे आपके घर को एक नया रूप मिल सकेगा।2
- मांगलियावास के जेठाना गांव ने शुक्रवार को सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी मिसाल पेश की, जहाँ मोहर्रम के मौके पर ताजिया जुलूस बड़ी धूमधाम से निकाला गया। इस जुलूस में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ शिरकत की और कर्बला तक साथ चले। ताजिया कमेटी के लाइसेंसधारी भंवरु खान लोहार के अनुसार, जेठाना में हर साल मोहर्रम पर ऐसा ही भाईचारे का माहौल रहता है, जिसमें गांव के सभी धर्मों के लोग खुशी-खुशी शामिल होते हैं। ताजिए का सफर दो दिन चला, जिसकी शुरुआत गुरुवार रात ईशा की नमाज के बाद मस्जिद से ढोल-बाजे के साथ हुई। यह ताजिया पुरानी कचहरी, आचार्य मोहल्ला, गैनों की पोल और तेजाजी के थान से होते हुए वापस पुरानी कचहरी पहुँचा, जहाँ रात को विश्राम किया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे पुरानी कचहरी से ताजिया फिर से रवाना हुआ और बड़ी रावले, हाजी सत्तार खान मंसूरी के मकान तथा बस स्टैंड से होते हुए आगे बढ़ा। बस स्टैंड पर युवाओं ने पारंपरिक 'हाय दोस्त' खेल का जोरदार प्रदर्शन किया, वहीं हाजी सत्तार खान मंसूरी के घर के बाहर सभी धर्मों के लोगों को मिल्क रोज पिलाकर एकता का संदेश दिया गया। शाम 5:30 बजे ताजिए को कर्बला ले जाकर सोहराब किया गया और पूरे गांव में 'या हुसैन' की सदाएं गूँज उठीं। इस जुलूस में हाजी जमालुद्दीन मंसूरी, सदर लतीफ खान, सत्तार मिस्त्री, हाजी हुसैन बक्स, रसूल खान, हाजी सफी मोहम्मद, छोटू तेली, जुम्मा लोहार, छोटू लोहार, घीसा जी लोहार, हाजी सत्तार मंसूरी और शहाबुद्दीन लोहार सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और बच्चे शामिल हुए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मांगलियावास थाने के दीवान बाबूलाल मीणा पुलिस जाब्ते के साथ पूरे समय मौजूद रहे और उन्होंने पूरा सहयोग दिया।1
- अजमेर जिले के पीसांगन उपखंड क्षेत्र के जेठाना गांव में शुक्रवार को मोहर्रम का ताजिया बड़ी धूमधाम से निकाला गया। इस ताजिए की सवारी के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जैसा कि लाइसेंस धारी जेठाना निवासी भंवरु खान लोहार ने जानकारी दी। उनके अनुसार, हर साल मोहर्रम के मौके पर गांव में सभी समुदायों के लोगों में खुशी का माहौल रहता है और हिंदू-मुस्लिम एक साथ मोहर्रम में शामिल होकर कर्बला तक पहुंचते हैं। ताजिए की शुरुआत गुरुवार को ईशा की नमाज के बाद मस्जिद से ढोल-बाजे के साथ हुई। यह पुरानी कचहरी, आचार्य मोहल्ला, गैनों की पोल और तेजाजी के थन से होते हुए वापस पुरानी कचहरी पहुंचा, जहाँ रात्रि विश्राम किया गया। शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे पुरानी कचहरी से मोहर्रम दोबारा रवाना हुआ। यह बड़ी रावले, हाजी सत्तार खान मंसूरी के मकान के सामने और बस स्टैंड से गुजरा, जहाँ 'हाय दोस्त' के खेल का प्रदर्शन किया गया। हाजी सत्तार खान मंसूरी के घर के सामने सभी धर्म प्रेमियों को मिल्क रोज भी पिलाया गया। शाम करीब 5:30 बजे मोहर्रम को कर्बला में ले जाकर सोहराब किया गया। इस अवसर पर हाजी जमालुद्दीन मंसूरी, सदर लतीफ खान, सत्तार मिस्त्री, हाजी हुसैन बक्स, रसूल खान, हाजी सफी मोहम्मद, छोटू तेली, जुम्मा लोहार, छोटू लोहार, घीसा जी लोहार, हाजी सत्तार मंसूरी और शहाबुद्दीन लोहार सहित मुस्लिम समाज की महिलाएं, युवा और बालिकाएं बड़ी संख्या में मौजूद थीं। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मांगलियावास पुलिस के दीवान बाबूलाल मीणा अपने पुलिस जाप्ते के साथ मौजूद रहे।4
- राजस्थान के आसींद कस्बे में मुस्लिम समाज द्वारा पैगंबर ए इस्लाम हज़रत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मुहर्रम का पर्व मनाया गया। हजरत इमाम हुसैन कर्बला की जंग में यजीद के साथ लड़ते हुए अपने पूरे परिवार के साथ शहीद हो गए थे, और उन्हीं की याद को ताजा करते हुए मुस्लिम धर्मावलंबी हर साल यह पर्व मनाते हैं। आसींद कस्बे में युवाओं ने मातमी धुनों के साथ ताजिया का जुलूस निकाला, जहां अकीदत मंदों ने ताजिया के सामने अपनी मन्नतें पूरी कीं और प्रसाद चढ़ाया। इस दौरान ताजिये के जुलूस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आसींद स्थानीय प्रशासन ने व्यापक बंदोबस्त किए थे। पुलिस उपाधीक्षक जय सिंह राठौड़ और सीआई श्रीमती श्रद्धा शर्मा सहित बड़ी संख्या में पुलिस के जवान कस्बे में तैनात किए गए थे।2
- ब्यावर की मेघड़दा ग्राम पंचायत में स्थित बाबा रामदेव मंदिर और मुण्डाघर माकड़वाली मंदिर परिसर में पक्षियों के लिए रखा गया गेहूं एक अज्ञात युवक द्वारा चोरी कर लिया गया। यह पूरी घटना मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसके सामने आने के बाद ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। मंदिर परिसर में पक्षियों के दाना-पानी की व्यवस्था के तहत यह गेहूं रखा गया था। जानकारी के अनुसार, एक अज्ञात युवक वहां पहुंचा और गेहूं लेकर चला गया। घटना की सूचना मिलने पर मंदिर के पुजारी दूदाराम तंवर और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज के आधार पर ग्रामीणों द्वारा युवक की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी और ग्रामीण फिलहाल आपसी स्तर पर ही युवक की पहचान में जुटे हैं। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि युवक ने गेहूं भूख या मजबूरी के कारण उठाया था, या फिर यह चोरी की मंयत से किया गया कृत्य था। इसका स्पष्ट जवाब युवक की पहचान और उससे पूछताछ के बाद ही सामने आ सकेगा। ग्रामीणों ने मंदिर परिसर जैसे आस्था और सेवा से जुड़े स्थान पर हुई इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मांग की है कि ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकी जाए।1
- ब्यावर शहर में चांग गेट से ताजिया जुलूस निकाला गया। आवाज़ इंडिया न्यूज़ चैनल के संपादक साबुद्दीन खान ने, रोज़ाना की ख़बरों को देखते हुए, इस ताजिया जुलूस पर एक वीडियो खबर जारी की।1
- अजमेर जिले में एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी बबलु पुत्र राजू, जाति भील, उम्र 26 साल, निवासी मकरेडा, पुलिस थाना मांगलियावास, जिला अजमेर को आज, 26 जून 2026 को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई अजमेर जिले में महिला अत्याचार जैसे गंभीर अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाला के निर्देशन में चलाई जा रही मुहिम का हिस्सा है। इस मामले में डॉ. लालचन्द कायल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण अजमेर, और शमशेर खान, पुलिस उप अधीक्षक, कार्यवाहक वृत्ताधिकारी, वृत्त ग्रामीण अजमेर, के निकटतम सुपरविजन में पुलिस थाना पीसांगन की थानाधिकारी सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। घटना का विवरण देते हुए बताया गया है कि 14 मई 2026 को थाना पीसांगन में एक परिवादी ने अपनी नाबालिग पुत्री को बहला फुसला कर भगा ले जाने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके आधार पर मुकदमा नंबर 86/2026 धारा 137(2), 127(2) बीएनएस व 84 जेजे एक्ट में दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। गठित टीम द्वारा प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर और घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। मुखबिर की सूचना पर नाबालिग पीड़िता और मुख्य आरोपी को दस्तयाब किया गया। पीड़िता के बयान और अनुसंधान के आधार पर प्रकरण में धारा 127(3), 64(2)(एम) बीएनएस व 3/4.5(एल)/6,5 जे(2)/6 पॉक्सो एक्ट भी जोड़े गए। आरोपी बबलु के विरुद्ध जुर्म प्रमाणित पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।1